लखीमपुर के पलिया में शहीद किसान लवप्रीत के घर पहुंचे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी। साथ में भूपेश बघेल और चरणजीत चन्नी मौजूद रहे। जब राहुल और प्रियंका वहां पहुंचे तो हजारों की संख्या में गांववाले मौजूद थे। परिवार के साथ दोनों ने आधा घंटा बिताया। परिवार से उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर तरह से किसानों के साथ है। न्याय की लड़ाई में हर तरीके से मदद का वादा करती है।
मृतक पत्रकार के परिवार से मिलकर जब राहुल और प्रियंका गांधी करीब आधे घंटे बाद उनके घर से बाहर निकले तो पत्रकारों की भीड़ होने की वजह से वह कुछ बात नहीं कर सके। एक पत्रकार ने जब प्रियंका से कहा कि आपने इतना संघर्ष किया तो प्रियंका बोलीं कि मेरे संघर्ष का कोई मतलब नहीं है, इन्हें न्याय मिलना चाहिए।
दो दिन से सीतापुर में नजरबंद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बुधवार को राहुल गांधी के साथ तिकुनिया बवाल में मारे गए मृतक लवप्रीत के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाते हुए न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। बुधवार देर शाम 9:30 बजे राहुल और प्रियंका मृतक लवप्रीत के घर पहुंचे और करीब आधे घंटे तक मुलाकात चली। मुलाकात के बाद बाहर निकली प्रियंका व राहुल गांधी ने मीडिया से कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है और चीफ जस्टिस एनवी रमण की बेंच 7 अक्तूबर को इस मामले की सुनवाई करेगी।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी लखीमपुर खीरी पहुंच गए हैं। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने भारी सुरक्षा बल तैनात किया है।
सिद्धू ने लखीमपुर खीरी कूच को लेकर पंजाब भवन में बैठक की। इस दौरान मंत्री परगट सिंह ने कहा कि हम 10 हजार वाहनों का काफिला लेकर लखीमपुर खीरी जाएंगे।
अखिलेश यादव ने कहा है कि वह कल यानी 7 अक्तूबर को लखीमपुर खीरी जाकर पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात करेंगे।
राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर सीतापुर पीएसी से लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हो गए हैं। इनके साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, दीपेंद्र हुडा आदि मौजूद हैं। यह लोग पीड़ित किसान परिवार के अलावा मृतक पत्रकार रमन कश्यप के परिवार से भी मिलेंगे।
महाराष्ट्र के महाविकास अघाड़ी गठबंधन (शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस) ने लखीमपुर हिंसा मामले के विरोध में 11 अक्तूबर को प्रदेश व्यापी बंद का आह्वान किया है। इसकी जानकारी महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने दी।
राहुल गांधी लगभग पांच बजे सीतापुर के उस गेस्ट हाउस में पहुंचे जहां प्रियंका को गिरफ्तार कर रखा गया था। तब से लेकर अब तक दोनों के बीच बैठक जारी है। कहा जा रहा है कि यह बैठक खत्म होते ही दोनों लखीमपुर के लिए रवाना होंगे।
राहुल गांधी सीतापुर पहुंच चुके हैं, वह यहां से प्रियंका गांधी के साथ लखीमपुर खीरी जाएंगे।
राहुल गांधी इस वक्त सीतापुर के रास्ते पर हैं जहां से वह प्रियंका के साथ लखीमपुर खीरी जाएंगे। इस बीच राहुल की एक तस्वीर सामने आई है जिसमें वह सीतापुर के लिए निकलने से पहले अपने साथियों संग भोजन करते नजर आ रहे हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी अब अपनी गाड़ी से जाएंगे। पहले प्रशासन उन्हें अपनी गाड़ी में ले जा रहा था। राहुल गांधी के साथ छत्तीगढ़ के सीएम भूपेश बघेल और पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी भी मौजूद हैं। राहुल गांधी सीतापुर के लिए रवाना हो गए हैं। राहुल गांधी पहले प्रियंका गांधी से मिलेंगे।
झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने रांची में कहा कि हमलोग आज लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा होते हुए उत्तर प्रदेश कूच कर रहे हैं। लखीमपुर खीरी जाएंगे, प्रियंका गांधी से मिलेंगे। कई विधायक शामिल होंगे, बन्ना गुप्ता, बादल पत्रलेख भी साथ चलेंगे। जिला अध्यक्षों को निर्देश जारी हो चुका है।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर की घटना पर पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि मैं आज राहुल गांधी के नेतृत्व में लखनऊ पहुंचा हूं। घटनास्थल पर जाना है। किसानों और पत्रकारों को मार गिराया गया है। मुझे दुख है कि किस तरह योजना बनाकर हमला हुआ। किसानों को मारा जाएगा तो हम चुप नहीं बैठ सकते। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की मौत हुई है पत्रकार समेत प्रत्येक के परिवार को पंजाब सरकार की तरफ से 50 लाख रुपये दिए जाएंगे।
