नोएडा प्राधिकरण की सीओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि मलबे की चपेट में आने से पास की एटीएस सोसायटी की 10 मीटर की चारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई है। अन्य कहीं से नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
एटीएस सोसायटी में एसीपी अभिमन्यु निरीक्षण कर रहे हैं। अभी तक बाउंड्री क्षतिग्रस्त होने की खबर है।
नोएडा पुलिस आयुक्त ने कहा कि पूरे प्लान के साथ काम किया गया और टावर को गिराया गया। सुरक्षा के पूरे इंतज़ाम थे जिस कारण से सब कुछ सही से हुआ। हम अवशेष और बचे हुए विस्फोटकों का आकलन करने के लिए साइट पर जा रहे हैं यदि वे वहां छोड़े गए हैं।
नोएडा के सुपरटेक ट्विन टावरों को गिराने के बाद आस पास जमे धूल को स्थिर करने के लिए पानी को स्प्रे करने के लिए एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जा रहा है। ट्विन टावर्स के ध्वस्त होने के बाद आसपास धूल का गुबार फैला।
नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने कहा कि आस-पास की हाउसिंग सोसाइटियों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। अभी कुछ मलबा सड़क की तरफ आया है। हमें एक घंटे में स्थिति का बेहतर अंदाजा हो जाएगा।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा हाईवे 2:42 पर आम लोगों के लिए खोल दिया गया। पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
नोएडा का ट्विन टावर आठ सेकंड में जमींदोज हो गया, कई मीटर तक धूल का गुबार फैला हुआ है। एक्सप्रेस वे तक धुएं का गुबार पहुंच गया है।
नोएडा सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट के ट्विन टावर धमाके के बाद जमींदोज हो हुए।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर ट्रैफिक पूरी तरह से रुक गया है। स्थानीय लोग ट्विन टावर देखने एक्सप्रेस वे पर पहुंच गए हैं।
अब से कुछ ही देर में भ्रष्टाचार के ट्विन टावर धड़ाम होंगे। नोएडा-ग्रेटर नोएडा हाईवे को बंद कर दिया गया है। वहीं, आसपास के इलाकों में लोग छतों पर चढ़ गए हैं।
पुलिस ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा हाईवे को बंद कर दिया गया है। वहीं, पुलिस द्वारा हटाने के बाद भी स्थानीय ग्रामीण फ्लाईओवर पर चढ़े हैं।
ट्वीन टावर में गिराए जाने की वजह से नोएडा से ग्रेनो स्थित परी चौक जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है।
थोड़ी देर में भ्रष्टाचार के ट्विन टावर धड़ाम हो जाएंगे। काउंटडाउन शुरू हो गया है। कुछ देर में सायरन बजाया जाएगा। वहीं, पुलिस ने ड्रोन उड़ाकर हकीकत जांची है। फरीदाबाद पुल पर गांव वालों की भीड़ उमड़ी है। एक्सप्रेस वे पर खड़ी भीड़ को ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने हटा दिया है।
पानी का छिड़काव करने के लिए नोएडा प्राधिकरण की टीम तैयार है। ध्वस्तीकरण के बाद धूल के प्रभाव से बचने के लिए ध्वस्तीकरण स्थल के पास स्थित पार्श्वनाथ प्रेस्टीज एवं पार्श्वनाथ सृष्टि सोसाइटी, गेझा, सेक्टर-92, 93, 93ए, 93बी आदि आवासीय क्षेत्रों में निवासियों, बच्चों, बुजुर्गों व सांस के रोगियों को एहतियात के तौर पर मास्क लगाने की अपील की गई है।
यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ट्विन टावर के आसपास छह से अधिक अस्थायी मशीनों को लगाया है। इनकी मदद से टीम 31 अगस्त तक वायु प्रदूषण पर निगरानी रखेगी। रोजाना दस बजे वायु प्रदूषण के आंकड़े जारी किए जाएंगे। साथ ही, अन्य मशीनों से भी वायु गुणवत्ता सूचकांक देखा जाएगा। अफसरों ने बताया कि करीब 15 मिनट में धूल हटने की संभावना है।
