कैलाश खेर ने गाया आज फटे चक लेन दें.. तो युवाओं ने मंच के आगे आकर डिप्स लगाए। इसके बाद डमरू लेकर गाने के साथ नाचे कैलाश खेर तो दर्शक भी साथ नाचने लगे।
आयुर्वेद ने कभी एलोपैथी के बारे में बोलने का साहस नहीं किया, लेकिन एलोपैथी वालों ने आयुर्वेद के खिलाफ षड्यंत्र रचा।
अमर उजाला संवाद उत्तराखंड संवाद कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आठ शख्सियतों को अलग-अलग श्रेणी में सम्मान दिया।
1. प्रभा देवी सेमवाल
सामाजिक कृतज्ञता सम्मान 2023
2. श्री बॉबी कैश
संस्कृतिकर्मी सम्मान 2023
3. श्री राहुल रावत
उत्तराखंड उदीयमान सम्मान 2023
4. सुश्री हेमलता कबडवाल
उत्तराखंड उदीयमान सम्मान 2023
5. सुश्री दिव्या नेगी
उत्तराखंड उदीयमान सम्मान 2023
6. श्रीमती बबीता रावत
उत्तराखंड उदीयमान सम्मान 2023
7. सुश्री शिकायना मुखिया
उत्तराखंड उदीयमान सम्मान 2023
8. श्री रजत जैन
उत्तराखंड उदीयमान सम्मान 2023
स्टार्टअप और इंडस्ट्री के क्षेत्र में बात करने के लिए पैनल डिस्कशन में प्रेमचंद अग्रवाल, वैभव वर्धन, एके त्यागी और संदीप अग्रवाल शामिल हुए और सभी ने अपने-अपने विचार रख रहे हैं।
संवाद कार्यक्रम में आचार्य बालकृष्ण पहुंच गए हैं।
रानी रामपाल ने कहा कि मेरे कोच का महिला हॉकी में बड़ा योगदान है। खेलने के लिए व्यक्तिगत जुनून होना चाहिए। अगर आपके अंदर जूनून नहीं है तो आप कुछ नहीं कर पाएंगे। हार दिल पर नहीं लगनी चाहिए और जीत दिमाग पर नहीं चढ़नी चाहिए। कभी भी गिवअप मत करो। गिराने वाले बहुत मिलेंगे लेकिन उठाने वाला कोई नहीं होगा। इसलिए कभी हिम्मत न हारे।
रोंजन ने कहा कि मैं फिरोजपुर से आता हूं। वहां कोई फैसिलिटी नहीं थी। तो पिताजी ने दिल्ली भेज दिया, मैंने हॉकी से शुरुआत की। फिर फुटबॉल खेला, फिर हॉर्स बैक राइंडिंग भी की, शूटिंग पंजाब में नैचुरली आती है। पंजाब में शादी करानी है तो ट्रैक्टर और बंदूक होनी चाहिए।
रोंजन सोढ़ी ने अपनी ओलंपिक यात्रा पर कहा कि ''ओलंपिक में बहुत मुश्किल होता है। यह क्रिकेट नहीं होता है। यहां चार साल में एक मौका मिलता है। क्रिकेट में एक मैच हारते हैं तो दूसरा जीत लेते हैं, लेकिन ओलंपिक में सबकुछ अलग हो जाता है। मेरे साथ ऐसा हुआ था कि मैं कंपटीशन में पहले राउंड में लीड कर रहा था। वहां पर खेल मंत्री आए। खेल मंत्री ने कहा कि मुझे रोंजन से मिलना है। वो एक बार गए और दूसरी बार आए। उन्होंने कहा कि एक मिनट के लिए मिलूंगा। मैं जाना नहीं चाहता था कि ज्यादा जिद करने पर गया। ओलंपिक पदक जीतने का ख्वाब टूट गया। अब तो शूटिंग छोड़ चुका हूं, लेकिन कसक तो है।
रानी ने कहा कि जब आयरलैंड और दक्षिण अफ्रीका से हम जीते तो क्वार्टर में पहुंचे। यहां से लोगों की दिलचस्पी जगी। ऑस्ट्रेलिया से क्वार्टर फाइनल था। लोग हमें हारा हुआ मान रहे थे। ऑस्ट्रेलिया ग्रुप में टॉप पर था। हमारे पास खोने को कुछ नहीं था। ऑस्ट्रेलिया पर दबाव था। हमें हर सेकंड में लड़ना था। हमने पहले क्वार्टर में ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी कॉर्नर से दूर रखा। फिर जीत हासिल की। सेमीफाइनल में हार गए और पदक मैच भी हारे। लेकिन हमारा स्वागत एक पदक विजेता की तरह हुआ।
