लखीमपुर खीरी प्रकरण के विरोध में किसानों के रेल रोको आंदोलन का बरेली में असर देखने को नहीं मिला। पुलिस की सक्रियता से किसान रेल ट्रैक तक पहुंचने में कामयाब नहीं हो पाए। किसानों के आंदोलन के लेकर सभी रेलवे स्टेशन पर भी अलर्ट रहा। जीआरपी ने जंक्शन समेत सभी स्टेशन के प्रवेश द्वार पर बैरिकेड लगा कर निगरानी बढ़ा दी। रेल रोकने के लिए जंक्शन जा रहे किसान एकता संघ से जुड़े किसानों को बीच रास्ते से गिरफ्तार कर सुभाषनगर थाने लाया गया। गन्ना विभाग के कार्यालय पर जुटे किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार कर पुलिस लाइन पहुंचाया।
वाराणसी में किसान संगठनों के आंदोलन को देखते हुए फोर्स तैनात की गई। किसानों के विरोध को देखते हुए डाफी टोलप्लाज़ा, बीएचयू सिंहद्वार, रविदास गेट लंका, नरिया तिराहा सुंदरपुर और जवाहर नगर स्थित प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय के समीप फोर्स तैनात की गई। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए लंका थाने के कार्यवाहक थानेदार इंस्पेक्टर क्राइम महातम यादव फोर्स के साथ इलाके में घूमकर सुरक्षा व्यवस्था का जाजया लेते रहे।
किसान संगठनों के देशव्यापी आह्वान पर मऊ जंक्शन के बाहर संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को किसान संगठनों के नेताओं तथा वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया।साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।किसानों के आंदोलन के मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि काफी समय से देश का किसान तीनों कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग कर रहा है। लेकिन, सरकार है कि किसानों से वार्ता को ही तैयार नहीं है और न ही किसान विरोधी कानूनों को वापस ले रही है। सरकार द्वारा औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए लिए ही कृषि कानून बनाया है। लखीपुर खीरी में हुई घटना की जितनी निंदा की जाए कम ही है। किसान किसी से डरने वाले नहीं हैं। हम तब तक लड़ते रहेंगे जब तक केंद्रीय राज्य मंत्री (अजय मिश्र इस्तीफा नहीं देते। किसान हार मानने वाले नहीं हैं और जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती किसानों का आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
किसान संगठनों के रेल रोको आंदोलन पर रेलवे के दिल्ली के डीसीपी हरेंद्र सिंह ने कहा कि अभी तक हमें कहीं भी किसी भी ट्रैक पर बाधा होने और ट्रेन कैंसिल होने की जानकारी नहीं है। हम पड़ोसी राज्यों की जीआरपी और आरपीएफ के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, अगर वहां कोई दिक़्क़त आए तो हम दिल्ली में उसके लिए तैयार रहे।
पीलीभीत में किसान आंदोलन के चलते त्रिवेणी एक्सप्रेस 40 मिनट देरी से पीलीभीत जंक्शन पहुंची। वहीं बरेली से आई पैसेंजर अभी तक रवाना नहीं हो सकी। हालांकि पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी के चलते त्रिवेणी एक्सप्रेस रोकने का प्लान धरा रह गया।
दिल्ली के बिजवासन में 10 से 12 किसान रेल रोकने का प्रयास कर रहे थे। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने किसानों को हिरासत में ले लिया, किसानों को द्वारका सेक्टर 23 के थाने में लाया गया है।
उत्तर प्रदेश के ADG (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहीं भी रेल यातायात बाधित नहीं है, कुछ जगहों पर जब ट्रेन नहीं जा रही थी तो किसानों ने प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। एतियातन लगभग 160 कंपनी पीएससी और 9 कंपनी पैरामिलेट्री लगाई गई हैं। महत्वपूर्ण और संवेदनशील ज़िलों में बाहर से भी अधिकारी भेजे गए हैं जो लगातार किसान संगठनों और अन्य नेताओं से बात कर रहे हैं।
किसान आंदोलन के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे पर भिवानी-रेवाड़ी, सिरसा-रेवाड़ी, लोहारू-हिसार, सूरतगढ़-बठिंडा, सिरसा-बठिंडा हनुमानगढ़-बठिंडा, रोहतक-भिवानी, रेवाड़ी-सादुलपुर, हिसार-बठिंडा, हनुमानगढ़-सादुलपुर तथा श्रीगंगानगर- रेवाड़ी रेलखंडों के बीच रेल यातायात प्रभावित हुआ है।