नोएडा में ट्विन टावरों के विध्वंस शुरू होने से पहले एनडीआरएफ की टीम अपने अंतिम चरण की तैयारी कर रही है। कैनाइन वॉरियर्स को भी लाया गया है।
नोएडा के सीपी आलोक कुमार ने कहा कि अभी तक सारी स्थिति सामान्य है। हम पूरी तरह से तैयार हैं और हम कॉउन डॉउन की तरफ बढ़ रहे हैं।
ट्विन टावर गिराए जाने से कुछ समय पहले सुपरटेक का बयान आया है। बयान में कहा गया है कि प्राधिकरण को पूरा भुगतान करने के बाद हमने टावर का निर्माण किया था। हालांकि, माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने तकनीकी आधार पर निर्माण को संतोषजनक नहीं पाया है और दोनों टावरों को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए। हम सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हैं और उसे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने एक विश्व प्रसिद्ध कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग को ध्वस्त का काम सौंपा है, जिनके पास ऊंची इमारतों को सुरक्षित रूप से गिराने में विशेषज्ञता है। हमने करीब 70000 से अधिक लोगों फ्लैट्स तैयार करके दे दिए हैं। बाकि लोगों को भी निर्धारित समय में दे दिए जाएंगे।
ट्विन टावरों के नीचे टायर लगाए गए हैं ताकि वाइब्रेशन को कम किया जा सके। वहीं, ऑपरेटर ने स्मॉग गन की तकनीकी जांच की। करीब 5 मिनट तक चलाकर की देखी भी। छिड़काव के लिए शोधित जल के टैंकर तैयार हैं।
ट्विन टावर्स के विध्वंस पर RWA अध्यक्ष और याचिकाकर्ता यू.बी.एस. तेवतिया ने कहा कि 10 साल की लड़ाई के बाद अगर जीत मिलती है तो उसका कितना आनंद आता है वो हर आदमी जानता है। हमने 2012 में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। विध्वंस के दीर्घकालिक लाभ तीन महीने में दिखाई देंगे।
नोएडा ट्विन टावरों को गिराने से पहले आसपास की सोसायटियों में रसोई गैस और बिजली की आपूर्ति काट दी गई है। सुरक्षित डिमोलिशन के लिए ट्विन टावर के नजदीक हवन पूजन किया गया।
सुपरटेक के निवासी लूडो खेलकर वक्त बिता रहे हैं। कोई आपस में बातें करके वक्त बिता रहा है तो कोई लैपटॉप लेकर ऑनलाइन ऑफिस के काम निपटा रहे हैं।
सुपरटेक ट्विन टावर्स विध्वंस से पहले अंतिम समय में कुत्तों को बचाने के लिए NGOs की एक संयुक्त टीम काम कर रही है। एनजीओ के सदस्य ने कहा कि हमने आज लगभग 30-35 कुत्तों को बचाया है, हम उनमें से प्रत्येक को बाहर निकालने पर काम कर रहे हैं।
ट्रैफिक डायवर्जन के लिए नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 99710 09001 जारी किया है।
आपको बता दें कि दोपहर 2:15 बजे से ब्लास्ट से पहले सायरन बजेगा। यह ब्लास्ट के बाद बंद होगा। ट्विन टावर के पास अब किसी को जाने की परमिशन नहीं है।
वहीं, फरीदाबाद फ्लाईओवर पर कमांड सेंटर सेटअप किया गया है। करीब 5 गुना प्रदूषण फैलने की संभावना है। यूपीपीसीबी के मुताबिक ट्विन टावर का एरिया अभी येलो जोन में है। AQI अभी 110 है।
वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा पर हमला बोलते हुए लिखा कि नोएडा का सुपरटेक ट्विन टावर समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार और अराजकता की नीति का जीवंत प्रमाण है। आज मुख्यमंत्री योगी के शासनकाल में सपा के कुकर्मों की प्रतीक यह अवैध इमारत जमींदोज हो रही है। यह है न्याय, यही सुशासन
