यूट्यूबर ध्रुव राठी ने पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए एक वीडियो में कहा कि मुझे किडनैप किया गया था। हिरासत में उसे लिया जाता है जो कहीं प्रतिबंधित जगह जा रहा हो मैं तो अपना घर पर सो रहा था। सिविल ड्रेस में पुलिस के गुंडे मेरे घर में घुसे थे। मैं अपने मां पिता के साथ था अपने घर में था। मैं इसे हिरासत नहीं किडनैपिंग कहूंगा। मैं भारतीय नागरिक हूं, था, और रहूंगा। कुछ लोग मेरे पासपोर्ट को लेकर गलत अफवाह फैला रहे हैं।
कालिंदी कुंज बॉर्डर पर लगाए गए सीमेंटेड बैरिकेड को एक तरफ से खोल दिया गया है। हालांकि, दूसरी तरफ बैरिकेड जारी है और गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है। शनिवार को 100 मीटर के अंतर पर दो बैरिकेड लगाए गए थे एक सीमेंटेड बैरिकेड था और दूसरी तरफ ट्रैफिक बैरिकेड लगाए गया था। शनिवार की अपेक्षा आज सुबह से ट्रैफिक कम दिख रहा है।
अशोक रोड में पुलिस जांच के बाद आवाजाही दी जा रही है। पुलिस आने वालो लोगों को जांच के बाद जाने दे रही है। किसी तरह का संदेह होने पर डिटेन किया जा रहा है।
मेट्रो के सभी स्टेशन रात शनिवार 10 बजे के बाद से खुले हुए हैं। जिससे यात्रियों को थोड़ी राहत मिली। डीटीसी बसों के रूट बैरिकेटिंग से अभी भी लुटियंस जोन में बाधित हैं।
सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने करीब 22 प्राथमिकी दर्ज की है। नई दिल्ली जिले के हर थाने में फिर प्राथमिकी दर्ज की गई है। हालांकि, इन में किसी को नामजद नहीं किया गया है।
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका का कहना है, 'हम दोपहर दो बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।'
मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अभिजीत, सौरव दास और आशुतोष रांका को रिहा कर दिया है। 50,000 रुपये का श्योरिटी बॉन्ड भरा गया है। सीजेपी की रत्ना सिंह ने कहा कि तीनों को इस शर्त पर रिहा किया गया है कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने आंदोलन दूसरे दिन भी जारी है। आज चार प्रदर्शनकारियों को डीडीयू मार्ग से और दो-तीन को अशोक रोड से हिरासत में लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आसपास भी भीड़ जुटने की इजाजत नहीं है, भगवान दास रोड पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात है। कनाट प्लेस की तरफ आउटर सर्किल में कुछ प्रदर्शनकारी मौजूद हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने बताया कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अभिजीत, सौरव और आशुतोष को रिहा कर दिया है।
आज दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन खुले हैं। मेट्रो स्टेशन के एंट्री और एग्जिट गेट खुले रहेंगे। और ट्रेनें तय समय के अनुसार चलेंगी।
VIDEO | Delhi: Metro stations remain open today, with trains running as per schedule. Visuals from Mandi House Metro Station. (Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) https://t.co/Zg0VTHkZRA
— Press Trust of India (@PTI_News) October 11, 2026
सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के एलान और बीते कल पुलिस की कार्रवाई के बाद आज भी जंतर-मंतर पर सुरक्षा बलों की तैनाती है। यहां बड़ी संख्या में पुलिस और अन्य सुरक्षा बल मौजूद हैं।
दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जहां सीजेपी नेता अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सीजेपी नेता अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को एहतियाती हिरासत में रखा गया है। उन्हें आज दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की ओर से चिंता जताने पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन ने यूएन की टिप्पणी खारिज करते हुए इसे अनुचित और भारत के आंतरिक मामलों में अवांछित हस्तक्षेप करार दिया है। यूएन प्रवक्ता थमीन अल-खीतान ने हिरासत पर चिंता जताते हुए सभी नेताओं की तत्काल रिहाई की अपील की थी।
दिल्ली में करीब 45 हजार जवानों की सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और पाबंदियों के चलते प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच सके। हालांकि बॉर्डर पर चेकिंग से ट्रैफिक चोक हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों से झड़प भी हुई। आरोप है कि पुलिस पर हुए पथराव में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस बीच, कांग्रेस के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन ने 12 अक्तूबर को बड़े प्रदर्शन का एलान किया है।
पुलिस सात हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों-गाड़ियों में भरकर स्टेडियमों और अस्थायी हिरासत केंद्र ले गई। हालांकि देर रात सभी को छोड़ दिया गया। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके समेत तीन नेताओं को विमान से ही हिरासत में ले लिया गया। इनके अलावा चार पूर्व मुख्यमंत्रियों दिल्ली के अरविंद केजरीवाल, प. बंगाल की ममता बनर्जी, त्रिपुरा के माणिक सरकार और केरल के पी. विजयन भी हिरासत में लिए गए थे।
सीजेपी के मुताबिक, मतदाता सूची में गड़बड़ी और 13 करोड़ मतों को हटाने या उनमें बदलाव करने के आरोपों पर जवाबदेही तय होने तक देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। पार्टी ने कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की कार्रवाई का भी विरोध किया।