उत्तर रेलवे के सीपीआरओ ने बताया कि पंजाब और हरियाणा में किसानों के आंदोलन के कारण लगभग 50 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं, जबकि 130 स्थानों पर असर है। आंदोलन के कारण पंजाब और हरियाणा में लगभग 130 स्थानों पर रेल सेवा प्रभावित हुई। फिरोजपुर से अंबाला खंड में लगभग 50 ट्रेनें प्रभावित हुईं। यूपी में मुरादाबाद से लखनऊ खंड पर रेल यातायात सामान्य है।
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के बिलासपुर में कृषि कानूनों और लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में गुस्साए किसानों ने बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर जम्मूतवी-काठगोदाम (गरीब रथ एक्सप्रेस) को निर्धारित समय से करीब आठ मिनट अधिक समय तक रोके रखा। ट्रेन का दो मिनट का स्टॉपेज है लेकिन, किसानों के प्रदर्शन के दौरान करीब दस मिनट तक ट्रेन रूकी रही। इसके बाद पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने समझा-बुझाकर किसानों को ट्रेन से उतार दिया और ट्रेन को रवाना किया। वहीं दूसरी ओर रामपुर रेलवे स्टेशन के यार्ड पर भी किसान एकत्र हुए हैं। हालांकि यहां अभी तक कोई ट्रेन नहीं रोकी गई है। मौके पर भारी पुलिस बल, आरपीएफ, जीआरपी के साथ पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौजूद हैं।
बुलंदशहर के खुर्जा जंक्शन पर किसानों ने गोमती एक्सप्रेस रोक ली। गोमती एक्सप्रेस पांच मिनट के बाद जंक्शन से रवाना हो गई। एसडीएम और एसएसपी के समझाने के बाद किसान ट्रैक से हटे। रेल रोको आंदोलन में किसान पांच मिनट ही ट्रैक पर बैठ सके। तय समय से केवल तीन मिनट ही ट्रेन रोकी गई। रेलवे अधिकारी को कहना है कि गोमती एक्सप्रेस खुर्जा जंक्शन पर 2 मिनट का स्टॉपेज लेती है। किसान आंदोलन से केवल 3 मिनट का समय प्रभावित रहा। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की मदद के द्वारा किसानों को ट्रैक से हटवाया गया और ट्रेन को रवाना किया गया।
मथुरा के राया में किसान यूनियन ने रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोक कर जमकर नारेबाजी की। सोमवार को मथुरा से कासगंज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन जैसी ही रेलवे स्टेशन पर रुकी। इसी दौरान किसान यूनियन टिकैत गुट और अबावता के कार्यकर्ता इंजन पर चढ़ गए। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से पहले से ही पुलिस बल रेलवे स्टेशन पर तैनात रहा।
बरेली से पीलीभीत आ रही पैसेंजर ट्रेन को किसान नेताओं ने रोकने का प्रयास किया। लेकिन किसान इस पर सफल नहीं हो पाए। अब किसान एक्सप्रेस ट्रेन रोकने के लिए प्लेटफार्म पर एकत्र हुए हैं। भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है।
लखीमपुर खीरी मामले में मंत्री की बर्खास्तगी की मांग को लेकर हापुड़ जिले के गढ़ रेलवे स्टेशन के पास पहुंचे जिले भर के किसानों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग लगा दी। किसानों और पुलिस के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई। किसानों ने बैरिकेडिंग हटाने का प्रयास किया। डीएम अनुज सिंह व अन्य अधिकारियों ने किसानों को समझाया। इस दौरान किसानों की ओर से जमकर नारेबाजी की गई। पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर काफी संख्या में किसान रेलवे ट्रेक पर पहुंच गए। किसान ट्रेक पर जमा थे और पुलिस उन्हें हटाने का प्रयास कर रही है।
मुरादाबाद में रेल रोको आंदोलन के तहत किसान मूंढापांडे और हकीमपुर रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर जुट गए हैं। किसान ट्रेन रोकने की जिद पर अड़े हैं। वहीं प्रशासन उन्हें समझाने की कोशिश में जुटा है। इसके चलते कुछ ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। मुरादाबाद रेल मंडल के हकीमपुर रेलवे स्टेशन से दो किलोमीटर दिल्ली की दिशा में फलेदा फाटक पर किसान जुट गए हैं। यहां किसान गेटमैन को फाटक बंद करने नहीं दे रहे हैं। सूचना के बाद जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुँच गई है। किसानों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
