सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने कहा, 'करीब डेढ़ महीने पहले जब हम यहां आए थे, तब से लेकर आज तक देश का युवा जाग चुका है। उसने अपने अधिकारों और न्याय के लिए लड़ाई लड़ी है। आज आखिरकार हमारी मांगें स्वीकार कर ली गई हैं। हम उन सभी परिवारों के बारे में सोच रहे हैं, जिन्होंने पेपर लीक के बाद अपने प्रियजनों को खो दिया। हम उन लाखों-करोड़ों छात्रों के बारे में भी सोच रहे हैं, जिनका भविष्य पेपर लीक की वजह से बर्बाद हो गया। हमें उम्मीद है कि आज उन्हें कुछ हद तक न्याय मिला है। हमें आशा है कि जो भी अगला शिक्षा मंत्री बनेगा, वह जवाबदेह होगा, ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाएगा। यह मंच युवाओं के लिए बना है और आगे भी युवाओं के मुद्दे उठाता रहेगा। हम अपनी आवाज पूरे देश तक पहुंचाएंगे।'
कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन को खत्म करने के बाद स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (लॉ एंड ऑर्डर) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि लोगों को वहां से हटाने का काम शुरू हो गया है। हमारे सभी सीनियर पुलिस अधिकारी और जवान मौके पर और आस-पास मौजूद हैं। हम लोगों से अपील करते हैं और उम्मीद करते हैं कि वे शांति बनाए रखेंगे और शांति से अपने घर लौटेंगे। हमने कुछ मेट्रो स्टेशन खोल दिए हैं और लोगों को वहां से हटाने में आसानी के लिए इस बारे में घोषणा भी की जा रही है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि सबसे पहले तो यह हमारे छात्रों की जीत है। यही भारत का भविष्य है। जिस शिक्षा व्यवस्था पर हमें गर्व था - और पूरी दुनिया मानती थी कि भारत की शिक्षा व्यवस्था बहुत अच्छी है - उस पर वर्षों से हमले हो रहे हैं। उस पर कब्जा किया जा रहा है, उसका निजीकरण किया जा रहा है। यह उसी के खिलाफ एक प्रतिक्रिया थी। प्रधान एक प्रतीक हैं। भ्रष्टाचार का प्रतीक, शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का प्रतीक, अक्षमता का प्रतीक। उन्हें जाना ही था। और अच्छा हुआ कि वे चले गए। लेकिन अब सरकार को शिक्षा व्यवस्था को बदलने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। भारत की शिक्षा व्यवस्था पर आरएसएस का कब्जा एक बड़ा मुद्दा है। अगर इसमें मोदी जी की गलती है, तो आरएसएस भी उतनी ही दोषी है।
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "First of all, this is the victory of our students. This is the future of India. The education system which used to be our pride, the whole world acknowledged that the education system of India is very good. It has been under… pic.twitter.com/Hwkbhbnzbc
— ANI (@ANI) July 25, 2026
गुरुग्राम में कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार और धर्मेंद्र प्रधान द्वारा उठाए गए कदमों का स्वागत किया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की जीत बताया और सभी देशवासियों को बधाई दी। वांगचुक ने सीजेपी टीम, स्वयंसेवकों, छात्रों, युवाओं और बुजुर्गों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने लोकतंत्र के लिए आवाज उठाई। उन्होंने सभी द्वारा शांति बनाए रखने के तरीके का सम्मान किया और भविष्य में भी शांति की उम्मीद जताई। वांगचुक ने कहा कि केवल इस्तीफे से राष्ट्र का निर्माण नहीं होता। उन्होंने शिक्षा और शासन में सुधारों पर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
डीएमआरसी ने जानकारी देते हुए कहा कि सभी स्टेशनों पर आवाजाही को खोल दिया गया है। मेट्रो ने प्रदर्शन के बीच जंतर मंतर के आस पास 18 स्टेशनों पर एंट्री एग्जिट को बंद कर दिया था।
Service Update
— Delhi Metro Rail Corporation (@OfficialDMRC) July 25, 2026
Entry gates of all Metro Stations of the Delhi Metro network are now open.
जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शनकारी जश्न मना रहे हैं। वहीं सरकार के साथ बातचीत के तीसरे दौर के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना आंदोलन वापस ले लिया और प्रदर्शनकारियों से अपने घर लौटने की अपील की।
#WATCH | Delhi: Visuals from Jantar Mantar, where protesters celebrate after the resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan
— ANI (@ANI) July 25, 2026
After holding the third round of talks with the government, Cockroach Janta Party withdrew its agitation and appealed to the protestors to… pic.twitter.com/rQ1gixr02X
दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में भारी भीड़ और अत्यधिक यातायात जाम के मद्देनजर नागरिकों को सलाह दी है कि वे इस क्षेत्र की ओर यात्रा करने से बचें। असुविधा से बचने और यात्रा सुगम बनाने के लिए यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना चाहिए।
नई दिल्ली ज़िले में भारी भीड़ और अत्यधिक यातायात (ट्रैफ़िक) जाम को देखते हुए, नागरिकों को सलाह दी जाती है कि नई दिल्ली क्षेत्र की ओर यात्रा करने से बचें।
— Delhi Police (@DelhiPolice) July 25, 2026
किसी भी तरह की असुविधा से बचने और अपनी यात्रा को सुगम बनाए रखने के लिए यात्री वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।@dtptraffic… pic.twitter.com/7XW4m6IgE3
कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा अपना आंदोलन वापस लेने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका से हाथ मिलाया।
Delhi | Cockroach Janta Party withdraws its agitation pic.twitter.com/kMPFshZd6K
— ANI (@ANI) July 25, 2026
सरकार के साथ बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि हमने सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन दौर की बातचीत की। जंतर-मंतर पर कई दिनों से चल रहे हमारे विरोध प्रदर्शन की तीन मुख्य मांगें थीं। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी कानूनी मामले और एफआईआर वापस लेना और भविष्य में प्रदर्शनकारियों या आयोजकों के खिलाफ कोई मामला दर्ज न करना। हमारी तीसरी मांग उन परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये का मुआवजा थी, जिन्होंने नीट परीक्षा न हो पाने के बाद अपने प्रियजनों को खो दिया। अभी कुछ देर पहले ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। इसका मतलब है कि हमारी पहली मांग मान ली गई है।
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि हमारी तीन मांगों थीं। प्रधान का इस्तीफा हो गया है। अब हमने एक करोड़ रुपये मुआवजा और केस वापसी की मांग की है। सरकार के साथ तीन राउंड की बातचीत हुई। सौरव दास ने बताया कि सारे केस वापस लिए जाएंगे। एफआईआर की कॉपी साझा की जाएगी। हमारी दूसरी मांग भी सरकार ने मांग ली है। केस वापसी का भरोसा मिला है। भविष्य में प्रदर्शनकारी छात्रों पर एक्शन नहीं होगा। जेपी नड्डा ने कहा कि सीजेपी के दिए गए पांच सुझावों पर सरकार विचार करेगी। वहीं साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी ने कहा कि तत्काल प्रभाव से उनका आंदोलन खत्म हो गया है। सभी लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपने घर लौटें।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका के साथ बातचीत के तीसरे दौर की बैठक की।
माननीय श्री @dpradhanbjp जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में हर दायित्व को निष्ठा, ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ निभाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को प्रभावी रूप से लागू करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। शिक्षा व्यवस्था में अनेक सार्थक… https://t.co/6wUoyXfO8h
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) July 25, 2026
अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (एनडीएमसी) ने 24 जुलाई को जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन वाली जगह और उसके आस-पास के इलाकों से लगभग 27 मीट्रिक टन मिला-जुला कचरा हटाया। इससे एक दिन पहले आधी रात से लेकर अब तक लगभग 15 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया था।
डीएमआरसी ने जानकारी देते हुए बताया कि राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन को खोल दिया गया है।
Entry gates for Rajiv Chowk, Mandi House and Central Secretariat metro stations are now open: Delhi Metro Rail Corporation pic.twitter.com/VkuNfuHkaj
— ANI (@ANI) July 25, 2026
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह कॉकरोच जनता पार्टी के साथ बातचीत के तीसरे दौर के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया पहुंचे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जाने-माने शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने भी प्रतिक्रिया दी है। बता दें कि, सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर 20 दिन तक अनशन किया था। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनाम वांगचुक ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- यह लोकतंत्र की जीत है, सीधा लोकतंत्र... जो सड़कों से निकला है। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। सीजेपी और देश की 'जेन जी'को बधाई; और उन सभी नागरिकों का धन्यवाद जिन्होंने डर और डर के डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज उठाई। जवाबदेही से अब सुधार की ओर।
IT'S A VICTORY OF DEMOCRACY
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 25, 2026
direct democracy... straight from the streets.