रानी रामपाल ने कहा कि ''टोक्यो ओलंपिक वही टूर्नामेंट है जिसमें लोगों ने महिला हॉकी को दिल से देखा है। उससे पहले मैंने नहीं देखा था महिला हॉकी के मैच लोग सुबह छह बजे देखते थे। हमने अच्छा प्रदर्शन किया। सबको लग रहा था कि हम आगे नहीं बढ़ पाएंगे। हॉलैंड को हमने कड़ी टक्कर दी, लेकिन हार गए।
अमर उजाला संवाद के मंच पर अब खेल जगत की हस्तियां पहुंच गई हैं। भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी रानी रामपाल और डबल ट्रैप शूटर रोंजन सोढ़ी के साथ चर्चा हो रही है।इस दौरान रानी रामपाल के पिता भावुक हो गए।
कैलाश खैर ने कहा कि उन्होंने अपने बेटे के साथ बाहुबली फिल्म देखी। इस दौरान उन्होंने अपने गीतों से समा बंधा। नाटू-नाटू सॉन्ग पर दोनों अभिनेत्रियों ने डांस किया।
कैलाश खेर ने फिल्म आदिपुरुष को लेकर कहा कि मैंने फिल्म देखी नहीं, इसलिए इस पर कुछ नहीं कहूंगा। कैलाश खेर ने कहा कि लेकिन मैं यह बात कहना चाहता हूं कि बात चाहे बेसलीका हो, मगर बात करने का तरीका होना चाहिए। हमने अपने बड़ों से सीखा है कि हमें कोई भी बात सलीके से कहनी चाहिए। मैंने फिल्में बहुत कम देखी हैं। जब मैं मंगल पांडे फिल्म के शूटिंग कर रहा था तो मैंने आमिर खान से कहा था कि आपकी फिल्म नहीं देखी है, लेकिन आप बहुत प्यारे हो तो अगले दिन आमिर खान ने मुझे लगान की डीवीडी लाकर दी।
अभिनेत्री मीनाक्षी ने कहा कि साउथ की फिल्म इंडस्ट्री में नए लोगों को ज्यादा स्कोप मिलता है। लड़कियों के लिए ज्यादा मौके मिले रहे हैं।
अभिनेत्री श्रिया ने कहा कि बॉलीवुड हो या साउथ, अच्छी स्क्रिप्ट लोग पसंद करते हैं। कहानी अच्छी होनी चाहिए। मैंने दोनों इंडस्ट्री में काम किया हैं और लोगों से दोनों जगह प्यार मिला है।
उन्होंने कहा कि हम घर छोड़ कर भाग गए थे फिर ऋषिकेश आए तो वहां पंडिताई सीखने गए। वहां पर गाते थे तो काफी यूनिक था। हमसे सब पूछते थे कि क्या गाते हो, मेरे गाने हिट हुए तो लोगों ने कहा कि वह सूफी होता है। तो ऐसे में सब आपको पता होता है और जनता परमात्मा होती है।
कैलाश खेर ने अपनी बात की शुरुआत 'टूटा टूटा एक परिंदा' गाना गाकर की। उन्होंने कहा, मेरा जन्म दिल्ली में हुआ, अमर उजाला के साथ हमारी जड़ें मेरठ से ही हैं। सब जिंदगी जीते हैं हम जुनून जीते हैं। हमारे जैसे क्षेत्र में जजमेंट देने का सबके पास हुनर है। हम एक जिद हैं हम एक जुनून हैं। मेरा मार्ग कंटक था, मेरे लिए बड़ी कठिनाई थी जीवन में जब आप सुबह से शाम तक कठिनताओं का विष पीना सीख लें तो वह भी गाएं तो अमृत है। जब तक आप कामयाब नहीं होते तो इज्जत नहीं मिलते। हमारे क्षेत्र में कामयाब लोग कम ही होते। कैसे कामयाब हुए ये,सबकी कामयाबी की अपनी जर्नी होती है।
मंच पर गायक कैलाश खैर ने अपने गाने से शुरुआत की। उन्होंने अल्लाह के बंदे हंसदे गीत गाया।
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में गायक कैलाश खेर पहुंच गए हैं। अभिनेत्री श्रेया शरण, मिनाक्षी दीक्षित भी पहुंच गई हैं। आर्ट और कल्चर पर चर्चा होगी। सत्र का नाम इंद्रधनुष है।
फिल्म आदिपुरुष विवाद पर UGC चेयरमैन जगदीश कुमार ने कहा कि लोगों की भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए। जो फिल्म में दिखाया गया, वो नहीं होना चाहिए था।
