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Uttarkashi Dharali Cloudburst Live: धराली और हर्षिल में दूरसंचार सेवा बाधित, लोगों से नहीं हो पा रहा संपर्क

Tue, 12 Aug 2025 08:43 PM IST
रेनू सकलानी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

खास बातें

धराली आपदा को एक सप्ताह का समय बीत गया है। भीषण आपदा से मलबे में दफन धराली बाजार में लापता लोगों की तलाश में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के जवान बचाव व राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। मौसम रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा बन रहा है। प्रशासन ने 42 लोगों के लापता होने की पुष्टि की है, जबकि एक लापता का शव बरामद हुआ है। यहां पढ़ें पल-पल के अपडेट...

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उत्तरकाशी आपदा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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लाइव अपडेट

08:42 PM, 12-Aug-2025

धराली और हर्षिल में पुनर्निर्माण के काम को देखेंगे कर्नल कोठियाल

उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल अजय कोठियाल धराली और हर्षिल में पुनर्निर्माण के काम को देखेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें इस काम के लिए विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। कर्नल अजय कोठियाल इससे पहले केदारनाथ में अपनी दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता दिखा चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनकी प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, गंगोत्री यात्रा को सुरक्षित तरीके से दोबारा शुरू करना, चीन सीमा से लगने वाले मार्गों को खोलना और उनकी मरम्मत करना, आपदा से प्रभावित जनता का पुनर्वास,हर्षिल में बनी अस्थायी झील को ठीक करना, मलबा हटाना एवं सड़कों, पुलों और पर्यटन के लिए दीर्घकालिक पुनर्निर्माण योजना तैयार करना है।

07:10 PM, 12-Aug-2025

धराली और हर्षिल में दूरसंचार सेवा बाधित

आपदा प्रभावित धराली और हर्षिल क्षेत्र में दोपहर तीन बजे के बाद दूरसंचार सेवाएं बाधित हो गई। इससे लोगों का एक दूसरे से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

06:31 PM, 12-Aug-2025

धराली, हर्षिल की पांच गर्भवती महिलाओं को किया हेली रेस्क्यू

आपदा प्रभावित धराली और हर्षिल क्षेत्र की पांच गर्भवती महिलाओं को हेली रेस्क्यू कर मंगलवार को जिला अस्पताल उत्तरकाशी लाया गया। स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद गर्भवती महिलाओं को स्त्री रोग विशेषज्ञ की निगरानी में रखा गया है। जांच में गर्भवती महिलाओं की स्थिति सामान्य पाई गई।

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05:33 PM, 12-Aug-2025

40 होटल, होमस्टे और रिजॉर्ट ध्वस्त

स्थानीय लोगों ने पर्यटन विभाग को करीब 40 होमस्टे, होटल और रिजॉर्ट के नुकसान की सूची सौंपी है। हालांकि, अभी तक दुकानों को हुए नुकसान का कोई आकलन जारी नहीं किया गया है।

02:49 PM, 12-Aug-2025

प्रदेश में अकेले उत्तरकाशी में 70 फीसदी बगीचे तबाह

प्रदेश में अकेले उत्तरकाशी जिले में सेब, प्लम, खुमानी के 70 फीसदी बगीचे तबाह हो गए। आपदा ग्रामीणों के घर, बाग और बगीचे सब निगल गई। उद्यान विभाग की एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 10480.18 हेक्टेयर बगीचों में से 7502.59 हेक्टेयर का उत्तरकाशी जिले में नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि आपदा उन्हें सड़क पर ले आई। उत्तरकाशी के धराली निवासी जय भगवान पंवार बताते हैं कि उनका होटल, घर और सेब के बगीचे सब आपदा में तबाह हो गया। गांव में पांच नाली भूमि पर उनके दो सौ सेब के पेड़ थे, घर और होटल था। जब वह इंटरमीडिएट में पढ़ते थे तभी से उन्होंने थोड़ा-थोड़ा जोड़कर शुरू किया था। स्थानीय माधवेंद्र सिंह रावत बताते हैं कि मलबे में कई ग्रामीणों के सेब के बगीचे दब गए। जिनके बचे हैं, सड़कें जगह-जगह बंद होने की वजह से वह अपनी फसलों को बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।

