फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarkashi Tunnel Collapse: श्रमिकों को निकालने के लिए छह प्लान पर हो रहा काम, तीसरे दिन फिर शुरू हुई ड्रिलिंग

Sun, 19 Nov 2023 10:40 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी

खास बातें

 Uttarkashi Silkyara Tunnel Accident Rescue Operation Live:  दिवाली के दिन उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में फंसे  41 श्रमिकों को अभी तक बाहर नहीं निकाला जा सका है। रेस्क्यू का आज आठवां दिन है। और अब फंसे श्रमिकों का धैर्य भी जवाब देने लगा है। पल-पल के अपडेट पढ़ें यहां...
विज्ञापन
विज्ञापन

लाइव अपडेट

10:38 PM, 19-Nov-2023

तीसरे दिन फिर शुरू हुई ड्रिलिंग

सिलक्यारा सुरंग में भूस्खलन के खतरे के बीच तीसरे दिन रात करीब दस बजे फिर से ड्रिलिंग का काम शुरू कर दिया गया है। वहीं, भूस्खलन का खतरा कम करने के लिए शॉटक्रिट मशीन से स्प्रे किया गया है। वहीं, बैकअप प्लान के तहत सुरंग के ऊपर से ड्रिलिंग के लिए अस्थायी सड़क तैयार करने का काम अंतिम चरण में है।

07:14 PM, 19-Nov-2023

साइड टनल आपस में मलबे के आगे मिलेंगी

सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बचाने के लिए सुरंग के दाएं और बाएं से भी सुरंग बनाई जा रही है। ये दोनों निकासी सुरंग भूस्खलन के मलबे के आगे मिलेंगी। जिससे अंदर फंसे मजदूर बाहर आ सकें।

01:57 PM, 19-Nov-2023

रेस्क्यू ऑपरेशन में अब रोबोट की ली जाएगी मदद

आपदा सचिव डॉ रंजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन में अब रोबोट की मदद ली जाएगी। सुरंग में मशीनों के इस्तेमाल से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मलबा लगातार गिरने से रेस्क्यू में बाधा आ रही है। 

विज्ञापन
01:35 PM, 19-Nov-2023

मंत्री नितिन गडकरी का कहना है, "पिछले 7-8 दिनों से हम पीड़ितों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। उन्हें जल्द से जल्द बाहर निकालना उत्तराखंड सरकार और भारत सरकार की प्राथमिकता है। बताया कि उन्होंने यहां काम करने वाले संबंधित अधिकारियों के साथ घंटे भर बैठक की है। हम छह वैकल्पिक विकल्पों पर काम कर रहे हैं और भारत सरकार की विभिन्न एजेंसियां यहां काम कर रही हैं। पीएमओ से भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुरंग विशेषज्ञों और बीआरओ अधिकारियों को भी बुलाया गया है। हमारे पहली प्राथमिकता फंसे हुए पीड़ितों को भोजन, दवा और ऑक्सीजन उपलब्ध कराना है।
 

 

01:18 PM, 19-Nov-2023

मुख्यमंत्री ने डॉक्टर खेरवाल को बनाया नोडल अधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चल रहे ऑपरेशन सिलक्यारा के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकार डॉ. नीरज खेरवाल को नोडल अफसर बनाया है। अमेरिकी मशीन के भी ड्रिलिंग के दौरान बंद होने से अब ऑपरेशन में जुटे विशेषज्ञ अन्य विकल्पों पर मंथन कर रहे हैं। इस बीच इंदौर से मंगाई गई एक और मशीन ग्राउंड जीरो पर पहुंच चुकी है। इधर, मुख्यमंत्री ने बचाव अभियान की समीक्षा के बाद आईएएस अधिकारी डॉ. नीरज खेरवाल को नोडल अधिकारी का जिम्मा सौंपा है। खेरवाल को प्रदेश में काम कर रही कई केंद्रीय संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वह संस्थाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों का अनुश्रवण भी करेंगे। वह आवश्यकतानुसार राज्य की ओर से सहयोग एवं सुझाव भी केंद्रीय संस्थाओं को देंगे।

विज्ञापन
12:34 PM, 19-Nov-2023

सिलक्यारा पहुंचे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी राहत एवं बचाव कार्य से जुड़े अधिकारियों की बैठक ले रहे हैं। इस समीक्षा बैठक के बाद वह सुरंग में हुए भूस्खलन व सुरंग के ऊपर ड्रिलिंग के लिए की जा रही कार्यवाही का जायजा लेंगे।