दून यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने न्यू एजुकेशन पॉलिसी को लेकर कहा कि अब स्टूडेंट के पास मल्टीपल सोर्स हैं। स्टूडेंट को सब पता चल रहा है कि उन्हें क्या पढ़ाया जा रहा है। जितनी अच्छी एजुकेशन पॉलिसी है, बस उसे हम एम्प्लीमेंट भी बेहतर ढंग से करें।
न्यू एजुकेशन पॉलिसी पर बात करते हुए जगदीश कुमार ने कहा कि हम अगर अपने देश के बेहतर भविष्य की बात कर रहे हैं तो वह शिक्षा से ही होंगे और वो हमारे देश के बच्चे हैं। NCERT की पुस्तकों को लेकर उन्होंने कहा कि इसमें हिस्ट्री के साथ आज के नए डेवलपमेंट भी होने चाहिए।
ग्राफिक एरा ग्रुप के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. कमल घनशाला ने कहा कि हायर एजुकेशन का स्वर्णिम दौर चल रहा है।
अब अमर उजाला संवाद में शिक्षा पर बात और भविष्य पर चर्चा हो रही है। मंच पर UGC चेयरमैन जगदीश कुमार, दून यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल और ग्राफिक एरा ग्रुप के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. कमल घनशाला मौजूद हैं। UGC चेयरमैन जगदीश कुमार ने कहा कि उत्तराखंड में बहुत अच्छा स्कूलिंग सिस्टम हैं। मैं सुझाव दूंगा डिस्टिंग इंस्टीट्यूशन का। सरकार और UGC इस पर काम करे।
आज दुनिया के तमाम देश भारत आ रहे हैं। भारत ने जी-20 के आयोजन को जिस तरह से निभाया यह बहुत बड़ी कामयाबी है। इसकी जितनी सराहना की जाए वो कम है। उत्तराखंड भारतीय सेना का गौरव है। उन्होंने ए मेरे प्यारे वतन गीत भी गाया।
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि उत्तराखंड हिमालय स्टेट में नंबर वन पर है। भारत और राज्य सरकार मिलकर कोशिश कर रहे हैं कि इंडस्ट्रीज आगे बढ़े। राज्य सरकार भी मदद कर रही है।
संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के साथ सत्र चल रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस राज्य में जहां तक विकास की बात की जाए तो यहां केंद्र से प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड से एक्सपोर्ट प्रमोशन के लिए बहुत प्रयास कर रहा है। उत्तराखंड के पास बहुत पोटेंशियल है। उत्तराखंड के कुछ जिलों में हमने काम करना शुरू किया है। यहां पर कई तरीके के उत्पाद हैं। जिले के एक्सपोर्ट प्लान हमने तैयार किए हैं।
अध्यात्म गुरु गौरांग दास ने कहा कि आर्थिक विकास के ही पीछे ना भागे। अमर उजाला के मंच से सही मायनों में ज्ञान का उजाला हुआ है।
अध्यात्म गुरु गौरांग दास ने कहा कि मानसिक परेशानी कितनी भी आए, हम उस पर जीत पा सकते हैं। गौरांग दास अपनी जिंदगी के अनुभवों से सही जीवन जीने के तरीका बता रहे हैं।
अध्यात्म गुरु गौरांग दास ने कहा कि डोंट कंपेयर, फोकस ऑन योर स्ट्रेंथ।
अध्यात्म गुरु गौरांग प्रभु ने कहा कि विज्ञापन का जमाना हो गया है, लोग दूसरों को देखकर नकल करने में लगे हैं। हम दूसरों को देखकर खुद को चला रहे हैं। लोग आज एक दूसरे से तुलना कर रहे हैं। लेकिन हमें यह देखना है कि हम क्या कर सकते हैं। जब तक भारत को भारत के दृष्टिकोण से नहीं देखेंगे तब तक हम भारत को समझ नहीं सकते। पैसे देकर हम कार खरीद सकते हैं लेकिन संस्कार नहीं खरीद सकते।
