कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि मेरी सोनम वांगचुक से कई बार बात हुई। नतीजा यह निकला कि यह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ही रहना चाहिए। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से सार्वजनिक रूप से शांति बनाए रखने और सही तरीके से विरोध करने की अपील भी की है... देश में पहले हुए विरोध प्रदर्शनों में, सत्ताधारी सरकार द्वारा भेजे गए असामाजिक तत्व घुसपैठ करके पूरे विरोध को पटरी से उतार देते हैं, और आखिर में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने वालों को ही दोषी ठहराया जाता है; ऐसा नहीं होना चाहिए। जेपी नड्डा को शर्म आनी चाहिए। लोग यहां 30 दिनों से बैठे हैं... राजनीति तो वही कर रहे हैं... धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जरूरी है, इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता... इसके बिना विरोध जारी रहेगा। जब तक जरूरत होगी, तब तक यह चलता रहेगा।
#WATCH | Delhi: Saurav Das, Chief Spokesperson, Cockroach Janta Party, says, "I spoke with Sonam Wangchuk several times today. The conclusion was that this peaceful protest should remain peaceful. He has also publicly appealed to all protesters to maintain peace and conduct this… pic.twitter.com/v53fdujVRR
— ANI (@ANI) July 22, 2026
पुलिस के एडिशनल कमिश्नर (पंजाबी बाग) जय प्रकाश, जो ड्यूटी के दौरान माथे पर चोट लगने से घायल हो गए, कहते हैं कि मैं सुबह 7:00 बजे से जंतर-मंतर के पास विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर ड्यूटी पर था। प्रदर्शनकारी पूरे दिन नारे लगाते रहे और सड़क पर हंगामा करते रहे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट की ओर बढ़ने की कोशिश की। हमने पार्लियामेंट स्ट्रीट पर बैरिकेड लगाकर, इंसानी चेन बनाकर और उन्हें आगे न बढ़ने के लिए समझाकर रोकने की कोशिश की। हालांकि, उनमें से कुछ लोगों ने अचानक प्लास्टिक की पानी की बोतलें और पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। एक पत्थर मेरे माथे पर लगा। अभी मेरा इलाज डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों ने मुझे बताया है कि मुझे मामूली फ्रैक्चर हुआ है और आगे की मेडिकल जांच चल रही है।
#WATCH | Delhi | Additional Commissioner of Police (Punjabi Bagh) Jai Prakash, who sustained an injury to his forehead while performing duty, says, "I was on duty at the protest site near Jantar Mantar from 7:00 a.m. today. The protesters continued shouting slogans and creating a… pic.twitter.com/u0W6ACZ8mK
— ANI (@ANI) July 22, 2026
JMM सांसद महुआ माझी ने कहा कि सत्र शुरू होने से पहले 22 दिनों से यह विरोध-प्रदर्शन चल रहा था। उस समय दिल्ली सरकार कहां थी?... आज हम सोनम वांगचुक से मिलने गए थे। हमें उनसे मिलने क्यों नहीं दिया गया? हमें गेट पर ही रोक दिया गया। उनकी पत्नी ने हमें बताया कि उनके पास ऐसा कोई कोर्ट का आदेश नहीं है जो किसी को उनसे मिलने से रोकता हो।
#WATCH | Delhi: JMM MP Mahua Majhi says, "This protest was going on for 22 days before the session began. Where was the Delhi government at that time?... Today, we went to meet Sonam Wangchuk. Why weren't we allowed to meet him? We were stopped at the gate. His wife told us that… https://t.co/MTUsRpeUUX pic.twitter.com/v4xAn7ueRf
— ANI (@ANI) July 22, 2026
PM आवास के बाहर राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने कहा कि कल हमने जो देखा, उससे साफ है कि इस देश में लोकतंत्र की हत्या हुई है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मांग की है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, संसद में NEET परीक्षा पर चर्चा हो और गिरफ्तार किए गए छात्रों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएं। हाल ही में हुए पेपर लीक के लिए धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदार हैं। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा और जब तक वे इस्तीफा नहीं देते, हम पीछे नहीं हटेंगे...
