एमसीडी चुनाव के बाद पांच दिसंबर को दिल्ली नगर निगम के स्कूल बंद रहेंगे। हालांकि, उपलब्ध शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन मोड में क्लास संचालित की जा सकती हैं।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार ने भ्रष्टाचार का एक मानक स्थापित किया है। यह पहले के कांग्रेस शासन की तुलना में कई गुना अधिक है। यह अराजकता और मुफ्तखोरी की राजनीति पर फल-फूल रहा है। केंद्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी (आप) चार दिसंबर को होने वाले एमसीडी चुनावों में हार जाएगी, क्योंकि यह झुग्गीवासियों की आवासीय जरूरतों और मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करने में विफल रही है।
नगर निगम के वर्ष 1983 से 2007 के बीच हुए चुनाव में भाजपा का कांग्रेस के साथ मुकाबला हुआ, जबकि वर्ष 1977 में कांग्रेस व जनता पार्टी के बीच चुनावी भिड़ंत हुई थी। उस समय भाजपा नहीं बनी थी और जनसंघ का जनता पार्टी में विलय कर दिया गया था। वर्ष 1980 में जनता पार्टी से निकलकर जनसंघ के नेताओं ने भाजपा का गठन किया था। वहीं, वर्ष 1958 से 1972 तक कांग्रेस व जनसंघ (अब भाजपा) के बीच चुनावी दंगल हुआ था।
दिल्ली के स्पेशल सीपी (कानून-व्यवस्था) सागर प्रीत हुड्डा ने कहा कि चार तारीख को दिल्ली में एमसीडी चुनाव होगा, उसके लिए साउथ और वेस्ट क्षेत्र के 7 जिलों में पुलिस ने पूरी तैयारी की हुई है। सभी बूथ का विश्लेषण किया गया है, सभी परिसरों में पुलिस तैनात रहेगी। 7 जिलों में 30,000 पुलिस को तैनात किया गया है।
MCD चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि जो लोग अपने आप को ईमानदारी का प्रमाण पत्र देते हैं और दूसरों को बेईमान बताते हैं वो कितने बेईमान हैं ये जनता को पता होना चाहिए। ये तो चोरी और सिनाजोरी वाली बात है, चोरी करके जेल में बैठे हैं और आराम फरमा रहे हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोग 4 तारीख का इंतजार कर रहे हैं ताकि वो BJP को वोट दे सकें, क्योंकि BJP ने MCD में अच्छा काम किया है तो वहीं केजरीवाल जी ने भ्रष्टाचार बढ़ाने का काम किया है, उनके मंत्री जेलों में बंद हैं,वहीं केजरीवाल जी भी चिंतित हैं कि कहीं इसमें उनका भी नाम न आ जाए।
इस चुनाव में जनता पार्टी (अब भाजपा) जीतने में कामयाब हुई, जबकि वर्ष 1983 में कांग्रेस ने भाजपा को हरा दिया। वर्ष 1990 में निगम के भंग कर देने के बाद वर्ष 1997 में हुए चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की, लेकिन वर्ष 2002 के चुनाव में उसे कांग्रेस ने करारी मात दी। भाजपा ने वर्ष 2007 में एक बार फिर वापसी की और उसने निगम का विभाजन होने के बाद अस्तित्व में आई तीनों नगर निगम में भी वर्ष 2012 व 2017 में भी जीत का सिलसिला जारी रखा।
एकीकृत नगर निगम के पहली बार चुनाव वर्ष 1958 में हुए थे। इस चुनाव में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला था। जनसंघ, कांग्रेस व अन्य दलों के पार्षद समझौता करके अलग-अलग वर्ष के दौरान निगम के महत्वपूर्ण पदों पर चुने गए थे। वर्ष 1962 के चुनाव में कांग्रेस ने बाजी मारते हुए बहुमत प्राप्त किया। वर्ष 1967 व 1972 में जनसंघ (अब भाजपा) ने जीत हासिल की। इसके अलावा वर्ष 1977 में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में अधिक सफलता नहीं प्राप्त करने वाली भाजपा का नगर निगम चुनाव में खूब दबदबा रहा है। इस चुनाव से पहलेे नगर निगम के हुए 11 चुनावों में सात बार भाजपा (जनसंघ व जनता पार्टी) ने जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस तीन बार जीतने में सफल रही। वहीं, नगर निगम के पहले चुनाव में वर्ष 1958 के दौरान किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला था। आम आदमी पार्टी दूसरी बार चुनाव लड़ रही है। वर्ष 2017 में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस बार भाजपा अपना दबदबा बना पाएगी या फिर आम आदमी पार्टी व कांग्रेस उसे रोक पाएंगी अब इसका खुलासा सात दिसंबर को होगा।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने चुनाव प्रचार के आखिरी दिन मंडावली क्षेत्र में रोड शो किया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता पुष्कर सिंह धामी ने एमसीडी चुनाव में प्रचार के आखिरी दिन शाहदरा में रोड शो किया।
आम आदमी पार्टी व कांग्रेस के कई नेताओं ने बृहस्पतिवार को भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष विजय गोयल ने उनका स्वागत किया। गांधीनगर विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी से कार्यकारिणी सदस्य तापसी प्रधान, सिम्मी वालिया, तिमारपुर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव प्रभारी अजय मौर्या, प्रधान विनोद अरोड़ा, ज्ञान बंसल राजू, तायल उदित अरोड़ा, अमर चौहान आदि सहित कांग्रेस के अजय गुप्ता और 100 से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार की सुबह ट्वीट कर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने लिखा कि इन लोगों ने दिल्ली वालों की योग क्लासेज बंद करवा दीं, योग शिक्षकों की पेमेंट रुकवा दी। मैंने कसम खाई- मेरे दिल्ली के लोगों का योग बंद नहीं होने दूंगा। लोगों ने दिल खोल कर साथ दिया। आज योग शिक्षकों की पिछले महीने की सैलरी देंगे। जब तक आपका भाई जिंदा है, योग क्लास जारी रहेंगी।
एमसीडी चुनाव के इतिहास में यह तीसरा अवसर है जब मतदान के दिन से पहले उम्मीदवार प्रचार नहीं कर सकेंगे। वर्ष 1997, 2002 व 2007 के चुनाव में उम्मीदवार मतदान के पूर्व वाले दिन की शाम तक आम दिनों की भांति प्रचार कर सके थे, लेकिन पिछले चुनाव की तरह इस बार भी दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान कराने का हवाला देते हुए लोकसभा व विधानसभा चुनाव की भांति एक दिन पहले ही चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी है।
चुनाव प्रचार का शोर शुक्रवार शाम बंद हो जाएगा, लेकिन उम्मीदवार बिना किसी तामझाम के मतदाताओं से संपर्क साध सकते हैं। इस तरह उम्मीदवारों के पास मतदाताओं को लुभाने के लिए कम समय बचा है। चार दिसंबर को मतदान होगा। उम्मीदवार शुक्रवार की शाम तक जनसभाएं कर सकेंगे। इसके बाद वे चुनाव चिह्न का झंडा गाड़ी पर लगाकर नहीं घूम सकेंगे।