नोएडा सेक्टर 93A में ट्विन टावरों के विध्वंस के क्षेत्र में तैनाती के लिए NDRF की टीम पहुंची। 560 पुलिस कर्मी, रिजर्व फोर्स के 100 लोग, 4 क्विक रिस्पांस टीम भी यहां तैनात हैं।
ट्विन टावर ध्वस्त होने के दौरान कोई हादसा न घटे, इसके लिए शहर के लोग सेक्टर 46 में हवन कर रहे हैं।
ट्विन टावर के आसपास में 40 टावरों समेत दो हाउसिंग सोसायटियों पूरी तरह से खाली हैं। एमरॉल्ड कोर्ट सोसाइटी पूरी तरीके से खाली हो गई है। हालांकि ये पांच लोग हैं, जो सबसे बाद में निकलेंगे।
नोएडा के सुपरटेक ट्विन टावरों के पास दो हाउसिंग सोसाइटी के निवासियों को निकाल दिया गया है। सिल्वर सिटी हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में एमराल्ड कोर्ट निवासी जीशान ने बताया कि धूल को घर में प्रवेश करने से रोकने के लिए मैंने दरवाजे और खिड़कियों को ढक दिया है।
ट्विन टावर के आसपास में 40 टावरों समेत दो हाउसिंग सोसायटियों को पूरी तरह से खाली करा दिया गया। मौके पर 560 पुलिस कर्मी, रिजर्व फोर्स के 100 लोग, 4 क्विक रिस्पांस टीम और एनडीआरएफ की टीम इलाके में तैनात है।
ब्लास्ट साइट के आस-पास के 500 मीटर इलाके को निषेध क्षेत्र घोषित किया गया है। यहां केवल छह लोग ब्लास्ट साइट से 100 मीटर की दूरी पर रहेंगे। इनमें तीन दक्षिण अफ्रीकी ब्रिंकमैन, मार्टिंस, केविन स्मिथ शामिल हैं। इनके अलावा साइट इंचार्ज मयूर मेहता, इंडियन ब्लास्टर चेतन दत्ता और एक पुलिस अधिकारी वहां होंगे।
आपको बता दें कि ट्विन टावर में विस्फोटक लगाने का काम सोमवार को पूरा हो गया था। दोनों टावरों में करीब 3700 किलो विस्फोटक लगाया गया है।
नोएडा के सुपरटेक ट्विन टावरों को गिराने के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। ट्रैफिक को लेकर पुलिस और ट्रैफिक पुलिस से बात करते एडिफिस कंपनी के अधिकारी।
नोएडा प्राधिकरण, एडिफिस इंजीनियरिंग, पुलिस और सीबीआरआई की ओर से ड्रोन का इस्तेमाल कर फोटो खींचे जाएंगे। ड्रोन से इमारत गिरने के अलावा मलबे की फोटो लिए जाएंगे।
एडिफिस के इंजीनियर बस में ट्विन टावर पहुंच गए हैं। वहीं, टावर देखने के लिए उत्साहित बच्चे सोसाइटी में चक्कर रहे हैं। हाईवे से गुजरने वाले वाहन के लोगों में भी ट्विन टावर को एक झलक देखने की लालसा दिखाई दी। बीच हाईवे पर रुक कर लोग टावर देख रहे हैं। कई बार जाम जैसी स्थिति बन जा रही है। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ा रही है।
नोएडा के ट्विन टावरों के ध्वस्तीकरण के बाद प्रदूषण स्तर की निगरानी के लिए विध्वंस स्थल पर स्पेशल डस्ट मशीन लगाई गई है।
यहां लगी हैं स्मॉग गन
पार्श्ववंत के सर्विस रोड के साथ और सामने 2 स्मॉग गन
जेपी फ्लाईओवर के पास 1
सिटी पार्क से Ats के पास 3
एल्डेको क्रॉसिंग के बगल में क्रॉसिंग पर एक
गेझा सामुदायिक केंद्र के सामने और सामने दो
एक एमराल्ड कोर्ट के सामने
एक ट्विन टावर के पास
सोसाइटी पूरी तरह खाली हो चुकी हैं। अब 2:30 बजे नोएडा के सुपरटेक ट्विन टावर जमींदोज होंगे। एक्सप्रेस-वे करीब 2:00 से 3:00 बजे तक बंद रहेगा।
ट्विन टावर एक्सप्रेस-वे की सर्विस लाइन बंद कर दी गई है। डायवर्जन लागू कर दिया गया है। भारी पुलिस बल की तैनात है। प्लान के मुताबिक सभी गतिविधियां शुरू हो गई हैं। जेपी अस्पताल के पास एक्सप्रेस-वे पर डायवर्जन के बैरिकेड लगा दिए गए हैं।