#WATCH | Delhi: On Rahul Gandhi's protest outside the PM's residence, Congress spokesperson Shama Mohamed says, "... From what we witnessed yesterday, we know that democracy has been murdered in this country... Leader of the Opposition Rahul Gandhi has demanded that Dharmendra… pic.twitter.com/ceksYt5dPA
— ANI (@ANI) July 22, 2026
दिल्ली पुलिस के अनुसार रात करीब 8:30 बजे कनॉट प्लेस में टॉल्स्टॉय मार्ग के पास कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थर और बोतलें फेंकीं, जिससे कनॉट प्लेस के ACP विवेक भगत घायल हो गए। वरिष्ठ अधिकारी उन्हें RML अस्पताल ले गए। कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण रही, लेकिन अब शांति है।
#WATCH | Delhi | Heavy Security deployed at Jantar Mantar
— ANI (@ANI) July 22, 2026
At around 8:30 pm, near Tolstoy Marg in Connaught Place, some miscreants attacked the police with stones and bottles, injuring ACP Connaught Place Vivek Bhagat. Senior officers took him to RML Hospital. The situation was… pic.twitter.com/aTTKipyZt4
बुधवार शाम जंतर-मंतर के पास प्रदर्शनकारियों की पत्थरबाजी में दो सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। पीटीआई को पुलिस ने बताया कि विरोध-प्रदर्शन स्थल पर घुसे असामाजिक तत्व आयोजकों (सीजेपी) की बात नहीं सुन रहे थे और पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंक रहे थे। घायल कर्मियों को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। सभी पुलिस अधिकारियों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
जंतर-मंतर से कनॉट प्लेस की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक दिया है। वहीं झड़प में घायल एसीपी को आरएमएल अस्पताल में भर्ती किया गया है। एनडीएमसी मुख्यालय तक प्रदर्शनकारियों का हुजूम है।
टॉलस्टॉय मार्ग और जनपद क्रॉसिंग पर प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। उन्होंने कनॉट प्लेस सहायक पुलिस आयुक्त भारतीय पुलिस सेवा विवेक भगत के साथ जमकर मारपीट की। इस मारपीट में सहायक पुलिस आयुक्त भगत बुरी तरह घायल हो गए और उन्हें आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर काफी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इस मुद्दे पर विपक्ष पर हमला किया और कहा कि छात्रों को लेकर राजनीति करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारी है वहां भी पेपर लीक हुए। झारखंड, हिमाचल और बंगाल में भी पेपर लीक हुए। पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार चर्चा के लिए तैयार है। लेकिन राहुल गांधी का उद्देश्य छात्रों का हित नहीं है। छात्रों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। छात्रों की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं है बल्कि पूरे विपक्ष की है।
LIVE: Union Minister Shri @JPNadda addresses a press conference at BJP headqaurters in New Delhi. https://t.co/quDs4qtc9Y
— BJP (@BJP4India) July 22, 2026
मेदांता अस्पताल के बाहर ही पुलिस बल ने विपक्षी सांसदों को रोक लिया कि वे अंदर नहीं जा सकते। विपक्षी सांसदों ने कहा कि वे 51 सांसदों की साइन की हुई चिट्ठी लेकर आए हैं और सोनम वांगचुक से मिलकर अनशन तोड़ने की अपील करना चाहते हैं। अंदर नहीं जाने देने पर सांसद अस्पताल के बाहर ही जमीन पर बैठ गए। कुछ देर बाद डॉक्टरों का ग्रुप उनसे मिलने आया तो भी सांसद नहीं उठे। फिर सोनम वांगचुक की पत्नी आई तो सांसदों ने उन्हें चिट्ठी देकर कहा कि सोनम वांगचुक देश के लिए अहमियत रखते हैं और देश को उनकी जरूरत है, उन्हें अनशन तोड़ देना चाहिये। सोनम वांगचुक की पत्नी ने कहा कि मैं उनको ये चिट्ठी देकर आपका संदेश बता दूंगी। उन्होंने ये भी मांग रखी कि धरने पर बैठे युवाओं व लोगों पर अब किसी प्रकार का बल प्रयोग नहीं होना चाहिये।
दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच लुटियंस दिल्ली में अगले आदेश तक इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है।
गुरुग्राम में विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल मेदांता अस्पताल में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचा है, ताकि उनसे अपना अनिश्चितकालीन अनशन तोड़ने की अपील की जा सके।समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कहा कि हम कई सांसदों की ओर से एक अपील पत्र लेकर आए हैं, जिसमें कहा गया है कि देश के कल्याण के लिए आपकी सेहत ठीक रहना बहुत ज़रूरी है। उन्हें अपना अनशन तोड़ देना चाहिए।
#WATCH | Gurugram | A delegation of opposition MPs arrives to meet activist Sonam Wangchuk at Medanta Hospital to appeal to him to break his indefinite fast.
