वर्ष 2007 में भी आशा नौटियाल को क्षेत्रीय जनता ने अपना विधायक चुना था। इसके बाद दो बार चुनाव में उन्हें पराजय मिली। ऊखीमठ विकासखंड के दिलमी गांव निवासी आशा नौटियाल एक सामान्य परिवार से संबंध रखती हैं।
उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वर्ष 2002 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में वह केदारनाथ विस की पहली विधायक चुनी गईं, तब वह भाजपा से प्रत्याशी थीं।
केदारनाथ विधानसभा चुनाव में पार्टी की आशा नौटियाल की जीत के बाद भाजपा नेता और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई देने सीएम आवास पहुंचे।
भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल 5099 वोट से जीत गई है। भाजपा को 23130 और कांग्रेस को 18031 वोट मिले।
भाजपा- 20078
कांग्रेस- 15903
निर्दलीय (त्रिभुवन सिंह)- 9019
भाजपा- 18139
कांग्रेस- 14063
निर्दलीय (त्रिभुवन सिंह)- 8790
भाजपा-आशा नौटियाल- 1627
कांग्रेस- मनोज रावत-1032
यूकेडी- आशुतोष भंडारी-63
पीपीआई डेमोक्रेटिक- प्रदीप रोशन रूडिया-28
निर्दलीय- त्रिभुवन चौहान-400
निर्दलीय- कैप्टन आरपी सिंह-20
भाजपा- आशा नौटियाल- 1916
कांग्रेस- मनोज रावत-2309
यूकेडी- आशुतोष भंडारी-71
निर्दलीय- त्रिभुवन चौहान-346
निर्दलीय- कैप्टन आरपी सिंह-45
पीपीआई डेमोक्रेटिक- प्रदीप रोशन रूडिया-32
भाजपा- आशा नौटियाल- 1598
कांग्रेस- मनोज रावत-1264
यूकेडी- आशुतोष भंडारी-75
निर्दलीय- त्रिभुवन चौहान-700
निर्दलीय- कैप्टन आरपी सिंह-41
पीपीआई डेमोक्रेटिक- प्रदीप रोशन रूडिया-22
भाजपा - 6665
कांग्रेस - 4376
त्रिभुवन (निर्दलीय) - 4875
भाजपा - 2289 वोटों से आगे
तीन राउंड की मतगणना के भाजपा की बढ़त बरकरार है।
भाजपा - 4821
कांग्रेस - 3231
त्रिभुवन (निर्दलीय) - 2755
बीजेपी - 1590 से आगे
केदारनाथ उपचुनाव में पहले राउंड की मतगणना हुई। जिसमें बीजेपी की प्रत्याशी आशा नौटियाल आगे चल रही है।
बीजेपी -1398
कांग्रेस- 915
केदारनाथ उपचुनाव की मतगणना शुरू हो गई है। पहले पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू होगी। छह प्रत्याशियों का भविष्य दांव पर है।
वर्ष 2017 के चुनाव में कांग्रेस के मनोज रावत विधायक चुने गए। वर्ष 2022 में कांग्रेस तीसरे स्थान पर खिसक गई। भाजपा की शैलारानी रावत निर्दलीय कुलदीप रावत को पराजित कर दूसरी बार विधायक चुनी गई।
वर्ष 2017 में केदारनाथ में भाजपा को हार का सामान करना पड़ा और पार्टी चौथे स्थान पर रही। तब भाजपा ने शैलारानी रावत पर दांव खेला, जिससे आशा नौटियाल बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरी। लेकिन दोनों महिला उम्मीदवार हार गईं।
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