प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "करीब 10 वर्षों तक AAP-दा सरकार ने यहां विकास का हर काम ठप रखा था। अब दिल्ली से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए हमारी सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। पेरिफेरल एक्सप्रेसवे बनने से अब लाखों गाड़ियों को शहर में आने की ज़रूरत नहीं पड़ती। हमारी सरकार यमुना जी की साफ-सफाई के लिए भी बड़े पैमाने पर काम कर रही है।'
पीएम मोदी ने कहा, 'आज हम सब दिल्ली में विकास को नई गति देने के लिए यहां इकट्ठे हुए हैं। आप लोगों ने एक साल पहले जिस नई उम्मीद और संकल्प के साथ दिल्ली में भाजपा की सरकार बनाई थी, उसका परिणाम आज यहां दिख रहा है। मेट्रो के विस्तार से लेकर हजारों सरकारी कर्मचारियों के आवासों तक, देश की राजधानी में सुविधाओं का लगातार मजबूत विस्तार हो रहा है, एक नई मजबूती दी जा रही है। दुनिया का कोई भी व्यक्ति जब भारत जैसे विशाल लोकतंत्र के बारे में सोचता है तो अक्सर उसके मन में दिल्ली की तस्वीर आती है। दिल्ली केवल भारत की राजधानी नहीं है, ये भारत की पहचान भी है, ये भारत की ऊर्जा का प्रतीक है। दिल्ली का विकास केवल एक शहर का विकास नहीं होता, यह पूरे देश की छवि से जुड़ा होता है।'
पीएम मोदी ने आगे कहा, 'आज जो मेट्रो का नया सेक्शन शुरू हुआ है, उससे राजधानी के लाखों लोगों को बहुत बड़ी सुविधा मिलने वाली है। खास तौर पर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लोगों के लिए अब रोज का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा। इन सबके साथ ही गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे एनसीआर के शहरों से दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में आना-जाना आसान हो जाएगा।'
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आज दिल्ली मेट्रो के दो कॉरिडोर चालू हो गए। इसमें से एक कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली को देश की पहली रिंग मेट्रो मिली। वहीं, तीन अन्य काॅरिडोर की नींव भी रखी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन प्रोजेक्टों का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली को 33,500 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। इसमें जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) पुनर्विकास योजना के अंतर्गत तैयार की गई परियोजनाएं भी शामिल हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'आज प्रधानमंत्री मोदी जिन 2 महत्वपूर्ण कॉरिडोर का उद्घाटन करने वाले हैं (मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर और दीपाली चौक-मजलिस पार्क) यह दिल्ली के लोगों के जीवन को आसान बनाएंगे। जिन 3 कॉरिडोर का यहां शिलान्यास होने वाला है, वे भी दिल्ली को गति देने वाले हैं।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इनमें लगभग 12.3 किमी का मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर और लगभग 9.9 किमी का दीपाली चौक-मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) कॉरिडोर शामिल हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह कॉरिडोर इंजीनियरिंग की दृष्टि से भी अहम है। दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर का एक हिस्सा लगभग 28.36 मीटर की ऊंचाई तक जाता है। यह दिल्ली मेट्रो के एलिवेटेड सेक्शनों में सबसे ऊंचे हिस्सों में से एक है। वहीं, मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर कॉरिडोर के निर्माण में यमुना नदी पर एक नए पुल का निर्माण करना पड़ा और डबल-डेकर वायडक्ट तैयार किया गया। यह दिल्ली मेट्रो का यमुना नदी पर पांचवां पुल है।
दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक का कॉरिडोर मैजेंटा लाइन का हिस्सा है। इसकी लंबाई 9.92 किलोमीटर है। इसमें 7 एलिवेटेड स्टेशन हैं। यह कॉरिडोर पहले से संचालित बोटेनिकल गार्डन-कृष्णा पार्क एक्सटेंशन मैजेंटा लाइन का विस्तार है। इसके जुड़ने से मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई लगभग 49 किलोमीटर हो जाएगी। इसके चालू होने से दीपाली चौक, मधुबन चौक, उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार, हैदरपुर गांव, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क पहुंचना आसान होगा।
मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर सेक्शन की लंबाई 12.3 किलोमीटर है। इसके 8 एलिवेटेड स्टेशन हैं। यह कॉरिडोर पहले से चालू मजलिस पार्क-शिव विहार पिंक लाइन का हिस्सा है। नया कॉरिडोर शुरू होने से दिल्ली को देश की पहली रिंग मेट्रो मिलेगी। पिंक लाइन का पूरा कॉरिडोर करीब 71.56 किलोमीटर होगी। इस पर मेट्रो चलने से मजलिस पार्क, बुराड़ी, झड़ौदा माजरा, जगतपुर-वजीराबाद, सूरघाट, नानकसर-सोनिया विहार, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार और मौजपुर-बाबरपुर जैसे इलाके सीधे मेट्रो से जुड़ जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) पुनर्विकास योजना के तहत ₹15,200 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ सरोजिनी नगर में जीपीआरए टाइप-5 क्वार्टर का दौरा किया और महिला आवंटियों को नए फ्लैटों की चाबियां सौंपी। उन्होंने कुछ महिला मजदूरों से भी बातचीत की।
ये परियोजनाएं सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में संचालित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य जीपीआरए कॉलोनियों का आधुनिकीकरण करना और सरकारी कर्मचारियों व प्रशासनिक कार्यालयों के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करना है।