#WATCH | Delhi | A police official injured during the clash between police and CJP protestors, says, "We were on duty at Janpath, in front of the Claridges Hotel. A large number of protesters had gathered there...Suddenly, stones started raining down from both sides. The police… pic.twitter.com/Do1gZldnqo
— ANI (@ANI) July 20, 2026
CJP Protest march | DCP North Raja Banthia sustained injuries during the clash between Police and CJP protesters in Delhi, earlier today.
— ANI (@ANI) July 20, 2026
(Source: Delhi Police) pic.twitter.com/6w7i724wZO
During today's violent protests, more than 118 police personnel from Delhi Police and Central Police Forces, including Special Commissioner, Joint Commissioner, Additional Commissioner, and Deputy Commissioner rank officers deployed on duty, sustained injuries.
— ANI (@ANI) July 20, 2026
Delhi Police… pic.twitter.com/DF5re1OtK2
सोमवार को हुई हिंसा में 50 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक कर्मी घायल हुए, जिनमें लगभग 10 आईपीएस और डीएएनआईपीएस अधिकारी शामिल हैं। पुलिस हिंसा के संबंध में कई मामले दर्ज कर रही है। पुलिस ने आज विभिन्न स्थानों से कई प्रदर्शनकारियों व हिंसा में शामिल लोगों को हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य व्यक्तियों की पहचान करेगी।
कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को घोषणा की कि वे अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के "संसद चलो" मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई ने उन्हें तब तक भूख हड़ताल जारी रखने के लिए प्रेरित किया है जब तक कि युवा नेताओं को सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या उन्हें अस्पताल से ही उनसे मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती। सफदरजंग अस्पताल से जारी एक बयान में वांगचुक ने कहा, "शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ जिस क्रूरता से व्यवहार किया जा रहा है, उसे देखकर मैंने फैसला किया है कि मैं तब तक अपनी भूख हड़ताल जारी रखूंगा जब तक कि युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या मुझे यहां अस्पताल में उनसे मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती।"
पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को विरोध स्थल से हटा दिया है। संसद मार्च को आंसू गैस व लाठीचार्ज से रोका गया था। प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पर फिर जमा हुए, नेता ने डटे रहने की बात कही। सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल का मंच भी हटा दिया गया।
सीपी/पीआरओ राजीव रंजन ने कहा, जनता को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्लेटफॉर्म के जरिए अफवाहों, गलत जानकारी या बिना पुष्टि वाली सामग्री पर विश्वास न करें और न ही उन्हें फैलाएं। नागरिकों से अनुरोध है कि वे जानकारी के लिए केवल विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करें और शांति, सद्भाव व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में दिल्ली पुलिस का सहयोग करें।'
समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव ने सरकार और पुलिस के रवैये की आलोचना की। उन्होंने लाठीचार्ज, आंसू गैस और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों द्वारा छात्रों से दुर्व्यवहार का उल्लेख किया। यादव ने कहा कि सरकार युवाओं की बड़ी संख्या का अनुमान नहीं लगा पाई, जो उसकी विफलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वर्षों से युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। यही गुस्सा अब दिख रहा है।
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को 'चलो संसद' विरोध प्रदर्शन के दौरान हमले के आरोपों को खारिज किया। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर गीतांजलि आंगमो के बाल खींचने का दावा किया था। उन्होंने कहा कि एक 12 वर्षीय लड़की सहित 40-50 प्रदर्शनकारी घायल हुए। पुलिस ने भ्रामक जानकारी न फैलाने की अपील की।
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही जानकारी को गलत बताया है। इन दावों में 12 वर्षीय गीतांजलि पर हमले, बाल खींचने और सिर में चोट लगने की बात थी। पुलिस के अनुसार, 40 से 50 अन्य लोगों के सिर फूटने की खबर भी असत्य है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने ट्वीट किया कि प्रदर्शनकारियों ने सरकार से बातचीत का प्रस्ताव दिया। सुबह 11:50 बजे से चर्चा जारी थी। बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। प्रदर्शनकारियों ने शाम 4 बजे लिखित ज्ञापन सौंपा। जेपी नड्डा ने उनसे धरना खत्म कर सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग का अनुरोध किया।