It's a victory of peace, patience & persévérance.
Congratulations CJP, Gen Z of the nation and thank you all citizens for shedding fear and the fear of fear and rising up from every corner of the nation.… pic.twitter.com/rSLOfvba2R
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजने की जानकारी दी। उन्होंने कहा, भारत की युवा शक्ति ही देश की असली ताकत है। जंतर-मंतर की स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें फायदा न उठाएं, छात्रों का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे।' धर्मेंद्र प्रधान ने लेटर में लिखा है, "यह पक्का करने के लिए कि जंतर-मंतर और पूरे देश में जो हालात हैं, उनसे देश विरोधी तत्वों को फायदा न हो, देश एकजुट रहे, भारत में छात्र कानूनी पचड़ों में न उलझें और अपनी पढ़ाई और अपने करियर पर ध्यान दें, मैंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र भेज दिया है।'
जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग को केंद्र सरकार ने मान लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ा। पिछले 10 दिन के घटनाक्रम से मेरा मन दुखी है।
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 25, 2026
जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान अचानक भगदड़ मच गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रदर्शनकारियों के बीच अचानक हुई धक्का-मुक्की के बाद कई लोग इधर-उधर भागने लगे। पार्क होटल के सामने संसद मार्ग और टॉलस्टाय मार्ग के टी-प्वाइंट पर झड़प हुई है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज शनिवार दोपहर को स्थिति तनावपूर्व हो गई। खबर है कि जंतर मंतर पर लाठीचार्ज हुआ है। आंसू गैस के गोले दागे गए हैं। घटना स्थल पर कई पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं। सभी घायलों को आरएमएल अस्पताल लेकर गए हैं।
डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह ने कहा, 'फेक न्यूज के 400 से ज्यादा हैंडल की पहचान की गई है और उन्हें ब्लॉक कर दिया गया है। इन सोशल मीडिया अकाउंट्स ने कई वरिष्ठ अधिकारियों के आधिकारिक बयानों को एडिट करके और विजुअल कंटेंट में हेरफेर करके लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक का भी फेक वीडियो मिला। 20 जुलाई को किसी की भी मौत नहीं हुई। सेना की तैनाती की झूठी खबर फैलाई गई। महिला की मौत का झूठा दावा किया गया। खबरों की पुष्टी करना बेहद जरूरी है। पाकिस्तान से फेक अकाउंट बनाए गए। हमारी जांच में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान से संचालित कुछ सोशल मीडिया अकाउंट फर्जी सामग्री फैला रहे हैं।'
जंतर-मंतर प्रोटेस्ट से जुड़ी गुमराह करने वाली और झूठी जानकारी पर दिल्ली पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर कई भ्रामक खबरें हैं। गुमराह करने वाले पोस्ट शेयर हुए हैं। सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल हुआ है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "छात्रों की 3 मांगें हैं और ये ऐसी मांगें हैं जिन पर बातचीत नहीं हो सकती। पहली मांग यह है कि शिक्षा मंत्री जो भ्रष्ट, नाकाबिल और गलत सोच वाले हैं, उन्हें हटाया जाए। प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट में कुछ बातें चल रही हैं कि इसका हल यह है कि धर्मेंद्र प्रधान को एजुकेशन से हटाकर किसी और मिनिस्ट्री में भेज दिया जाए। यह भारत के छात्रों को मंजूर नहीं है। यह किसी को भी मंजूर नहीं है। इसकी वजह यह है कि धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत के बच्चों के भविष्य के साथ जो हुआ है, उसकी निशानी हैं। धर्मेंद्र प्रधान को यहां-वहां करने, पीछे करने और आगे करने से कुछ नहीं होने वाला है। धर्मेंद्र प्रधान को हटाना ही होगा।"
