अब तक कुल सात शवों की पहचान हो चुकी है, इनके नाम निम्नलिखित हैं..
1) तानिया भूषण पुत्री चंद्र भूषण
2) मोहिनी पाल पत्नी विजय पाल
3) यशोदा देवी पत्नी विश्वजीत
4) रंजू देवी पत्नी संतोष
5) विशाल पुत्र मिथलेश
6) दृष्टि पुत्र गणपत
7) कैलाश ज्ञानी पुत्र राम ज्ञानी
घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम पहुंच चुकी है और वह मौके से साक्ष्य जुटा रही है।
दिल्ली बाहरी जिला के डीसीपी समीर शर्मा ने बताया कि हमने उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। जिन्होंने भी कुछ गलत किया है या नियम फॉलो नहीं किए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम उचित कार्रवाई करेंगे और अगर कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। अब तक 27 शव बरामद हो चुके हैं और स्लॉट के हिसाब से उनके पहचान की व्यवस्था की गई है।
संजय गांधी अस्पताल से छुट्टी पाकर घर लौट रही पीड़िता ने बताया कि हम लोग एक मीटिंग में बैठे थे और मुझे नहीं पता कि आग कब लगी। हमारे निकलने के लिए कोई रास्ता नहीं था। सिर्फ एक ही रास्ता था और आग पहले ही फैल चुकी थी। हम तीसरी मंजिल पर थे। उस वक्त इमारत में 250-300 लोग थे।
बिमला नाम की एक घायल महिला जो संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती है, ने बताया कि हम सब एक मीटिंग में बैठे थे। तभी अचानक से लाइट चली गई और किसी ने कहा धुएं का गुबार उठ रहा है। तब वहां अफरा-तफरी मच गई, खिड़कियों के शीशे तोड़े जाने लगे और हमें नीचे उतरने के लिए लोग हमारी तरफ रस्सियां फेंकने लगे।
फायर अधिकारी ने बताया कि सुबह हमें कुछ और अवशेष मिले हैं और ऐसा लगता है कि दो-तीन शव होंगे। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 30 हो सकती है। इमारत में आग ने इसलिए तेजी पकड़ी क्योंकि यहां बहुत सारे प्लास्टिक के सामान थे। अधिकारी ने ये भी बताया कि जब आग लगी तो 50 लोगों की बैठक चल रही थी। चूंकि दरवाजा बंद था इसलिए वह अंदर ही फंस गए। राहत व बचाव कार्य खत्म हो चुका है और अब हम भी अपना काम खत्म कर लौटने की तैयारी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, यह भीषण आग थी जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। लोगों के शव इतनी बुरी तरह से जल गए हैं कि उन्हें पहचान पाना भी मुश्किल है। हमने गायब हुए और मृत लोगों की पहचान के लिए लोगों को तैनात किया है।
घटनास्थल का दौरा करने के बाद सीएम केजरीवाल ने पत्रकारों से बात करते हुए जानकारी दी कि इस मामले में दिल्ली सरकार ने मजीस्टीरियल जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख का मुआवजा दिया जाएगा और घायलों के लिए 50-50 हजार की व्यवस्था की गई है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।
अब तक मुंडका अग्निकांड मामले में कुल 29 लोगों के गायब होने की शिकायत पुलिस को मिल चुकी है, जिसमें 24 महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृहमंत्री अमित शाह, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी व तमाम नेताओं ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये के मुआवजे की घोषणा की है जो प्रधानमंत्री राहत कोष से दी जाएगी।
पुलिस ने मुंडका अग्निकांड मामले में कंपनी के दो मालिकों हरीश गोयल और वरुण गोयल को गिरफ्तार किया है।
एनडीआरएफ की टीम पूरी इमारत की जांच कर रही है ताकि रह गए शवों को निकाला जा सके। इस बीच इमारत की दूसरी मंजिल से शवों के अवशेष मिले हैं।
बाहरी जिला के डीसीपी समीर शर्मा ने बताया कि मुंडका में बचाव अभियान अब भी चल रहा है। अब तक 27 शव निकाले जा चुके हैं। एनडीआरएफ इस बात की जांच कर रही है कि कहीं और शव तो इमारत में नहीं हैं। 27 में से 25 शवों की पहचान अब तक नहीं हुई है, अज्ञात शवों की पहचान डीएनए सैंपल के माध्यम से की जाएगी। वहीं अब तक 27-28 लोगों के गायब होने की शिकायत मिल चुकी है।
मुंडका हादसे के पीड़ित एक शख्स विजय ने बताया कि, मेरी पत्नी गायब है। जिस बिल्डिंग में आग लगी थी वह वहां सेल्स मैनेजर थी। मैंने उससे आखिरी बार कल शाम 4.10 बजे बात की थी। मैंने उसे दोबारा फोन किया तो फोन बज रहा था लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाया। वहीं अंजू नाम की एक पीड़िता ने कहा, मेरी भतीजी गायब है, वह तीन साल से वहां काम कर रही थी।