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PM Modi Kurukshetra Visit: मुगल आक्रांताओं की क्रूरता पर बोले PM, वीर साहिबजादों की निडरता को किया नमन

Tue, 25 Nov 2025 07:53 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, कुरुक्षेत्र

सार

PM Narendra Modi In Kurukshetra Today, Guru Teg Bahadur Anniversary: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी समागम व गीता महोत्सव में शामिल होने के लिए कुरुक्षेत्र पहुंचे गए हैं।  उनके स्वागत के लिए भव्य तैयारियां की गई हैं। प्रधानमंत्री छठी बार धर्मनगरी पहुंचे हैं। जानें पल-पल का अपडेट...
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350वें शहीदी दिवस पर पीएम मोदी ने नवाया शीश - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री दोपहर बाद चार बजे के बाद ज्योतिसर में पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री मोदी हेलिकॉप्टर के जरिये पिहोवा रोड पर करीब 170 एकड़ में बनाए गए समागम स्थल पर पहुंचेंगे। यहां से गीता उपदेश स्थली तीर्थ परिसर में ही बनाए गए महाभारत अनुभव केंद्र में सड़क मार्ग से पहुंचेंगे। यहां केंद्र का अवलोकन करेंगे और करीब दो करोड़ की लागत से तैयार किए गए पंचजन्य समारक का भी उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी के दौरे पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, "प्रधानमंत्री कुछ ही देर में यहां पहुंच रहे हैं... आज महान गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस मनाया जाएगा। मैंने लंगर हॉल का जायजा लिया। यह कार्यक्रम बहुत भव्य स्तर पर मनाया जाएगा।
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गुरु तेज बहादुर का बलिदान मानवाता के लिए प्रेरणादायक: सीएम सैनी 

सीएम सैनी ने कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में आयोजित होने वाले 350वें शहीदी दिवस समागम के दौरान गुरु जी के बलिदान को समस्त मानवता के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यह कुर्बानी केवल एक समुदाय या क्षेत्र तक सीमित नहीं थी, बल्कि 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के सिद्धांत को जीवंत करने वाली थी।

2014 में पहली बार धर्मनगरी आए थे मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले धर्मनगरी आए थे, जहां उन्होंने तत्कालीन पार्टी प्रत्याशी राजकुमार सैनी के समर्थन में चुनावी रैली को संबोधित किया था। इसके बाद वे इसी वर्ष विधानसभा चुनाव में भी पहुंचे और थीम पार्क में रैली को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने मेला ग्राउंड में स्वच्छता अभियान के तहत ग्राम पंचायतों व महिलाओं को सम्मानित भी किया था। वे 2019 के लोकसभा व विधानसभा चुनावों में भी पहुंचे थे और 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान थीम पार्क में रैली को संबोधित किया था। 2014 में प्रधानमंत्री ने चुनावी रैली में कुरुक्षेत्र में सत्य की असत्य पर जीत की धरा होने का जिक्र करते हुए यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं जताई थीं। उनके पहले कार्यकाल में ही कुरुक्षेत्र को कृष्णा सर्किट में शामिल किया था और केडीबी को 500 करोड़ का बजट भी मिला था। अब प्रधानमंत्री 204 करोड़ के महाभारत अनुभव केंद्र व दो करोड़ से तैयार पंचजन्य समारक का उद्घाटन करेंगे।

    कुरुक्षेत्र पहुंचे पीएम मोदी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुरुक्षेत्र पहुंच गए हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के पवित्र शंख के सम्मान में नव-निर्मित ‘पंचजन्य’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उपस्थित रहे।
 


पीएम मोदी ने महाभारत अनुभव केंद्र का किया दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाभारत अनुभव केंद्र का दौरा किया। यह एक इमर्सिव अनुभव केंद्र है जिसमें महाभारत के महत्वपूर्ण प्रसंगों को दर्शाने वाली इंस्टॉलेशन हैं, जो इस महाकाव्य की शाश्वत सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता को उजागर करती हैं।
 

 

