किसान संगठनों के दिल्ली कूच करने के बाद पंजाब हरियाणा बॉर्डर पर लगते हरियाणा के सात जिलों में इंटनेट सेवाएं 15 फरवरी तक बाधित रहेंगी। अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा और डबवाली में मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया है। पहले यह रोक 13 फरवरी तक थी जो बढ़ा दी गई है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग की है। साथ ही किसानों के दिल्ली चलो मार्च पर कार्रवाई की निंदा की है। सरकार पर किसान संगठनों के बीच विभाजन को प्रोजेक्ट करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया है।
किसानों के आंदोलन के कारण टिकरी बॉर्डर पर बैरिकेडिंग की गई।
जींद के दातासिंह वाला बॉर्डर पर 5 पुलिस कर्मचारी घायल हुए हैं, जिनको नागरिक अस्पताल नरवाना में दाखिल करवाया गया है।
पिहोवा के ट्यूकर बॉर्डर पर ही किसानों ने शुरू किया लंगर
कुरुक्षेत्र में पंजाब की सीमा पर ट्यूकर बॉर्डर पर आंदोलन पंजाब की ओर से बढ़ने के आसार पैदा हो गए हैं। पंजाब की ओर से आए किसानों ने बॉर्डर की स्थिति जानने के लिए वहीं पर पक्का मोर्चा लगाकर लंगर शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं किसानों ने दोपहर एक बजे ट्रैक्टरों की सहायता से सीमेंट के बड़े-बड़े अवरोधों को तोड़ने शुरू कर दिया, जिससे पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। डीएसपी रजत गुलिया आनन फानन में मौके पर पहुचं गये और किसानों को समझा कर उन्हें रोक दिया। किसान पंजाब की और से पटियाला रोड पर ही मोर्चा लगा कर बैठ गए। किसान पंजाब की सीमा पर ही ट्रैक्टरों के साथ डटे हुए हैं और हरियाणा की तरफ भारी पुलिस तैनात थी।
सूत्रों के अनुसार, किसानों के विरोध प्रदर्शन के कारण पंजाब में पचास फीसदी कम डीजल और बीस फीसदी कम गैस भेजी जा सकी है।
जींद के दाता सिंह वाला बॉर्डर पर हालात बिगड़ गए हैं। पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया है। आंसू गैस के गोले लगातार दागे जा रहे हैं। पुलिस कभी किसानों के पीछे तो कभी किसान पुलिस के पीछे हैं। किसानों ने पथराव भी किया है।
अंबाला की प्रधान चिकित्सा अधिकारी संगीता गोयल ने कहा कि हमारे पास अब तक सात मामले आए हैं। इनमें चार हरियाणा पुलिस अधिकारी और कर्मचारी हैं। तीन रैपिड एक्शन फोर्स से हैं। सभी ठीक है, वे सचेत हैं और उनके शरीर के अंग भी ठीक हैं। हमारे डॉक्टरों की टीम 24 घंटे वहां मौजूद है।
किसानों के विरोध प्रदर्शन पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने सवाल उठाए हैं। विज ने कहा कि किसान केंद्र सरकार से बात करना चाहते थे, लेकिन केंद्र के अधिकारी यहां बात करने आए हैं। दो बार बातचीत हो चुकी है और आगे भी बातचीत से इनकार नहीं कर रहे हैं फिर भी वे दिल्ली जाने पर अड़े हुए हैं...वे दिल्ली क्यों जाना चाहते हैं? ऐसा लगता है कि उनका कोई और मकसद है...हम शांति भंग नहीं होने देंगे। उन्हें अपना कॉल वापस लेना चाहिए।
शम्भू बैरियर की पहली बैरिकेडिंग किसानों ने तोड़ी। इससे पहले पुलिस ने किसानों पर रबड़ की गोलियां दागी थीं।
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किसानों के दिल्ली कूच के दौरान मंगलवार को कुरुक्षेत्र में किसानों ने ट्रैक्टरों से सड़क पर लगाए बैरिकेड हटा दिए।
जींद में बॉर्डर पर बड़ी संख्या में पंजाब के किसान पहुंचे। दोबारा आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं।
