पथराव में एसएचओ चंद्रभान को चोट आई है। किसान नेता सुरेश कोथ समेत कुछ किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस की कार्रवाई में किसान भी घायल हुए हैं।
हिसार के खेड़ी चौपटा के पक्के मोर्चे पर किसानों ने दोपहर 2 बजे आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने रोक लिया। पुलिस ने सड़क पर दोनों ओर बेरिकेड्स लगाए हुए हैं। मौके पर गाड़ियां भी अड़ा दी गई हैं। किसान कच्चे रास्तों की ओर से निकलने लगे तो पुलिस ने वहां भी रोकने का प्रयास किया। पुलिस तथा किसानों के बीच काफी देर तक बहस हुई। इस बीच पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो किसानों ने भी पुलिस पर पथराव किया। इसके बाद पुलिस पीछे हट गई। पुलिसकर्मी मौके से दौड़ते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे। बाद में पुलिस कर्मियों ने भी किसानों पर पथराव करना शुरू कर दिया।
किसानों की केंद्र से मांग
भारतीय किसान यूनियन के सूबेदार चरण सिंह, सुनील प्रधान, तेजबीर प्रधान, नीरज सिलाना,सीटू की सरोज दुजाना, रिटायर्ड कर्मचारी नेता मास्टर बलबीर सिंह कोट तथा एसकेएस जिला प्रधान रामबीर, आशा वर्कर नेत्री, अनीता भागलपुरी ने भी धरने को संबोधित किया व पंजाब की सीमा पर किसानों पर चलाए जा रहे क्रूर पुलिस दमन, ट्रैक्टरों को तोड़ने पर आक्रोश व्यक्त किया और इसकी न्यायिक जांच कराने, 9 दिसंबर 2021 को दिल्ली बॉर्डर से किसानों की घर वापसी के समय एसकेएम से किए गए वायदों को पूरा करने की मांग केंद्र सरकार से की।
इस अवसर पर ओमप्रकाश बाघपुर,ओमबीर सिंह, महेंद्र सिंह, बलबीर सिंह, सुनील माजरा,पवन, हंसराज, होश्यार सिंह, सुरेंद्र, रमेश, काले प्रधान,सतबीर सिंह, सतपाल सभ्रवाल, संसार सुरहेती, किशन तथा अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सीएम और पुलिस अधिकारियों पर दर्ज हो एफआईआर
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा नेशनल कोर्डिनेशन कमेटी के सदस्य एवं ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी ने कहा कि युवा किसान शुभकरण सिंह की हत्या के अपराध में मुख्यमंत्री हरियाणा और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। किसान सभा के दिलबाग सिंह दलाल ने कहा कि इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से न्यायिक जांच करवाई जाए। सतबीर सिंह कादियान, जगबीर सिंह सोलंकी तथा रमेश जाखड़ ने शहीद शुभ करण सिंह के परिवार को एक करोड रुपए मुआवजा देने की मांग की।
खनौरी बॉर्डर पर एक और किसान की मौत पर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि वह खनौरी बॉर्डर पर थे और इस किसान आंदोलन के चौथे शहीद हैं। उनकी पहचान दर्शन सिंह (62) के रूप में हुई है, उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। पिछले तीन शहीदों के समान ही मुआवजा दिया गया है और एक उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जानी चाहिए। उन्होंने पहले प्रत्येक को मुआवजे के रूप में 5 लाख रुपये प्रदान किए हैं।
हिसार के खेड़ी चौपटा के पक्के मोर्चे पर किसानों ने दोपहर 2 बजे के बाद खनौरी बॉर्डर की ओर कूच करने का एलान किया है। इस एलान को लेकर प्रशासन ने वीरवार को किसानों से बातचीत की थी जिसमें समाधान नहीं निकल सका था। किसान खनौरी बॉर्डर पर जाने की जिद पर अड़े रहे। प्रशासन ने मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। फायर ब्रिगेड की गाड़ी, वाटर कैनन, एंबुलेंस मौके पर तैनात हैं।
किसान नेता सुरेश कोथ व विकास सीसर ने बताया कि किसान दोपहर करीब दो बजे खनौरी बॉर्डर के लिए कूच करेंगे। अगर प्रशासन ने कोई खलल डालने की कोशिश की, तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान शांतिपूर्वक अपना आंदोलन कर रहे हैं। प्रशासन भी शांतिपूर्वक तरीके से किसानों का सहयोग करे। सरकार किसानों की सभी मांगें जल्द से जल्द पूरी करें अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा। खनौरी बॉर्डर जाने के लिए किसानों ने अपनी तैयारी कर रखी है सभी किसान राशन के साथ पूरे इंतजाम करके यहां से चलेंगे। ट्रैक्टर के साथ ट्रॉली के अंदर ही रहने का अस्थाई ठिकाना भी बनाया गया है। बॉर्डर पर पहुंच कर जो किसान नेताओं के आदेश होंगे, उसी के अनुसार काम किया जाएगा। इस बार किसान अपनी मांगें पूरी करवाए बगैर घर नहीं लौटेगा।
कमेटी में यह किसान हैं शामिल
कमेटी में विकास सिसर, कुलदीप खरड़, प्रधान अमन डाटा, रणवीर उमरा, सतीश राजली, जय नारायण, सुरेश, बिजेंदर, सुंदर, राकेश, मनीष, जगदीश, विकास, कृष्ण, मनजीत, सतीश, गोलू, अभिमन्यु, धर्मवीर, रामपाल, रणधीर, ओमप्रकाश, रामकुमार, कृष्णा मान, सुंदर, जोरा सिंह, कर्मवीर, संदीप, रोहतास, वारिस डाटा, जगदीप, राजेंद्र, संदीप, सुंदर पनिहारी, मनजीत, रामचंद्र, कृष्ण मसूदपुर, कुलदीप, काला गामडा, शिवलाल राजली, रामपाल, रवि, अनिल, सुनील राखी, प्रदीप ढांडा, सुरेश, रणधीर खेड़ी, दरबारा, अनिल, सूरजमल, सत्ता, कुलदीप पुनिया, आजाद, सोनू ,राम मेहर, रौनक, नफे सिंह, राजपाल, नरेश, मनोज, दीपक, महेंद्र खेड़ी, ओम प्रकाश, परवीन नाडा, विनोद दुहन, दीपक मोर, वीरेंद्र, मांगेराम, सिद्धू मिर्चपुर इत्यादि शामिल किए गए हैं।
