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Uttarkashi Tunnel Rescue: सुरंग में ड्रिलिंग कर रही ऑगर मशीन में आई तकनीकी खराबी, पाइप डालने का काम बंद

Fri, 17 Nov 2023 11:51 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी

खास बातें

Uttarkashi Silkyara Tunnel Collapse Accident Rescue Latest News Live: यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा से डंडालगांव के बीच निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में तकरीबन 40 मजदूर फंसे हैं। मजदूरों को बचाने रेस्क्यू ऑपरेशन आज छठवें दिन भी जारी है। पल-पल के अपडेट पढ़ें यहां...
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लाइव अपडेट

11:47 PM, 17-Nov-2023

इंदौर से एयरलिफ्ट कर मंगवाई गई मशीन के पार्ट्स पहुंचे जौलीग्रांट एयरपोर्ट

इंदौर से एयरलिफ्ट कर मंगवाई गई नई ऑगर मशीन के पार्ट्स शुक्रवार देर रात को जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं। सुबह इन्हें उत्तरकाशी पहुंचाया जाएगा। एनएचआईडीसीएल के निदेशक अंशु मनीष खलखो ने कहा कि वर्तमान में जिस ऑगर मशीन से ड्रिलिंग की जा रही है उसमें तकनीकी खराबी आई है। उसके बैकअप के लिए एक और ऑगर मशीन इंदौर से एयरलिफ्ट कर मंगाने का निर्णय लिया गया था।

10:20 PM, 17-Nov-2023

सुरंग में फंसे मजदूरों को हुआ कब्ज, दवाई भेजी गई

पिछले छह दिनों से सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों ने कब्ज की शिकायत की है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उन्हें दवा भेजी गई है। दरअसल मजदूरों को पाइपलाइन के माध्यम से खाने में सूखे मेवे ही दिए जा रहे हैं। जिसमें काजू, बादाम, पॉपकॉर्न, भूने चने व मुरमुरे आदि शामिल है। फाइबर की कमी के चलते मजदूरों के पेट में ड्राइनेस हो गई है। 

06:04 PM, 17-Nov-2023

मशीन में खराबी आने के बाद पाइप डालने का काम बंद

ड्रिलिंग कर रही अमेरिकी ऑगर मशीन में तकनीकी खराबी आने के बाद से सुरंग में पाइप डालने का काम बंद है। अब तक सुरंग में करीब 25 मीटर तक ही पाइप डाला गया है। जबकि सुरंग में मलबा करीब 70 मीटर तक है। 

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04:59 PM, 17-Nov-2023

तेजी से हो रहा काम- सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडियो से बातचीत में कहा कि इंजीनियर और वैज्ञानिक हर कोई काम कर रहा है। पाइप लगभग 25 मीटर पर डाला गया है। काम बहुत तेजी से चल रहा है। पीएम मोदी भी स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।

04:38 PM, 17-Nov-2023

अमेरिकी ऑगर मशीन में आई तकनीकी खराबी

ड्रिलिंग कर रही अमेरिकी ऑगर मशीन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई है। मशीन आगे नहीं बढ़ पा रही है। बताया जा रहा है कि मशीन का बेयरिंग खराब हो रहा है, जिससे वह बार-बार ऊपर उठ रही है। अब एंकर लगाकर मशीन को प्लेटफार्म पर लगाया जा रहा है।

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04:33 PM, 17-Nov-2023

परिजन लगातार कर रहे संवाद

सुरंग में फंसे 40 मजदूरों में से कई लोगों के परिजन साइट पर ही हैं। प्रशासन की टीमें और परिजन मजदूरों से लगातार संवाद कर रहे हैं। वहीं, मजदूर भी एक दूसरे का हौसला बढ़ा रहे हैं।

04:07 PM, 17-Nov-2023

इंदौर से एक और ऑगर मशीन मंगवाई

सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान शुक्रवार को छठे दिन भी जारी है। अमेरिकी ऑगर मशीन के द्वारा अब तक सुरंग के मलबे में 24 मीटर तक ड्रिलिंग कर चार पाइप डाल दिए गए हैं। अब  पांचवे पाइप को डालने के लिए वेल्डिंग का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही बैकअप में इंदौर से एक और ऑगर मशीन मंगवाई गई है।