लखनऊ में किसान मोर्चा ने गल्ला मंडी गेट बंद कर दिया। अंदर किसान संगठन के प्रतिनिधि और प्रशासन के बीच वार्ता चल रही है। बाहर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और पीएसी तैनात है।
अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी की मांग को लेकर लखनऊ में रेल रोकने जा रहे संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रेल रोको कार्यक्रम के तहत आलम नगर रेलवे स्टेशन के बाहर ही संदीप पांडे, राजीव यादव, रविंद्र, रानी सिद्दिकी, रिज़वाना, जनक दुलारी, अजय, आदिल खान, वीरेंदर गुप्ता, अमित मौर्या, गौरव सिंह, बबलू गौतम, बांके लाल यादव को हिरासत में लेकर इको गार्डन ले जाया गया।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता रेल रोको आंदोलन के लिए बुलंदशहर जिले के खुर्जा जंक्शन पर एकत्रित होना शुरू हो गए हैं। कृषि कानून के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रेल रोको आंदोलन करेंगे।
अमरोहा जिले के मंडी धनौरा में कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के कार्यकर्ताओं ने धनौरा रेलवे स्टेशन पर गजरौला जाने वाली नजीबाबाद पैसेंजर ट्रेन को आधे घंटे तक रोककर विरोध जताया।
हरियाणा में किसानों का रेल रोको आंदोलन जारी है। संयुक्त किसान मोर्चा के रेल रोको आंदोलन के आह्वान पर सोनीपत में प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर बैठे हैं।
शामली रेलवे स्टेशन पर भारी फोर्स तैनात है। गिनती के किसान नेता स्टेशन पहुंचे हैं, जिन्हें पुलिस ने बाहर ही रोक दिया गया। रेलवे फाटक पर भी पुलिस तैनात है। बिजनौर में भी किसान नेताओं का रेल रोकने का कार्यक्रम है। लखनऊ से चलकर चंडीगढ़ जाने वाली ट्रेन नंबर 5011 को फिलहाल रेलवे कंट्रोल रूम ने बिजनौर स्टेशन पर रोक दिया है।
बागपत जनपद के अग्रवाल मंडी टटीरी कस्बे में बागपत रोड रेलवे स्टेशन पर शामली से दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन अपने निर्धारित समय से दिल्ली के लिए रवाना हुई। ट्रेन के समय रेलवे स्टेशन पर भारतीय किसान यूनियन का कोई कार्यकर्ता उपस्थित नहीं रहा। हालांकि यहां भारी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
मुजफ्फरनगर के खतौली स्टेशन पर भी किसान नेता व कार्यकर्ता पहुंचने शुरू हो गए हैं। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता प्लेटफार्म पर बैठे हैं। नारेबाजी कर रहे हैं। किसानों का लगातार स्टेशन पर आना जारी है। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर खतौली रेलवे स्टेशन पर भारी पुलिस बल मौजूद है।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मेरठ जनपद में तीन जगह कंकरखड़ा फ्लाईओवर, सकौती रेलवे स्टेशन और परतापुर स्टेशन पर रेल रोकने का कार्यक्रम है। सिटी स्टेशन पर सहारनपुर की ओर से आने वाली तीन प्रमुख ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। इसमें जालंधर से आने वाली सुपर एक्सप्रेस, मदुरई एक्सप्रेस, कोच्चिवली एक्सप्रेस शामिल हैं। सुपर एक्सप्रेस को मंसूरपुर के पास रोका गया है। वहीं, सुपर एक्सप्रेस के पीछे अन्य दो ट्रेनें हैं।
औरैया में किसानों के रेल रोको आंदोलन के चलते पुलिस सतर्क है। रेलवे स्टेशन फफूंद एवं आसपास पुलिस ने गश्त की है। सीओ सुरेंद्र नाथ के साथ पुलिस ने गश्त किया। साथ ही वाहनों की चेकिंग की जा रही है।
चित्रकूट में रेल रोको आंदोलन में शामिल होने के लिए रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे किसानों को पुलिस ने रोका दिया। इससे खफा किसान शहर के गल्ला मंडी परिसर में धरने पर बैठे हैं। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। वहीं, बांदा में किसानों से पहले पुलिस ने ट्रैक पर कब्जा कर लिया।
