खेल परिसरों का भी निर्माण किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने साल 2023-24 के लिए शिक्षा के बजट के लिए 16575 करोड़ का प्रस्ताव रखा है। इस तरह दिल्ली सरकार ने इस बार कुल बजट का 21 प्रतिशत बजट शिक्षा के लिए प्रस्तावित किया है।
देश में पहली बार स्कूल और उद्योग मिलकर काम करेंगे। इन स्कूलों के बच्चों को अपना कौशल दिखाने के लिए अवसर मिलेंगे। 12 नए एप्लाइड लर्निंग स्कूल शुरू किए जाएंगे, 9वीं से मिलेगा दाखिला।
सभी टीचर, प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल व अन्य टीचिंग स्टाफ को नए टैबलेट उपलब्ध कराएंगे। आने वाले साल में 37 डॉ. आंबेडकर एक्सीलेंस स्कूल बनाएंगे। ये सभी दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल से एफिलिएटेड होंगे। इन स्कूलों के बच्चों को फ्रेंच, जर्मन जापानी भाषा भी पढ़ा रहे हैं।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों ने बोर्ड में 98 प्रतिशत रिजल्ट आया। बिजनेस ब्लास्टर्स कार्यक्रम के तहत 56 छात्रों ने पहले बैच में अपनी उद्यमिता साबित करते हुए बीबीए और बीसीए जैसे कोर्स में सीधा दाखिला लिया। देशभक्ति पाठ्यक्रम भी छात्रों को देशभक्ति के लिए प्रेरित कर रहा है। 160 बच्चे दिल्ली के पहले आर्म्ड फोर्स स्कूल में पढ़ रहे हैं जो जल्द ही सेनाओं में भर्ती होंगे।
दिल्ली सरकार का शिक्षा का मॉडल स्कूल की बिल्डिंग बनाने और अच्छे नंबर लाने से कहीं आगे निकल चुका है। हमने सबसे ज्यादा बजट शिक्षा को दिया। न्यू यॉर्क टाइम्स ने भी स्कूलों की सफलताओं को प्रकाशित करेगा कोई सोच भी नहीं सकता था। 2022-23 का पहला एकेडमिक सेशन कोविड के बाद रहा जो सामान्य रूप से चला।
कूड़े के तीनों पहाड़ों का दो साल में अंत सुनिश्चित करेंगे। दिसंबर 2023 तक ओखला लैंडफिल साइट, दिसंबर 2024 गाजीपुर लैंडफिल, मार्च 2024 तक भलस्वा लैंडफिल साइट का अंत सुनिश्चित करेंगे। कैलाश गहलोत ने कहा कि यह हम डेडलाइन दे रहे हैं और करके दिखाएंगे। कैलाश गहलोत ने शायरी में कहा, जो कामयाबी हासिल करने का जुनून रखते हैं वो समुंदर पर भी पत्थर का पुल बना देते हैं।
दिल्ली के हर को सीवर से जोड़ने का अभियान है। घरों को सीवर सुविधा मुफ्त दी जाएगी।
यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाएगी, करीब 41 परसेंट क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य।
दिल्ली में मल्टीलेवल बस डिपो बनेंगे जो मंजिल के होंगे। इससे दिल्ली की आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा मिलेगा। दो आधुनिक बस टर्मिनल बनेंगे। नौ नए बस डिपो का निर्माण तेजी पर है। 1400 नए बस शेल्टर बनाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को काफी सहूलियत होगी।
बस डिपो के इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य तेजी से चल रहा है। तीन विश्वस्तरीय आईएसबीटी का निर्माण किया जाएगा। आईएसबीटी के साथ इन्हें बस पोर्ट भी कहा जा सकेगा, जो रोजगार पैदा करने में मदद करेगा।
लास्ट माइल कनेक्टिविटी प्लान मेट्रो और बसों को जोड़ेगी। मोहल्ला बस योजना शुरू होगी। छोटी सड़कों और गलियों में यह बस चलेंगी। यह बसें भी छोटी ही होंगी। कैलाश गहलोत ने 3,500 करोड़ का प्रस्ताव दिल्ली की बस योजनाओं के लिए किया।
गुस्तावो पेट्रो के कथन का जिक्र करते हुए कैलाश गहलोत ने कहा, 'विकसित देश वह नहीं जहां गरीब सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करे बल्कि वह है जहां अमीर लोग भी इनका उपयोग करें।'
मुझे बताते हुए हर्ष हो रहा है कि हमने सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को मजबूत किया। 2025 तक 80 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बसें होंगी। 8280 बसें इलेक्ट्रिक होंगी, इसका परिणाम ये होगा कि हर साल 4 लाख 60 हजार टन कार्बन डाईऑक्साइड का एमिशन कम करने में मदद मिलेगी।
दिल्ली की सरकार तीन अनोखे डबल डेकर फ्लाईओवर बना रही है। निचले डेक पर वाहन और ऊपर वाले पर मेट्रो चलेंगे जिससे जनता के 121 करोड़ बचेंगे। इसके लिए 320 करोड़ का प्रस्ताव किया।
दिल्ली एकमात्र ऐसा राज्य जहां फ्लाईओवर के निर्माण की लागत बढ़ती नहीं है बल्कि हमने इमानदारी और कुशलता से जनता के 536 करोड़ रुपये बचाए।
