उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ पर जलगांव के कलेक्टर आयुष प्रसाद ने कहा कि जलगांव जिले के 19 लोगों के उत्तरकाशी में होने की सूचना मिली है, जिनमें से तीन लोगों से संपर्क हो पाया है। 16 लोगों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। महाराष्ट्र सरकार और जिला प्रशासन ने उत्तराखंड सरकार और उत्तरकाशी जिला प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की है। हमें उत्तराखंड सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है।
उत्तराखंड के आपदा प्रभावित धराली गांव में जिंदगी की तलाश जारी है। केरल के 28 सैलानियों के समूह समेत अभी कई लोग लापता हैं। सेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीमें लगातार खोज और बचाव कार्य में जुटी हैं। अब तक 190 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। इनमें बुधवार को 60 लोग और मंगलवार को 130 लोगों को सुरक्षित निकाला गया था।
उत्तरकाशी के धराली में आपदा के बाद आज एक शव बरामद हुआ है। मंगलवार को चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। आपदा में मृतकों का आंकड़ा पांच पहुंच गया है।
उत्तरकाशी में नदी के बढ़ते जल स्तर ने चिंता बढ़ाई हुई है। आस-पास के क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। धराली उत्तरकाशी में सभी सरकारी एजेंसियां, विभाग और सेना आपसी समन्वय से राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं। बीती रात 130 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया गया है। बंद रास्तों को खोला जा रहा है और प्रभावितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
बादल फटने और कई जगहों पर भूस्खलन के कारण भटवाड़ी में उत्तरकाशी-हर्षिल मार्ग पूरी तरह बह गया है। उत्तरकाशी-हर्षिल मार्ग पर सड़क साफ़ करने का काम अभी चल रहा है।
हर्षिल में राहत कार्यों को तेज़ करने के लिए और भी सेना की टीमें, खोजी कुत्ते, ड्रोन, और खुदाई करने वाली मशीनें भेजी गई हैं। इस दौरान धराली में एक 32 वर्षीय युवक का शव मलबे से बरामद हुआ है। मरने वालों की संख्या चार हो गई है।
आईटीबीपी और आर्मी के जवान धराली में बीच गांव में फंसे ग्रामीणों तक पहुंचने के लिए वहां करीब 25 फीट ऊंचे मलबे में रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अस्थाई पुलिया बनाने का प्रयास किया जा रहा है। गांव में करीब 200 लोग भी फंसे है।
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "भारतीय सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय लोगों सहित हमारी सभी एजेंसियां बचाव कार्य कर रही हैं। कल 130 लोगों को बचाया गया। तलाशी और बचाव अभियान जारी है। सड़कें और एक पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण घटनास्थल तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। देहरादून में आपदा संचालन स्टेशन हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए 24 घंटे काम कर रहा है। हम सभी को सुरक्षित बचाने के प्रयास कर रहे हैं। मैं हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं। पीएम मोदी ने आज भी बचाव अभियान का विवरण लिया..."
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 10 डीएसपी, 3 एसपी और लगभग 160 पुलिस अधिकारी बचाव अभियान में लगे हुए हैं... भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर भी तैयार हैं। जैसे ही मौसम में सुधार होगा, हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल बचाव कार्यों के लिए किया जाएगा। खाने के पैकेट और डॉक्टरों की एक टीम तैयार कर ली गई है। बिजली बहाल करने का काम भी चल रहा है। धराली में अभी मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। हम लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। हम सभी को सुरक्षित बचाने के प्रयास कर रहे हैं..."
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।
उत्तराखंड में लगातार बारिश के बाद हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी कहते हैं, "यह बारिश का मौसम है और मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। उत्तराखंड के 11 जिलों में बारिश हो रही है, जिसका असर हरिद्वार में गंगा नदी के जलस्तर पर भी पड़ा है। कल इसका जलस्तर 293 के आसपास था, जो यहां चेतावनी स्तर है, और आज यह खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। हालांकि, यह अभी खतरे के निशान तक नहीं पहुंचा है। लेकिन जिस तरह से बारिश हो रही है, उससे आज यह खतरे के निशान के करीब ही रहेगा... हरिद्वार में कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है... हम प्रशासन के संपर्क में हैं, और प्रशासन सक्रिय है।
उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना | दिल्ली: नैनीताल-उधमसिंह नगर से भाजपा सांसद अजय भट्ट ने कहा, "यह बहुत दुखद घटना है। प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह घटना की हर बारीकी से जानकारी ले रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। कई सड़कें बह गई हैं... जानकारी के अनुसार, 120 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है और उनका इलाज चल रहा है। हम प्रार्थना करते हैं कि मौसम सुधरे ताकि हमारे सेना के हेलीकॉप्टर प्रभावित लोगों को एयरलिफ्ट कर सकें और बचा सकें... केंद्र सरकार की एजेंसियां बचाव अभियान चलाने के लिए काम कर रही हैं..."
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ की घटना का जायजा लेने के लिए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (ईओसी) पहुंच गए हैं।
उत्तराखंड में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "यह बहुत दुखद है। हिमाचल प्रदेश और वायनाड में भी ऐसी ही घटनाएं हुईं। हमें रोकथाम के लिए एक व्यापक रणनीति बनाने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।"
उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना के बाद धराली में राहत और बचाव कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी धराली बाजार, हर्षिल और आसपास के क्षेत्रों में आपदा से हुई क्षति का निरीक्षण करने के लिए सहस्त्रधारा हेलीपैड से निकल गए हैं।
उत्तरकाशी में नेताला से लेकर भटवाड़ी के पापड़गाड तक दो स्थानों के पास सड़क धंसी है। गंगोत्री हाईवे पर नेताला और मनेरी-ओंगी के बीच नदी से सड़क पर कटाव हो रहा है। पापड़गाड में आज सड़क का खुलना मुश्किल है।
जनपद में लगातार हो रही तेज बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। जिलाधिकारी ने नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहरने व पुलिस प्रशासन को लोगों को सचेत करने के निर्देश दिए। भारी अतिवृष्टि से गंगोत्री हाईवे पर कई स्थानों पर मलबा और बोल्डर आए हुए हैं जिससे मार्ग अवरुद्ध है। जिलाधिकारी ने सड़क मार्ग को युद्ध स्तर पर सुचारू करने के निर्देश बीआरओ को दिए।
घटना की जानकारी मिलते ही डीएम प्रशांत आर्य और एसपी सरिता डोबाल मौके के लिए रवाना हो गए हैं। प्रशासन ने हर्षिल में राहत शिविर भी स्थापित किए हैं। डीएम ने बताया कि नुकसान का पूरा आकलन मौके पर पहुंचकर किया जाएगा।