दिल्ली के प्रमुख बाजारों में दहशत का माहौल, पुलिस कर रही ये अपील
लाल किले के पास हुए बम धमाके का असर अब राजधानी के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। धमाके के बाद से चांदनी चौक, गांधी नगर, न्यू और ओल्ड लाजपतराय मार्केट में कारोबारियों और ग्राहकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने इन स्थानों पर लोगों से बिना आवश्यकता भीड़-भाड़ वाले इलाकों में न जाने की अपील की है। लाजपत नगर, नेहरू प्लेस और सरोजिनी नगर तीन-तीन शिफ्टों में लगातार पहरेदारी कर रही है।
कुछ लोग आए और सामान ले गए; मकान मालिक मद्रासी
दिल्ली आतंकी हमले के आरोपी डॉक्टर मुज्जमिल के बारे में उसके मकान मालिक हाजी मद्रासी ने बताया कि उसे किराए का मकान चाहिए था। वह उसी रात अपना सामान रखने आया और चला गया। उसके बाद मेरी उससे मुलाकात नहीं हुई। उसने दो महीने का एडवांस एक साथ दे दिया। मुझे इस बारे में तब पता चला जब लोग यहां आए और उसका सामान ले गए।
दिल्ली आतंकी हमले में बाल-बाल बचे दो हवलदार, धमाके से 30 से 50 फुट की थी दूरी
कहते हैं कि जाको राखे साईंया, मार सके न कोए.. जी हां लाल किले बम धमाके के दौरान दिल्ली पुलिस के दो हवलदार के साथ ऐसा ही हुआ है। लालकिले चौकी में तैनात हवलदार अजय चहल व एक अन्य हवलदार बाल-बाल बच गए। दिल्ली पुलिसकर्मियों में चर्चा है कि भगवान की विशेष कृपया से ही दोनों बचे हैं। ये दोनों पुलिसकर्मी धमाके वाली जगह से मात्र 30 से 50 फुट की दूरी पर खड़े हुए थे और इन्हें खरोंच तक नहीं आई, जबकि 300 फुट की दूसरी पर खड़े लोगों की मौत हो गई।
सफेदपोश आतंकियों ने हरियाणा के नूंह और गुरुग्राम से आईईडी और गोला-बारूद के लिए कच्चे माल की खरीदारी की। वहीं आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद अयोध्या में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की धमकियां देता रहा है।
फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी परिसर में मिली डॉक्टर शाहीन की ब्रेजा कार की जांच फोरेंसिक व जम्मू कश्मीर पुलिस की टीम कर रही है।
बम धमाके के पास सबसे पहले पहुंचने वाले एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि धमाका इतना जबरदस्त था कि कार पूरी तरह खत्म हो गई। कार के इंजन का कुछ हिस्सा मौके पर मिला था। इस पुलिस अधिकारी ने बताया कि उमर नबी के शरीर के अंग 250 फीट की दूरी तक गए थे। वहीं कार के पुर्जे 300 से 350 फीट दूर तक गए हैं। इस पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार की स्टीयरिंग जैन मंदिर के सामने मिली थी। धमाके से लाल किला चौकी की दीवार भी बुरी तरह छतिग्रस्त हो गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उमर के शरीर के बाकी अंग बचे नहीं हैं और बचे हैं तो वह मिल नहीं रहे हैं। अंगों की तलाश की जा रही है।
दिल्ली कार धमाके में पुलवामा के डॉ. उमर नबी की संलिप्तता पर उनके पिता भी परेशान हैं। डॉ. उमर के पिता गुलाम नबी भट ने बुधवार को अमर उजाला से बातचीत में बताया कि दिल्ली ब्लास्ट के बाद हमारे घर से पहले उमर की ससुराल में छापा पड़ा था। इसके बाद हमारे घर में कई टीमें जांच के लिए आईं। भट ने बताया कि डॉ. उमर की दो महीने पहले ही श्रीनगर में मंगनी हुई थी। हमें उमर के ससुराल वालों ने ही बताया कि पुलिस उमर को ढूंढ़ रही है।