अब अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में योग पर चर्चा के दौरान अध्यात्म गुरु गौरांग प्रभु ने कहा कि 'योग और अध्यात्म हम सभी के जीवन में महत्वपूर्ण क्यों हैं। आप सभी जानते हैं कि भारत में लगभग 70 हजार अस्पताल हैं, लेकिन 20 लाख मंदिर हैं। कोविड काल में कई कारोबार बंद हुए, एक भी मंदिर बंद नहीं हुआ। यहां तक कि कोविड के दौर के बाद मंदिरों में भीड़ तीन से पांच गुना बढ़ गई। प्रश्न उठता है कि भारत इतना आध्यात्मिक देश है, कई पीढ़ियों से भारत को इस क्षेत्र में विश्व गुरु माना गया है, लेकिन युवा पीढ़ी को हम कैसे आश्वस्त कराएं कि योग और अध्यात्म हमारे जीवन का अभिन्न अंग है।' 'उजाला देने वाली अग्नि होती है। यानी फायर। फायर का पहला एफ है फोकस। मन भटकता है, मन परेशान करता है। इसके लिए चाहिए फोकस। आज 30 करोड़ लोग अवसाद के शिकार हैं। प्रतिदिन 370 लोग आत्महत्या कर रहे हैं। मैं जब आईआईटी में था, तब मेरा दोस्त टॉपर था। अचानक उसने एक दिन आत्महत्या की कोशिश की। मैं चकरा गया। मैंने कहा कि आप तो टॉपर हो, आपने यह प्रयास क्यों किया। वह कहता है कि हमेशा मुझे गोल्ड मेडल की आदत थी, इस बार सिल्वर मिला तो मुझसे रहा गया नहीं गया। मैं चौंक गया। लोग तो आईआईटी में आने के लिए मरते हैं, आप यहां अंदर आकर मरने का प्रयास कर रहे हो। उसी बैच में मेरे बाकी मित्र थे, वे तीन-तीन चार विषय में फेल हो गए थे, लेकिन आराम से हंसते-खेलते घूम रहे थे। मैं उन्हें भी देखकर चकरा गया। आपको तो तनाव में होना चाहिए। इस मनोचेतना के पीछे रहस्य क्या है। उन्होंने कहा कि हमारा फलसफा एकदम साफ है। कॉलेज में घुसना अपना काम है, निकालना कॉलेज का काम है। मैं इस फलसफे का प्रचार नहीं करता, लेकिन समझने वाली बात है कि मन अपने आप में विकराल स्वरूप लेता है। जब तक हम फोकस नहीं करेंगे, तब तक हम कोई भी अपनी बात को पूर्ण नहीं कर पाएंगे। इसलिए विचारों को केंद्रित करें।'
सतपाल महाराज ने कहा- हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनेगा, भविष्य में केदारनाथ के साथ-साथ 12 ज्योतिर्लिंगों की हवाई यात्रा कर सकेंगे
सवाल: यात्रा के दौरान कचरे का पहाड़ खड़ा हो जाता है इसका क्या समाधान है। ब्रिटानिया कैसे सहयोग कर सकती है।
जवाब: ब्रिटानिया के CEO राजनीत कोहली ने कहा कि हमारे सभी प्रोडक्ट में माइक्रो न्यूट्रिएंट्स हैं। हम प्लास्टिक को रिसाइकिल करने की योजना पर भी काम कर रहे हैं।
सवाल-निवेश सम्मलेन को लेकर उत्तराखंड सरकार क्या कर रही है...ताकि निवेशक इस राज्य को भी गंभीरता से लें।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि इस वक्त पांच हजार से ज्यादा होम स्टे राज्य में बने हैं। चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओ की संख्या बढ़ी है। हम तैयारी कर रहे हैं कि आने वाले समय में यहां बड़े-बड़े निवेशक आएं और राज्य के लोगों को फायदा हो। जल्द बड़े निवेशक उत्तराखंड में निवेश करेंगे।
ब्रिटानिया के CEO राजनीत कोहली ने कहा है कि देहरादून के बिस्किट और रस्क आज भी पसंद हैं। 80 देशों में हम उत्तराखंड के प्लांट में बने बिस्किट निर्यात करते हैं।देहरादून बेकरी की नगरी है।
पैनल डिस्कशन में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि शहरों की धारण क्षमता पर सरकार विचार कर रही हैं।
पर्यटन मंत्री से सवाल किया गया कि अगले 25 साल के लिए पर्यटन कि नीति की तीन बड़ी बातें जो आपको लोगों से कहना चाहिए?