लखनऊ में लखीमपुर खीरी घटना पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पीड़ित परिवारों के साथ पूरा हिंदुस्तान खड़ा हुआ है। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से प्रत्येक पीड़ित किसानों के परिवार को 50 लाख रुपये और पीड़ित पत्रकार के परिवार को भी 50 लाख रुपये दिए जाएंगे।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी लखनऊ एयरपोर्ट पर धरने पर बैठ गए हैं। लखनऊ में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हमें अपनी गाड़ी में लखीमपुर खीरी जाना है लेकिन ये (पुलिस) चाहते हैं कि हम इनके साथ इनकी गाड़ी में जाए। इसका मतलब है कि ये कुछ न कुछ बदमाशी कर रहे हैं इसलिए हम लोग यहां बैठे हुए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि मैं किसी से नहीं डरता हूं। राहुल गांधी अपनी गाड़ी से जाने की जिद पर अड़े हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने बुधवार को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले का हवाला देते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय को इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कदम उठाना चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया, ‘एक ऐसा समय था जब यूट्यूब, कोई सोशल मीडिया नहीं था, तब उच्चतम न्यायालय प्रिंट मीडिया की खबरों के आधार पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कदम उठाता था। उसने उन लोगों की आवाज सुनी, जिनकी कोई नहीं सुन रहा था।’ सिब्बल ने आग्रह किया कि आज हमारे नागरिकों पर गाड़ी चढ़ाई जाती है और उनकी हत्या कर दी जाती है। उच्चतम न्यायालय से आग्रह है कि वह इस पर कदम उठाए।
उत्तर प्रदेश एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने लखीमपुर खीरी की घटना पर कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट निर्देश था कि किसी भी कीमत पर दोषियों को बख्शा न जाए और पूरे पारदर्शी तरीक से कार्रवाई की जाए। अब लखीमपुर खीरी में 5-5 के ग्रुप में लोगों को जाने की अनुमति दे दी गई है। राज्य सरकार का उद्देश्य हर हाल में शांति व्यवस्था बनाए रखना है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी लखनऊ पहुंच गए हैं। उनके साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी हैं। राहुल गांधी लखीमपुर खीरी जाने से पहले सीतापुर जाएंगे। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और तीन अन्य लोगों को लखीमपुर खीरी जाने की अनुमति दे दी है।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि हम कोई क़ानून नहीं तोड़ रहे हैं। हम तो प्रियंका गांधी और लखीमपुर के किसानों से मिलने जाना चाहते हैं। उनसे मिलकर उनके आंसू पोंछना चाहते हैं। इसके लिए हमको बार-बार रोका गया है। मैं अधिकारियों से आग्रह कर रहा कि हमको जाने दें।
लखीमपुर बवाल के बाद बुधवार को सचिन पायलट और प्रमोद कृष्णन के लखीमपुर की ओर जाने की सूचना पर हापुड़ जिले के पुलिस को अलर्ट कर दिया गया। दोपहर के समय एडीजी राजीव सभरवाल पिलखुवा टोल प्लाजा पर पहुंच गए और व्यवस्थाओ को परखा। जैसे ही सचिन पायलट का काफिला छिजारसी टोल पहुंचा, पुलिस ने उसे रोक दिया। हालांकि सचिन पायलट को करीब 20 मिनट टोल प्लाजा पर रोकने के बाद आगे जाने दिया गया।
उत्तर प्रदेश सरकार ने विपक्षी दलों के नेताओं को लखीमपुर खीरी जाने की इजाजत दे दी है। अब विपक्षी दल पांच लोगों के साथ जा सकते हैं और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर सकते हैं।
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी लखीमपुर खीरी हिंसा में जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों से मिलने के लिए हवाई मार्ग से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के लिए रवाना हुए, इस दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि धारा 144 में 5 से अधिक लोग इकट्ठे नहीं हो सकते। उससे कम लोग जा सकते हैं। कल भी मुझे गलत तरीके से रोका गया था। हम लोग पीड़ित परिवार तक पहुंचने का प्रयास करेंगे। आखिर ऐसी क्या बात है जिसे राज्य सरकार छुपाना चाहती है? ऐसा क्या है जिससे किसी को बचाना चाहती है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को लखीमपुर जाने की इजाजत दे दी है। उनके साथ तीन अन्य लोग भी लखीमपुर खीरी जा सकते हैं। यूपी सरकार के गृह विभाग ने इसकी पुष्टि की है। राहुल गांधी पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे।