महोबा में किसानों के रेल रोको आंदोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। रेलवे स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह सहित अन्य आला अधिकारी और पीएसी पुलिस बल स्टेशन में मौजूद हैं। किसान लखीमपुर मामले में गृह राज्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
गोंडा जिले के मोतीगंज रेलवे स्टेशन बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। रेल रोको अभियान के तहत सुरक्षा की दृष्टि से गोंडा जिले के मोतीगंज थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक राकेश पाल की मौजूदगी में स्टेशन पर फोर्स तैनात है। किसान संयुक्त मोर्चा के आज रेल रोको आंदोलन का एलान किया है। इसके तहत आंदोलनकारियों को रोकने के लिए मसकनवा रेलवे स्टेशन पर चौकी प्रभारी विनय कुमार पांडेय सहित भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है।
बुलंदशहर के खुर्जा जंक्शन पर किसान आंदोलन की सूचना पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। सीओ सिटी समेत दो थानों की पुसिल फोर्स तैनात है। हालांकि सुबह से किसानों की ओर से कोई विरोध प्रदर्शन और रेल नहीं रोकी गई है। किसान नेता बब्बन चौधरी का कहना था कि वह सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक रेल रोको आंदोलन करेंगे। सुबह 10 बजे से लेकर अभी तक स्टेशन से पांच ट्रेनें गुजर चुकी हैं इसमें तीन एक्सप्रेस शामिल हैं। वहीं जंक्शन के पास धीरे-धीरे किसान इकट्ठा होने शुरू हो गए हैं। किसान आंदोलन के चलते रेलवे विभाग ने जंक्शन पर स्टॉप बंद कर दिया है।
गाजियाबाद जिले के मुरादनगर रेलवे स्टेशन पर रेल रोको आंदोलन को लेकर पुलिस फोर्स तैनात है। लेकिन अभी तक कोई भाकियू नेता नहीं पहुंचा है। मोदीनगर में भाकियू कार्यकर्ताओं ने मालगाड़ी रोक दी। लोनी रेलवे स्टेशन पर कोई भी किसान नहीं पहुंचा। पुलिस अलर्ट पर है।
यूपी सरकार द्वारा बुलाए गए विशेष सत्र पर कांग्रेस पार्टी ने लखनऊ में विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा सरकार सिर्फ़ 2 महीने के लिए बची है और इनको उपाध्यक्ष का चुनाव कराना है। सरकार लखीमपुर में किसानों की निर्मम हत्या से क्यों भाग रही है?
मैनपुरी में रेल रोको आंदोलन को लेकर प्रशासन अलर्ट है। सुबह से ही शहर सहित देहात के रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है। शहर स्थित रेलवे स्टेशन पर डीएम महेंद्र बहादुर सिंह और एसपी अशोक कुमार राय पहुंचे। किसान यूनियन के पदाधिकारियों से डीएम और एसपी ने ज्ञापन लिया।
बुलंदशहर के खुर्जा जंक्शन पर किसानों के रेल रोको आंदोलन के मद्देनजर आरपीएफ और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। आंदोलन 11 बजे से शुरू होना था, लेकिन बारिश के चलते किसान अभी जंक्शन पर नहीं पहुंचे हैं।
लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से बुलाए गए रेल रोको आंदोलन के मद्देनजर हापुड़ जिले में पुलिस और प्रशासन अलर्ट है। हापुड़ के कुचेसर रोड चौपला स्टेशन पर पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, गढ़मुक्तेश्वर में किसानों द्वारा ट्रेन रोकने की तैयारी को लेकर रेलवे स्टेशन पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इस दौरान डीएम एवं एसपी ने दिशा निर्देश दिए। सिंभावली रेलवे स्टेशन पर भी पुलिसकर्मी और तहसीलदार तैनात हैं।
नॉर्दन रेलवे का संयुक्त किसान मोर्चा के रेल रोको आंदोलन पर बयान आया है। उत्तर रेलवे सीपीआरओ ने बताया कि अबतक 30 जगहों पर इसका असर है। वहीं 8 ट्रेनों को रेगुलेट करना पड़ा है।
लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की ओर से आज रेल रोको आंदोलन की घोषणा के बाद रुड़की में पुलिस के साथ जीआरपी भी सतर्क है।
दोपहर 12:00 बजे तक किसान रेलवे स्टेशन पर पहुंचेंगे
