सैलानियों से तीन दिन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा न करने की अपील
सीएम ने कहा कि अत्यधिक बर्फबारी के कारण हिमस्खलन की संभावनाओं के मद्देनजर औली, हर्षिल आदि अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के विभिन्न रिसार्ट में रह रहे सैलानियों को सुरक्षा के दृष्टिगत सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा। सीएम ने सैलानियों से अगले तीन दिन इन क्षेत्रों में यात्रा न करने की अपील की है। साथ ही स्थानीय प्रशासन को सुरक्षा के दृष्टिगत सभी जरूरी एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं।
जल्द बहाल की जाए संचार व्यवस्था: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
सीएम ने निर्देश दिए कि भारी बर्फबारी के कारण जिन गांवों का संपर्क टूट गया है, वहां प्रशासन की टीम को भेजा जाए और उन्हें जिन चीजों की आवश्यकता हो तुरंत राशन, दवाइयों के साथ ही अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बिजली आपूर्ति भी बहाल करने को कहा। उन्होंने बदरीनाथ क्षेत्र में संचार व्यवस्था, फोन तथा इंटरनेट को तुरंत बहाल करने और जिन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बाधित हो गई है, वहां सेटेलाइट फोन भेजने के निर्देश दिए।
अन्य स्थानों पर श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश
हवाई सर्वेक्षण के बाद सीएम ने कहा कि वहां भारी बर्फबारी हो रही है तथा छह से सात फीट तक बर्फ जमा है। आने वाले दिनों में हिमस्खलन की संभावना के दृष्टिगत जिन स्थानों में श्रमिक कार्य कर रहे हैं, वहां से उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास को एवलांच की संभावनाओं के दृष्टिगत एडवाइजरी जारी करने को कहा है।
इलाज के लिए है पूरा बंदोबस्त: सीएम धामी
सीएम ने कहा कि घायल श्रमिकों के इलाज के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। माणा और ज्योतिर्मठ में सेना के अस्पताल में घायल श्रमिकों का उपचार हो रहा है। एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के साथ ही स्थानीय सीएचसी और पीएचसी को अलर्ट पर रखा गया है।
पांच कंटेनर ट्रेस, तीन बर्फ में दबे
हम उत्तराखंड सरकार के साथ लगातार संपर्क में: ब्रजेश पाठक
उत्तराखंड के चमोली में हुए हिमस्खलन पर यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, उत्तराखंड सरकार वहां की घटना (हिमस्खलन) में फंसे उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। हम उत्तराखंड सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं। हम ईश्वर से उनकी सुरक्षित घर वापसी की प्रार्थना करते हैं। हम श्रमिकों के परिजनों के भी संपर्क में हैं।
हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू के लिए तीन टीमें तैनात
चमोली के माणा में हुए हिमस्खलन को देखते हुए एसडीआरएफ मुख्यालय जौलीग्रांट से अलर्ट जारी करते हुए तीन हाई एल्टीट्यूट रेस्क्यू टीमों को जौलीग्रांट, सहस्रधारा और गोचर में तैनात किया गया। मौसम साफ होते ही टीमों ने हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू उपकरणों के साथ उड़ान भरी। गोचर और सहस्रधारा में आठ-आठ लोगों की दो टीमों और जौलीग्रांट मुख्यालय में बटालियन की दस लोगों की एक टीम को तैनात किया गया है। इन टीमों को सेटेलाइट फोन और बर्फ में रेस्क्यू के लिए जरूरी उपकरणों के साथ तैनात किया गया है। वहीं एसडीआरएफ में अलर्ट जारी किया गया। यदि घायलों को एम्स ऋषिकेश लाया जाता है तो इसके लिए ढालवाला की टीम को अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस महानिदेशक रिधिम अग्रवाल ने कहा कि हाई एल्टीट्यूट रेस्क्यू के लिए तीन टीमों को जरूरी उपकरणों के साथ तैनात किया गया। मौसम ठीक होने पर टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हुई। टीम में दक्ष जवानों को भेजा गया है।यदि मौसम अनुकूल रहा तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को ग्राउंड जीरो पर जाकर स्थिति का जायजा भी ले सकते हैं। मुख्यमंत्री धामी ने हेली रेस्क्यू के लिए वायुसेना के हेलिकॉप्टर के साथ ही यूकाडा के हेलिकॉप्टरों को भी शनिवार सुबह रेस्क्यू अभियान में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने बताया कि शनिवार सुबह युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जाएंगे और प्रत्येक श्रमिक की सुरक्षित वापसी के लिए जो संभव होगा, वह करेंगे।
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पीएम ने ने फोन पर लिया अपडेट
बचाव अभियान की मॉनीटरिंग कर रहे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सुबह हवाई सर्वेक्षण किया और ज्योतिर्मठ में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद सीधे यूएसडीएमए के आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे मुख्यमंत्री ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बचाव अभियान को लेकर चर्चा की।
वह मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर अपडेट लिया और हर संभव मदद का भरोसा दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी श्रमिकों की सुरक्षित निकासी के लिए चिंतित हैं और अपडेट ले रहे हैं। सीएम के मुताबिक, अब तक 50 श्रमिकों को बचा लिया गया है। पांच श्रमिकों की खोजबीन के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान संचालित किया जा रहा है।