गुरु तेग बहादुर की प्रदर्शनी का किया अवलोकन 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित विशेष कार्यक्रम में भाग लिया। गुरु तेग बहादुर की बहादुरी को समर्पित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान सीएम सैनी उनके साथ मौजूद रहे।  
 

पीएम मोदी ने नवाया शीश 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के पावन अवसर पर गुरु महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शीश नवाया। इस दौरान मंच पर गुरबाणी का भावपूर्ण आयोजन किया गया, जिसमें रागियों ने गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, त्याग और बलिदान को समर्पित शबदों का सुंदर कीर्तन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज के प्रति अपनी आस्था और कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने गुरु तेग बहादुर जी के अद्वितीय बलिदान और मानवता की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च त्याग को नमन करते हुए देशवासियों को भी उनकी शिक्षाओं पर चलने का संदेश दिया।। 
 

गुरु तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा के लिए दी अपनी जान 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र में सिख इतिहास के महान संत-योद्धा, हिंद दी चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने गुरु महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए और शीश नवाया।प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कुरुक्षेत्र की पावन भूमि सिख परंपरा और आस्था से गहराई से जुड़ी हुई है। यहां सभी दस सिख गुरु अपनी यात्राओं के दौरान पधारे हैं, जिससे यह धरती सिख धर्म के लिए विशेष महत्व रखती है। श्री मोदी ने गुरु तेग बहादुर जी के जीवन को प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा, “गुरु साहिब वीरता, करुणा और धर्म रक्षा की जीवंत मिसाल हैं। उस काले दौर में जब मुगल शासक औरंगजेब के आदेश पर कश्मीरी पंडितों का जबरन धर्मांतरण कराया जा रहा था, तब पीड़ित कश्मीरी हिंदुओं का एक दल आनंदपुर साहिब पहुंचा और गुरु महाराज से रक्षा की गुहार लगाई। गुरु तेग बहादुर जी ने न केवल उनकी रक्षा का बीड़ा उठाया, बल्कि स्वयं दिल्ली जाकर धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। ‘हिंद दी चादर’ कहलाने वाले गुरु साहिब ने सिद्ध कर दिया कि दूसरों के धर्म की रक्षा करना भी परम धर्म है


हमें गुरु परंपराओं के पवित्र स्थलों को पहचान दिलाने का मिला मौका

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा हमारी सरकार को सौभाग्य प्राप्त हुआ। हमने सिख गुरु परंपरा से जुड़े पवित्र स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने और उन्हें सम्मान देने का अवसर मिला। मैं स्वयं को गर्व के साथ गुरु परंपराओं का एक छोटा सा हिस्सा मानता हूं। जब अफगानिस्तान में संकट के समय मूल स्वरूप श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को खतरा था, तब हमारी सरकार ने पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ उन्हें सुरक्षित भारत लाने का कार्य किया था।हमने देश-विदेश में गुरुओं के ऐतिहासिक तीर्थ स्थलों को आधुनिक भारत की मुख्यधारा से जोड़ने का व्यापक कार्य किया है। चाहे करतारपुर साहिब कॉरिडोर हो, हेमकुंट साहिब तक रोप-वे का निर्माण हो, सुल्तानपुर लोधी का भव्य विकास हो या फिर गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर बिहार में पटना साहिब और तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब को अंतरराष्ट्रीय स्तर का रूप देना – ये सभी कार्य उसी श्रद्धा का प्रतीक हैं।मुगल शासकों ने गुरु परिवार के साथ जो क्रूरता की, उसकी कोई मिसाल नहीं मिलती। चार साहिबजादों – जोरावर सिंह और फतेह सिंह जैसे नन्हें बालकों को जीवित दीवार में चिनवा दिया गया था। यह मानवता पर कलंक था। इन वीर साहिबजादों की शहादत को याद रखने के लिए हमने 26 दिसंबर को पूरे देश में “वीर बाल दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय लिया। साथ ही, इन महान बलिदानियों की गाथा को आने वाली पीढ़ियाँ कभी न भूलें, इसलिए हमने स्कूलों के पाठ्यक्रम में भी साहिबजादों के पराक्रम और त्याग की कहानी को शामिल किया है।

पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में हाल ही में संपन्न “ऑपरेशन सिंदूर” का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत शांति का पुजारी है, हम किसी से बैर नहीं रखते, लेकिन यदि कोई हमारी तरफ बुरी नजर डाले, हमारी संप्रभुता को चुनौती दे या हमारे लोगों पर हमला करे, तो हम मुंहतोड़ जवाब देना भली-भांति जानते हैं। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना ने जिस साहस, सटीकता और संयम के साथ यह कार्रवाई की, उसकी देश-विदेश में सराहना हो रही है। यह ऑपरेशन हमारी सेनाओं की क्षमता और सरकार के दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का जीता-जागता प्रमाण है।

युवाओं में बढ़ती नशे की लत को लेकर जताई पीएम ने चिंता

प्रधानमंत्री ने युवाओं के बीच बढ़ती नशे की लत को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा नशा केवल व्यक्ति को नहीं, पूरे परिवार और समाज को खोखला कर रहा है। इस समस्या का समाधान समाज के सामूहिक संकल्प से ही संभव है।पूरे समाज को मिलकर नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़नी पड़ेगी। तभी हम इस अभिशाप से मुक्ति पा सकेंगे। इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने श्री गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षा का स्मरण कराया। उन्होंने कहा गुरु साहिब ने अन्याय, अत्याचार और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा दी थी। उन्होने कहा गुरुओं की शिक्षा हमारे समाज की चेतना में आज भी जीवंत है। 


गुरु तेग बहादुर ने नहीं छोड़ा धर्म और सत्य का रास्ता: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा क्रूर औरंगजेब ने गुरु तेग बहादुर जी को कैद करने का हुक्म दिया था। लेकिन गुरु साहिब ने स्वयं ही दिल्ली आने की घोषणा कर दी। मुगल शासकों ने उन्हें लालच भी दिया, धमकियां भी दीं, लेकिन गुरु तेग बहादुर जी अपने धर्म और सिद्धांतों पर डटकर खड़े रहे। उन्होंने कोई समझौता नहीं किया।इसके बाद गुरु साहिब का मन तोड़ने के लिए, उन्हें धर्म के मार्ग से भटकाने के लिए, उनके सामने ही उनके तीन प्यारे साथियों भाई दयाला जी, भाई सती दास जी और भाई मति दास जी को बड़ी बेरहमी से शहीद कर दिया गया। भाई मति दास जी को आरे से चीर दिया गया, भाई दयाला जी को खौलते तेल के कड़ाह में डाल दिया गया, भाई सती दास जी को कपास में लपेटकर आग के हवाले कर दिया गय। ये सब गुरु साहिब के सामने हुआ। लेकिन गुरु साहिब टस से मस नहीं हुए। उनका संकल्प अडिग रहा। उन्होंने धर्म के मार्ग को नहीं छोड़ा। अंत में तपस्वी अवस्था में गुरु साहिब ने धर्म की रक्षा के लिए अपना शीश दे दिया। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यही वह बलिदान है जिसने हिन्द की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी को अमर बना दिया और आने वाली सदियों तक धर्म, संस्कृति और मानवता की रक्षा के लिए प्रेरणा देता रहेगा।
 
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मुगल आक्रांताओं ने क्रूरता की हदें की पार: पीएम मोदी

मुगल आक्रांताओं को लेकर पीएम मोदी ने कहा हम सब जानते हैं कि मुगलों ने वीर साहिबजादों के साथ भी क्रूरता की सारी हदें पार कर दी थीं। वीर साहिबजादे दीवार में जीवित चिनवाए जाने को तैयार हो गए, लेकिन अपने कर्तव्य और धर्म को नहीं छोड़ा। हमने सिख परंपरा की शिक्षाओं और सीख को राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में शामिल किया है, ताकि सेवा, साहस और सत्य जैसे आदर्श हमारी नई पीढ़ी के चिंतन की नींव बनें। हम वीर साहिबजादों की याद में हर साल 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाते हैं।
   
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