कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच शनिवार को बातचीत का तीसरा दौर होगा। यह बैठक दोपहर 3:30 बजे आयोजित की जाएगी। बैठक में CJP के प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ अहम वार्ता होगी। दोनों पक्षों के बीच आंदोलन से जुड़ी मांगों और समाधान के संभावित रास्तों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े अपराधों की जांच के लिए अपराध शाखा के अंतर्गत एक विशेष कार्यबल (एसटीएफ) का गठन किया है। यह एसटीएफ यूपीएससी, एसएससी, आरआरबी, आईबीपीएस, एनटीए और अन्य अधिसूचित एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जांच करेगी। साथ ही, अभियोजन एजेंसियों के साथ समन्वय कर मामलों का शीघ्र निस्तारण और त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करेगी।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 27 जुलाई को नई दिल्ली आएंगी और नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में शामिल होंगी। गौरतलब है कि सीजेपी 20 जून से जंतर-मंतर पर इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रही है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
शुक्रवार शाम को मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वार फिर से खोल दिए गए। हालांकि, मध्य दिल्ली के 15 अन्य स्टेशन लगातार तीसरे दिन भी बंद रहे। यह फैसला जंतर मंतर के पास कॉकरोज जनता पार्टी के जारी विरोध प्रदर्शन के कारण सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर लिया गया।
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर कहा है कि उनका इलाज डॉक्टरों की एक बहु-विषयक टीम कर रही है। उन्होंने अपना अनशन तोड़ दिया है और अब उन्हें आवश्यकतानुसार तरल आहार दिया जा रहा है। उनकी हालत स्थिर बनी हुई है और वह सचेत हैं। उनके महत्वपूर्ण संकेत स्वीकार्य मापदंडों के भीतर हैं। वह लगातार निगरानी में हैं और उनके नैदानिक मापदंडों की निगरानी की जा रही है।
20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली की कई जगहों पर पत्थरबाजी और तोड़-फोड़ की घटनाएं सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दी हैं।
#WATCH | Delhi: CCTV footages show instances of stone pelting and vandalism at various locations in the national capital during the protest held on July 20.
— ANI (@ANI) July 24, 2026
(Source: Delhi Police Sources) pic.twitter.com/rGHSgBBlVm
दिल्ली के स्पेशल पुलिस कमिश्नर अजय चौधरी ने बताया कि हम अभी जंतर-मंतर पर हैं। हालात सामान्य हैं। कल के मुकाबले भीड़ कम है। काफी बातचीत भी हो रही है। इसके अच्छे नतीजे निकले हैं और लोग धीरे-धीरे बात समझ रहे हैं। अभी यहां लोग देशभक्ति के गाने गा रहे हैं, नाच-गा रहे हैं और बातचीत कर रहे हैं। इसलिए कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है। हमारा मुख्य मकसद यह पक्का करना है कि किसी भी हाल में शांति भंग न हो।
जेएनयू छात्र संघ ने जेएनयू प्रशासन की कड़ी निंदा की है। प्रशासन ने हाल ही में एक अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक परामर्श जारी किया था। यह परामर्श छात्रों को जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन में भाग लेने से रोकना चाहता है। प्रशासन छात्रों को उनके सांविधानिक अधिकार का प्रयोग करने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दे रहा है। छात्र संघ ने इसे असहमति को दबाने के लिए खुले तौर पर डराने-धमकाने का कार्य बताया है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच डीएमआरसी ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया है कि मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशनों के एंट्री गेट अब खुल गए हैं।
Service Update
— Delhi Metro Rail Corporation (@OfficialDMRC) July 24, 2026
Entry gates for Mandi House and Central Secretariat metro stations are now open.
जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। खबर है कि उत्तराखंड पुलिस कॉन्स्टेबल शेर सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
पुलिस ने जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन की जगह पर वॉन्टेड अपराधियों की पहचान के लिए फेशियल रिकग्निशन सिस्टम लगाया है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन वाली जगह के आस-पास चार फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (एपआरएस) यूनिट लगाई गई हैं, ताकि वॉन्टेड अपराधियों, भगोड़ों और हिस्ट्रीशीटरों की पहचान की जा सके। उन्होंने कहा कि यह सर्विलांस सिस्टम आम प्रदर्शनकारियों के लिए नहीं है, बल्कि इसका मकसद उन लोगों की पहचान करना है जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और जो "विरोध प्रदर्शन में घुसपैठ" करके कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। यूनिट को विरोध प्रदर्शन वाली जगह के आस-पास मुख्य एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर लगाया गया है। ये सीधे दिल्ली पुलिस के डेटाबेस से जुड़ी हुई हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने जंतर मंतर पर 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन और उससे जुड़ी घटनाओं के संबंध में दायर एक जनहित याचिका को वापस लेने के रूप में खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय की पीठ ने याचिकाकर्ता को अन्य कानूनी उपायों का सहारा लेने की स्वतंत्रता देते हुए यह आदेश दिया।
याचिका में नीट-यूजी 2026 परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान संसद भवन की ओर मार्च, सड़क जाम, तोड़फोड़, पुलिसकर्मियों पर हमले और महिला पत्रकारों सहित पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं की जांच के लिए एनआईए या किसी विशेष एजेंसी को सौंपी जाने की मांग की गई थी।
नीट पेपर लीक मामले पर वकील तन्वी दुबे ने कहा कि हम मुख्य याचिकाकर्ताओं की तरफ से हैं। कोर्ट ने सरकार से कुछ खास बातें पूछीं जिन्हें उन्हें अपने हलफनामे में शामिल करना चाहिए। सरकार ने कोर्ट को भरोसा भी दिलाया कि वे कोर्ट के सभी सुझावों पर विचार करेंगे। कोर्ट ने कुछ अहम बातों पर जोर दिया और सरकार से उन्हें लिखवाया भी, जो उनके हिसाब से आने वाले सभी साल के लिए बहुत जरूरी हैं। कोर्ट ने आज की सुनवाई में एक बहुत जरूरी बात पर जोर दिया। वह है एनटीए का संस्थागतकरण। तो यह एक बहुत जरूरी बात थी जिस पर आज सुप्रीम कोर्ट के सामने सुनवाई में जोर दिया गया। हमने कोर्ट और एनटीए को सुझावों की एक लिस्ट भी सौंपी है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह और कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के बीच एक बैठक हुई। इस बैठक में सीजेपी नेताओं ने सरकार को अपनी लिखित मांगें सौंप दी हैं।