— ANI (@ANI) July 22, 2026
Samajwadi Party MP Rajeev Rai says, "...We have come with an appeal letter from fifty MPs stating that maintaining your… pic.twitter.com/rUefaDgTGb
विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल मेदांता अस्पताल में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मिलने के लिए रवाना हुआ है, ताकि उनसे अपना अनिश्चितकालीन अनशन तोड़ने की अपील की जा सके।
#WATCH | Delhi | A delegation of the opposition MPs leaves to meet activist Sonam Wangchuk at Medanta Hospital to appeal to him to break his indefinite fast.
— ANI (@ANI) July 22, 2026
(Video Source: Office of Samajwadi Party MP Rajeev Rai) pic.twitter.com/LXVjFszm3D
पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को पत्र लिखा है। इसमें सोनम वांगचुक ने कहा कि अगर सरकार यह स्पष्ट आश्वासन देती है कि आंदोलन में शामिल किसी भी युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तो वह अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर देंगे। अन्यथा उन्हें अपना अनशन जारी रखना पड़ेगा।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, टॉल्स्टॉय ट्रैफिक सिग्नल के पास पत्थरबाजी में एसीपी घायल हो गए।
दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी से बड़ी खबर सामने आई। बताया गया कि इंस्टाग्राम हैंडल बैन हो गया है। जिसके बाद अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया। लेकिन कुछ देर बाद ही इंस्टाग्राम हैंडल से बैन हट गया और अकाउंट रिस्टोर हो गया।
It has been restored now. https://t.co/1BIGqDMEFM
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 22, 2026
पीटीआई के मुताबिक पुलिस ने बुधवार को बताया कि सोमवार को हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद से दिल्ली पुलिस ने कथित फर्जी खबरों और गुमराह करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट के कम से कम 15 मामलों का खंडन किया है। साथ ही, पुलिस की फ़ैक्ट-चेक टीमें सैकड़ों वायरल वीडियो और पोस्ट का विश्लेषण कर रही हैं ताकि उनके सोर्स का पता लगाया जा सके और गलत जानकारी फैलाने वालों की पहचान की जा सके।
वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने कहा कि जब सरकार की बात आती है, तो कोई नियम लागू नहीं होते। तो क्या अपनी मांगें रखने आए छात्रों को पीटने के लिए कोई नियम थे? यह दोहरा रवैया नहीं चलेगा। कल लोकतंत्र के लिए एक काला दिन था। हमने देखा कि कैसे विपक्ष के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और अखिलेश यादव को घसीटा। जो लोग नियमों का पालन नहीं कर सकते, उन्हें इसके बारे में बात नहीं करनी चाहिए। उन्हें इस्तीफा देना ही होगा, आज नहीं तो कल। देश उनकी मर्जी से नहीं चल सकता।
समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान ने कहा कि समाजवादी पार्टी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है। पार्टी ने इस मामले पर संसद में चर्चा की भी मांग की है। जो लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें बचाने के बजाय उनके लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