हालांकि अभी तक प्रदर्शनकारी किसान यहां नहीं पहुंचे हैं। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष विजय शास्त्री ने बताया कि दोपहर 12:00 बजे तक किसान रेलवे स्टेशन पर पहुंचेंगे।
पुलिस के साथ ही जीआरपी भी अलर्ट
कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन और लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के विरोध में भाकियू (टिकैत) ने 18 अक्तूबर को ट्रेनें रोकने की घोषणा की थी। भाकियू पदाधिकारियों की ओर से रेल रोको आंदोलन को सफल बनाने के लिए किसानों से संपर्क किया जा रहा है। इसे लेकर पुलिस के साथ ही जीआरपी भी अलर्ट हो गई है।
पंजाब में किसानों का रेल रोको आंदोलन शुरू हो गया है। विभिन्न जगहों पर किसान रेलवे ट्रैक पर जुट हैं। इस दौरान वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। भारी संख्या में पुलिसबल भी तैनात है। अमृतसर रेलवे स्टेशन पर किसानों का जमावड़ा हो गया है। ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से ठप है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक दो ट्रेनों को देरी से चलाने की बात कही गई है। हालांकि रद्द नहीं किया गया है। अमृतसर-जयनगर और अमृतसर-श्री नांदेड़ साहिब ट्रेन देरी से चलेगी। देवी दासपुरा में भी किसान रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठ गए हैं।
पांच ट्रेनें रद्द
किसानों ने फिरोजपुर-लुधियाना और फिरोजपुर-फाजिल्का सेक्शन पर रेलवे ट्रैक पर धरना देना शुरू कर दिया है। इस सेक्शन पर चलने वाली पांच पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। किसान कृषि कानूनों को रद्द करने और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की बर्खास्तगी की मांग पर अड़े हैं।
किसान आंदोलन को देखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने कई ट्रेनों को निरस्त कर दिया है। लखनऊ जंक्शन मैलानी ट्रेन सोमवार को सीतापुर में ही टर्मिनेट कर दी जाएगी तथा मैलानी लखनऊ जंक्शन ट्रेन सीतापुर से ही चलाई जाएगी। सीतापुर मैलानी के बीच ट्रेन निरस्त रहेगी। ऐसे ही (05361-62) बहराइच मैलानी तथा (05357-58) बहराइच नानपारा ट्रेन को निरस्त कर दिया गया है। वहीं, आंदोलन को सफल बनाने के लिए किसान नेताओं ने पूरी ताकत लगा दी है। मोर्चे का फोकस इस बार पूर्वी यूपी पर ज्यादा है, क्योंकि यहां 27 सितंबर को भारत बंद का असर काफी कम देखा गया था।
लखीमपुर खीरी के तिकुनिया हिंसा के बाद किसानों ने पूरे प्रदेश में विरोध दर्ज कराया था। अब संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रेल रोको आंदोलन हो रहा है। मोर्च की रणनीति है कि इस आंदोलन का पूरे प्रदेश में असर दिखे। लखीमपुर कांड के बाद किसानों का आक्रोश इस बार प्रदेश में पूर्वी हिस्सों में भी दिखा है। मोर्चा चाहता है कि यह आक्रोश किसानों में बना रहे। इसके लिए कई बार बैठकें कर आंदोलन की तैयारियां की गईं हैं।
लखीमपुर खीरी कांड के विरोध में आगरा में किसान नेता चौधरी रामवीर सिंह, सौरभ चौधरी, सत्यवीर चौधरी और धर्मवीर चौधरी को नगला हवेली स्थित उनके आवास पर देर रात जीआरपी के जवानों ने नजरबंद कर लिया। उन्होंने सोमवार को राजामंडी स्टेशन पर रेल रोकने का एलान किया था। किसान नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार में आम लोगों की आवाज भी दबाई जा रही है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को हटाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर रेल रोकने के लिए जा रहे जय किसान आंदोलन के प्रदेश उपाध्यक्ष राजनीति यादव को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। वो घर से निकलने की तैयारी में थे। लेकिन थाना प्रभारी सरायमीर इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने उन्हें खानपुर स्थित आवास में ही नजरबंद कर दिया। राजनीति यादव ने कहा कि सरकार द्वारा तीनों कृषि कानून रद्द करने, एमएसपी पर गारंटी को लेकर किसानों का आंदोलन चल