उत्तरकाशी के डीएम अभिषेक रुहेला बचाव कार्यों का मुआयना करने के लिए मौके पर पहुंच गये हैं। उम्मीद की जा रही है कि आज सभी मजदूर सकुशल बाहर निकल आएंगे।
जानकारी मिली है कि अब मात्र छह मीटरकी ड्रिलिंग बची है जिसके कुछ ही घंटो में पूरा होने की उम्मीद है। आठ बजे चिनूक हेलीकॉप्टर चिन्यालीसौड हवाई अड्डे पर लैन्ड करेगा। मजदूरों को एयरलिफ्ट करने की जरूरत पड़ने पर मदद करने के लिए तैयार रहेगा। सुरंग के बाहर एंबूलेंस भी मौजूद हैं और हर तरह की सेवा-सहायता का इंतजाम किया गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन टीम के सदस्यों में से एक गिरीश सिंह रावत ने बताया कि 'रेस्क्यू ऑपरेशन लगभग आखिरी चरण में है। उम्मीद है 1-2 घंटे में नतीजे आ जाएंगे। मजदूरों को बाहर निकालने के लिए पाइपलाइन डाली जा रही है। मलबे में फंसे स्टील के टुकड़ों को काटकर हटा दिया गया है। इससे मजदूरों के जल्द बाहर आने की उम्मीद बंधी है।
कल दिन भर ड्रिलिंग के दौरान सुरंग के भीतर रहने वाले प्रोजेक्ट हेड हरपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने मजदूरों से कई बार बात की है। मजदूरों से बिल्कुल सामान्य बात की जा सकती है। सभी मजदूरों ने एकजुट होकर कहा है कि इस टनल को वही बनाएंगे। इस घटनाक्रम के बावजूद मजदूर हतोत्साहित नहीं हुए हैं।
अभी 12 मीटर ड्रिलिंग बची हुई है। मशीन के आगे एक आयरन राड आई है जिसे काटा जा रहा है। उसके कटते ही दोबारा ड्रिलिंग शुरू कर दी जाएगी। सुबह आठ बजे तक रेस्क्यू पूरा होने की उम्मीद है।
-हरपाल सिंह, प्रोजेक्ट हेड
बाधा जल्द दूर होने की उम्मीद
पाइप के अंदर एनडीआरएफ के जवानों ने जाकर देखा। उनका कहना है कि मशीन के आगे आई बाधा को दो घंटे में हटाया जा सकता है।
अभी ड्रिलिंग का काम जारी है। अब आठवां पाइप सुरंग में पूरा अंदर जाने के बाद 48 मीटर से ऊपर ड्रिल हो जाएगी। जिसके बाद करीब 10 से12 मीटर तक ड्रिल ही बेचगी। इसके बाद जल्द ही पूरा पाइप सुरंग में आर-पार हो सकेगा।
सभी मजदूरों को बाहर निकालकर सीधे चिन्यालीसौड़ ले जाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री धामी भी वहीं मजदूरों से मिलेंगे। एनडीआरएफ ने भी बचाव की ब्रीफिंग शुरू की कर दी है।
सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों के लिए खाना पैक किया जा रहा है। छह इंच की पाइपलाइन के जरिए मजदूरों तक खाना पहुंचाया जाएगा।