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म कर दी। हालांकि उनके इस फैसले की सोशल मीडिया पर आलोचना की गई, जिसका उन्होंने जवाब भी दिया। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो मैसेज में, वांगचुक ने यह भी सवाल किया कि ये सब करने के बाद क्या मुझे किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा। कि मेरा अनशन कितना पवित्र था। मैंने तोड़ा तो किसके हाथों तोड़ा उसके हाथों क्यों तोड़ा, इसके हाथों क्यों नहीं तोड़ा। क्या डील हुआ, क्या सौदा हुआ, ये सब मुझे जवाब देना होगा?
राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, 'मेट्रो बंद करो। रास्ते बंद करो। दुकानें बंद करो। इंटरनेट बंद करो। खाना बंद करो। अपना हक मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए। बस एक चीज बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।'
आज सरकार के साथ होने वाली बैठक के बारे में कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, "उन्होंने हमें आज दोपहर 3:30 से 4 बजे का समय दिया था। स्थान अभी तय नहीं हुआ है। बातचीत बहुत स्पष्ट है। जिन दो मांगों पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है, उन पर हमें लिखित पुष्टि मिलनी चाहिए, ताकि उन्हें अंतिम रूप दिया जा सके। हमें धर्मेंद्र प्रधान के बारे में स्पष्टता चाहिए - क्या वे उनका इस्तीफा मांगेंगे या नहीं। हमें हां या ना में जवाब चाहिए क्योंकि इस पर विचार-विमर्श की गुंजाइश बहुत कम है।"
जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन का असर आसपास के बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है। सुरक्षा बंदोबस्त, प्रतिबंधों के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा है। दुकानें, शोरूम, बैंक, कार्यालय और रेस्टोरेंट बंद रहने से कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि, इस माहौल के बीच एक सकारात्मक तस्वीर भी सामने आई है। प्रदर्शन में शामिल युवाओं के बीच संविधान, सामाजिक न्याय और भगत सिंह के विचारों से जुड़ी पुस्तकों की मांग तेजी से बढ़ी है। संसद मार्ग पर पिछले 40 वर्षों से किताबें बेच रहे नेक राम बताते हैं कि सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री घट गई है लेकिन प्रदर्शन में शामिल युवा अपनी पसंद की किताबें और अखबार खरीदना नहीं भूल रहे। पुस्तक विक्रेता उजाला के अनुसार, सबसे अधिक मांग भारतीय संविधान, जात-पात का विनाश और शहीद-ए-आजम भगत सिंह पर लिखी किताबों की हैं।
दिल्ली में आज और कल शराब की दुकानें रात 8 बजे बंद हो जाएंगी। सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में शराब की दुकानों को वीकेंड खत्म होने तक रात 8 बजे तक बंद करने का आदेश दिया गया है। गुरुवार को बिना किसी पूर्व सूचना के दुकानें जल्दी बंद कर दी गईं, जिससे कई लोगों को निराशा हुई और उन्हें बिना शराब खरीदे ही लौटना पड़ा। आम तौर पर शहर में शराब की दुकानें रात 10 बजे बंद होती हैं।
जंतर-मंतर पर फिलहाल स्थिति सामान्य है। शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों की संख्या कल की तुलना में कम है और लगातार बातचीत के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस समय लोग देशभक्ति के गीत गा रहे हैं, नृत्य कर रहे हैं और आपस में बातचीत कर रहे हैं। कहीं भी कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है। हमारी पहली प्राथमिकता हर हाल में शांति व्यवस्था बनाए रखना है। शुक्रवार शाम जंतर मंतर पर करीब 8 हजार प्रदर्शनकारी मौजूद हैं, जबकि पहले यह संख्या इससे काफी अधिक थी।