लखीमपुर कांड के बाद केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता अजय मिश्र बुधवार दोपहर दिल्ली स्थित गृहमंत्रालय पहुंचे। इससे पहले बुधवार की सुबह गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी से यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लखीमपुर खीरी कांड के बाद पार्टी नेतृत्व ने तलब किया है तो उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान ने मुझे तलब नहीं किया है। मुझे दिल्ली में निजी काम है। उन्होंने आगे कहा कि मेरा बेटा कार में नहीं था। कार पर हमला करने के बाद, चालक घायल हो गया, कार अपना संतुलन खो बैठी और वहां मौजूद कुछ लोगों के ऊपर दौड़ गई। मैंने उन लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है जिन्होंने अपनी जान गंवाई है। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि किसानों और विपक्ष की उनके इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा कि वे जब घटनास्थल पर थे ही नहीं तो वे इस्तीफा क्यों दें। वे इस्तीफा नहीं देंगे।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट एवं आचार्य प्रमोद कृष्णम सीतापुर जाने के लिए सड़क मार्ग से निकले, लेकिन गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने काफिले को रोक दिया है। काफिले के लोगों की पुलिस से बहस हो रही है। पुलिस हाईवे खाली करने को बोल रही। सचिन पायलट का काफिला सैंकड़ों लोगों के साथ दिल्ली से चला है।
लखीमपुर खीरी घटना पर लखनऊ के एडीजी एसएन सबत ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई चल रही है। हमारे पास बहुत सारी तस्वीरें हैं और हमने मीडिया में दिया हुआ है कि अगर किसी के पास वास्तविक तस्वीर है तो वो हमें उपलब्ध कराएं ताकि वो तस्वीरें हमें जांच में काम आए।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा को लखीमपुर बवाल में जांच के लिए बुलाया जाएगा या नहीं? एडीजी लखनऊ जोन ने इस सवाल पर कुछ भी जवाब देने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं मामले की जांच पर कोई भी जवाब नहीं दे सकता।
उत्तर प्रदेश के सीतापुर में गेस्ट हाउस के बाहर (जहां कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को हिरासत में रखा गया है) कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें लखीमपुर खीरी की घटना के बाद पीड़ित परिवारों से मिलने जाते समय हिरासत में लिया गया था। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव रोहित चौधरी ने कहा कि आज एक बजे राहुल गांधी लखनऊ आ रहे हैं। वे भी लखीमपुर में परिवारों से मिलने जाना चाहते हैं। प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया है कि जबतक मंत्री का इस्तीफा न हो जाए और उनके बेटे पर कार्रवाई न हो जाए ये संघर्ष जारी रहेगा।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इतनी भीड़ के सामने कोई इतने लोगों को कुचलते हुए निकल जाए और पूरा सिस्टम उस हत्यारे को बचाने में लग जाए..ऐसा तो फिल्मों में हम देखा करते थे। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि-किसानों ने क्या बिगाड़ा है। किसानों को क्यों मारा जा रहा है। हर देशवासी न्याय की मांग कर रहा है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लखीमपुर खीरी हिंसा पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हत्यारों को बचाया जा रहा है। अभी तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सरकार हत्यारों को बचाने की कोशिश कर रही है। किसानों को गाड़ी से कुचला गया। नेता-अमीर किसी को भी कुचल सकते हैं।
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि इतिहास गवाह है कि इस आज़ाद देश में अगर सरदारों पर नरसंहार हुआ है तो वह कांग्रेस के शासनकाल में हुआ है और इमरजेंसी लगाकर किया गया है। ये भूल जाते हैं जब इंदिरा गांधी की हत्या हुई थी तो नरसंहार सरदारों पर हुआ था, सिख समुदाय पर किया गया था।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने विपक्षी दलों द्वारा लखीमपुर खीरी जाने पर कहा कि आपको जाना है कुछ दिन बाद चले जाइएगा। आप दुखद परिवारों से मिलें इसमें कोई आपत्ती नहीं है लेकिन माहौल बिगाड़ने के लिए इजाज़त नहीं दी जाती और यह क़ानून के तहत कार्रवाई हो रही है।
यूपी सरकार में मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष लखीमपुर घटना पर सियासत कर रहा है। सिद्धार्थनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पयर्टन के लिए लखीमपुर जाना चाहते हैं। कानून व्यवस्था के चलते इजाजत नहीं। भाई-बहन मिलकर राजनीति कर रहे हैं। सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि किसी को भी माहौल नहीं बिगाड़ने दिया जाएगा। कानून आपना काम करेगा। दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। लखीमपुर खीरी का सच सामने लाकर रहेंगे। कांग्रेस के युवराज सिखों का नरसंहार भूल गए।