Delhi: A meeting held between Union Ministers JP Nadda and Jitendra Singh, and Cockroach Janta Party's Chief Spokesperson Saurav Das and its National Spokesperson Ashutosh Ranka. pic.twitter.com/fOOEHWM7HR
— ANI (@ANI) July 24, 2026
दिल्ली के वीपी हाउस में कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच बातचीत शुरू हुई। बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हैं।
नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन अगले निर्देश तक बंद कर दिया गया है। इस स्टेशन पर कोई इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास कुछ ही देर में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में सरकार से मिलने के लिए जंतर-मंतर से रवाना हुए।
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय ने अपने यहां सेवारत कर्मियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। जेएनयू ने एक्स पर पोस्ट कर कहा , 'जेएनयू के सभी सदस्यों को सलाह दी जाती है कि वे जिम्मेदारी से काम करें और अपनी पर्सनल सेफ्टी को प्रायोरिटी दें। पब्लिक डेमोंस्ट्रेशन पर भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, आपसे रिक्वेस्ट है कि आप नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर या उसके आस-पास होने वाली गैदरिंग में हिस्सा लेने या जाने से बचें। कृपया सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से काम लें। उल्लंघन करने पर लागू कानूनों के तहत कानूनी नतीजे हो सकते हैं और यूनिवर्सिटी के कोड ऑफ कंडक्ट के तहत डिसिप्लिनरी एक्शन भी हो सकता है। आपको एकेडमिक जिम्मेदारी और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को बनाए रखने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है।'
कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध पर आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कहा, 'मैं वहां आने वाले युवाओं से कहना चाहता हूं कि एक बात साफ नजर आ गई होगी कि इन आंदोलनों के पीछे देश की और विश्व की वो ताकतें हैं जो चाहती हैं कि भारत विकसित भारत ना बने, समर्थ भारत ना बने, शिक्षित भारत ना बने।'
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'कल रात को 12 बजे प्रधानमंत्री जी ने ऐलान किया कि पेपर लीक के लिए सोमवार को संसद में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए कानून लाया जाएगा। मोदी जी का दिया आश्वासन कितना खोखला है, ये कल खुद ही साबित हो गया। 2024 नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड को कल सीबीआई ने कोर्ट में निर्दोष घोषित कर दिया। अगर ऐसी ही जांच करनी है, अगर आपको सुबूत ही नहीं पेश करने, तो फास्ट ट्रैक कोर्ट का नाटक क्यों?'
दिल्ली हाई कोर्ट आज एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया है। यह याचिका सेंट्रल दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं बंद करने के सरकार के फैसले को चुनौती देती है। इन हिस्सों में जंतर-मंतर के आस-पास के इलाके भी शामिल हैं, जहां छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा, 'जंतर-मंतर पर हमारा धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते। हमें बहुत राहत है कि सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल तोड़ दी है, क्योंकि 26 दिन से ज्यादा गए थे। उनकी ज़िंदगी इस देश के लिए बहुत कीमती है।' आज केंद्रीय मंत्रियों के साथ मीटिंग के बारे में उन्होंने कहा, "मीटिंग किसी न्यूट्रल जगह पर होगी। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा कुछ भी मंजूर नहीं है।"
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधि आशुतोष रंका ने शुक्रवार को कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं दे देते। उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'सीसीआई में जेपी नड्डा जी के साथ 12:30 बजे एक मीटिंग तय है। हमें जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार जितेंद्र सिंह जी भी वहां मौजूद हो सकते हैं। जो भी बातचीत होगी, वह आप सभी के साथ शेयर की जाएगी। हमने 11 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी रखी है, जिसमें हम और जानकारी देंगे।'
आज भी लोग जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में पहुंचे हैं। सोनम वांगचुक का अनशन टूटने पर खुशी जताई। लेकिन प्रदर्शन इस्तीफे के बाद ही खत्म होने की बता कही।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के चलते जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं शुक्रवार को भी बंद रखी गई हैं। राजधानी के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है।
सीजेपी प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने कहा, 'सरकार हमसे न्यूट्रल स्थान पर मिलने के लिए सहमत हो गई है। हम अपनी मांगें रखेंगे, जिन पर हम पहले दिन से कायम हैं। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजा, निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर सभी एफआईआर हटाई जाएं और उन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो जिन्होंने प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता की।'
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) देशभर में आज पुलिस बर्बरता के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगी। सीजेपी ने अपील की है कि छात्र संघों को हर जिले में एकत्र होकर छात्रों की मांगें पढ़नी होंगी। अनुमति व व्यवस्था करनी होगी। सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने लोगों को संबोधित करते हुए दावा किया कि सरकार के प्रतिनिधियों ने जंतर-मंतर पर आने से मना कर दिया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि अभी भी मंत्री जितेंद्र सिंह बोल रहे हैं कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के घर पर बातचीत के लिए बुलाया। आशुतोष ने जनता से हामी भरवाते हुए पूछा कि जाना चाहिए की नहीं।