दिल्ली में बम धमाके, फरीदाबाद में 2900 किलो से अधिक विस्फोटक समेत अन्य हथियार बरामद होने और सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल के तार धौज की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से ही जुड़े हैं। ये मामला सामने आने के बाद अब यूनिवर्सिटी के बैंक खातों व फंडिंग की जांच भी जल्द शुरू होने वाली है। ईडी व आर्थिक अपराध शाखा इन खातों व इनमें आने वाली फंडिंग को लेकर जांच करेंगे।
वहीं यूनिवर्सिटी के एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि मामला सामने आने के बाद से ही यूनिवर्सिटी प्रबंधन अलर्ट है। यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों को फीस व अन्य चार्ज जमा करने को लेकर दो दिन पहले ही मना कर दिया गया है। छात्रों को कहा गया है कि वे अभी फिलहाल किसी भी तरह की ऑनलाइन ट्रांजेक्शन उन्हें बताए गए यूनिवर्सिटी के बैंक खाते में न कराएं। इसके पीछे कारण बताया गया है कि प्रबंधन ने कुछ समस्या के चलते कुछ समय के लिए इसे रोका जा रहा है और जल्द ही अगले निर्देशों के बारे में सूचना दे दी जाएगी।
खुफिया विभाग के एक आधिकारिक सूत्र के अनुसार अल फलाह यूनिवर्सिटी में जम्मू कश्मीर के छात्रों की संख्या सबसे अधिक है। कई तरह की बातें चर्चाओं में हैं कि खाड़ी देशों से यहां पर फंडिंग आती है। इसी के चलते जम्मू कश्मीर के काफी छात्र यहां आकर पढ़ाई कर रहे हैं। ये कितना सही है, ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा। इसके लिए यूनिवर्सिटी के खातों की जांच करना बेहद जरूरी है। तभी खुलासा होगा कि यहां पर फंडिंग कहां से आ रही है और कहीं उसी फंडिंग का प्रयोग तो इस आतंकी मॉड्यूल ने देश विरोधी गतिविधियों के लिए तो नहीं किया है।
राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एनएएसी ने आरोप लगाया है कि यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबसाइट पर झूठी जानकारी देकर आमजन, अभिभावकों और छात्रों को गुमराह किया है।
एनएएसी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि यूनिवर्सिटी ने यह दर्शाया कि उसे परिषद से मान्यता प्राप्त है, जबकि वास्तविकता यह है कि उसकी मान्यता की अवधि कई वर्ष पहले समाप्त हो चुकी है। परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है कि क्यों उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई न की जाए और क्यों उसे भविष्य के मूल्यांकन से अयोग्य घोषित न किया जाए।
एआईयू ने अपने बयान में कहा कि भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) के उपनियमों के अनुसार, किसी भी विश्वविद्यालय की सदस्यता तब तक बनी रहती है जब तक वह 'सद्भावपूर्ण स्थिति' में होता है। हालांकि, मीडिया में आई खबरों के आधार पर यह जानकारी मिली है कि फरीदाबाद, हरियाणा स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय वर्तमान में अच्छी स्थिति में नहीं प्रतीत होता। इसलिए, एआईयू ने निर्णय लिया है कि अल-फलाह विश्वविद्यालय की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी (एआईयू) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। संस्था का कहना है कि पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम यूनिवर्सिटी के आचरण से मेल नहीं खा रहे। वहीं दूसरी तरफ अल-फलाह यूनिवर्सिटी की वेबसाइट को एडमिनिस्ट्रेशन ने बंद कर दिया है।
दिल्ली ब्लास्ट मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलवामा में सुरक्षाबलों ने आतंकी उमर मोहम्मद के घर को ध्वस्त कर दिया है। उमर ने फरीदाबाद से आकर दिल्ली के लाल किले के बाहर कार ब्लास्ट किया था।