बहादुरगढ़ बाईपास पर डटे किसान वापिस घर रवाना हो गए हैं। पुलिस के साथ बातचीत के बाद किसान संगठन ने वापस जाने का फैसला लिया। ये किसान सुबह 6 बजे से बहादुरगढ़ बाईपास पर डटे थे। दिल्ली द्वारका यूईआर 2 के इंट्री पॉइंट पर किसानों को रोका था। काफी देर तक किसानों को न आगे जाने दिया और ना ही पीछे जाने दिया। बातचीत के बाद पुलिस और किसानों में सहमति हुई। किसान वापिस अपने घर फिरोजपुर, मोगा और लुधियाना की तरफ वापिस जाएंगे। वहीं, किसान नेता सुखजिंदर ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील नहीं होने देंगे। आंदोलन स्थगित हुआ है खत्म नहीं। किसान संगठनों के साथ बैठक में अगली रणनीति का फैसला किया जाएगा। देश बचाओ मोर्चा के बैनर तले देशभर के किसानों संगठनों की दिल्ली के किसान घाट पर महापंचायत होनी थी।बहादुरगढ़ से रोहतक होते हुए वापिस पंजाब अपने घर किसानों ने जाना शुरू किया।
किसानों के दिल्ली कूच को लेकर दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है। दिल्ली की सीमाओं पर पुलिस की तरफ से की गई विशेष तैयारी की गई है। दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस सघन तलाशी अभियान चला रही है। बॉर्डर पर पुलिस बल के अलावा वाटर कैनन और वज्र वाहन को तैनात किया गया है। पुलिस वाहनों की तलाशी लेकर दिल्ली की ओर आ रहे किसानों को रोक रहे हैं। साथ ही तलाशी के बाद ही वाहनों को दिल्ली में घुसने की इजाजत दी जा रही है।
जम्मू कटरा हाईवे पर गांव बरटा के पास पुलिस प्रशासन की तरफ से ट्रक खड़े कर पंजाब से आ रहे किसानों को रोका गया है। सैकड़ों की संख्या में किसान सड़क पर ही धरना देकर बैठे हैं। किसान नारेबाजी भी कर रहे हैं।
किसान महापंचायत को देखते हुए राजघाट और किसान घाट पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त है। मौके पर पहुंचे किसानों को पुलिस ने हटाया।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध कर रहे किसान बड़ी संख्या में मंगलवार सुबह बिजनौर से यूपी गेट पहुंचे। यहां तैनात पुलिस फोर्स ने जब उन्हें रोका तो किसान हाइवे पर ही बैठ गए। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन किसानों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच खींचतान और धक्का मुक्की भी हुई। करीब पौने घंटे तक यह हंगामा चला। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग को और बढ़ा दिया। वाहनों की लंबी कतार लगने से जाम के हालात भी पैदा हो गए। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि बिजनौर से दिल्ली जा थे करीब 35-40 किसानों को रोका गया था। हंगामे के बाद सभी को थाने भेज दिया गया है।
मंगलवार को किसानों के दिल्ली पहुंचने को लेकर यूपी पुलिस अलर्ट मोड पर है। सोमवार देर रात से ही पुलिस ने यूपी गेट, सीमा बॉर्डर, दिल्ली-यूपी अप्सरा बॉर्डर, समेत कई स्थानों पर कड़ी चेकिंग शुरू कर दी थी। वहीं, मंगलवार सुबह तड़के से गाजियाबाद के इंदिरापुरम, खोड़ा, साहिबाबाद, शालीमार गार्डन, टीलामोड समेत कई थानों की पुलिस ने बॉर्डर सील कर दिए। इस दौरान कई इलाकों में भारी जाम की समस्या भी बनी हुई है। प्रभारी डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल ने बताया कि चेकिंग के बाद वाहनों को दिल्ली की तरफ भेजा जा रहा है।
रविवार को भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे स्थित मिल्क माजरा टोल प्लाजा पर गुरनाम सिंह चढ़ूनी और अन्य किसान नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में जाम लगाया था। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने महापंचायत को रोकने के उद्देश्य से किसान नेताओं को गिरफ्तार किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सभी किसान नेताओं को रिहा नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज का भी विरोध जताया। उनका कहना था कि युवा लंबे समय से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। किसान नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और सरकार को संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
देश भर के किसानों की तरफ से आज दिल्ली में महापंचायत की घोषणा की गई है। पंजाब से हजारों किसान दिल्ली की तरफ बढ़ रहे हैं लेकिन हरियाणा में शंभू बॉर्डर को सुबह साढ़े पांच बजे ही सील कर दिया गया है। रात से ही रोड बंद करने की तैयारी की जा रही थी हालांकि सहमति न बनने पर बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया। रास्ता बंद होने से आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की तरफ से किसान घाट में भारत अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में महापंचायत बुलाई गई है। किसानों को शंभू बॉर्डर पर रोकने के लिए हरियाणा पुलिस की ओर से पूरी तैयारी की गई है।
किसानों ने यमुनानगर, अंबाला, सोनीपत समेत कई राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिए हैं। उधर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के किसान दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। अमृतसर समेत अन्य शहरों के किसान सुबह शंभू बॉर्डर से दिल्ली कूच करेंगे, जिन्हें वहीं रोकने के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
किसान नेताओं का कहना है कि भारत-अमेरिका व्यापार संधि लागू होने से गेहूं, धान, डेयरी और सब्जी उत्पादक किसानों की आमदनी पर सीधा असर पड़ेगा। सस्ते आयात से मंडियों में दाम गिरेंगे और छोटे किसानों की जमीनें कॉरपोरेट के हाथों में जाएंगी। सरकार से मांग है कि समझौते को तुरंत रद्द किया जाए और एमएसपी को कानूनी गारंटी दी जाए। इन मांगों को लेकर किसान संघों का दावा है कि यह आर-पार की लड़ाई है, क्योंकि चढूनी की गिरफ्तारी किसानों का हौसला तोड़ने के लिए है।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन के बाद किसान संगठनों की आमद प्रशासन की परेशानियों को बढ़ा सकती है। यह बात और है कि युवा आंदोलन की पृष्ठभूमि में किसान संगठन इसे किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का नाम दे रहे थे, पर इसके प्रमुख घटक दल के नेता गुरनाम सिंह चढूनी की गिरफ्तारी और कॉकरोच पार्टी के आंदोलन का कितना प्रभाव होगा यह देखना होगा।
पंजाब के किसान भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के खिलाफ आज शंभू बॉर्डर से दिल्ली कूच कर रहे हैं। जिसे देखते हुए हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। शंभू बॉर्डर पर बैरिकेडिंग की गई है।
शंभू बॉर्डर (पंजाब-हरियाणा बॉर्डर) पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। भारत-अमेरिका डील के विरोध में किसानों के आज दिल्ली तक एक दिन के मार्च से पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है।