लखनऊ के पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी ने शासन से सीतापुर और लखीमपुर जाने की अनुमति मांगी थी। हमें अवगत कराया गया है कि शासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। शासन ने शायद दिल्ली हावई अड्डे के अधिकारियों से भी कहा है कि उन्हें आने न दें। सीतापुर के एसपी और डीएम ने हमें लिखित रूप से अवगत कराया है कि वहां प्रियंका गांधी हैं। राहुल गांधी, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, नेताओं के आने से कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती है। उन्होंने भी आग्रह किया है कि किसी भी परिस्थिति में राहुल गांधी को सीतापुर न आने दिया जाए।
राहुल गांधी ने कहा कि किसानों की जमीन छीनी गई। तीन नए कानून लाए गए जो कि किसानों के हक के खिलाफ है। इसलिए किसान धरने पर बैठे हैं।
राहुल गांधी ने कहा पीएम कल लखनऊ में थे, लेकिन लखीमपुर नहीं गए। राहुल गांधी ने कहा कि वह आज लखीमपुर जाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि हम किसी भी तरह से कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे क्योंकि हमलोग तीन आदमी ही जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने भी आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के साथ लखीमपुर जाने का ऐलान किया है, लेकिन उत्तर प्रदेश प्रशासन ने उनको इजाजत नहीं दी है। वहीं यूपी रवाना होने से पहले राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और उन्होंने योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ समय से हिंदुस्तान के किसानों पर सरकार का आक्रमण हो रहा है और जीप से किसानों को कुचला जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि अब तक मंत्री पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यूपी में किसानों को मारा जा रहा है और कोई सुध लेने वाला नहीं है।
लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में प्रदर्शन और हादसे में आठ लोगों की मौत के मामले में दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष विवेचना कराने के लिए पुलिस अधिकारियों ने सख्ती शुरू कर दी। इस मामले में मंगलवार को आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह ने खीरी के पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष विवेचक कमेटी का गठन किया है। जो मुकदमे के हर बिंदुओं की निष्पक्ष व गुणवत्ता पूर्ण विवेचना करेगी।
लखीमपुर में हुए रविवार को बवाल के बाद शांत होता माहौल फिर गरमाने लगा है। प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस आगबबूला है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अपने 2 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ लखनऊ आ रहे हैं। इसमें पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और काग्रेस के महासचिव वेणुगोपाल शामिल हैं। राहुल गांधी लखनऊ से सीतापुर और लखीमपुर जाना चाहते हैं। उनको रोकने के लिए शासन और प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। लखनऊ से लेकर सीतापुर लखीमपुर तक हाई अलर्ट है। लखनऊ में धारा 144 की अवधि 8 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। वही सीतापुर और लखीमपुर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है। आज दिनभर सियासी माहौल गर्म रहने वाला है।
बहराइच में किसान गुरविंदर सिंह का दोबारा पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया है। मटेरा क्षेत्र के मोहरनिया गांव में गुरविंदर सिंह का तीन दिन बाद अंतिम संस्कार किया गया है। किसान नेता राकेश टिकैत नानपारा क्षेत्र के बंजारन टांडा रवाना हो गए हैं। राकेश टिकैत मृतक परिवार से मिलेंगे।
बहराइच में बवाल की आशंका के बीच इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। भारत सरकार की ओर से भेजे गए मैसेज में लिखा था, ''सरकार के निर्देशानुसार, आपके क्षेत्र में इंटरनेट सेवा अगली सूचना आने तक बंद कर दी गई हैं।'' हालांकि कुछ देर बाद एयरटेल, बीएसएनएल और वोडाफोन की सेवाएं शुरू हो गई हैं। लेकिन जिओ अभी बंद है।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में रविवार को हुए बवाल के बाद घमासान मचा है। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। छह सदस्यों वाली टीम मामले की जांच करेगी। वहीं, बुधवार को बहराइच में बवाल की आशंका के बीच इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। इससे पहले भोर में किसान गुरविंदर का दोबारा पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इसके अलावा रॉबर्ट वाड्रा को लखनऊ जाने से रोका गया है।