12:27 PM, 17-Nov-2023

बैकअप के लिए इंदौर से मंगवाई जा रही एक और मशीन

बैकअप के लिए एक और मशीन इंदौर से मंगवाई जा रही है। वर्तमान में काम कर रही मशीन में किसी भी तरह की खराबी आने पर बेकअप मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा।

11:58 AM, 17-Nov-2023

अभी तक 24 मीटर तक ड्रिलिंग की जा चुकी

अमेरिकी ऑगर मशीन से अभी तक 24 मीटर तक ड्रिलिंग की जा चुकी है। शुक्रवार सुबह ड्रिलिंग के वक्त एक बोल्डर मशीन के आगे आया था। अमेरिकी ऑगर मशीन से 900 एमएम व्यास के करीब करीब 10 से 12 पाइप डाले जाने हैं।

11:05 AM, 17-Nov-2023

ऑपरेशन सिलक्यारा पर है पीएमओ की निगाह

उत्तरकाशी के सिलक्यारा में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनाई जा रही सुरंग में फंसे 40 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चल रहे ऑपरेशन पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) लगातार नजर बनाए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभियान की प्रगति का लगातार अपडेट ले रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सचिवालय में मीडियाकर्मियों से बातचीत में यह बात कही। सुरंग निर्माण में बरती गई लापरवाही से जुड़े प्रश्न पर उन्होंने कहा कि हमारी अभी सबसे पहली प्राथमिकता 40 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की है।

11:01 AM, 17-Nov-2023

सुरंग के बाहर परिजनों से दुर्व्यवहार का आरोप

श्रीनगर को पत्रकार वार्ता में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि सुरंग में घटना घट जाने के बाद ह्यूम पाइप डाले जा रहे हैं जबकि सुरंग बनने के साथ ही ह्यूम पाइप डाले जाने चाहिए थे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सुरंग में फंसे लोगों के परिजनों के साथ सुरंग के बाहर दुर्व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दीपावली का अवकाश था तो उस दिन सुरंग के अंदर काम क्यों किया जा रहा था। उन्होंने सुरंग में बचाव कार्य के दौरान अधिकारियों के बीच सामंजस्य न होने का आरोप भी लगाया।

09:31 AM, 17-Nov-2023

मजदूरों को बचाने के प्लान दर प्लान, उठने लगे सवाल

सिलक्यारा की सुरंग में फंसे 40 मजदूरों को बचाने के लिए सरकार ने प्लान दर प्लान बना लिए लेकिन पांचवें दिन तक भी मजदूर बाहर की आबोहवा में चैन की सांस नहीं ले पाए। ऑपरेशन सिलक्यारा को लेकर अब न केवल परिजन बल्कि कांग्रेस ने भी सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इस पूरे मामले में बड़ी लापरवाही बरती गई।

08:15 AM, 17-Nov-2023

पाइप का रास्ता रोका

सिलक्यारा सुरंग में मलबे में ड्रिल कर डाले जा रहे पाइप का किसी कठोर वस्तु ने रास्ता रोक दिया है। चौथा पाइप आधा जाकर रुक गया है। अभी तक ड्रिलिंग 21 मीटर ही हो पाई है। तीन पाइप पूरे और चौथा पाइप आधा ही गया है। अमेरिकी ऑगर मशीन से 900 एमएम व्यास के करीब 10 से 12 पाइप डाले जाने हैं।

07:39 AM, 17-Nov-2023
उत्तरकाशी टनल हादसा - फोटो : amar ujala

पुरानी मशीन में रुकावट आई, अब नई मशीन लगाई गई

जनरल वीके सिंह (सेवानिवृत्त) सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के साथ सिलक्यारा पहुंचे। रेस्क्यू ऑपरेशन के प्रभारी कर्नल दीपक पाटिल व एनएचआईडीसीएल के निदेशक अंशु मनीष खल्को ने उन्हें निर्माणाधीन सुरंग व रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी दी। उन्होंने सुरंग के अंदर जाकर भी भूस्खलन वाली जगह का निरीक्षण किया। इस दौरान वीके सिंह ने कहा कि सुरंग के अंदर फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालना पहली प्राथमिकता है। इसके लिए प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर सभी एजेंसियां मिलकर कार्य कर रही हैं। उन्हाेंने कहा कि जब रेस्क्यू शुरू हुआ तो मलबा गिर रहा था। इसलिए मशीन से यहां ड्रिलिंग कर लोगों को बचाने का निर्णय लिया गया, लेकिन पुरानी मशीन में कुछ रुकावट आई। अब नई मशीन लगाई गई है, जिसकी पावर और स्पीड पुरानी मशीन से ज्यादा है। कोशिश है कि यह रेस्क्यू कार्य जल्द खत्म हो जाए।