एमकेएम ने सभी पुराने किसान साथियों को साथ जोड़ने के लिए उन्होंने छह सदस्यीय समिति बनाई है, जो इन किसानों से जाकर बात करेगी। समिति बॉर्डर पर डटे किसान यूनियनों से भी बात करेगी और प्रयास रहेगा कि वह सभी साथ मिलकर ही किसानी मुद्दों को लेकर आगे बढ़ें। मोर्चे ने डीसी ऑफिस और भाजपा नेताओं के घरों के बाहर दिए जा रहे धरने को समाप्त करने का फैसला लिया है।
खनौरी बॉर्डर पर 13 फरवरी से धरने पर बैठे बठिंडा जिले के गांव अमरपुरा के किसान दर्शन सिंह (62) की मौत हो गई है। कुछ दिन पहले उन्होंने अपने बेटे की शादी की थी। परिवार पर 8 लाख का कर्ज है।
आम आदमी पार्टी के डॉक्टर मंत्री अब किसान आंदोलन में मोर्चा संभालेंगे। पंजाब सरकार में मंत्री डॉ. बलजीत कौर, डॉ. बलबीर सिंह और डॉ. चरणजीत सिंह चन्नी किसान आंदोलन में शंभू बॉर्डर पर मेडिकल कैंप लगाकर घायलों और जरूरतमंदों की मदद करेंगे। यह जानकारी पंजाब सरकार के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दी। मंत्री चीमा ने बताया मुख्यमंत्री भगवंत मान ने युवा किसान शुभकरमण की मौत का जिम्मेदार हरियाणा सरकार को ठहराया है।
अंबाला रेंज के आईजीपी सिबाश कबिराज ने कहा है कि अंबाला के कुछ यूनियन नेताओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के मामले पर पुनर्विचार किया गया है और यह निर्णय लिया गया है कि इसे लागू नहीं किया जाएगा। हरियाणा पुलिस प्रदर्शनकारियों और उनके नेताओं से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में अधिकारियों के साथ सहयोग करने की अपील करती है।
पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि खनौरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए शुभकरण सिंह के परिवार को पंजाब सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और उनकी छोटी बहन को सरकारी नौकरी दी जाएगी.. दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार शंभू बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान लगभग 30 पुलिस कर्मचारियों को चोटें आई व 1 पुलिस कर्मचारी का ब्रेन हैमरेज व 2 पुलिस कर्मचारियों की मृत्यु हो चुकी है। प्रशासन के अनुसार इस आंदोलन में कई किसान नेता सक्रिया भूमिका में है और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। उनके अनुसार लगातार सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम इत्यादि के माध्यम से भड़काऊ व उकसाने वाले भाषण देकर प्रचार प्रसार किया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों, सरकार के खिलाफ गलत शब्दों को भरपुर प्रयोग किया जा रहा है। अपराधिक गतिविधियों को रोकने व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 2 (3 ) राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 (एन0एस0ए0 एक्ट ) तहत किसान संगठनों के पदाधिकारियों को नजरबंद करने की कार्रवाई प्रशासन द्वारा अमल में लाई जा रही है ताकि आंदोलन के दौरान कानून व्यवस्था को कायम रखा जा सके व सामाजिक सौहार्द बिगड़ने न पाए।
भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष और किसान मजदूर मोर्चा के सदस्य अमरजीत सिंह मोहड़ी के घर पर पुलिस का नोटिस चस्पा किया गया है। इस नोटिस को किसानों द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है।
यह नोटिस एसपी अंबाला की तरफ से जारी किया गया है और इसमें लिखा है कि अमरजीत सिंह मोहड़ी आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। इस नोटिस में कोर्ट के आदेशों का हवाला दिया गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि आंदोलन अब उग्र होता जा रहा है ऐसे में प्रदर्शनकारी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकते हैं। लिहाजा बिना अनुमति के आंदोलन में शामिल होने पर अमरजीत सिंह मोहड़ी की संपत्ति से भी भरपाई हो सकती है। इसमें मोहड़ी की संपत्ति और बैंक खातों की जानकारी मांगी है।
किसान नेताओं के खिलाफ अंबाला पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की घोषणा की है। पुलिस ने कहा, किसान नेताओं के भड़काने पर शंभू सीमा पर किसान पत्थरबाजी कर रहे हैं। इसके कारण 30 जवानाें को चोटें आई हैं, एक पुलिसकर्मी को ब्रेन हैमरेज हुआ है और दो की मौत हो चुकी है।
किसान आंदोलन के समर्थन व शुभकरण की मौत के विरोध में किसान संगठनों ने पंजाब में तीन घंटे हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया। वहीं, हरियाणा में चढ़ूनी गुट ने सड़क जाम किया।
अपनी मांगों के लिए किसानों का आंदोलन थमा जरूर है, रुका नहीं है। आज संयुक्त किसान मोर्चा काला दिवस मनाएगा। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री, हरियाणा के सीएम और गृहमंत्री अनिल विज के पुतले जलाए जाएंगे।