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02:23 PM, 12-Aug-2025

हर्षिल घाटी में बनी झील खोलने का प्रयास विफल, जेसीबी नदी में डूबी

हर्षिल घाटी में तेलगाड नदी के उफान पर आने से भागीरथी नदी में करीब एक किलोमीटर लंबी झील बन गई है। सोमवार को इस झील को खोलने के प्रयास के दौरान एक जेसीबी मशीन नदी में डूब गई। हालांकि मशीन चला रहे सेना के जवान ने कूदकर अपनी जान बचाई जिससे कोई हताहत नहीं हुआ। दरअसल 5 अगस्त को धराली की खीर गंगा में आई आपदा के बाद हर्षिल के पास तेलगाड के उफनाने से मलबा और पेड़ बहकर भागीरथी में आ गए थे, जिसने नदी का प्रवाह रोक दिया था। पिछले एक सप्ताह से बारिश के अनुसार इस झील का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। रविवार रात जलस्तर बढ़ने के बाद सोमवार को, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों के साथ झील का निरीक्षण किया। उन्होंने सेना को जेसीबी की मदद से झील का मुहाना खोलने और वन विभाग व एसडीआरएफ को मुहाने पर अटके पेड़ों को काटने के निर्देश दिए। सेना ने जैसे ही जेसीबी से मुहाना खोलने का प्रयास शुरू किया वह पहले ही प्रयास में असफल हो गई और मशीन झील में डूब गई। इसके बाद वन विभाग और एसडीआरएफ ने मानवीय प्रयास के तौर पर मुहाने पर अटके पेड़ों को काटकर झील को खोलने की कोशिश की। इस बीच, क्षेत्र में बारिश होने के बाद झील के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
 

02:17 PM, 12-Aug-2025

खीर गंगा उद्गम स्थल पर झील का आकलन करेगी एमआरटी

श्रीखंड पर्वत की तलहटी में खीर गंगा के उद्गम स्थल में हिमनद झील की स्थित का आकलन करने के लिए माउंटेन रेस्क्यू टीम (एमआरटी) का गठन किया गया है। एमआरटी में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनरिंग (निम) के अधिकारी शामिल रहेंगे। यह टीम वहां पर रैकी करेगी और जीपीएस, वीडियो और फोटो तकनीक से सर्वेक्षण करेगी। मौसम साफ रहने पर इस टीम को मंगलवार को रवाना किया जाएगा।

01:10 PM, 12-Aug-2025

आपदा के एक सप्ताह बाद भी कारण स्पष्ट नहीं

आपदा के लिए संवेदनशील उत्तराखंड राज्य में धराली आपदा ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। स्थिति यह है कि घटना के एक सप्ताह बाद भी अभी तक आपदा के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है।

12:32 PM, 12-Aug-2025

आपदा से पहले ही पूरा गांव खाली करा दिया गया

आल्प्स पर्वत का एक विशाल ग्लेशियर का हिस्सा टूट गया जिससे हजारों टन बर्फ, कीचड़ और चट्टानों का सैलाब गांव की ओर बह आया। जिसमें स्विटजरलैंड का ब्लैटिन गांव जलमग्न हो गया लेकिन यहां अर्ली वार्निंग सिस्टम के चलते आपदा से पहले ही पूरा गांव खाली करा दिया गया था। भेड़ों और यहां तक कि गायों को भी हेलिकॉप्टर से निकाला गया था। प्रो. बिष्ट ने कहा कि धराली आपदा के बाद शासन को अर्ली वार्निंग सिस्टम के प्रति गंभीर होना होगा। अन्यथा भविष्य में और भी गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

12:09 PM, 12-Aug-2025

2021 को ग्लेशियर फटने से ऋषिगंगा में आई थी बाढ़

सात फरवरी 2021 को ग्लेशियर फटने से ऋषिगंगा में बाढ़ आ गई थी। इस बाढ़ में ऋषिगंगा और तपोवन हाईड्रो प्रोजेक्ट पूरी तरह ध्वस्त हो गए थे। ऋषिगंगा ऊर्जा परियोजना में काम करने वाले 200 से अधिक मजदूर व अन्य लापता हो गए थे। घटना के बाद प्रदेश के वरिष्ठ भू-वैज्ञानिक व गढ़वाल केंद्रीय विवि के भूगर्भ विभागाध्यक्ष प्रो. एमपीएस बिष्ट सहित अन्य भू-वैज्ञानिकों ने नदी घाटी परियोजनाओं के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में श्रृंखलाबद्ध अर्ली वार्निंग सिस्टम (एवीएस) लगाए जाने की बात पर जोर दिया था।

11:46 AM, 12-Aug-2025

ऋषिगंगा की आपदा के बाद भू-वैज्ञानिकों ने अर्ली वार्निंग सिस्टम बताया था जरूरी, नहीं हुई कोई पहल

भू-वैज्ञानिक लंबे समय से राज्य में नदी परियोजना क्षेत्रों के ऊपरी जल ग्रहण क्षेत्रों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने के लिए आगाह कर रहे हैं। 2021 में ऋषिगंगा आपदा के बाद भू-वैज्ञानिकों ने इसका पुरजोर समर्थन किया था लेकिन शासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। राज्य में अर्ली वार्निंग सिस्टम की सुविधा होती तो शायद धराली आपदा में जनहानि का आंकड़ा कुछ और होता।

11:15 AM, 12-Aug-2025

लापता लोगों में धराली गांव का एक चार वर्षीय मासूम

आपदा ग्रस्त धराली में पुलिस हेल्प डेस्क ने स्थानीय स्तर पर लापता लोगों की सूची तैयार की है। इसमें 73 लापता लोगों के नाम हैं। पांच लापता नेपाली मजदूरों से संपर्क हो चुका है। अमर उजाला ने भी पहले दिन ही आपदा में लापता लोगों का आंकड़ा लगभग 70 बताया था। अब खोजबीन के बाद प्रशासन के आंकड़े भी इसके आसपास पहुंच रहे हैं। लापता लोगों में धराली गांव के एक चार वर्षीय मासूम के साथ ही आठ लोगों के नाम हैं। वहीं नेपाल के एक 18 वर्ष के मासूम के साथ ही नाबालिग का नाम भी दर्ज किया गया है।