सतपाल महाराज ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से अहम कई स्थानों के सुरक्षित नहीं होने की बात की गई थी, लेकिन अब उनके प्रति धारणा बदली है। अब उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। क्योंकि अब उन्हें सुविधाएं मिल रही हैं।
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में अब पैनल डिस्कशन शुरू हो गया है। पैनल डिस्कशन में सतपाल महाराज पर्यटन मंत्री, राजनीत कोहली, सीईओ-कार्यकारी निदेशक, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज और सुदीप जैन, एमडी, दक्षिण पश्चिम एशिया, इंटरकॉन्टिनेंटल टूरिस्ट ग्रुप शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि 2024 में हम 400 से ज्यादा सीटें जीत सकते हैं। वहीं, भट्ट ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश को बड़े भाई के तौर पर मानते हैं पहले हम सभी एक थे। हालांकि अगर किसी की बदली करनी होती थी तो कहते थे कि हम तुम्हें उत्तराखंड फेंक देंगे। इस तरह से लोगों को डराया जाता था। लेकिन आज वर्तमान को देखेंगे तो बहुत कुछ बदल गया है। यहां डबल इंजन की सरकार है। हमारे सीएम धामी उत्तराखंड के विकास के लिए बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि हम जल में थल में और नभ में मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि 2019 में किसी को यकीन नहीं था कि हम सरकार बनाएंगे। लोगों ने कई तरह कि बातें कीं, लेकिन सबको जवाब मिल गया। 2024 में भी मोदी जी को जनता भारी बहुमत से दोबारा सत्ता पर बैठाएगी।
अगले 25 वर्ष में क्या हम आत्मनिर्भर हो जाएंगे? इस सवाल पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि आज हम पांच सबसे मजबूत देशों में से एक हैं और आने वाले समय में हम यकीनन एक नंबर होंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह की रिपोर्ट सामने आ रही है। वो यही बताती है कि हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
वरिष्ठ पत्रकार सुमित अवस्थी ने पूछा कि वीरू पाजी गाना गाते हैं पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लिए, हम लोगों के लिए नहीं गा सकते हैं क्या? तभी संवाद के मंच से वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि जी बिल्कुल। उन्होंने राजेश खन्ना की फिल्म 'मेरे जीवन साथी' का गाना गया है। चला जाता हूं, किसी की धुन में धड़कते दिल के, तराने लिए मिलन की मस्ती, भरी आंखों में...
वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि वैसे मैं अब अपना समय अपने बच्चों को देना चाहता हूं। मैंने इतने साल क्रिकेट को दिए है, तब मैंने अपने परिवार को समय नहीं दिया। अब मैं अपने बच्चों को समय देना चाहता हूं। अब मेरे बच्चे बड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिवार के कहने पर मैंने उस वक़्त कोच के लिए फार्म भरा था, लेकिन मैं जानता था कि मेरा नहीं होगा।
वीरेंद्र सहवाग ने संवाद में आए बच्चों को संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स में कोई शॉर्टकट नहीं है। जैसे आप स्कूल जाते हैं। वहां आप आठवीं के बाद सीधा कॉलेज नहीं जा सकते हैं, आपको नौंवी, दसवीं, 11वीं और 12वीं पास करनी ही होगी। स्पोर्ट्स भी ऐसा ही है, यहां भी कई साल लगते हैं। बहुत मेहनत करनी पड़ती है। बहुत प्रैक्टिस करनी पड़ती है परफेक्ट होने में। मेहनत आपके हाथ में है। स्किल इंप्रूव करना आपके हाथ में है। कोई न कोई हर किसी को देख रहा होता है। मैंने कई मौकों पर अच्छा परफॉर्मेंस किया और आगे बढ़ता चला गया।
सहवाग ने कहा कि क्योंकि मैंने पत्रकारिता नहीं की है, उतनी पढ़ाई नहीं की है। मेरी इंग्लिश इतनी अच्छी नहीं है। इसलिए मैं जो हिंदी में बोलता हूं वह वो उसे इंग्लिश में ट्रांसलेट कर दें। क्रिकेट छोड़ कर जब मैं ट्विटर पर आया तो देखा सभी लोग सिर्फ एक ही क्रिकेटर का जन्मदिन मनाते हैं, सचिन तेंदुलकर का। मैंने सोचा सभी का जन्मदिन मनना चाहिए। जब ट्विटर पर लिखना शुरू किया तो लोगों को ये सब पसंद आया।