रहा है। लखीमपुर खीरी में गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के बेटे ने कार से रौंद कर किसानों की निर्मम हत्या कर दी। लेकिन गृह राज्यमंत्री पर 120बी का मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अभी तक गिरफ्तारी न होना, पद पर बने रहना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को पूरे प्रदेश में रेल रोको आंदोलन की अपील पर हम सभी किसान भाई आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर रेल रोकने जा रहे थे। लेकिन सुबह ही थाना सरायमीर इंस्पेक्टर द्वारा पुलिस फोर्स भेज पर मुझे घर पर ही नजरबंद कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह रवैया अंग्रेजों के क्रूर व दमन पूर्वक शासन की याद दिला रही है।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसान संगठनों के रेल रोको आंदोलन पर कहा कि ये अलग-अलग ज़िलों में अलग-अलग जगह होगा। पूरे देश में वहां के लोगों को पता रहता है कि हमें कहां ट्रेन रोकनी है। भारत सरकार ने अभी हमसे कोई बात नहीं की है:
किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए रेल रोको आंदोलन में हिस्सा लेने वालों लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी। लखनऊ पुलिस ने ज़िले में सीआरपीसी की धारा 144 लगाई गई है, अगर कोई सामान्य स्थिति को बाधित करने की कोशिश करता है तो उस पर एनएसए लगाया जाएगा।
लखीमपुर खीरी कांड के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा के बहादुरगढ़ में रेलवे ट्रैक जाम कर दिया गया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने घटना के विरोध में राष्ट्रव्यापी 'रेल रोको' का आह्वान किया है।
लखीमपुर खीरी कांड के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के 'रेल रोको' आह्वान के मद्देनजर हरियाणा के सोनीपत रेलवे स्टेशन पर रैपिड एक्शन फोर्स तैनात की गई है।
किसान संघ के 'रेल रोको आंदोलन' के आह्वान के बाद अमृतसर के देवी दासपुरा गांव में कृषि कानून के प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठ गए।
देशभर में किसानों का रेल रोको आंदोलन शुरू हो गया है। हरियाणा के बहादुरगढ़ में किसान रेलवे ट्रैक पर बैठे हैं। इसके अलावा अमृतसर में भी किसानों ने ट्रैक पर कब्जा कर लिया है।
लखीमपुर हत्या मामले में न्याय की मांग करते हुए एक बार फिर संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्रीय राज्यमंत्री को बर्खास्त कर, गिरफ्तार करने की मांग की है। मोर्चा की ओर से जारी बयान में बताया गया है किलखीमपुर खीरी में जान गंवाने वाले किसानों की अस्थियों के साथ उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दूसरे राज्यों में शहीद कलश यात्राएं निकाली जा रही है।
लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत के मामले में न्याय और केंद्रीय राज्यमंत्री को बर्खास्त करने सहित दूसरी मांगों के समर्थन में किसानों ने आज रेल रोको कार्यक्रम की घोषणा की है। लखीमपुर खीरी में अपनी जान गंवाने वाले किसानों की अस्थियों के साथ उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब सहित अन्य राज्यों में कलश यात्राएं निकाली जाएंगी। एसकेएम ने विरोध के तहत देश भर के टोल प्लाजा, कॉरपोरेट मॉल और पेट्रोल स्टेशनों पर और भाजपा नेताओं के आवास के बाहर पक्के मोर्चे बनाए गए हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा ने आज देशव्यापी रेल रोको कार्यक्रम का एलान किया है। सुबह 10 से शाम चार बजे के बीच छह घंटे के लिए रेल यातायात बाधित करने का फैसला लिया है। मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान रेल संपत्ति को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा और विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाए रखने की सभी संगठनों से अपील की है। उधर, भारतीय रेल के साथ ही पुलिस-प्रशान ने किसानों के आह्वान को देखते हुए तैयारी की है।