11:32 AM, 19-Nov-2023

सिलक्यारा पहुंचे गडकरी और सीएम

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व मुख्यमंत्री धामी सिलक्यारा पहुंच गए हैं। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने के बाद वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हेलिकॉप्टर से उत्तरकाशी पहुंचे।

10:47 AM, 19-Nov-2023

ड्रिलिंग के लिए अस्थायी मार्ग तैयार

सिलक्यारा सुरंग के ऊपर से ड्रिलिंग के लिए अस्थायी मार्ग तैयार कर लिया गया है। जिसके बाद ऊपर एक पोकलैंड मशीन पहुंची है।

09:53 AM, 19-Nov-2023

रेस्क्यू में लग सकते है अभी चार से पांच दिन, केंद्रीय मंत्री गडकरी आज पहुंचेंगे

सुरंग में फंसे मजदूर के रेस्क्यू में अभी चार से पांच दिन और लग सकते हैं। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी रविवार सुबह उत्तरकाशी में रेस्क्यू कार्यों का जायजा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने के बाद वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हेलिकॉप्टर से उत्तरकाशी पहुंचेंगे।

09:07 AM, 19-Nov-2023

सुरंग के अंदर की स्थिति अच्छी नहीं

सुरंग में काम करने वाले लोडर ऑपरेटर मृत्युंजय कुमार ने बताया कि सुरंग के अंदर की स्थिति अच्छी नहीं है। बताया कि एक सप्ताह का समय हो गया है। लेकिन अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए खास काम नहीं हुआ है। बताया कि वह झूठ बोल बोलकर उन्हें यह कहते हैं कि मशीन लगी हुई है, तुम्हें जल्द बाहर निकाल दिया जाएगा। लेकिन उनका हौसला टूट रहा है। वह कहते हैं कि सूखा खाने पर वह कब तक जीयेंगे। तुम काम कर भी रहे हो या झूठ बोल रहे हो। बताया कि उन्हें भी स्थिति का अंदाजा है, इसलिए वह कितना झूठ बोल सकते हैंं। कहा कि मेट मशीन आए तो कुछ हो सकता है।

08:42 AM, 19-Nov-2023

तकनीक के साथ आस्था का सहारा

सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बचाने के लिए तकनीक के साथ आस्था का भी सहारा लिया जा रहा है। क्षेत्र के ग्रामीणों के दबाव पर अब कंपनी प्रबंधन ने सुरंग के बाहर बौखनाग देवता का मंदिर स्थापित किया है। पहले इस मंदिर को हटाकर सुरंग के अंदर कोने में स्थापित किया गया था। शनिवार को यहां पुजारी को बुलाकर विशेष पूजा3-पाठ भी करवाया गया। 

08:27 AM, 19-Nov-2023

177 मीटर ड्रिलिंग

राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लि. के निदेशक अंशु मनीष खलखो ने बताया कि ऊपर से ड्रिलिंग के लिए हुए वैज्ञानिक सर्वे के तहत करीब 103 मीटर चौड़ाई वाले क्षेत्र में ड्रिलिंग की जाएगी।

वहीं, निगम के अधिशासी निदेशक संदीप सुगेरा ने बताया कि सुरंग के ऊपर से वर्टिकल ड्रिलिंग के साथ साइड से भी ड्रिलिंग की योजना है। इसमें ऊपर 103 मीटर की चौड़ाई और साइड से ड्रिलिंग के लिए 177 मीटर की दूरी मिली है। ऊपर से ड्रिल कर मजदूरों तक खाना व पानी पहुंचाया जाएगा। जबकि साइड से उन्हें बाहर निकाल लिया जाएगा। 
 

08:09 AM, 19-Nov-2023

विदेशी विशेषज्ञों की मदद से जुटेंगी छह टीमें

सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए अब पहाड़ के ऊपर और साइड से ड्रिलिंग होगी। वर्टिकल ड्रिलिंग के लिए चार स्थानों की पहचान की गई है, वहां तक पहुंचने के लिए ट्रैक बनाने का काम सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को सौंपा गया है। विदेशी विशेषज्ञों की मदद से पांच विकल्पों पर  केंद्र और राज्य की छह टीमें रविवार से काम शुरू करेंगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी सीएम पुष्कर सिंह धामी के साथ सिलक्यारा पहुंचेंगे।

07:37 AM, 19-Nov-2023
नितिन गडकरी पहुंचे - फोटो : amar ujala

संसाधनों की कमी नहीं सभी विकल्प तलाश रहे

मजदूरों को बचाने के लिए हम सभी विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। हमारे पास संसाधनों, विकल्पों और तौरतरीके की कमी नहीं है। वर्टिकल ड्रिलिंग का विकल्प भी खुला है। हम विदेशी सलाहकारों की मदद ले रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश है इस अभियान को जितना जल्दी हो सके पूरा करना है। -भास्कर खुल्बे, पीएमओ के पूर्व सलाहकार