मेदांता अस्पताल की और से सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर रिपोर्ट जारी की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सोनम वांगचुक को बीती शाम गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। डॉक्टरों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम उनका इलाज कर रही है। अभी उनकी हालत स्थिर है, वे होश में हैं और उनके वाइटल साइन (जैसे ब्लड प्रेशर, पल्स आदि) सामान्य दायरे में हैं। उन्हें दिया जा रहा सारा इलाज उनकी सहमति से ही किया जा रहा है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज और वीडियो संरक्षित रखने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि चार सप्ताह के अंदर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस अपना जवाब दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।
समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल आज शाम मेदांता अस्पताल में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मुलाकात करेगा और उनसे अपना अनिश्चितकालीन अनशन खत्म करने की अपील करेगा।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, 'सीजेपी और दूसरी पार्टियों ने जो आंदोलन शुरू किया था, उसे स्टूडेंट आंदोलन बताया गया था। इस आंदोलन को लेकर सरकार का रवैया सेंसिटिव रहा है। दिल्ली पुलिस ने उन्हें (अभिजीत दिपके) एयरपोर्ट पर ही परमिशन दे दी थी। वह परमिशन शाम 5 बजे तक वैलिड थी। लेकिन ये प्रोटेस्टर वहीं डटे रहे। उन्होंने 21 दिन तक जंतर-मंतर पर धरना दिया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए कोई एक्शन नहीं लिया। सरकार ने अपने लेवल पर कोई लापरवाही नहीं होने दी और जब तक प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण रहा, उसे चलने दिया। 20 जुलाई को उन्होंने कहा 'संसद चलो'। लोकतंत्र में इंस्टीट्यूशन की वैल्यू होती है। जब बिना किसी परमिशन के पार्लियामेंट को घेरा गया, तब भी दिल्ली पुलिस ने संयम दिखाया।'
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध स्थल पर पहुंचे।
#WATCH | Delhi: Maratha reservation activist Manoj Jarange Patil arrives at Cockroach Janta Party (CJP) protest site at Jantar Mantar. pic.twitter.com/FB5TgzFH9L
— ANI (@ANI) July 22, 2026
दिल्ली मेट्रो के जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक और केंद्रीय सचिवालय समेत 16 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। डीएमआरसी ने इसकी जानकारी दी है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से ये मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे।
1.लोक कल्याण मार्ग
2. राजीव चौक
3. पटेल चौक
4. रामकृष्ण आश्रम मार्ग
5. बाराखंभा रोड
6. सुप्रीम कोर्ट
7. सेवा तीर्थ
8. जनपथ
9. मंडी हाउस
10. केंद्रीय सचिवालय
11. आईटीओ
12. दिल्ली गेट
13. इंद्रप्रस्थ
14. खान मार्केट
15. जोर बाग
16. शिवाजी स्टेडियम
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, "हमें सोचना चाहिए कि सरकार अपने मंत्री को क्यों नहीं हटा पा रही है। सरकार पर किस तरह का दबाव है? क्या मंत्री के पास सरकार के सीक्रेट्स हैं जिसकी वजह से वह उन्हें नहीं हटा पा रही है? सरकार डरी हुई है।"
दिल्ली मेट्रो के जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। डीएमआरसी की तरफ से यह जानकारी दी गई है। डीएमआरसी ने बताया कि सुरक्षा कारणों के चलते मेट्रो स्टेशनों बंद किया गया है।
कांग्रेस के प्रदर्शन पर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, "सिर्फ अपनी 'नेतागिरी' चमकाने के लिए राहुल गांधी ने ऐसा किया। क्या कांग्रेस शासित राज्यों में पेपर लीक नहीं होते थे? क्या हमें आपको एक्सपोज करना चाहिए? लेकिन हमारी पॉलिटिक्स राहुल गांधी के लेवल की नहीं है। मामला स्टूडेंट्स के भविष्य से जुड़ा है। ये सब हमारे बच्चे हैं। एक्शन लेना चाहिए और सिस्टम को ठीक करना चाहिए। सरकार इस पर काम कर रही है, हम सब कर रहे हैं। राहुल गांधी, अगर आपके पास कुछ कंस्ट्रक्टिव ऑफर है, तो करें। लेकिन यह आपके पॉलिटिकल मतलब के बारे में है। आपको वोट नहीं मिलते और आप बार-बार हारते हैं। लेकिन देश पॉलिटिक्स से ऊपर है। आपका बर्ताव निंदनीय था।"