पूर्व क्रिकेटर सहवाग ने इस दौरान भारतीय टीम का बचाव भी किया। उन्होंने कहा कि कोई भी टीम भारत में आकर टेस्ट मैच नहीं जीत पाती है। ऐसे में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया जाकर दो सीरीज जीती है। इस लिहाज से भारतीय फैंस को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल एक मैच समझकर भूल जाना चाहिए। हमारी टीम बड़े मैच जीतने में सक्षम है।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल को लेकर सहवाग ने कहा कि हमारे बल्लेबाजों ने उतने रन नहीं बनाए। अश्विन का नहीं खेलना भी इसकी बड़ी वजह रही। वह दुनिया के नंबर एक गेंदबाज हैं। ऑस्ट्रेलिया के लिए नाथन लियोन खेले थे। ऐसे में उनका खेलना बनता था। हालांकि, हार की वजह बल्लेबाजों का 30-35 रन बनाकर विकेट फेंकना रहा। हालांकि, अश्विन को नहीं खिलाना बड़ी चूक है।
टॉस के फैसले पर उन्होंने कहा कि रोहित ने मौसम के हिसाब से पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यह फैसला उसी समय लेना होता है और उन्होंने कोई बड़ी गलती नहीं की थी। वहीं, शुभमन गिल को लेकर उन्होंने कहा कि शुभमन गिल का फेल होना बड़ी मुश्किल नहीं है। सभी बल्लेबाज हर मैच में रन नहीं बनाते हैं। हमारे बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाए। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के लिए ट्रेविस हेड और स्मिथ ने बड़े शतक लगाए।
संवाद कार्यक्रम में अब पूर्व क्रिकेटर पहुंचे हैं। ट्विटर पर छाए रहने के सवाल पर सहवाग ने कहा कि कुछ काम मेरा होता है और कुछ मेरे फैंस मुझे सुर्खियों रखते हैं। वीरेंद्र सहवाग को देखने के लिए बच्चे भी पहुंचे हैं।
महिलाओं को लेकर सीएम धामी ने कहा कि मातृशक्ति ने प्रदेश को बनाया है। उनकी सुरक्षा हमारी सबसे पहली जिम्मेदारी है।
प्रदेश में युवाओं के पलायन करने और बेरोजगारी के सवाल पर सीएम धामी ने कहा कि यकीनन पलायन हमारे प्रदेश के बड़ी समस्या है। लेकिन भर्ती घोटाले को लेकर हमने जिस तरह से कार्रवाई कि है उसने युवाओं को भरोसा बढ़ा है। हम अपने प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने वाला बनाना चाहते हैं।
यूनिफॉर्म सिविल कोड सबके लिए है। यह हमारा निर्णय था कि सबसे पहले ये काम करें। इससे किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए। जो लोग देश के साथ नहीं है उन्हें ही दिक्कत है।
पुरोला को घटना को लेकर सीएम धामी ने कहा की कुछ भी गलत नहीं होने दिया गया। पुलिस ने अपना काम किया। किसी भी तरह प्रदेश का माहौल नहीं बिगड़ने दिया। लेकिन अगर हमारी बेटियों के साथ कोई गलत करेगा तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएम धामी ने कहा कि अगले 25 साल में किसी तरह काम होगा इस पर रोडमैप बनाया जा रहा है। आने वाले 25 वर्षों में किस प्रकार से यहां लोगों का दबाव होगा, किस तरह आबादी बढ़ेगी, आवागमन बढ़ेगा, उसी को ध्यान में रखकर विकास कार्य कर रहे हैं।
जवाब- एक समय था जब बद्रीनाथ धाम जाने के लिए भी इतना लंबा सफर करना पड़ता था। धीरे-धीरे व्यवस्थाएं सुधरी हैं। उत्तराखंड आने के लिए लोगों का आकर्षण बढ़ा है। आज बद्रीनाथ, केदारनाथ धाम आने के लिए रोजाना 30,000 रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं। इससे पता चलता है कि यहां लोगों को सुविधाएं मिल रही हैं, इसलिए लोग आ रहे हैं।
संवाद के पहले सत्र का आगाज हो गया है। इसमें सीएम धामी के साथ विकास के रोडमैप पर मंथन किया जा रहा है। सीएम धामी के साथ पहले सत्र में एनडीटीवी की निधि कुलपति हैं। सीएम धामी ने कार्यक्रम की शुरुआत में कहा कि हमारे सामने चुनौती है। अच्छा प्रशासन देना, अच्छी सरकार देना और हमारे देश के प्रधानमंत्री मोदी जी का उत्तराखंड की धरती से एक विशेष लगाव है। एक कर्म और मर्म का रिश्ता है।