मध्य दिल्ली के बड़े हिस्सों में भारी यातायात जाम देखा गया। कनॉट प्लेस क्षेत्र में सड़कें पूरी तरह से अवरुद्ध हो गईं। इस कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कनॉट प्लेस इलाके से यातायात जाम के दृश्य भी सामने आए हैं।
#WATCH | Delhi | Large parts of Central Delhi gridlocked;visuals from the Connaught Place area pic.twitter.com/F4LO2VhWt0
— ANI (@ANI) July 20, 2026
सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी. नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें अपना एक ज्ञापन सौंपा।
Delhi | A CJP delegation submitted its memorandum to the Union Health Minister, J.P. Nadda. pic.twitter.com/pj2YVozway
— ANI (@ANI) July 20, 2026
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने छात्रों के साथ मारपीट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र और इतिहास के लिए काला दिन बताया। डिंपल यादव ने कहा कि कुछ पुलिसकर्मियों ने गुंडों जैसा व्यवहार किया। उन्होंने अपने नाम पट्टिका हटाकर छात्रों को पीटा। आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी बिना वर्दी के आए और छात्रों को बिजली के झटके भी दिए। नियम के विपरीत, पुलिस ने छात्रों के पैरों के बजाय उनकी छाती पर वार किया। उन्होंने इसे भारत माता के दिल पर सीधा प्रहार बताया। डिंपल यादव ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की। उन्होंने सरकार से इस घटना की जिम्मेदारी लेने और जवाबदेही तय करने को कहा।
पुलिस पर पथराव के बाद अभिजीत दीपके को गाड़ी से उतारने का प्रयास किया गया। अभिजीत दीपके की गाड़ी तोड़ने और हवा निकालने का आरोप है। सोनम वांगचुक की पत्नी और साउथ इंडिया के एक्टर भी गाड़ी में सवार थे। उग्र भीड़ पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। भीड़ पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास के अनुसार, अभिजीत दीपके को हिरासत में नहीं लिया गया है और न ही उनको गिरफ्तार किया गया है। केरल हाउस के बाहर अभी भी भारी भीड़ जमा है।
UPDATE: Dipke not in detention or arrest. A HUGE CROWD is still outside Kerala House. https://t.co/NneFV6VMa5
— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
दिल्ली: आज संसद मार्ग के पास प्रदर्शनकारियों के साथ हुई झड़प में दिल्ली पुलिस के जवान घायल हो गए।#CJPProtest pic.twitter.com/CoD18SwKY9
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 20, 2026
#WATCH दिल्ली: आज पार्लियामेंट स्ट्रीट के पास प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प में दिल्ली पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर घायल हो गए।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 20, 2026
उन्होंने कहा, "हम बैरिकेड के पास खड़े थे, तभी उन्होंने (प्रदर्शनकारियों ने) पत्थर फेंके।"#CJPProtest pic.twitter.com/5n5HVCVyPf
आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी जंतर-मंतर पहुंचे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास अभी भी नड्डा जी के घर पर हैं। रांका ने कहा कि नड्डा जी ने हमारी इन मांगों पर अपनी लीडरशिप से बात करने के लिए कुछ समय मांगा है।
- वांगचुक की तुरंत रिहाई
- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
- आत्महत्या करने वाले सभी NEET उम्मीदवारों के लिए 1 करोड़ रुपये का मुआवजा
दिल्ली में सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के संसद मार्च के मद्देनजर सोमवार को राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। एहतियातन दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन को अगले आदेश तक बंद कर दिया था। अब जनपथ और पटेल चौक मेट्रो स्टेशनों पर गेट अब खुल गए हैं।
आज संसद मार्ग के पास प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प में दिल्ली पुलिस का एक सब-इंस्पेक्टर घायल हो गया। उन्होंने कहा, "हम बैरिकेड के पास खड़े थे, तभी उन्होंने (प्रदर्शनकारियों ने) पत्थर फेंके।"
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया है कि अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया गया है।
समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव कहते हैं, "हमारे सांसदों को पुलिस स्टेशन में रखा गया है, जबकि बाहर बच्चों को पीटा जा रहा है। यह कैसी सरकार है? आप बच्चों की बात नहीं सुनना चाहते। अगर NEET परीक्षा हुई और उसमें गड़बड़ी हुई, तो इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है? किसकी साख दांव पर लगी है? तैयारी किसे करनी थी? आप 'विश्वगुरु' बनना चाहते हैं; आप दावा करते हैं कि दुनिया 'अमृत काल' में है, फिर भी आप अपने मंत्रियों को नहीं हटा सकते... आपने नौकरियां या रोज़गार नहीं दिया। अगर नौकरियां दी गई होतीं, तो क्या बच्चे सड़कों पर उतरते? अभी मुख्य सवाल यह है कि NEET छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और यहां विरोध कर रहे छात्रों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाना चाहिए... जब लोग विरोध प्रदर्शन करते थे, तो अंग्रेज़ उनकी बात सुनते थे। इसीलिए आज पूरी दुनिया में गांधी का सम्मान किया जाता है। उन्होंने विरोध का रास्ता दिखाया। जिस तरह से वे प्रदर्शनकारियों को हटा रहे हैं - उम्मीद है कि सरकार को अंत में 'सम्मानजनक विदाई' न मिल जाए।"
जंतर मंतर से प्रदर्शन आरबीआई के पास पहुंच गए हैं। यहां पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर भी फेंके हैं। साथ ही वहीं पर धरने पर बैठ गए हैं। विरोध प्रर्दशन कर रहे हैं। नई दिल्ली डीसीपी सचिन शर्मा प्रदर्शनकारियों को समझा रहे हैं।
50 से ज्यादा आंसू गैस के गोले पुलिस ने छोड़े हैं। भीड़ अभी आरबीआई के पास जुटी है, पुलिस किसी भी वक्त लाठीचार्ज कर सकती है।
सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने एक्स पर पोस्ट किया है कि संसद के सामने युवाओं पर आंसू गैस छोड़ना बंद कीजिए। सरकार दमन नहीं, संवाद का रास्ता चुने। अपने अयोग्य शिक्षा मंत्री को हटाकर युवाओं की बात सुने।
संसद के सामने युवाओं पर आँसू गैस छोड़ना बंद कीजिए।
— Yogendra Yadav (@_YogendraYadav) July 20, 2026
सरकार दमन नहीं, संवाद का रास्ता चुने। अपने अयोग्य शिक्षा मंत्री को हटाकर युवाओं की बात सुने।#DharmendraPradhanResign#StudentsProtest #Sansad pic.twitter.com/Zv2pHMC9Ph
दिल्ली में संसद परिसर के अंदर सुरक्षा बढ़ा दी गई। सुरक्षाकर्मी हाई अलर्ट पर हैं।
VIDEO | Delhi: Security heightened inside the premises of the parliament; security personnel on a high alert.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 20, 2026
Visuals of security deployment
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/gvM5yOc8oc
सीजेपी के प्रदर्शनकारी संसद भवन के करीब पहुंच गए हैं। सीजेपी प्रदर्शन कारी रेल भवन तक पहुंच गए हैं। संसद भवन का मुख्य गेट सुरक्षाकर्मियों ने बंद कर दिया है। संसद भवन में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के कहने पर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म कर दी। सोनम वांगचुक अभी सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं।
दीपके ने यह उपवास तब शुरू किया था जब 18 जुलाई को वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उनकी 21 दिन की भूख हड़ताल के कारण उन्हें चिकित्सा सहायता की ज़रूरत थी। इस बीच, CJP के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रंका सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिलने के लिए निकले। पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक परीक्षा सुधारों की अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर जमा हुए।
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव, पार्टी के अन्य सांसदों के साथ संसद से जंतर-मंतर तक मार्च कर रही हैं। उन्होंने कहा, "देश में हालात ऐसे हैं कि युवा अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन सरकार न तो उनकी बात सुनने को तैयार है और न ही बातचीत करने को।
छात्रों ने बार-बार यह बात कही है और सोनम वांगचुक ने भी सरकार से बातचीत शुरू करने की अपील की है। लेकिन सरकार इतनी अड़ियल और असंवेदनशील है कि वह किसी और की बात सुनने को तैयार नहीं है। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, हम छात्रों के साथ खड़े हैं और हम जंतर-मंतर तक मार्च करने जा रहे हैं। मेरा मानना है कि पूरी प्रक्रिया ही भ्रष्ट है और देश के युवा और छात्र ही इसका खामियाजा भुगत रहे हैं और भारी मानसिक तनाव से गुज़र रहे हैं।"
जंतर-मंतर पर संसद मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने एक्स पर पोस्ट किया है। इसमें लिखा है कि कुछ मीडिया संस्थानों में जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस द्वारा हिंसा या लोगों को हिरासत में लेने की छिटपुट घटनाओं का ज़िक्र किया गया है। यह सूचित किया जाता है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और विरोध-प्रदर्शन को पेशेवर तरीके से संभाला जा रहा है। सभी से अनुरोध है कि वे किसी भी अफवाह या गलतफहमी पर ध्यान न दें और उस जगह व उसके आस-पास शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में दिल्ली पुलिस का सहयोग करें।
Some segments from media have mentioned sporadic use of violence/detentions at Jantar Mantar by Delhi Police.