10:59 AM, 12-Aug-2025

आठ जगहों पर दिए कैडेवर डॉग्स ने संकेत, खोदाई हुई तो निकला पानी

धराली में ग्राउंड जीरो पर एनडीआरएफ के कैडेवर डॉग्स (शव खोजी कुत्ते) ने आठ जगह सूंघकर संकेत दिए। यहां खोदाई शुरू हुई तो नीचे से पानी निकल आया, जिससे वहां काम रोकना पड़ा। अब यहां ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) से ग्राउंड जीरो की स्कैनिंग की जा रही है। इस राडार की तरंगों से मलबे में दबे भवनों की खोज की जाएगी। इसके बाद जहां से सही दिशा में संकेत मिलेंगे वहीं पर खोदाई की जाएगी।

10:25 AM, 12-Aug-2025

धराली के आपदा प्रभावित क्षेत्र को सेक्टर में बांटा

धराली में राहत-बचाव दलों का खोज, बचाव अभियान जारी रहा। धराली में एनडीआरएफ के कंट्रोल रूम के साथ इंसीडेंट कमांड पोस्ट स्थापित हो गई है। आपदा प्रभावित क्षेत्र को इंसीडेंट कमांडर ने सेक्टर में बांट दिया है। वहीं, अब तक आपदा प्रभावित क्षेत्र से करीब 1300 लोगों को निकाला जा चुका है। प्रशासन का मानना है कि फंसे हुए करीब सभी लोगों को निकाल लिया गया है।
इसमें सेक्टर-ए की जिम्मेदारी एनडीआरएफ, सेक्टर-बी की जिम्मेदारी सेना, सेक्टर-सी की जिम्मेदारी एसडीआरएफ, सेक्टर-डी की जिम्मेदारी आईटीबीपी को सौंपी गई है। रोड सेक्टर की जिम्मेदारी लोनिवि, बीआरओ तथा बीजीबी रुड़की को सौंपी गई है। सोमवार कासे 635 पैकेट सूखे राशन के भेजे गए हैं।
 

09:52 AM, 12-Aug-2025

सात जिलों में स्कूल बंद

प्रशासन ने बारिश के अलर्ट के मद्देनजर आज मंगलवार को देहरादून, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, नैनीताल, यूएसनगर, बागेश्वर, चंपावत जिले में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।

09:28 AM, 12-Aug-2025
उत्तरकाशी आपदा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

आज भी भारी बारिश की संभावना

उत्तराखंड में मंगलवार भी कई जगह मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर जिले में भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट और देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चंपावत, बागेश्वर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में भी तेज बारिश होगी।

09:12 AM, 12-Aug-2025

Uttarkashi Dharali Cloudburst Live: धराली और हर्षिल में दूरसंचार सेवा बाधित, लोगों से नहीं हो पा रहा संपर्क

धराली में आज भी मंगलवार सुबह से ही रेस्क्यू टीमें खोज एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। हर्षिल, धराली आपदाग्रस्त क्षेत्र में लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है। लेकिन मौसम के कारण हेली से रेस्क्यू शुरू नहीं पाया है। मौसम विभाग की ओर से आज प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं खीर गंगा का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ गई है। 

हर्षिल घाटी  में करीब एक घंटे हुई तेज बारिश के कारण आपदा प्रभावित गांव में खीर गंगा के जलस्तर बढ़ने से घबराए लोगों ने दूसरी पहाड़ी पर शरण ली। उत्तरकाशी जिले के धराली में आई भीषण आपदा के एक सप्ताह बाद लापता लोगों का आंकड़ा बढ़ गया है। प्रशासन ने 42 लोगों के लापता होने की पुष्टि की है, जबकि एक लापता का शव बरामद हुआ है। प्रारंभिक आकलन में आपदा से 40 होटल, होमस्टे और रिजॉर्ट को नुकसान होने की बात सामने आई है।

धराली आपदा को एक सप्ताह का समय बीत गया है। भीषण आपदा से मलबे में दफन धराली बाजार में लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के जवान बचाव व राहत कार्यों में जुटे हैं। शुरूआत में प्रशासन की ओर से आपदा में 15 लोग लापता होने बताया गया लेकिन अब 42 लापता लोगों की पुष्टि की है।

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इसमें सेना के नौ जवान, धराली गांव के आठ, निकटवर्ती गांव के पांच, टिहरी जिले के एक, बिहार के 13, उत्तर प्रदेश के छह लोग शामिल हैं। इसके अलावा नेपाल मूल के 29 मजदूरों के लापता होने की भी सूचना है। इसमें धराली क्षेत्र में संचार सेवा बहाल होने के बाद पांच मजदूरों से संपर्क हो चुका है। शेष 24 मजदूरों के बारे में ठेकेदारों से जानकारी नहीं मिल पाई है।

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