उन्होंने कहा कि आप सभी लोगों ने यहां का नाम देश-विदेश में रोशन किया। इन सभी के साथ अमर उजाला आपके सुख-दुख का साथी बना रहा। हम सभी ने आपको समझा और उसे आवाज दी। अमर उजाला संवाद उसी कड़ी का हिस्सा है। हम आज यह एक्सपर्ट्स के विचारों के जरिए जानेंगे कि हम सभी को आगे बढ़ने के लिए क्या करने की आवश्यकता है। हम मिलकर बेहतर से और भी बेहतर हो सकते हैं। हम सब मिलकर एक ऐसा नया सवेरा ला सकते हैं, जो कि उत्तराखंड को एक स्वर्णिम शताब्दी की ओर ले जाएगा। हम लेकर आ सकते हैं वह सुबह की लाली, जिसका रंग बलिदान की लाली से मेल खाएगा। आपका आभार जो आपने कीमती समय निकाला। मैं आशा करता हूं आज के दिन सभी वक्ता ऐसी बातें साझा करेंगे, जिससे नई दिशा मिलेगी। धन्यवाद।
अमर उजाला के प्रबंध निदेशक तन्मय माहेश्वरी ने कहा कि सन 1994 से उत्तराखंड के आंदोलन ने जोर पकड़ लिया था, अमर उजाला ने उत्तराखंड की भावनाओं को समझा और उनका साक्षी बना। उस कठिन दौर में अमर उजाला सच की आवाज बनकर हर घर तक पहुंचा। पहले मेरठ और बरेली से यहां अखबार आया करता था। फिर सन 1997 में अमर उजाला ने देहरादून संस्करण की शुरुआत की। उसके तीन वर्ष बाद अमर उजाला नैनीताल से भी आने लगा। नौ नवंबर 2000, आप सभी को वह दिन अच्छे से याद होगा। वह दिन था उत्तराखंड के उदय का। उस दिन अमर उजाला का शीर्षक था- उत्तरांचल का उदय। उसी दिन अमर उजाला में एक संपादकीय आया था। उसके कुछ अंश मैं साझा करना चाहूंगा- यूं तो 23 वर्ष पुरानी घटना का आज महत्व क्या है, यह आप सभी के मन में आ रहा होगा। कल जब मैंने रात को यह संपादकीय पढ़ा तो मुझे लगा कि आप सभी से इसका शीर्षक साझा करना चाहिए। इसकी हेडलाइन थी- नए राज्य का पहला सूर्योदय। यह अवसर है नई चुनौती को स्वीकार करने का। जो प्रण आप सभी लोगों ने, इस खुशहाल प्रदेश की जनता ने नौ नवंबर को लिया था। वह आज भी कायम है।
अमर उजाला के एमडी तन्मय माहेश्वरी ने मुख्यमंत्री धामी का स्वागत किया। इसके साथ ही सीएम धामी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंच गए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी उनके साथ पहुंच गए हैं। अमर उजाला के एमडी तन्मय माहेश्वरी ने मुख्यमंत्री धामी का स्वागत किया।
उत्तराखंड संवाद के लिए हस्तियां जुटने लगी हैं। गुरु गौरांग दास, स्वामी चिदानंद समेत विधायकों और सांसदों के आने का सिलसिला जारी है। अमर उजाला की 75 वर्षों की यात्रा से अतिथियों को रूबरू कराया जा रहा है।
अमर उजाला संवाद उत्तराखंड कार्यक्रम थोड़ी देर में शुरू होने जा रहा है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कई हस्तियों पहुंच चुकी हैं। समापन सत्र में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य आकर्षण होंगे। सीएम पुष्कर सिंह धामी भी शामिल होंगे।
परमार्थ निकेतन के प्रमुख स्वामी चिदानंद मुनि ने बातचीत के दौरान कहा कि अगर आज धरती पर उजाले को अमर रखना है तो एक तरीका है। एक हमें अपने व्यक्तिगत जीवन में और एक पहाड़ के जीवन के भीतर के तापमान को संभाल कर रखें। पहाड़ के जीवन में और संसार के जीवन में बाहर के तापमान को संभालकर रखने का एक ही तरीखा है। और वो तरीका है हम पर्यावरण को बचाकर रखें।
बगड़ बम-बम लहरी...फेम सूफी गायक कैलाश खेर ने 18 भाषाओं में गाने गाये हैं। इन दिनों दौलत शोहरत गीत से सुर्खियां बटोर रहे कैलाश बॉलीवुड में 300 से अधिक गीतों को अपनी आवाज दे चुके हैं। कैलाश खेर को संगीत मानों विरासत में मिली हो। उनके पिता पंडित मेहर सिंह खेर पुजारी थे और अक्सर घरों में होने वाले इवेंट में परंपरागत लोक गीत गाया करते थे। कैलाश ने बचपन में पिता से ही संगीत की शिक्षा ली।
अमर उजाला ने टिहरी की बेटी दिव्या नेगी का भी चयन किया है। राष्ट्रीय युवा संसद में उत्तराखंड की प्रतिनिधि बनकर थौलधार प्रखंड के सुनार गांव निवासी दिव्या नेगी ने टिहरी जिले और उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। दिव्या ने जी-20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करने वाले भारत की भूमिका पर तीन मिनट की शानदार प्रस्तुति दी। दिव्या का जन्म और पालन-पोषण टिहरी जिले के थौलधर ब्लॉक के सोनार गांव में हुआ था। उन्होंने आठवीं कक्षा तक अपनी प्राथमिक शिक्षा के लिए गांव के स्कूल में पढ़ाई की। उन्होंने कांदीखाल टिहरी में ग्रीन हिल पब्लिक स्कूल में आठवीं कक्षा के पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद देहरादून में अपनी इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की और बाद में उन्होंने देहरादून के एसजीआरआर पीजी कॉलेज में अपनी डिग्री की। ऐसी हजारों लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा बनीं दिव्या नेगी को अमर उजाला सम्मानित कर रहा है।
