उत्तरकाशी जनपद प्रभारी व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल भी आज सिलक्यारा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने टनल का निरीक्षण किया। कहा कि हम बहुत जल्दी सफल होने वाले हैं। अभी तक पूरा अभियान सकारात्मक दिशा में जा रहा है। विपक्ष के आरोपों पर बोले कि ये वक्त राजनीति का नहीं है। विपक्ष को भी 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की कामना करनी चाहिए। अगर विपक्ष के पास कोई सुझाव है तो हमे बताएं, हम अमल करेंगे।
सीएम धामी ने कहा कि सिलक्यारा टनल में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के अंतर्गत छह इंच व्यास की पाइप मलबे के आर-पार किए जाने से श्रमिकों तक भोजन के साथ ही अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है। इस संबंध में आदरणीय प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन एवं सहयोग भी हमें निरंतर प्राप्त हो रहा है। हमारी सरकार सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
उत्तरकाशी के सिल्कयारा में जहां सुरंग के अंदर फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चल रहा है। वहां का ड्रोन से दृश्य कैद किया गया है।
सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों के लिए रात खिचड़ी भेजी गई थी। वहीं अब उनके लिए नाश्ता तैयार किया जा रहा है। यह नाश्ता भी उन्हें छह इंच के नए फूड पाइप से भेजा जाएगा।
आज सुबह एंडोस्कोपिक फ्लेक्सी कैमरा सुरंग में फंसे मजदूरों तक पहुंचाया गया। बचावकर्मी वॉकी-टॉकी के माध्यम से फंसे हुए श्रमिकों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।
कैमरे के सुरंग में भेजे जाने को लेकर सीएम धामी ने भी ट्वीट कर जानकारी दी। उन्होंने लिखा 'सिल्क्यारा, उत्तरकाशी में निर्माणाधीन टनल में फँसे श्रमिकों की पहली बार तस्वीर प्राप्त हुई है। सभी श्रमिक भाई पूरी तरह सुरक्षित हैं, हम उन्हें शीघ्र सकुशल बाहर निकालने हेतु पूरी ताक़त के साथ प्रयासरत हैं।'
एसजेवीएन की ड्रिल मशीन सुरंग के ऊपर पहुंचेगी, 24 घंटे में इंस्टॉल होगी। आरवीएनएल की ड्रिल मशीन भी सुरंग के ऊपर जाएगी। रोबोट को चलाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मजदूरों तक पहुंच और आसान हो।
बड़कोट छोर से भी सुंरग में ड्रिलिंग का काम शुरू हो गया है। इसके लिए टीएचडीसी की आठ से 10 लोगों की टीम पहुंच गई है। यहां से दो से ढाई मीटर व्यास की सुरंग तैयार की जाएगी। आज से ऑगर मशीन फिर तेजी से काम शुरू कर देगी।