नोएडा के डीसीपी ट्रैफिक ने कहा कि ब्लास्ट के लिए इमरजेंसी रूट बनाया है ताकि इमरजेंसी होने पर ग्रीन कॉरिडोर से ले जाया जा सके। सब कुछ सेट है तो कोई दिक्कतें नहीं आएंगी। सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है। हमने पहले से ही डायवर्जन शेयर किया था इसलिए ट्रैफिक की भी कोई दिक्कत नहीं है।
सेंट्रल नोएडा के डीसीपी राजेश एस ने कहा कि लगभग 560 पुलिस कर्मी, रिजर्व फोर्स के 100 लोग, 4 क्विक रिस्पांस टीम और NDRF की टीम तैनात है। ट्रैफिक डायवर्जन प्वाइंट सक्रिय हैं। विस्फोट से ठीक पहले दोपहर करीब 2.15 बजे एक्सप्रेस-वे को बंद किया जाएगा। ब्लास्ट के आधे घंटे बाद और धूल जमने के बाद इसे खोल दिया जाएगा। इंस्टेंट कमांड सेंटर में 7 सीसीटीवी कैमरे हैं।
ब्लास्टर चेतन दत्ता का कहना है कि हम ट्विन टावर से लगभग 50-70 मीटर दूर होंगे। वहीं से बटन दबाया जाएगा। इसमें कोई खतरा नहीं होगा और पूरा यकीन है कि टावर सही तरीके से ढह जाएंगे। यह एक सरल प्रक्रिया है। हम डायनेमो से करंट उत्पन्न करते हैं और फिर बटन दबाते हैं, जो 9 सेकंड के भीतर सभी शॉक ट्यूबों में डेटोनेटर को प्रज्वलित कर देगा और बिल्डिंग जमींदोज हो जाएगी। लगभग 100 मीटर ऊंची इमारत को गिराने में लगे भारतीय और विदेशी ब्लास्टर की एक टीम को छोड़कर टावर के चारों ओर 500 मीटर के दायरे में किसी के भी आने की अनुमति नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने दमकल विभाग से कहा कि दमकल गाड़ियों की संख्या में इजाफा करें। कंपनियों की गाड़ियों की भी सहायता ली जाए। इन गाड़ियों को एक्सप्रेसवे पर लगाया जाएगा। अन्य जनपदों की गाड़ियों को भी अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ी तो गाड़ियों को बुलाया जा सके। बैठक में यूपीपीसीबी के अफसरों ने बताया कि करीब 10 एंटी स्मॉग गन को लगाया गया है। इससे धूल को खत्म करने का प्रयास किया जाएगा। स्मॉग गन की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए। सभी बिल्डरों की स्मॉग गन ट्विन टावर के पास लगाने को कहा गया है।
इसमें आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने ध्वस्तीकरण के बाद धूल के गुबार की रणनीति की जानकारी ली। दमकल विभाग की आठ गाड़ियां मौके पर तैनात रहेंगी। ध्वस्तीकरण के बाद इन गाड़ियों से पानी का छिड़काव किया जाएगा। साथ ही, अगर आग की घटना होती है तो फिर उस पर काबू पाया जाएगा।
ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण के बाद धूल के गुबार से निपटना बड़ी चुनौती होगी। इसमें स्मॉग गन, स्प्रिंक्लर और दमकल की गाड़ियों के साथ हवा की भूमिका भी अहम होगी। अगर उस समय हवा चली तो धूल का गुबार जल्द खत्म हो जाएगा। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने शनिवार को ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण को लेकर विभिन्न विभागों के साथ ऑनलाइन बैठक की।
आसपास के दुकानदारों को कहा गया है कि वह शाम तक जगह खाली कर दें। सुबह सात बजे उनके लिए आखिरी मौका होगा। उस दौरान गेझा बाजार पूरी तरह से बंद हो जाएगा। चाहे वेंडर जोन हो या फिर बाजार, सब पूरी तरह से बंद रहेगा। शाम में क्लीयरेंस मिलने के बाद ही बाजार खुल पाएंगे।