— Delhi Police (@DelhiPolice) July 20, 2026
It is informed that no such incident has taken place and protest is being handled professionally. All are requested not to fall pray to any rumour/ misgivings, and, to…
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन में कहा कि पेपर लीक के खिलाफ, बच्चे जंतर-मंतर पर बैठे हैं, लेकिन उनके ऊपर लाठीचार्ज करवाया जा रहा है। मोदी सरकार हमारे युवा की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है।
Paper Leaks के खिलाफ, बच्चे जंतर-मंतर पर बैठे हैं, लेकिन उनके ऊपर लाठीचार्ज करवाया जा रहा है।
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 20, 2026
मोदी सरकार हमारे युवा की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है। pic.twitter.com/Bvgd1LxRYx
'कॉकरोच जनता पार्टी' के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि आशुतोष रांका और मैं, कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने जा रहे हैं। सरकार सुबह बातचीत के लिए पहुंची थी। हमारी मांगें साफ हैं। युवा भारी संख्या में इकट्ठा हुए हैं।
हम जीतेंगे!
प्रदर्शनकारी संसद मार्ग की ओर जाने का प्रयास कर रहे हैं। उधर, सोनम वांगचुक ने मार्च में शामिल होने किए सफदरजंग अस्पताल से आग्रह किया है।
दिल्ली जंतर मंतर पर हो रहे प्रदर्शन को लेकर दिल्ली यूपी बॉर्डर पर पुलिस सुरक्षा बढ़ाई है। एसीपी अंकुर विहार अमरदीप मौर्य ने बताया कि डीएलएफ और लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के पास पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। किसी भी असामाजिक तत्वों को आगे नहीं जाने दिया जाएगा। दिल्ली जाने वाले रास्ते पर वाहनों को चेक किया जा रहा है।
जंतर मंतर धरना स्थल पर लगातार समर्थक पहुंच रहे हैं। सोमवार को जब CJP एक्टिविस्ट संसद तक विरोध मार्च निकालने की कोशिश कर रहे थे, तब 'कॉकरोच जनता पार्टी' के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास को डिप्टी कमिश्नर के ऑफिस ले जाया गया। उन्होंने बताया कि अधिकारियों और उनके बीच बातचीत चल रही है। इस घटनाक्रम के बारे में पूछे जाने पर दास ने ANI को बताया, "हम (सरकार के साथ) बातचीत कर रहे हैं।" यह घटनाक्रम तब हुआ जब पुलिस ने संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। जंतर-मंतर से शुरू हुए इस प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैफिक में काफी रुकावट आई, क्योंकि बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे।
सरदार पटेल भवन के पास प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं। संसद की ओर बसें और बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस ने रास्ता बंद किया हुआ है। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में लगातार लोग आ रहे हैं।
जंतर-मंतर पहुंचने पर AAP नेता गोपाल राय ने कहा, "देश भर से छात्र और युवा जंतर-मंतर पहुंचे हैं। सभी की एक ही चिंता है। शिक्षा मंत्री देश के लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रहे हैं, इसलिए उन्हें इस्तीफ़ा देना चाहिए; लोग उन्हें हटाने की मांग कर रहे हैं। सरकार ने जबरदस्ती वांगचुक की भूख हड़ताल खत्म करवा दी, जिससे लोगों में गुस्सा है। लोग आज इस मांग के साथ यहाँ जमा हुए हैं कि शिक्षा मंत्री को हटाया जाए और देश के छात्रों और युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया जाए।"
दिल्ली में जंतर-मंतर पर CJP के विरोध मार्च के लिए जमा हुए प्रदर्शनकारियों की RPF कर्मियों से झड़प हो गई। भीड़ को काबू करने के लिए RPF कर्मियों और पुलिस ने लाठियों का इस्तेमाल किया।
#WATCH | Delhi | Protesters gathered for CJP's protest march clash with RPF personnel at Jantar Mantar; RPF personnel & police use lathis for crowd control pic.twitter.com/gijaCjJksW
— ANI (@ANI) July 20, 2026
आज़ाद समाज पार्टी-कांशीराम के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद और TMC सांसद महुआ मोइत्रा CJP के विरोध मार्च वाली जगह पर पहुंचे। जंतर-मंतर पर CJP के विरोध मार्च के लिए इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों की RPF कर्मियों से झड़प हो गई; भीड़ को काबू करने के लिए RPF कर्मियों और पुलिस ने लाठियों का इस्तेमाल किया।
#WATCH | Delhi: Azad Samaj Party-Kanshiram President and MP, Chandrashekhar Azad and TMC MP Mahua Moitra at the CJP's protest march site.
