अमर उजाला ने एमएसएमई क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और उन्हें प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ‘एमएसएमई फॉर भारत’ पहल की शुरुआत की है। पहले चरण में देशभर के 26 शहरों में क्षेत्रीय कॉन्क्लेव आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में रोहतक का यह कॉन्क्लेव आयोजित हो रहा है।
कॉन्क्लेव में उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित अग्रवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे। इनके साथ महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, एमएसएमई मुख्यालय के डिप्टी डायरेक्टर कपिल मित्तल और उनकी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टीम, एचएसएसआईडीसी के महाप्रबंधक अशोक यादव भी विशिष्ट अतिथि रूप में मंच साझा करेंगे।
इसके अतिरिक्त, रोहतक आईडीसी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन एस.के. खटोड़, आईएमटी उद्योग वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जोगेंद्र नांदल व उपाध्यक्ष जसमेर लाठर, एमएसएमई सेंटर के सीनियर मैनेजर नरेश कुमार जैन, एमडीयू इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर की डायरेक्टर प्रो. सोनिया, कान्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज के प्रेसिडेंट प्रवीण गर्ग, हिसार से उद्यमी सुमित्रा, एफडीडीआई मुख्यालय के बिजनेस डेवलपमेंट एंड स्किलिंग प्रोजेक्ट प्रमुख प्रशांत कुमार सक्सेना, ग्रेटर हिसार चैंबर ऑफ कॉमर्स के संस्थापक सदस्य नितिन गोयल और सोनीपत के राई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान महेंद्र गोयल, ट्रेश्योर कन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज और सीजीएसटी विशेषज्ञ अशोक कुमार मित्तल समेत अन्य उद्योगपति व विशेषज्ञ भी एमएसएमई के भविष्य को लेकर अपनी राय रखेंगे। वहीं, एमडीयू में अर्थशास्त्र विभाग के एचओडी डॉ. राजेश कुमार, उद्यमी महेश महावर व कपिल कौशिक विशेष रूप से समन्वय करेंगे।
कॉन्क्लेव में रोहतक के अलावा बहादुरगढ़, हिसार, सोनीपत और रेवाड़ी से भी उद्यमियों की भागीदारी होगी। कार्यक्रम चार सत्रों में विभाजित किया गया है। उद्घाटन सत्र के बाद दो सत्र पैनल डिस्कशन के होंगे। पहले पैनल का विषय ‘कल के एमएसएमई’ और दूसरे पैनल का विषय ‘स्थानीय चुनौतियां और अवसर’ रहेगा। अंतिम सत्र में विशेषज्ञ विचार साझा करेंगे और भविष्य की राह दिखाएंगे।
थोड़ी देर में पहुंचेंगे मुख्य अतिथि
एमएसएमई फॉर भारत मंथन कार्यक्रम में थोड़ी ही देर में हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री राजेश नागर पहुंचने वाले हैं। कार्यक्रम में उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों की मौजूदगी में उद्यमियों को नई दिशा देने पर चर्चा होगी।
दीप प्रज्ज्वलन कर शुरू हुआ कार्यक्रम
अमर उजाला की ओर से एमएसएमई फॉर भारत कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। खाद्य एवं आपूर्ती राज्य मंत्री राजेश नागर ने दीप प्रज्ज्वलन किया। यहां एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष राणबीर ढाका, पूर्व अध्यक्ष अजय बंसल व उद्यमी मौजूद रहे।
हम विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर
मुख्य अतिथि राजेश नागर ने कहा आज भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। विश्व में भारत का नाम हो रहा है। भारत में हाईवे, एयरपोर्ट और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो रहा है। हम जल्द ही विकासशील से विकसित राष्ट्र की सपने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। राज्यमंत्री राजेश नागर ने निमंत्रण के लिए अमर उजाला समूह का धन्यवाद किया।
एमएसएमई से देश का विकास पीएम मोदी की सोच
एमएसएमई डायरेक्ट कपिल मित्तल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) देश की आर्थिक प्रगति का आधार बन सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि एमएसएमई क्षेत्र न केवल रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, बल्कि यह नवाचार, उद्यमिता और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में भी अहम योगदान देता है। मित्तल ने बताया कि सरकार की नीतियां और योजनाएं, जैसे कि आत्मनिर्भर भारत अभियान, एमएसएमई को सशक्त बनाने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर हरियाणा सरकार कर रही काम
हरियाणा सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित अग्रवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। अग्रवाल ने अपने संबोधन में हरियाणा सरकार के 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पहल पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार पिछले पांच वर्षों से इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्यरत है, जिसमें उद्योगों को करोड़ों रुपये के प्रोत्साहन (इंसेंटिव) वितरित किए गए हैं। इन प्रयासों के तहत एक मजबूत इको-सिस्टम का निर्माण किया गया है, जो स्टार्टअप्स, एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम), बड़े उद्योगों और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।
एमएसएमई से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगा रोजगार
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन पर गहन चिंतन व्यक्त किया। उन्होंने कहा आज भी भारत की 65 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में बसी हुई है। ऐसे में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) से ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगा। यह बयान न केवल भारत की जनसांख्यिकीय वास्तविकता को रेखांकित करता है, बल्कि ग्रामीण विकास के लिए उद्यमिता को एक प्रमुख उपकरण के रूप में स्थापित करता है। उन्होंने अमर उजाला का एमएसएमई मंथन कार्यक्रम के लिए धन्यावाद किया।
पैनल डिस्कशन में उद्यमियों ने रखे अपने विचार
'एमएसएमई फॉर भारत मंथन कॉन्क्लेव के पैनल डिस्कशन मेंआए उद्यमियों ने एमएसएमई क्षेत्र की चुनौतियों, अवसरों और भविष्य की दिशा पर विचार-विमर्श किया। पैनल में शामिल उद्यमियों ने इस मंच को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए अमर उजाला का धन्यवाद किया। कार्यक्रम में बोलते हुए एक उद्यमी ने कहा एमएसएमई का भविष्य तकनीक पर आधारित है। उन्होंने कहा लघु उद्योगों को पेटेंट ना करवा पाना सबसे बड़ी समस्या है।