शंभू बॉर्डर पर पुल के दोनों तरफ लगाई लोहे की रेलिंग को किसानों ने तोड़ दिया है। आंसू गैस के कारण कुछ लोगों को चोटें आई हैं। वहीं शम्भू बॉर्डर पर सबसे आगे तैनात अंबाला नारायणगढ़ डीएसपी समेत पांच पुलिस मुलाजिम भी घायल हुए हैं। सभी को सिटी सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
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दातासिंह वाला बॉर्डर पर एक बार आंसू गैस के गोले व वाटर कैनन चलने के बाद मामला अभी शांत हो गया है। यहां अब पंजाब की तरफ से ट्रैक्टर पहुंचने शुरू हो गए हैं। बॉर्डर से लगभग 100 मीटर पीछे किसान जमा होने शुरू हो गए हैं। हरियाणा के भी काफी किसान पंजाब के किसान के पास पहुंच गए हैं। अब सभी अन्य ट्रैक्टरों के काफिले के पहुंचने का इंतजार करने लग गए हैं। जब सभी लोग यहां जमा हो जाएंगे तो यह लोग आगे की रणनीति बनाएंगे। इसके बाद ही आगे निकलेंगे।
लगभग ढ़ाई बजे नरवाना के साथ लगती पंजाब सीमा पर भी पुलिस व किसानों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। पंंजाब की तरफ बॉर्डर पर पुलिस द्वारा सड़क के बीच में गाड़ी गई कील किसान निकाले लगे ताे पुलिस ने आसू गैस के गोले छोड़ने शुरू कर दिए और वाटर कैनन से पानी की बारिश करनी शुरू कर दी। एक बार तो किसान पीछे हट गए लेकिन फिर से सड़क पर आ डटे और कील निकालने का काम शुरू कर दिया। फिर से पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ने शुरू कर दिए। काफी संख्या में हरियाणा के किसान भी पंजाब की तरफ पहुंच गए और पंजाब से बाइकों पर आए किसानों का साथ देने लग गए। मौके पर भारी संख्या में किसान मौजूद हैं। किसानों की संख्या कम होने के कारण अब किसान पीछे हट गए हैं।
पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि लगभग 10,000 लोग यहां शंभू सीमा पर पहुंचे हुए हैं, किसान यहां शांतिपूर्ण स्थिति बनाए हुए हैं, ड्रोन के जरिए हमारे खिलाफ आंसू गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है। विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार हमारी मांगों को नहीं मानती।
कुंडली और सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही बंद
सोनीपत के कुंडली और सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद कर दी गई है। केएमपी केजीपी जीरो प्वाइंट से वाहनों को निकाला जा रहा है।
हरियाणा-पंजाब शंभू सीमा पर प्रदर्शनकारी किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारें भी की हैं।
सिरसा में भी इकट्ठा हुए किसान
सिरसा में हाईवे पर पंजुआना नहर पर भारतीय किसान एकता के राष्ट्रीय अध्यक्ष लखविंद औलख की अगुवाई में 500 के करीब किसान इकट्ठा हुए हैं। सुबह 12 बजे से अभी कोई कदम किसानों ने नहीं उठाया है। सिरसा के घगगर पुल पर नाका लगाया गया है। उस नाके से 5 किलोमीटर दूर किसान बैठे हैं।
कुरुक्षेत्र में पिहोवा से पटियाला रोड ट्यूकर बॉर्डर पर एक ट्रैक्टर लेकर पहुंचे किसानों ने सड़क पर लगी कीलों को उखाड़ने का प्रयास किया, इस दौरान पुलिस भी खड़ी नजर आई। हरियाणा सीमा की ओर फोर्स पूरी तरह से तैनात है, लेकिन अभी टकराव की कोई स्थिति नहीं है।
शंभू बॉर्डर पर पुलिस की ओर से रबड़ की गोलियां का प्रयोग किया गया है। पुलिस प्रशासन किसानों को रोकने का पूरा प्रयास कर रहा है।
