राष्ट्रगान के बाद गुरुवार शाम 5 बजे किसान संसद खत्म हो हुई। अब शुक्रवार की सुबह 11 बजे फिर 200 किसान जंतर-मंतर आएंगे। किसान बस में बैठ के वापस सिंघु बॉर्डर के लिए रवाना हो गए।
भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने प्रदर्शनकारी किसानों के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि देश जानता है कि 26 जनवरी को क्या हुआ था। ये सारा प्रदर्शन राजनीतिक एजेंडे के तहत चल रहा है।
प्रदर्शन के दौरान योगेंद्र यादव ने कहा कि किसान जंतर-मंतर पर सरकार को यह दिखाने के लिए आए हैं कि वे मूर्ख नहीं हैं, ब्रिटेन की संसद हमारे मुद्दों पर बहस कर रही है, लेकिन हमारी सरकार नहीं।
जंतर मंतर पर किसान यूनियन के नेता हन्नान मुल्ला ने कहा कि हमने अपनी मांगों को उठाने के लिए सभी सांसदों को पत्र लिखा है, लेकिन संसद में हमारे मुद्दे नहीं उठाए जा रहे हैं।
करीब एक घंटे तक चली बैठक के बाद फिलहाल किसान संसद ने लंच ब्रेक की घोषणा की है। सभी किसान भोजन करने के बाद एक बार फिर एक साथ इकट्ठा होंगे।
जंतर मंतर पर किसान अपनी पहचान उजागर करने वाले बैज पहने और हाथ में अपनी यूनियनों के झंडे लिए हुए नजर आ रहे हैं। प्रदर्शन दिन में 11 बजे शुरू होना था, लेकिन किसान यहां 12 बजकर 25 मिनट पर पहुंचे। किसान नेता शिव कुमार कक्का ने बताया कि रास्ते में पुलिस ने उन्हें तीन जगह रोका और उनके आधार कार्ड देखे।
किसान नेता राकेश टिकैत ने जंतर मंतर पर कहा कि आज आठ महीने बाद सरकार ने हमें किसान माना है। किसान खेती करना भी जानता है और संसद चलाना भी जानता है। संसद में किसानों की आवाज दबाई जा रही है। जो सांसद किसानों की आवाज नहीं उठाएगा हम उसका विरोध करेंगे।
किसान संसद की शुरूआत में पहले तो आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि दी गई, उसके बाद किसानों नेताओं पर जो मुकदमे दायर किये गए हैं उन्हें वापस लेने की मांग उठी। फिलहाल इसी पर सभी किसान चर्चा कर रहे हैं।
किसान जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में पहुंच चुके हैं। इनकी किसान संसद की घोषणा के मद्देनजर संसद भवन के आसपास सुरक्षाबल मुस्तैद हैं।
प्रदर्शन करने पहुंचे किसानों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी है। वहीं, पुलिसकर्मियों ने जंतर-मंतर को दोनों तरफ से सील कर दिया है। प्रदर्शन स्थल के आसपास मीडियाकर्मियों को भी प्रवेश की अनुमति नहीं मिल रही है।
एक तरफ किसान जंतर मंतर पर प्रदर्शन के लिए कूच कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर गाजीपुर बॉर्डर पर फिलहाल केवल गिनती के किसान मौजूद हैं। वहां बिल्कुल शांति है। सुबह 9:30 बजे चौधरी राकेश टिकैत सिंघु बॉर्डर के लिए निकल गए थे। बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। रोजाना के मुकाबले तीन गुना फोर्स तैनात की गई है। जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है।
फरीदाबाद बदरपुर बॉर्डर पर किसानों के संसद कुच को लेकर बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिसकर्मी तैनात हैं। फरीदाबाद बदरपुर बॉर्डर पर दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहन चालक व कार में बैठे लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
मालूम हो कि किसानों ने अपनी मांगें मनवाने के लिए संसद का घेराव करने का एलान किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस के साथ हुई बैठक में उन्हें संसद तक जाने की अनुमति नहीं मिली थी। इसके बाद जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया था।
टिकैत ने आज सुबह किसान संसद के लिए रवाना होने से पहले कहा कि संसद के बाहर किसान तीन कानूनों को वापस लेने और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग की जाएगी। विपक्ष के बारे में उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा के दौरान विपक्षी सांसदों को बाहर नहीं आना चाहिए बल्कि अंदर सदन में बैठकर मजबूती से अपनी बात को कहना चाहिए।
किसान नेता राकेश टिकैत से जब यह पूछा गया कि गणतंत्र दिवस हिंसा जैसी परिस्थिति से निपटने के लिए उनकी क्या तैयारियां हैं, तो उन्होंने कहा कि संसद जंतर-मंतर से केवल 150 मीटर दूर है। हम वहीं किसान संसद का आयोजन करेंगे। हम गुंडे हैं क्या? हमें गुंडागर्दी से क्या मतलब?
बाहरी जिले के डीसीपी परविंदर सिंह ने बताया कि हमने टीकरी बॉर्डर पर सख्त इंतजाम किए हैं ताकि कोई भी अराजक तत्व प्रवेश न कर पाए। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे इंतजाम किए गए हैं क्योंकि किसानों को अबतक प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है।
सोनीपत से रवाना होने से पहले किसान नेता मंजीत सिंह राय ने बताया कि 200 किसान संसद के आगे कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के लिए जा रहे हैं। जंतर मंतर पर हमारी बसें रुकेंगी और वहां से हम पैदल जाएंगे। जहां पर भी हमें पुलिस रोकेगी वहीं हम अपनी संसद लगाएंगे। जिन किसानों के आईकार्ड बन गए हैं वे आगे जाएंगे।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए सोनीपत के कुंडली बॉर्डर से 200 किसानों का एक समूह दिल्ली की ओर रवाना हो चुका है। ये किसान दिल्ली पहुंचकर तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
प्रदर्शन के लिए प्रतिदिन सिंघु बॉर्डर से 200 किसान जंतर-मंतर जाएंगे। उनके पास पहचान पत्र भी होगा। इसके मद्देनजर आज सुबह से ही जंतर-मंतर पर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है। भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।