मालवीय नगर में लगी भीषण आग के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपी लवकेश बजाज ने दिल्ली पुलिस से पूछताछ के दौरान बताया कि उसके पास परिसर का व्यक्तिगत रूप से प्रबंधन या देखरेख करने का समय नहीं था। सूत्रों के अनुसार, इस घटना में मारे गए 21 लोगों में 12 भारतीय नागरिक शामिल थे। सूत्रों ने यह भी बताया कि बजाज ने दावा किया कि उन्होंने प्रतिष्ठान के दैनिक कार्यों का जिम्मा 'किसी अन्य व्यक्ति' को सौंप दिया था, जो बिलिंग, लेखा-जोखा और समग्र प्रबंधन संभाल रहा था।
"Owner Lovkesh Bajaj claims no direct management, says operations were handled by 'other person' in Malviya Nagar fire": Sources
— ANI Digital (@ani_digital) June 3, 2026
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दिल्ली के मालवीय नगर में हुए अग्निकांड के बाद देर रात कांगो गणराज्य के दूतावास के अधिकारी घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे। होटल में भीषण आग लग गई, जिसमें 21 लोगों की जान चली गई।
#WATCH | Delhi's Malviya Nagar Fire | Visuals from the spot as officials from the Embassy of the Republic of Congo visit the incident site.
— ANI (@ANI) June 3, 2026
A massive fire broke out at the hotel, claiming the lives of 21 people. pic.twitter.com/3HAoJQDITq
मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र में हुई भीषण आग की घटना पर भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार, दिल्ली सरकार ने इन बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) प्रतिष्ठानों के लिए 2024 में ही लाइसेंस जारी कर दिए थे। ये लाइसेंस आम आदमी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में दिए गए थे और इनकी वैधता तीन साल थी। इस बी एंड बी में अधिकतम छह कमरे हो सकते थे। हालांकि, इसी बहाने उन्होंने अपने कमरों का विस्तार किया या रसोईघर बनवा लिए। परिणामस्वरूप, स्थापित नियमों के पालन में कहीं न कहीं चूक जरूर हुई है। मुख्यमंत्री ने इस मामले का संज्ञान लिया है और बी एंड बी योजना का दुरुपयोग करने वाले होटल मालिकों पर कड़ी कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है... इसके अलावा, यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और यह एक चेतावनी के रूप में काम करें, मुख्यमंत्री ने आज नियमों के किसी भी प्रकार के उल्लंघन को रोकने के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं। सरकार नियमों के किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगी; ऐसे सभी भवनों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
#WATCH | Delhi: On a major fire incident in his assembly constituency of Malviya Nagar, BJP MLA Satish Upadhyay says, "My understanding is that the Delhi government had already issued licenses for these Bed and Breakfast (B&B) establishments back in 2024. These licenses were… pic.twitter.com/z2n5P96YLT
— ANI (@ANI) June 3, 2026
Delhi CMO tweets, "The lapses that culminated in the tragic fire at a guest house in Malviya Nagar will be examined with utmost seriousness, and accountability will be fixed wherever it lies. A Magisterial Inquiry has been ordered, and an FIR has been registered against the owner… pic.twitter.com/NeuN6cCr6M
— ANI (@ANI) June 3, 2026
VIDEO | Delhi Malviya Nagar fire: A shop owner laid out around 20-22 mattresses from his shop so that people could safely jump on them to escape fire.
— Press Trust of India (@PTI_News) June 3, 2026
Shop owner Armaan says, "I have my shop here, I got information about the fire, there was a massive fire, nobody could get… pic.twitter.com/9mY8uaVhQx
इस घटना में कांगो के एक नागरिक के परिवार के सदस्यों की मृत्यु हो गई। नागरिक ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उसकी बहन भी इस हादसे में मारी गई है। उसने अपने प्रियजनों को खोने पर गहरा सदमा जताया।
#WATCH | Malviya Nagar fire | Delhi: A Congo national whose family members died in an incident, says, "...they say my sister is dead..." pic.twitter.com/maSjF5LmTA
— ANI (@ANI) June 3, 2026
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 'दिल्ली पुलिस के दस कर्मियों को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें पांच हेड कांस्टेबल और पांच कांस्टेबल शामिल हैं। वे ही सबसे पहले परिसर में दाखिल हुए थे। उनका फिलहाल इलाज चल रहा है।'
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा, 'बहुत दुखद है। दिल्ली में ये पहली घटना नहीं है। पिछले तीन महीने में हुई ये चौथी ऐसी घटना है जहां लोगों ने अपनी जान गंवा दी है लेकिन सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मैं दिल्ली के फायर डिपार्टमेंट और यहां के कॉर्पोरेशन को जिम्मेदार ठहराना चाहता हूं, इन्हीं के संरक्षण में कहीं न कहीं इस तरह की अवैध कार्रवाई होती है। लोग मर जाते हैं और यहां की सरकार के कान पर जूं नहीं रेंगती?