नरवाना के साथ लगती पंजाब सीमा पर भी पुलिस व किसानों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। पंजाब की तरफ बॉर्डर पर पुलिस ने सड़क के बीच में कीलें गाड़ी गई थी। किसान इन्हें निकालने लगे तो पुलिस ने आसू गैस के गोले छोड़ने शुरू कर दिए और वाटर कैनन का भी प्रयोग किया गया। एक बार तो किसान पीछे हट गए लेकिन फिर से सड़क पर आ डटे और कील निकालने का काम शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने फिर इआंसू गैस के गोले छोड़े। काफी संख्या में हरियाणा के किसान भी पंजाब की तरफ पहुंच गए और पंजाब से बाइकों पर आए किसानों का साथ देने लगे हैं। अभी तक पंजाब से ट्रैक्टरों में किसान नहीं पहुंचे हैं। पुलिस द्वारा मौके पर जैमर लगाए जाने के कारण पंजाब की तरफ बॉर्डर पर भी नेट सेवाएं बंद हो गई हैं।
शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों द्वारा हरियाणा पुलिस पर पथराव किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा पुलिस द्वारा आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। उपद्रव फैलाने की अनुमति किसी को नहीं है, ऐसा करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
पुलिस प्रदर्शनकारी किसानों को हिरासत में ले रही है।
लगातार दागे जा आंसू गैस के गोलों के बीच किसान खेतों में घुस गए हैं।
हरियाणा-पंजाब शंभू सीमा पार करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारी किसानों ने अपने ट्रैक्टरों से सीमेंट के बैरिकेड को जबरन हटा दिया है।
शंभू बॉर्डर पर दोबारा आंसू गैस के गोले दागे गए हैं। 300 मीटर की दूरी तक आंसू गैस की मार हो रही है।
किसानों के मार्च पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार को किसानों के साथ हुए समझौते का पालन करना चाहिए। किसानों की एमएसपी की मांग वैध है। वहीं हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जहां तक किसानों की मांगों का सवाल है तो केंद्र सरकार को तुरंत किसानों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी बात माननी चाहिए।
पंजाब कांग्रेस ने आंदोलनकारी किसानों का समर्थन किया है। साथ ही किसानों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए 82838-35469 नंबर भी जारी किया है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिन्दर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि 1967 में एमएसपी लाने वाली इंदिरा गांधी और कांग्रेस सरकार थी। किसानों का 72 हजार करोड़ रुपये का ऋण हमने माफ किया था, उस समय देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह थे... हमने पंजाब के 5.5 लाख किसानों का ऋण माफ किया और बिना केंद्र सरकार की मदद के... पंजाब की सरकारों ने ये किया... हमने कभी किसी किसान के ऊपर मुकदमा नहीं किया।
शंभू बॉर्डर से किसानों को हिरासत में लिया जा रहा है।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल का कहना है कि भाजपा सरकार ने किसानों के लिए जो काम किया है वो पहले किसी सरकार ने नहीं किया...हम किसानों के साथ हैं...मुझे लगता है कि इसके पीछे राजनीति है। सरकार चाहती है कि किसान आर्थिक रूप से मजबूत हों... सभी मुद्दे बातचीत से हल हों... किसान संतुष्ट हैं लेकिन आंदोलनकारी आंदोलन कर रहे हैं। आम किसान कह रहा है कि इससे बेहतर कोई सरकार नहीं है।
शंभू बॉर्डर पर ड्रोन से आंसू गैस के गोले फेंके जा रहे हैं।
शंभू बॉर्डर पर पुलिस पर पथराव करने की सूचना आ रही है। हालांकि सूत्रों के अनुसार, ये किसान नहीं हैं। किसानों की आड़ में कुछ शरारती तत्व भीड़ में घुस गए हैं और माहौल बिगाड़ रहे हैं।