दिल्ली की सभी सड़कों को धूल मुक्त बनाने के लिए सरकार एंटी-स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलर का इस्तेमाल करेगी। दिल्ली की सड़कों के सौंदर्यीकरण और अपग्रेडेशन की यह योजना 10 साल की है।
दिल्ली की सभी सड़कों के गड्ढे भरे जाएंगे, लेन मार्किंग होगी, ट्रैफिक लाइट शानदार बनेंगे, लेन मार्किंग को फीका नहीं पड़ने देंगे। कैलाश गहलोत ने आगे कहा, पीडब्ल्यूडी की सभी सड़कें अंतरराष्ट्रीय स्तर की होंगी, वह टूटी नहीं होंगी। सड़कों की 10 साल तक देख रेख व रखरखाव संबंधित ठेकेदार करेगा। पीडब्ल्यूडी की 14 सौ किलोमीटर लंबी सड़कें हैं।
गहलोत ने बताया कि दिल्ली को साफ-सुथरा बनाने के लिए कुल 9 स्कीम हैं-
कैलाश गहलोत ने बताया कि बजट में वो प्रावधान हैं जिससे दिल्ली को साफ-सुथरी कैसे बनाना है इसका पूरा खाका है।
राजस्व घाटा 12 हजार करोड़ रुपये होने का अनुमान है। जीएसटी न मिलने से और रेवेन्यू कम मिलने से दिल्ली के विकास कार्यों में कमी आ सकती है।
कैलाश गहलोत ने कहा, 2015 में जो बजट था, वो आज काफी बढ़ गया है। 2014-15 के मुकाबले में बजट 2.5 गुना से अधिक पहुंच गया है। केंद्र ने जीएसटी के पूल से जो 325 करोड़ को मिल रहे थे वो भी केंद्र ने शून्य कर दिया है।
कैलाश गहलोत ने बताया कि दिल्ली सरकार का 2023-24 का 78,800 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया।
दिल्ली की पर कैपिटा इनकम राष्ट्रीय स्तर से ढाई गुना ज्यादा है। हमारी सरकार ने दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सुधार करने के लिए सराहनीय काम किया है।
दिल्ली की जीएसडीपी अगले साल 9.18 प्रतिशत रहने की संभावना है। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 7 प्रतिशत ही है।
साफ यमुना के बिना साफ दिल्ली का विजन अधूरा है इसलिए हम यमुना को साफ करने का कार्य युद्धस्तर पर करेंगे। दिल्ली में कूड़े के पहाड़ उस पर काले धब्बे जैसे हैं। हम तीनों कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के लिए एमसीडी के साथ काम करेंगे। दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर बजट के लिए हम 21000 करोड़ के बजट का प्रस्ताव करते हैं।
महंगाई के दौर में दिल्ली मॉडल कामयाब है। हम साफ-सुथरी दिल्ली के लिए प्रोजेक्ट ला रहे हैं, जिससे फुटपाथ और सड़कों का दोबारा निर्माण होगा। हमारी सरकार 29 नए फ्लाईओवर व पुलों का निर्माण कर रही है। हमारी सरकार के आने के बाद बिचौलिया राज खत्म हुआ।
बीते 8 साल में दिल्ली में अभूतपूर्व विकास हुआ है। बारापुला फ्लाईओवर का तीसरा चरण जल्द शुरू होगा। आश्रम फ्लाईओवर का काम हमने पूरा किया, जिससे आना-जाना आसान हुआ। 8 साल में 28 नए फ्लाईओवर बनाए। दिल्ली देश की क्षमता और विकास का प्रतीक है।
कैलाश गहलोत ने बताया कि दिल्ली मॉडल में लोगों को 24 घंटे बिजली की गारंटी मिल रही है। यहां भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस है। पिछले आठ वर्षों में मेट्रो नेटवर्क का काफी विस्तार हुआ है।
कैलाश गहलोत सदन में अपना पहला बजट भाषण पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि केजरीवाल मॉडल आशा की नई किरण है।
दिल्ली के विकास का रोडमैप आप सरकार पेश करेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर पर 20 हजार करोड़ खर्च किए जाने की उम्मीद है। वित्त मंत्री कैलाश गहलोत पहली बार सदन पटल पर बजट प्रस्ताव रखेंगे। वहीं, केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने से पहले बजट की खींचतान पर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर अपील थी कि वे अपना काम करें और दिल्ली सरकार को अपना काम करने दें।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बजट से पहले ट्वीट कर मनीष सिसोदिया को याद किया। उन्होंने लिखा, आज दिल्ली का बजट पेश किया जाएगा। दिल्ली के सब लोग आज मनीष जी को बहुत मिस कर रहे हैं। पर उनके काम रुकने नहीं देंगे। उनके द्वारा शुरू किए गए सभी काम दोगुनी स्पीड से किए जाएंगे।
दिल्ली के नए वित्त मंत्री कैलाश गहलोत अपना पहला बजट पेश करने के लिए दिल्ली विधानसभा पहुंच चुके हैं। पहले यह बजट 21 मार्च को पेश होना था लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय से मंजूरी न मिलने के कारण यह एक दिन देरी से पेश हो रहा है।