— ANI (@ANI) July 20, 2026
Protesters gathered for CJP's protest march clash with RPF personnel at Jantar Mantar; RPF personnel & police use lathis for crowd control. pic.twitter.com/UpZDIcbD5O
कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका, पार्टी के प्रस्तावित विरोध मार्च के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पर जमा भीड़ को संबोधित कर रहे हैं। यहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और RPF के जवान तैनात किए गए हैं।
कुछ प्रदर्शनकारियों की संसद की ओर कूच करने की कोशिश पर हल्के बल प्रयोग से पुलिस ने वापस खदेड़ दिया है।
जंतर मंतर पर भी इंटरनेट बंद कर दिया गया है।
आप नेता मनीष सिसोदिया और संजय सिंह ने प्रदर्शन स्थल तक न जाने देने का आरोप लगाया है। दोनों नेताओं ने धक्का मुक्की करने का भी आरोप लगाया है।
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की हालत स्थिर है। विशेषज्ञों की टीम निगरानी कर रही है। बाॅडी के सभी वाइटल ठीक ढंग से काम कर रहे हैं। खून संबंधी जांच रिपोर्ट भी सामान्य है। सोनम सफदरजंग और एम्स के डाॅक्टरों की निगरानी में है।
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने तक प्रदर्शनकारी पहुंच गए। पुलिस ने रोकने के लिए बस लगाई है।
प्रदर्शनकारी जंतर मंतर से संसद मार्ग थाने तक पहुंच गए थे। ऐसे में पुलिस ने काफी लोगों को डिटेन किया है और लाठीचार्ज कर खदेड़ना शुरू कर दिया है।
जंतर मंतर पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। सांसद चन्द्रशेखर आजाद संसद मार्च के लिए जंतर-मंतर पहुंच गए हैं।
चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि सरकार अपना 'धर्म' निभा रही है, पुलिस अपना 'धर्म' निभा रही है और मैं इस मिट्टी के प्रति अपना फर्ज निभाने के लिए इस संघर्ष का हिस्सा हूं। एक भारतीय युवा होने के नाते, मैं युवाओं का दर्द समझता हूं। मैं यहां उनकी आवाज़ बनने और उनके साथ खड़ा होने के लिए हूं। उनके साथ अन्याय हो रहा है। सरकार ऐसा होने दे रही है..." वह यह भी कहते हैं, "हम पार्लियामेंट में भी लड़ेंगे।"
संसद के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। केंद्रीय सचिवालय से बिना वैध आईडी कार्ड पर एंट्री नहीं मिल रही है। सोमवार से शुरू होने वाले इस मानसून सत्र को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्जन को लेकर एजवाइजरी जारी की है। इस दौरान संसद क्षेत्र और उसके आस-पास भारी वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी रहेगी। वहीं कई रास्तों को डायवर्ट भी किया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वह यात्रा से पहले रूट डायवर्जन की जानकारी ले लें। इसके अलावा भीड़-भाड़ वाले समय पर प्रभावित मार्गों से जाने से बचने की अपील भी की गई है। दिल्ली पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी में कहा गया, "नई दिल्ली रेंज में 20 जुलाई से लोकसभा और राज्यसभा का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। इस इलाके में गाड़ियों की आवाजाही बढ़ने और ट्रैफिक पर लगी पाबंदियों को देखते हुए, आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा को आसान और बिना किसी परेशानी के पूरा करने के लिए, जहां तक हो सके, नीचे दी गई सड़कों और जंक्शनों पर जाने से बचें।"
इन मार्गों पर जाने से बचें-
रफी मार्ग
मोतीलाल नेहरू मार्ग
मौलाना आज़ाद रोड
के. कामराज मार्ग
रायसीना रोड
राजेंद्र प्रसाद रोड
पार्लियामेंट स्ट्रीट
अशोक रोड
तालकटोरा रोड
पंडित पंत मार्ग
रकाब गंज गुरुद्वारा रोड
इन चौराहों पर जाने से बचें-
विजय चौक
पटेल चौक गोलचक्कर
बोट क्लब
बूटा सिंह गोलचक्कर
रेल भवन गोलचक्कर
प्राइम चौक गोलचक्कर
सुनहरी मस्जिद गोलचक्कर
GRG गोलचक्कर
जलेबी चौक गोलचक्कर
इन रास्तों से कर सकते हैं सफर-
जनपथ
मान सिंह रोड
अकबर रोड
विनय मार्ग
आउटर सर्कल, कनॉट प्लेस
तीन मूर्ति मार्ग
बाबा खड़क सिंह मार्ग
शांति पथ
आरएमएल गोलचक्कर
मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद रोड
मदर टेरेसा क्रिसेंट रोड
कमाल अतातुर्क मार्ग
11 मूर्ति
पंचशील मार्ग
सरदार पटेल मार्ग