विरोध मार्च निकाल रहे किसानों ने अंबाला हाईवे को पार किया।
किसान आंदोलन के कारण शाहाबाद में दिल्ली-अंबाला नेशनल हाईवे 44 पर देर रात को ही पक्की बैरिकेडिंग कर दी गई है। वज्र और वाटर कैनन भी तैनात हैं। करनाल से लगती सीमा तक जगह-जगह पुलिस के जवान तैनात हैं। किसानों को हिरासत में लेने की जरूरत पड़ने पर उन्हें ले जाने के लिए पुलिस लाइन में दर्जनों बसें खड़ी की गई हैं। फिलहाल शाहाबाद तक नेशनल हाईवे पर कोई रोक नहीं है, लेकिन किसानों के कूच व शाहाबाद में सील किए गए हाईवे के चलते आवाजाही बेहद कम है। हाईवे सुनसान पड़ा है।
किसानों के मार्च पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि किसानों की कुछ मांगों पर हमें राज्यों के साथ चर्चा करने की जरूरत है... हमें चर्चा के लिए एक मंच तैयार करने और समाधान खोजने की जरूरत है। भारत सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए बाध्य है...जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए। किसान संघ को यह समझने की जरूरत है।
किसानों के आंदोलन के करण रोडवेज सेवा भी प्रभावित हुई है। दिल्ली जाने वाली बसें हिसार से वापस लौट रही हैं। पंजाब, राजस्थान की बसें पूरी तरह से बंद हैं। ग्रामीण एरिया की बसें प्रभावित हैं। प्रशासन का दावा है कि दिल्ली, चंडीगढ़ की बसें चल रही हैं लेकिन चालकों ने बताया कि बसें बीच रास्ते ही वापस आ रही हैं।
किसानों ने पंजाब के फतेहगढ़ साहिब से अपना 'दिल्ली चलो' मार्च शुरू कर दिया है। फतेहगढ़ साहिब में किसानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। थोड़ी देर बाद दिल्ली जाने की घोषणा करेंगे।
किसान कुछ ही देर में हरियाणा में प्रवेश करेंगे।
किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने मीडिया से कहा कि उनकी मुख्य तीन मांगें- एमएसपी की गारंटी, किसानों के कर्ज माफ करने और 60 से अधिक उम्र के किसानों को पेंशन देने पर सहमति नहीं बन सकी। किसान बातचीत के लिए तैयार हैं और केंद्र सरकार जब भी बातचीत के लिए बुलाएगी, हम जरूर जाएंगे। केंद्र सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं है और वह केवल समय गुजारना चाहती है। हमने पूरी कोशिश की और मंत्रियों से लंबी बातचीत की लेकिन कोई निर्णय नहीं निकल सका। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि मंगलवार सुबह 10 बजे तक हम सरकार के जवाब का इंतजार करेंगे, उसके बाद दिल्ली कूच होगा।
किसान आंदोलन के कारण भारी वाहनसोनीपत के बीसवा मील चौक से आगे केएमपी और केजीपी से दिल्ली भेजे जा रहे हैं। वहीं उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान जाने वाले रास्तों पर वाहनों को डायवर्ट करवाने के लिए पुलिस जवान तैनात हैं। कुंडली सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए युद्ध स्तर पर बेरिकेडिंग की है।
सोमवार को पंजाब के विभिन्न जिलों से किसानों के जत्थे राशन पानी लेकर बॉर्डर के लिए रवाना हुए। ये सभी शंभू बॉर्डर की ओर जा रहे हैं। पंजाब में इन्हें कहीं भी नहीं रोका जा रहा।
लंबित मांगों को लेकर पंजाब के हजारों किसान आज दिल्ली कूच करेंगे। देर रात तक केंद्रीय मंत्रियों के साथ चली बैठक बेनतीजा रही जिसके बाद किसानों को हरियाणा बॉर्डर पर पहुंचने के लिए कहा गया था। दिल्ली कूच के लिए ट्रैक्टर ट्रॉलियों में टेंट, राशन और अन्य सामान भरकर पंजाब के विभिन्न इलाकों से किसान निकल पड़े हैं।