उत्तराखंड का बजट विधानसभा सत्र के दौरान सदन पटल पर पेश कर दिया गा है। अब सदन पटल पर भू कानून समेत पांच विधेयक रखे जाएंगे।
यूसीसी कानून को वापस लेने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच किया। रिस्पना पुल समीप लगे बैरिकेडिंग पर चढ़कर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन कर रहे।
एक तरह जहां सदन में बजट पेश किया जा रहा वहीं दूसरी तरफ तमाम संगठन अपनी-अपनी मांगों को लेकर विधानसभा कूच करने पहुंचे हैं।
बजट में कोई राजस्व घाटा अनुमानित नहीं है।
-220 किमी नई सड़कें बनेंगी।
-1000 किमी सड़कों का पुनर्निर्माण,
-1550 किमी मार्ग नवीनीकरण,
-1200 किमी सड़क सुरक्षा कार्य
-37 पुल बनाने का लक्ष्य
-कृषि, ऊर्जा, अवसंरचना, संयोजकता, आयुष, कृषि व पर्यटन
-एमएसएमई उद्योगों के लिए 50 करोड़,
-मेगा इंडस्ट्री नीति के लिए 35 करोड़,
-स्टार्टअप उद्यमिता प्रोत्साहन के लिए 30 करोड़ का प्रावधान
धामी सरकार ने एक लाख एक हजार एक सौ 75 करोड़ का बजट पेश किया है। बजट में सात बिंदुओं पर खासतौर पर फोकस किया गया है। कृषि, ऊर्जा, अवसंरचना, संयोजकता, आयुष, कृषि व पर्यटन पर विकास के लिए प्रतिबद्धता।
सदन में वित्त मंंत्री प्रेम चंद अग्रवाल बोल रहे हैं। उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के शब्दों को दोहराया। कहा कि राज्य सरलीकरण, समाधान व निस्तारीकरण के मार्ग पर अग्रसरित हैं। बजट हमारे प्रदेश की आर्थिक दिशा और नीतियों का प्रमाण है।
बजट लेकर सदन में पहुंचे वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल। साथ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद हैं। वित्त मंत्री ने उत्तराखंड राज्य निर्माण में योगदान देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
सदन में कार्यवाही शुरू होते ही विधायक हरीश धामी ने सवाल किया। उन्होंने सवाल किया कि पर्वतीय क्षेत्रों में अस्पतालों में सुविधाओं पर सरकार क्या काम कर रही है?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य सरकार का बजट पेश करने के लिए विधानसभा पहुंचे।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी समान नागरिक संहिता (यूसीसी) में लिव-इन रिलेशनशिप के विरोध में आज विधानसभा का घेराव करेगी। इसके अलावा प्रदेशव्यापी आंदोलन कर आम लोगों से राय भी लेगी।