दिल्ली हाई कोर्ट आज एक पीआईएल पर सुनवाई करेगा, जिसमें एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल के दौरान स्टूडेंट्स और दूसरे प्रोटेस्टर्स पर कथित पुलिस एक्शन को चुनौती दी गई है। इस याचिका में 18 जुलाई के ऑपरेशन की इंडिपेंडेंट जांच, सबूतों को सुरक्षित रखने और शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट के संवैधानिक अधिकार की रक्षा के लिए गाइडलाइंस की मांग की गई है।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका कहते हैं, "यह भारत के आजादी के बाद के इतिहास का सबसे बड़ा आंदोलन है। हमने यह बात स्पष्ट रूप से कही है कि 20 तारीख को जो हुआ वह तो बस एक ट्रेलर था। अगर सरकार नहीं मानती, तो लाखों और लोग दिल्ली आएंगे क्योंकि इस बार हम चुप नहीं बैठेंगे। सरकार को वाकई में अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, वरना देश के युवा उन्हें बुरी तरह से सबक सिखाएंगे। एक ऐसी कहानी गढ़ने की कोशिश की जा रही है कि हम शांतिपूर्ण नहीं रहेंगे, लेकिन हम शांतिपूर्ण हैं। 20 तारीख का मार्च भी शांतिपूर्ण था, लेकिन अराजकता केवल उस समय फैली जब पुलिस ने बर्बरता दिखाई और छात्रों की पिटाई की। युवा 31 दिनों से यहां शांतिपूर्वक बैठे हैं क्योंकि हम गांधी और अंबेडकर के सिद्धांतों का पालन करते हैं।"
डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के एक सूत्र ने बताया कि करीब 110 छात्रों और 40 पुलिसकर्मियों को घायल अवस्था में उपचार के लिए लाया गया था। हालांकि यह औपचारिक आंकड़ा नहीं है। सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, न्यूरोसर्जरी और मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों की टीम ने घायलों का उपचार किया है। ज्यादातर चोट डंडे से लगने वाली थी। जिसमें सिर फटने, आंख के पास चोट लगने, डंडे की मार से कमर, पैर और हाथ पर चोट के निशान थे। कुछ को फ्रैक्चर भी हुआ था। कुछ मामलों में टांके लगाने की नौबत आई। गले पर भी चोट के निशान देखने को मिले थे।
जंतर-मंतर पर सोमवार को संसद मार्च में हुए घायल छात्रों और पुलिसकर्मियों का अलग-अलग अस्पताल में उपचार जारी है। इसमें किसी छात्र की हाथ-पैर की हड्डी टूट गई है तो किसी को सिर में चोट आई है। आंख में चोट लगने की घटना भी शामिल है। इसके अलावा पुलिसकर्मियों को भी सिर-हाथ में चोट लगी है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ ने मंगलवार रात को बराक हॉस्टल से लेकर गंगा ढाबा तक आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च जंतर-मंतर पर संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने, आंसू गैस के गोले छोड़ने और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल के विरोध में निकाला गया। छात्र संघ ने मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस कमिश्नर के इस्तीफे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया। छात्र संघ ने मार्च में हुई पुलिस बर्बरता के विरोध नारेबाजी की और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। जेएनयू छात्र संघ ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस की कार्रवाई के चलते एक हजार से ज्यादा छात्र अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती हुए।