-अजय चौधरी, विशेष पुलिस आयुक्त, दिल्ली पुलिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 20 जुलाई को संसद मार्च और जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ी दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई से इन्कार कर दिया। एक याचिका में पूरे मामले की एनआईए जांच की मांग की गई थी, जबकि दूसरी में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने के निर्देश देने की मांग थी। अदालत ने स्पष्ट कहा कि जांच और कानूनी कार्रवाई का फैसला संबंधित एजेंसियां और प्रशासन करेंगे।
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक पेपर की कटिंग को शुक्रवार को फर्जी करार दिया, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके की मौत का दावा किया गया था। पुलिस ने ऐसी भ्रामक सामग्री तैयार करने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन ने बताया कि पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर जारी स्पष्टीकरण में कहा कि वायरल हो रही पेपर की कटिंग पूरी तरह से मनगढंत है और लोगों से अपील की कि वे अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और न ही उसे साझा करें।
सप्ताहांत के कारण शुक्रवार रात से ही जंतर मंतर पर भीड़ बढ़ती रही। कहा जा रहा है कि आज शनिवार होने के कारण भी लोग जंतर मंतर की ओर आ रहे हैं। दो दिन भीड़ बढ़ने के आसार हैं।
#WATCH | Gurugram, Haryana | Issuing a statement on YouTube on breaking his hunger strike, Activist Sonam Wangchuk says, "After 26 days of fasting for the sake of students, losing 11 kilograms of body weight in which I have also lost muscle mass and my organs and brain reached… pic.twitter.com/D2Qt4K4BtX
— ANI (@ANI) July 24, 2026
AFTER 26 DAYS OF HUNGER DO I NEED TO PROVE MY SINCERITY !!!
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 24, 2026
Do please watch and help spread the word. Find the full 22 minutes video on my YouTube Channel: Sonam Wangchuk pic.twitter.com/6CO3tjZsSD
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्ष के नेता के साथ जैसा व्यवहार किया गया, वह भी चिंता का विषय है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया और पेपर लीक मामले में किसी वरिष्ठ अधिकारी या मंत्री के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
#WATCH | Delhi | National President of NSUI Vinod Jakhar says, "...The way the Leader of the Opposition was treated outside the Prime Minister's residence is also a matter of concern...Why has Union Minister Dharmendra Pradhan not resigned and why has no significant action been… pic.twitter.com/lYsH0X6uF5
— ANI (@ANI) July 24, 2026
जंतर मंतर पर छात्र प्रदर्शन के चलते आज (शनिवार) भी दिल्ली मेट्रो के 18 स्टेशन बंद रहेंगे।
Delhi Metro Rail Corporation announces that 18 Metro stations will be closed from 07:30 AM tomorrow till further instructions pic.twitter.com/5MFSuhGo3B
— ANI (@ANI) July 24, 2026
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का दिल्ली और देशभर में आंदोलन जारी है। कांग्रेस समेत देश की कई राजनीतिक पार्टियां छात्रों की मांग और शिक्षा प्रणाली में सुधार के वास्ते छात्र आंदोलन के समर्थन में खुलकर सामने हैं। 26 दिन बाद सोनम वांगचुक अपना अनशन तोड़ चुके हैं और सीजेपी-सरकार के बीच वार्ता का सिलसिलाचल पड़ा है। आज दोपहर में तीसरे दौर की वार्ता होगी।