आम नागरिकों के लिए निर्देश-
दिल्ली पुलिस ने आम लोगों ने अपील करते हुए कहा, "गाड़ी चलाने वालों से अनुरोध है कि वे धैर्य रखें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और आसानी से यात्रा के लिए ट्रैफिक कर्मियों का सहयोग करें। मुख्य चौराहों पर तैनात पुलिस के निर्देशों का पालन करें। इसके अलावा रीयल-टाइम अपडेट और मदद के लिए, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस से माध्यमों: वेबसाइट- https://traffic.delhipolice.gov.in, फेसबुक- https://www.facebook.com/dtptraffic, एक्स- https://x.com/dtptraffic, इंस्टाग्राम- https://www.instagram.com/dtptraffic, व्हाट्सएप- 8750871493 और हेल्पलाइन नंबर- 1095/011-25844444 पर संपर्क कर सकते हैं
जंतर मंतर पर भारी संख्या में फोर्स तैनात है। वॉटर कैनन,आंसू गैस के गोले से लैस गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं। चारों तरफ भारी घेराबंदी की गई है। वहीं, पुलिस नेताओं को डिटेन कर रही है। कालकाजी इलाके की निगम पार्षद आशु ठाकुर को पुलिस डिटेन कर अज्ञात जगह ले गई है। अभिनेता प्रकाश राज भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहे।
संसद भवन, पीएम आवास, राजेंद्र प्रसाद रोड, अशोका रोड समेत कई प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रतिबंध लगाए गए हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। अभी तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है, लेकिन संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जा रही है। लुटियंस दिल्ली में नेट की सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। सरकार के अगले आदेश तक नेट नहीं चलेगा।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सीजेपी द्वारा आयोजित इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है और न ही दी गई है। नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत बिना अनुमति पांच या अधिक लोगों के जुलूस या प्रदर्शन पर पाबंदी है। पुलिस उपायुक्त ने जनता को सलाह दी है कि किसी भी प्रकार के अनधिकृत प्रदर्शन से दूर रहें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करते हुए नई दिल्ली को 15 जोनों में बांटा गया है, जहां केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 25 बटालियनों सहित 5000 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस ने पीएम आवास सहित संवेदनशील इलाकों को नो-गो जोन घोषित कर दिया है। अस्पतालों, मेट्रो स्टेशनों और प्रमुख मार्गों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जंतर-मंतर क्षेत्र के आसपास तीन स्तर की सुरक्षा घेराबंदी की गई है, जिसमें बैरिकेडिंग, एंटी-सैबोटाज चेक और निरंतर पेट्रोलिंग शामिल है। साथ ही, लुटियंस दिल्ली से दूर इलाकों तक में बैरिकेडिंग की हुई है।
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास कहते हैं कि "प्रशासन सरकार के साथ बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रहा है। वे बहुत देर से आए हैं, लेकिन हमने खुले दिल से कहा है कि हम उनसे बात करने को तैयार हैं। अभी तक उनकी तरफ से कोई साफ बात नहीं कही गई है। अब फैसला उन्हें करना है।"
"सोनम जी, अभी उनकी हालत स्थिर है और वे अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। उन्होंने देश के उन युवा प्रदर्शनकारियों को अपनी शुभकामनाएँ भेजी हैं जो आख़िरकार इस बहुत मुश्किल और बेजान सिस्टम के ख़िलाफ जाग गए हैं, जो उनकी बात बिल्कुल नहीं सुनता। जल्द ही एक शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी पिछले 30 दिनों से यहां जमा हैं, और हमने दिखाया है कि शांतिपूर्ण तरीक़े से विरोध कैसे किया जाता है और अपनी बात कैसे रखी जाती है।"
#WATCH | Delhi: Saurav Das, Chief Spokesperson, Cockroach Janta Party, says, "The administration is trying to open talks with the government. They have come very late, but we have opened our hearts and said that we are willing to talk to them. There has been no clarity from their… pic.twitter.com/XU1Bi7pQa1
— ANI (@ANI) July 20, 2026