प्रभा देवी सेमवाल: रुद्रप्रयाग निवासी पर्यावरण रक्षक। बंजर भूमि पर खुद का जंगल उगाया। सामाजिक सरोकार व पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सामाजिक कृतज्ञता सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
बॉबी कैश: देहरादून निवासी गायक-संगीतकार। देश-विदेश में अपनी आवाज की धूम मचाई। संगीत साधना व कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए संस्कृतिकर्मी सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
1. राहुल रावत: कोटद्वार निवासी दिगंतरा कंपनी के संस्थापक। नवाचार, पर्यावरण, कला-संस्कृति क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिए उदीयमान प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
2. हेमलता कबडवाल: मुक्तेश्वर निवासी चित्रकार। नए संसद भवन में इनकी बनाई ऐपण कला को स्थान मिला। कला-संस्कृति क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उदीयमान प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
3. दिव्या नेगी: टिहरी निवासी युवा वक्ता। राष्ट्रीय युवा संसद में जी-20 पर भारत की भूमिका पर शानदार प्रस्तुति। कला-संस्कृति क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उदीयमान प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
4. बबीता रावत: रुद्रप्रयाग निवासी किसान। 37 हजार वर्ग फीट भूमि हल चलाकर सब्जी, मशरूम उत्पादन। नवाचार, पर्यावरण, कला-संस्कृति क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उदीयमान प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
5. शिकायना मुखिया: देहरादून निवासी युवा गायिका। बॉलीवुड जगत में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। नवाचार, पर्यावरण, कला-संस्कृति क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उदीयमान प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
6. रजत जैन-अर्पित जैन: देहरादून निवासी इनोवेटर। दुनिया की सबसे छोटी ईसीजी मशीन बनाई। नवाचार, पर्यावरण, कला-संस्कृति क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उदीयमान प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
अपनी सोच, प्रतिभाग, लगन, मेहनत के दम पर कुछ अलग करके राज्य का नाम राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय फलक पर रोशन करने वाली उत्तराखंड की आठ हस्तियों को आज सम्मानित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम का एक बड़ा आकर्षण है सूफी गायक कैलाश खेर का शो कैलासा। अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने पर अमर उजाला आज शाम ‘कैलासा’ लाइव लेकर आ रहा है। केदारपुरम, मोथरोवाला स्थित दून विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में होने वाले इस लाइव कॉन्सर्ट में एक पास पर दो लोगों को एंट्री मिलेगी।
सीएम पुष्कर सिंह धामी, गौरांग दास प्रभु, स्वामी चिदानंद मुनि, अमर उजाला के एमडी तन्मय माहेश्वरी, वरिष्ठ कार्यकारी संपादक डॉ. इंदु शेखर पंचोली कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग उत्तराखंड में खेल की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। पर्यटन एवं उद्योग क्षेत्र पर संवाद में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, इंटर कांटिनेंटल होटल्स ग्रुप के साउथ वेस्ट एशिया के एमडी सुदीप जैन, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के सीईओ रजनीत कोहली शामिल होंगे।