जब भीड़ से बचने के लिए महिला के घर चले गए थे राजू श्रीवास्तव
राजू श्रीवास्तव असल जिंदगी में भी बेहद सरल इंसान थे। एक बार कॉमेडियन राजू मसूरी गए हुए थे, जहां पर वह सुबह को मॉर्निंग वॉक करने निकले। इस दौरान लोगों ने उन्हें पहचान लिया और सेल्फी खींचने के लिए घेर लिया। भीड़ से बचने के लिए राजू श्रीवास्तव एक व्यापारी की मां के साथ उनके घर चले गए थे।
जब भावुक हो गए थे राजी श्रीवास्तव
राजू श्रीवास्तव अमिताभ बच्चन के बहुत बड़े फैन थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ही बिग-बी की मिमिक्री से की थी। एक बार राजू श्रीवास्तव ने खुद किस्सा साझा किया था कि कैसे वह अमिताभ बच्चन की बातें सुनकर भावुक हो गए थे। दरअसल, एक बार कौन बनेगा करोड़पति के एक शो में अमिताभ बच्चन ने राजू श्रीवास्तव की आवाज सुनकर एक प्रतिभागी से पूछा कि ये किसकी आवाज है। इस बात के बारे में बताते हुए राजू श्रीवास्तव ने कहा था कि वह भाव विह्वल हो गए।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की नकल ने राजू श्रीवास्तव में बोया मिमिक्री का बीज
राजू श्रीवास्तव के पिता हास्य कवि थे, इसलिए बचपन से ही उनमें कॉमेडी कूट-कूटकर भरी थी। राजू बचपन में अपने पिता को देखकर सोचते थे कि उनकी तरह ही स्टेज पर परफॉर्म करेंगे और बचपन से ही स्कूल में व अन्य जगहों पर अपने पिता की कविता की लाइनों को सुनाया करते थे। इसके अलावा उन्हें सबकी नकल करने का भी शौक था। जब रेडियो पर वह इंदिरा गांधी की आवाज सुनते तो उनकी नकल करते। इसलिए जब घर में कोई आता तो उनके पिता कहते 'बेटा बताओ जरा इंदिरा जी कैस बोलती हैं'। यहीं से उनमें मिमिक्री की बीज अंकुरित हुआ। जिसके जरिए उन्होंने लोगों के दिलों पर राज किया।
राजू श्रीवास्तव के बच्चे भी हैं मनोरंजन जगत का हिस्सा
राजू श्रीवास्तव की बेटी अंतरा भी अपने पिता की तरह ही टैलेंटेड हैं। वह पेशे से डायरेक्टर हैं और उन्होंने 'फुल्लू', 'पलटन', 'द जॉब', 'पटाखा' और 'स्पीड डायल' जैसी फिल्में की हैं। वहीं राजू श्रीवास्तव के बेटे एक सितार वादक हैं। वह अक्सर राजू के साथ उनके शोज में भी नजर आते थे।
गजोधर भैया के नाम की कहानी
मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को गजोधर भैया के किरदार से खूब पहचान मिली। उन्होंने टीवी के कॉमेडी शो 'द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज' में इसी किरदार के माध्यम से सफलता की पहली सीढ़ी चढ़ी थी और आगे बढ़ते चले गए। सबसे दिलचस्प बात यह है कि गजोधर भैया कोई काल्पनिक किरदार नहीं हैं, बल्कि गजोधर भैया वास्तविकता में थे। राजू का ननिहाल बेहटा सशान में था। वहां पर एक बुजुर्ग गजोधर रहते थे। वह रुक-रुक कर बोलते थे, उन्हीं का किरदार राजू ने अपनाया और उस किरदार को लोगों ने भी बहुत पसंद किया।
ये था राजू श्रीवास्तव का असली नाम
कानपुर की गलियों से निकलकर सबको हंसाने वाले राजू श्रीवास्तव को लोग गजोधर भईया या फिर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव के नाम से ही जानते हैं, लेकिन यह बहुत ही कम लोगों को यह पता है कि राजू श्रीवास्तव का असली नाम सत्यप्रकाश श्रीवास्तव था।
50 रुपये से की थी करियर की शुरुआत
राजू श्रीवास्तव ने अपने करियर में स्टेज शोज से लेकर फिल्मों तक में काम किया था। शुरुआती दिनों में राजू श्रीवास्तव को स्टेज शो के लिए 50 रुपये मिलते थे। वहीं, सफलता मिलने के बाद वह एक शो के ही 5 से 10 लाख रुपये चार्ज करने लगे थे। कॉमेडियन राजू करीब 15 से 20 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक थे, जिसे अब वह अपने परिवार के लिए छोड़ गए हैं।
12 साल तक प्यार में पागल रहे 'गजोधर भैय्या'
कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव की प्रेम कहानी भी बेहद फिल्मी रही। 1981 में उनके बड़े भाई की शादी फतेहपुर में तय हुई थी। वहीं उन्होंने शिखा को पहली बार देखा और पहली ही नजर प्यार हो गया। इसके बाद राजू श्रीवास्तव ने सोच लिया था कि उनसे ही शादी करनी है, जिसके बाद उन्होंने शिखा के बारे में छानबीन की तो पता चला ये भाभी के चाचा की बेटी हैं और इटावा में रहती हैं। इसके बाद वह कोई न कोई बहाना लेकर इटावा जाने लगे, लेकिन कुछ बोलने की हिम्मत ही नहीं थी। इसलिए राजू उनके घर पर चिट्ठियां भेजा करते थे। 12 साल के बाद दोनों ने 17 मई 1993 को शादी कर ली।
प्रधानमंत्री मोदी की मिमिक्री करने का किया था वादा
राजू श्रीवास्तव सेलेब्स के साथ ही राजनेताओं की मिमिक्री भी किया करते था। उन्होंने एक बार कहा था कि अक्सर मुझ पर आरोप लगता है कि आप लालू यादव, मुलायम सिंह यादव, आडवाणी आदि राजनेताओं की मिमिक्री करते हैं लेकिन नरेंद्र मोदी की नहीं। यहां तक एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने खुद मुझसे यह सवाल पूछा था। मैंने उनसे कहा कि आपकी आवाज की कोशिश कर रहा हूं, जल्द ही लोगों को आपका किरदार निभाता दिखूंगा।