दिल्ली में सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रस्तावित संसद मार्च और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में जारी प्रदर्शन के मद्देनजर सोमवार को राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। एहतियातन दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। डीएमआरसी की ओर से जारी सेवा अपडेट में बताया गया कि इन स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही फिलहाल पूरी तरह रोक दी गई है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि "हमारी तरफ से कोई भी गलत काम नहीं करेगा। यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि यह विरोध प्रदर्शन और मार्च शांतिपूर्ण रहे। हम यहां एक महीने से बैठे हैं। सोनम वांगचुक ने इस विरोध प्रदर्शन के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी है। हम इस विरोध प्रदर्शन को बदनाम नहीं होने दे सकते।"
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके कहते हैं, "भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च होने जा रहा है। पिछले 10-12 वर्षों से इस देश में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिशें की जा रही हैं। जंतर-मंतर पर एक महीने तक बैठकर आप लोगों ने लोकतंत्र को फिर से जिंदा किया है। देश भर से लोग आ रहे हैं। जब मैं अमेरिका में था, तो लोग मुझसे कहते थे कि कोई भी सड़कों पर नहीं उतरेगा कि यह सिर्फ सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड बनकर रह जाएगा। आज जंतर-मंतर की ओर जाने वाली चारों सड़कों को देखिए; वे पूरी तरह से भरी हुई हैं, संसद जाने से हमें कोई नहीं रोक सकता।"
#WATCH | Delhi: Founding President of the Cockroach Janta Party, Abhijeet Dipke, says, "The biggest march in India's history is about to take place. For the past 10-12 years, attempts have been made to destroy democracy in this country. By sitting at Jantar Mantar for a month,… pic.twitter.com/9qjO1ACNtY
— ANI (@ANI) July 20, 2026
सौरभ दास की एक्स आईडी से पोस्ट किया गया है कि सुबह 6:30 बजे जंतर-मंतर पर भारी भीड़ जमा है। प्रदर्शनकारी याद रखें: हम गांधीवादी हैं और हमें शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने के अपने संकल्प पर कायम रहना है। असामाजिक तत्वों से सावधान रहें। एक-दूसरे का ध्यान रखें। पुलिस के प्रति आक्रामक न हों। अपनी मांगों पर ध्यान केंद्रित रखें।
🚨As of 6:30 AM, a HUGE gathering at Jantar Mantar!
— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
Protesters remember: we are Gandhians and must remain committed to peaceful means of protest.
Look out for anti-social elements. Look out for each other. Don’t be aggressive towards the Police. Remain focused on our demands!…
कोकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने एक्स से पोस्ट किया है। इसमें लिखा है कि पत्थरों से लदे ट्रक जंतर-मंतर पर खड़े किए गए हैं। पुलिस प्रशासन क्या करने की योजना बना रहा है? क्या वे शांतिपूर्ण CJP प्रदर्शनकारियों पर पत्थरबाज़ी करवाने की साज़िश रच रहे हैं?
Truck loaded with stones have been parked at Jantar Mantar.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 20, 2026
What are the police authorities upto? Are they orchestrating stone-pelting on the peaceful CJP protesters? pic.twitter.com/luwTkVWI7S
प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने कमर कस ली है। आज संसद सत्र शुरू हो रहा है इसलिए दिल्ली पुलिस ने मार्च की अनुमति नहीं दी है।
शिक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों का आज प्रस्तावित संसद मार्च है। इसलिए सुबह 6:30 बजे से जंतर-मंतर पर भारी भीड़ जमा है। वहीं, जंतर-मंतर के चारों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई है। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन और आज प्रस्तावित 'संसद मार्च' को लेकर राजधानी दिल्ली में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है।