दिल्ली अग्निशमन सेवा के मुताबिक, जिस रेस्टोरेंट में आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई थी, उसकी पहचान 'होटल फ्लोरिश स्टेज' के रूप में हुई है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, होटल के मालिक की पहचान लोकेश बजाज के रूप में हुई है। सूत्रों के अनुसार, होटल के संचालन में तीन पार्टनर शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन पार्टनर के दिल्ली में कई अन्य होटल और गेस्ट हाउस भी हैं। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां होटल के मालिकाना हक, संचालन और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं।'
दिल्ली पुलिस ने मालवीय नगर स्थित रेस्तरां में आग लगने के मामले में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, मालवीय नगर रेस्टोरेंट में लगी आग की घटना से जुड़े दो मरीजों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किया गया है। इन मरीजों को क्रमशः मैक्स अस्पताल और पं. मदन मोहन मालवीय अस्पताल से रेफर किया गया है, और फिलहाल संबंधित डॉक्टर इनका इलाज कर रहे हैं।
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, 'दिल्ली में आगजनी की घटनाएं लगातार हो रही हैं। मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को समीक्षा करनी चाहिए, फायर ब्रिगेड को बहुत चुस्त-दुरुस्त करना चाहिए और ये देखना चाहिए कि कारण क्या है कि इतनी आगजनी हो रही है और लोग मर रहे हैं। ये बहुत भयावह स्थिति है। इसमें दिल्ली सरकार को कुछ न कुछ कदम जरूर उठाने चाहिए। हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठना चाहिए।'
सूत्रों के अनुसार, एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती लगभग 10 मरीज पुलिस वाले हैं।
आम नेता आतिशी ने कहा, 'मालवीय नगर में आग लगने से 20 लोगों की जान जाने की खबर बहुत दुखद है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले और घायल लोग जल्द स्वस्थ हों। मेरी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। लेकिन सवाल यह है कि दिल्ली में बार-बार हो रहे अग्निकांडों और मासूम लोगों की मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा? भाजपा सरकार के तहत आखिर फायर सेफ्टी व्यवस्था इतनी बदहाल क्यों हो गई है? हर हादसे के बाद सिर्फ बयान आते हैं, लेकिन जवाबदेही कहीं नजर नहीं आती। लोगों की जान की कीमत पर यह लापरवाही अब स्वीकार्य नहीं है।'
मालवीय नगर में आग लगने की जगह पर फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम पहुंची। इस अग्निकांड में 21 लोगों की जान चली गई।
दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने कहा, 'इनके पास रेस्टोरेंट-होटल चलाने की अनुमति थी या नहीं, सभी कागजों को इकट्ठा किया जा रहा है और जिनकी लापरवाही के कारण यह हुआ है, पुलिस जांच करके उसे तुरंत गिरफ्तार करेगी। सभी एजेंसी, नगर निगम, फायर, बिजली-पानी का विभाग आसपास के क्षेत्र में ऐसी जितनी भी इमारतें चल रही हैं, शाम तक उनकी जांच करके सभी इमारतों को सील किया जाएगा। एक भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।"
मालवीय नगर विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा, "सुबह 8.51 की यह घटना है। सूचना मिलते ही हमने पूरे सिस्टम को सक्रिय किया था। सभी लोग यहां समय पर आ गए थे। हमारे स्थानीय नागरिकों ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन में भूमिका निभाई। कुल 47 लोगों का आंकड़ा सामने आया है जो इस होटल में रह रहे थे। कुछ लोगों को हमने छत से भी नीचे उतारा और 21 लोगों की मौत हुई है। रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त हो गया है।'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मालवीय नगर अग्निकांड में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। इस हृदयविदारक त्रासदी में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर शोक संतप्त परिवारों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।'
दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने मालवीय नगर में आग लगने की घटना पर कहा, "लापरवाही के लिए जिम्मेदार इमारत के मालिक को गिरफ़्तार किया जाएगा।'
मालवीय नगर के एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया, 'हमारा खोज और बचाव अभियान 12:12 पर खत्म हो चुका है। कुल 47 लोगों को रेस्क्यू किया गया है और 21 लोगों की मौत हुई है। 2-3 लोगों की हालत गंभीर है। इमारत के नीचे कोई होटल स्थित है हालांकि अग्निशमन विभाग इस बात की पुष्टि नहीं कर पाया है कि आग लगने के क्या कारण है। आग ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुई थी।'
रेस्तरां ग्राउंड फ्लोर पर चलाया जा रहा था, जबकि बाकी इमारत का इस्तेमाल होटल के तौर पर किया जा रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, होटल में आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था। उन्होंने बताया कि फायर एनओसी भी जांच के दायरे में है।
आम आदमी पार्टी दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मालवीय नगर के एक रेस्टोरेंट में लगी आग की घटना पर कहा, 'फरवरी के अंदर पालन में आग लगी, नौ लोग जलकर मर गए। सरकार ने कहा जांच करवाएंगे लेकिन जांच की रिपोर्ट तीन महीने बाद भी नहीं आई। विवेक विहार में आग लगी, फायर ब्रिगेड में पानी नहीं था। अब 20 से 21 लोग यहां जलकर मरे हैं। सरकार को कहना चाहिए कि हमारी फायर ब्रिगेड लेट पहुंची, हमें इस बात का दुख है। लेकिन सरकार ने अपनी टूलकिट सक्रिय कर दी। जो लोग यहां पर मजबूरी वश बाहर से आए हैं, मजबूरी वश छोटे मकानों और होटलों में रहकर अपने परिवार के लोगों का इलाज करवा रहे हैं आप उल्टा उन्हीं पर दोष मढ़ रहे हैं? सरकार को अपनी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। सरकार जिम्मेदार अफसरों की जिम्मेदारी तय करे और ठोस कार्रवाई करे तो इस तरह से हादसे रुक सकते हैं।'
मालवीय नगर में आग लगने की घटना में 21 लोगों की मौत पर संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार ने कहा, "हम इमारत के मालिक के बारे में जांच कर रहे हैं।"
दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की है कि मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।