07:37 AM, 19-Nov-2023
सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी - फोटो : amar ujala

आधुनिक तकनीक की मदद रहे हैं : सीएम धामी

श्रमिकों को निकालने के लिए दुनिया में खोजी गई आधुनिक तकनीक की मदद ली जा रही है। हम जल्द उन्हें निकाल लेंगे। मैं खुद मौके पर जा रहा हूं। - पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

ये भी पढ़ें..सिलक्यारा सुरंग हादसा : तकनीक के साथ आस्था का सहारा, कंपनी ने टनल के बाहर स्थापित किया बौखनाग देवता का मंदिर

07:36 AM, 19-Nov-2023
सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी - फोटो : amar ujala

नई राह पर चल रहा काम, पुरानी भी बंद नहीं

एक ओर जहां वर्टिकल सुरंग बनाकर मजदूरों को बाहर निकालने के विकल्प पर विचार चल रहा है, वहीं दूसरी ओर पुरानी ऑगर मशीन को भी चलाने की तैयारी चल रही है। शुक्रवार को मशीन में कंपन आने के कारण उसे बंद कर दिया गया था। लेकिन शनिवार को मशीन पर दबाव बनाने के लिए बड़े-बड़े बोल्डर मंगाए हैं। रविवार को इस पर भी ड्रिलिंग शुरू हो सकती है।

ये भी पढ़ें...उत्तरकाशी सुरंग हादसा : विदेशी विशेषज्ञों की मदद से जुटेंगी छह टीमें, अब पांच विकल्पों पर शुरू करेंगे काम

07:22 AM, 19-Nov-2023

Uttarkashi Tunnel Collapse: श्रमिकों को निकालने के लिए छह प्लान पर हो रहा काम, तीसरे दिन फिर शुरू हुई ड्रिलिंग

सिलक्यारा सुरंग के अंदर फंसे 41 मजदूरों को शनिवार को सातवें दिन भी बाहर नहीं निकाला जा सका। रेस्क्यू का आज आठवां दिन है। सुरंग में फंसे मजदूरों का हौसला अब टूटता जा रहा है। वह सुरंग में काम करने वाले साथियों से पूछ रहे है कि हमें बाहर निकालने के लिए तुम काम कर भी रहे हो या झूठ बोल रहो हो। यह सुरंग में काम करने वाले लोडर ऑपरेटर मृत्युंजय कुमार ने दी है। रेस्क्यू के दौरान सुरंग में कंपन और मलबा गिरने के खतरे पर ऑगर मशीन से ड्रिलिंग बंद कर दी गई है।

अब सुरंग के ऊपर और साइड से ड्रिलिंग की तैयारी है। उधर, बैकअप के तौर पर इंदौर से मंगवाई गई एक और ऑगर मशीन शुक्रवार देर रात जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंची और शनिवार दोपहर तीन ट्रकों से मशीनों को सिलक्यारा साइट पर पहुंचा दिया गया। 12 नवंबर को यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा से पोल गांव जाने वाली सुरंग में भारी भूस्खलन हुआ था, जिसके चलते मुहाने के पास सुरंग बंद होने से 41 मजदूर अंदर फंसे हैं।


41 जान बचाने के लिए विदेशी विशेषज्ञों की मदद से आज उत्तरकाशी में 'सिक्सर'

सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बचाने के लिए अब विदेशी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। शनिवार को इंजीनियरिंग विशेषज्ञ अरमांडो कैपेलन और माइक्रो टनलिंग विशेषज्ञ क्रिस कूपर भी बचाव कार्य में मदद के लिए मौके पर पहुंच गए हैं। पांच योजनाओं पर आज केंद्र और राज्य की छह टीम शुरू करेगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में उपसचिव मंगेश घिल्डियाल, पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव महमूद अहमद और भूविज्ञानी वरुण अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मैराथन बैठक की। भास्कर खुल्बे ने मीडिया को बताया कि अब पांच प्लान पर एक साथ काम शुरू होगा। इसमें राज्य व केंद्र की छह एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। इन पांच प्लान में सुरंग के सिलक्यारा छोर, बड़कोट छोर और सुरंग के ऊपर तथा दाएं और बाएं से ड्रिलिंग कर रास्ता तैयार किया जाएगा। जिससे अंदर फंसे सभी मजदूरों को बचाया जा सके।

और पढ़ें...
विज्ञापन
MORE
AU ऐप में पढ़ें