07:38 AM, 17-Nov-2023
सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी - फोटो : amar ujala

घटना के कारणों की होगी गहन जांच, पहली प्राथमिकता लोगों को बचाना : सिंह

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह (सेवानिवृत्त) ने बृहस्पतिवार को सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। पत्रकारों से वार्ता में केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि घटना के कारणों की अलग से गहन जांच होगी। वर्तमान में पहली प्राथमिकता सुरंग में फंसे लोगों को बचाना है। उन्होंने बचाव कार्य दो से तीन में पूरा कर लेने की बात कही है।

07:38 AM, 17-Nov-2023
सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी - फोटो : amar ujala

मजदूरों को निकालने में लग सकता है कम से कम 48 घंटे का और समय

बुधवार देर रात तक ट्रक के माध्यम से यह मशीन सिलक्यारा टनल साइट तक पहुंचाई गई। जिसके बाद देर रात से ही मशीन को स्थापित करने का काम शुरू किया गया। जो कि बृहस्पतिवार सुबह तक चला। इसके बाद ड्रिलिंग शुरू की गई। दोपहर तक छह मीटर लंबाई का पहला एमएस पाइप अंदर डाला गया।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम तक 12 मीटर पाइप अंदर डाला गया है। इन पाइपों को वेल्डिंग कर जोड़ने में एक से दो घंटे का समय लग रहा है। वहीं पाइपों का एलाइनमेंट सही रखने की भी चुनौती बनी हुई है।

बता दें कि बीते रविवार को हुए भूस्खलन से सिलक्यारा सुरंग में 70 मीटर तक मलबा फैला हुआ है। जिस गति से नई मशीन ड्रिलिंग कर रही है, उसे देखकर यही लगता है कि अंदर फंसे मजदूरों को बाहर निकालने में कम से कम 48 घंटे का समय और लग सकता है।

07:19 AM, 17-Nov-2023

Uttarkashi Tunnel Rescue: सुरंग में ड्रिलिंग कर रही ऑगर मशीन में आई तकनीकी खराबी, पाइप डालने का काम बंद

सिलक्यारा सुरंग में फंसे 40 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए जारी रेस्क्यू अभियान का आज छठवां दिन है। अमेरिकी जैक एंड पुश अर्थ ऑगर मशीन से ड्रिलिंग का काम शुरू हो गया है। अभी तक 24 मीटर ड्रिलिंग हो पाई है। जबकि बृहस्पतिवार शाम तक ड्रिलिंग कर 12 मीटर पाइप मलबे में डाले गए थे। छह मीटर का एक पाइप है। अमेरिकी ऑगर मशीन से 900 एमएम व्यास के करीब करीब 10 से 12 पाइप डाले जाने हैं।



शुक्रवार सुबह ड्रिलिंग के वक्त एक बोल्डर मशीन के आगे आया था। अमेरिकी ऑगर मशीन से 900 एमएम व्यास के करीब करीब 10 से 12 पाइप डाले जाने हैं। यह मशीन एक घंटे में पांच से छह मीटर तक ड्रिलिंग कर रही है, लेकिन पाइप वेल्डिंग और एलाइनमेंट सही करने में करीब एक से दो घंटे का समय लग रहा है। जिससे मजदूरों को बाहर निकालने में कम से कम 48 घंटे का समय और लग सकता है।

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बृहस्पतिवार को सिलक्यारा सुरंग हादसे को पांच दिन का समय पूरा हो चुका है। आज रेस्क्यू का छठवां दिन है। बीते मंगलवार को सुरंग के अंदर फंसे 40 मजदूरों को बचाने के लिए देहरादून से ऑगर मशीन मंगवाई गई थी, लेकिन क्षमता कम होने के चलते मंगलवार देर रात इसे हटा दिया गया था। जिसके बाद दिल्ली से 25 टन वजनी एक नई अत्याधुनिक ऑगर मशीन मंगवाई गई। जिसकी खेप बुधवार को सेना के तीन हरक्यूलिस विमानों से चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर उतारी गई।

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