इसके बाद यूपी सरकार ने एसआईटी का गठन कर 24 तत्कालीन अधिकारियों, बिल्डर प्रबंधन के चार सदस्यों व दो वास्तुविदों के खिलाफ जांच के आदेश दिए। इनके खिलाफ प्राधिकरण ने एफआईआर दर्ज करवाई थी। इससे पहले 2014 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी ट्विन टॉवर को गिराने का आदेश दिया था, लेकिन बाद में बिल्डर सुप्रीम कोर्ट चला गया और मामला लटक गया।
ट्विन टॉवरों के निर्माण में अपार्टमेंट कानून के जमकर उल्लंघन के आरोप साबित होने पर 31 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने टॉवरों को 30 नवंबर, 2021 तक गिराने और खरीदारों को 12 प्रतिशत ब्याज के साथ पैसे लौटाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने प्राधिकरण के अधिकारियों और बिल्डरों के बीच संाठगांठ की बात करते हुए जांच कराने को भी कहा था।
देश में बहुमंजिला इमारतें पहले भी गिराई गईं हैं। केरल के कोच्चि के मरादू में नियमों का उल्लंघन कर समुद्र किनारे बनाई गई 19 और 32 मंजिली दो इमारतों को सुप्रीम कोर्ट के ही आदेश पर 11 जनवरी 2020 को नियंत्रित विस्फोट के जरिये ढहा दिया गया था।
ब्लास्ट साइट की पांच सड़कें सुबह सात बजे से पूरे दिन के लिए बंद रहेंगी जबकि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को दोपहर 2 से 3 बजे तक बंद किया जाएगा। इसके अलावा ट्विन टावर के आसपास के एरिया को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।
ब्लास्ट साइट के आस-पास के 500 मीटर इलाके को निषेध क्षेत्र घोषित किया गया है। यहां केवल छह लोग ब्लास्ट साइट से 100 मीटर की दूरी पर रहेंगे। इनमें तीन दक्षिण अफ्रीकी ब्रिंकमैन, मार्टिंस, केविन स्मिथ शामिल हैं। इनके अलावा साइट इंचार्ज मयूर मेहता, इंडियन ब्लास्टर चेतन दत्ता और एक पुलिस अधिकारी वहां होंगे।
एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज के 1396 फ्लैटों में रह रहे करीब 7000 लोगों में से 90 प्रतिशत ने शनिवार शाम घर खाली कर कहीं और चले गए। बाकी लोग रविवार सुबह सात बजे तक सोसाइटी खाली कर देंगे। ये सभी रविवार शाम पांच बजे क्लीयरेंस मिलने पर अपने घरों में लौट पाएंगे।
टीम के एक सदस्य ने बताया, इस बटन को मैनुअली चार्ज किया जाएगा। चार्ज होने पर मशीन का लाल बटन जल उठेगा। यह संकेत होगा कि सब कुछ तैयार है। फिर हरे रंग का बटन को दबाते ही चंद सेकंड में जुड़वां इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो जाएगी।
जांच का यह सिलसिला रविवार दोपहर 12 बजे तक चलेगा। इसके बाद दोनों टावरों को तारों से जोड़ने के बाद मुख्य तार को करीब 100 मीटर दूर ले जाया जाएगा। तारों को यहां फाइनल ट्रिगर बटन से जोड़ा जाएगा।
एडिफिस इंजीनियरिंग और जेट डिमोलिशन की टीम ने शनिवार को टावरों में लगे विस्फोटकों व तारों के एक-एक प्वाइंट को परखा, ताकि कहीं कोई चूक न हो जाए।
9 से 12 सेकंड में ट्विन टावर मलबे के ढेर में तब्दील हो जाएंगे। एहतियात के तौर पर आसपास की सड़कों को दिनभर बंद रखा जाएगा। पूरे इलाके को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट के ट्विन टावर रविवार दोपहर 2:30 बजे जमींदोज हो जाएंगे। मुंबई की कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग और दक्षिण अफ्रीकी सहयोगी जेट डिमोलिशन ने शनिवार तक टावरों के ध्वस्तीकरण की पूरी तैयारी कर ली। 32 मंजिला एपेक्स (100 मीटर) व 29 मंजिला सियान (97 मीटर) टावर में 3500 किलोग्राम विस्फोटक लगाकर तारों से जोड़ दिया गया है। मुख्य तार को फाइनल बटन से जोड़ने के बाद ब्लास्टर टीम ध्वस्तीकरण को अंजाम देगी।