केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का कहना है, भारतीय कपास निगम एमएसपी पर फसल खरीदने के लिए किसानों के साथ 5 साल का कानूनी समझौता करेगा। इसमें पांच साल तक डावर्सिफिकेशन के माध्यम से या पूर्नजीवित करके खेतों के माध्यम से आएगा उसको निधार्रित एमएसपी पर खरीदने का प्रस्ताव है।
पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ने डाइवर्सिफाइड चार कृषि उत्पादों को एनसीसीएफ और NAFED जैसी संस्थाएं कांट्रेक्ट बनाकर अगले 5 साल के लिए एमएसपी पर करार के साथ खरीद की गारंटी देगी। मात्रा की कोई सीमा नहीं होगी। पीयूष गोयल ने कहा कि आज हमारी किसानों के प्रतिनिधियों के साथ बहुत सकारात्मक और लंबी चर्चा हुई। चर्चा बहुत अच्छे माहौल में हुई और हमने नए विचारों पर चर्चा की, जो किसानों के हित में हैं। किसान संघ के प्रतिनिधियों ने कुछ सकारात्मक सुझाव दिए हैं।" जिससे पंजाब, हरियाणा के किसानों के साथ-साथ देश के किसानों, अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं को भी फायदा होगा।
किसान नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के बीच वार्ता जारी है। किसान एमएसपी गारंटी की मांग पर अड़े हुए हैं।
सेक्टर 26 स्तिथ महात्मा गांधी इंस्टिट्यूट में मीटिंग के लिए केंद्रीय मंत्री भी पहुंच गए हैं।
सेक्टर 26 स्तिथ महात्मा गांधी इंस्टिट्यूट में मीटिंग के लिए पंजाब के सीएम भगवंत मान पहुंच चुके हैं।
पंजाब के कृषि मंत्री गुरुमीत सिंह भी महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट पहुंचे हैं।
किसान नेता बैठक के लिए पहुंच चुके हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान भी सीएम आवास से बैठक के लिए रवाना हो चुके हैं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अर्जुन मुंडा और नित्यानंद राय किसान नेताओं से बैठक के लिए दिल्ली हवाई अड्डे से चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए।
पंजाब के किसानों के समर्थन में फतेहाबाद के गांव अयाल्की में अभी भी किसान पक्का मोर्चा लगाकर डटे हुए हैं। वहीं रविवार को प्रदेश के डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने टोहाना में नेशनल हाइवे 148-बी के नाके का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नाके पर सभी प्रकार की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों को आदेश दिए कि कानून व्यवस्था को बनाए रखें। जो लोग किसान आंदोलन की आड़ में कोई अफवाह फैला रहे हैं, उन पर पैनी नजर रखें। अगर कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार से अफवाह फैलाता मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने किसानों से भी आह्वान किया कि वह शांतिपूर्वक सरकार के सामने अपनी बात को रखें और कानून व्यवस्था का पालन करें।
फतेहाबाद में प्रशासन की ओर से टोहाना के 148-बी नेशनल हाइवे, मनियाना रोड व सिंबलवाला, जाखल में म्योंदकलां नाका, रतिया में रोझांवाली, फतेहाबाद के गांव हांसपुर व गांव अयाल्की के पास नाके लगाए हुए हैं। यहां पर पैरा मिलिट्री की 5 टुकड़ियों के साथ-साथ पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है। हर नाके पर जिले के एक डीएसपी व इंस्पेक्टर की ड्यूटी लगाई गई है।
दूसरी ओर अभी भी फतेहाबाद से पंजाब व रतिया लिए रोडवेज की बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। फतेहाबाद से रतिया जाने के लिए लोगों को लिंक मार्गों का प्रयोग करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी फतेहाबाद से पंजाब जाने वाले लोगों को हो रही है। सरदूलगढ़ व बुढ़लाडा के लिए बसों का संचालन पिछले एक सप्ताह से बंद है। पंजाब होकर चंडीगढ़ जाने वाली बसें भी बंद हैं, वहीं हरियाणा से वाया नरवाना होकर जाने वाली बसें केवल कैथल या पिहोवा से ही वापिस आ रही हैं।
उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला किसान आंदोलन को लेकर मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि अब विधानसभा सत्र में तीन दिन इन्हीं सवालों के जवाब देने हैं। उप मुख्यमंत्री रविवार को खंड के मच्छरौली गांव के पूर्व सरपंच पति वएवं जजपा के हलका प्रधान बलराज मच्छरौली के आवास पर कही। उन्होंने उनके भाई राजबीर सिंह के निधन पर शोक जताया और परिजनों को सांत्वना दी। वे यहां करीब 20 मिनट तक रुके। राजबीर सिंह का निधन गत 29 जनवरी को हार्टअटैक से हुआ था।
पंजाब सीमा पर आंदोलनरत किसानों के साथ आज शाम को सरकार के साथ बैठक असफल रही तो हरियाणा के किसान भी पूरी तरह से सड़कों पर आ जाएंगे। सभी किसान संगठन, खापें व अन्य संगठन एक होकर बड़ी लड़ाई लड़ेंगे और मांगें पूरी करवाकर ही दम लेंगे। इस बार दिल्ली के किसानों को भी साथ लिया जाएगा, जिनके जरिए ही दिल्ली को घेरा जाएगा। प्रदेश की ओर से यह लड़ाई भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अगुवाई में लड़ी जाएगी जबकि दिल्ली की खापों व वहां के किसानों के साथ आंदोलन की रणनीति धनखड़ खाप के प्रधान डॉ ओमप्रकाश धनखड़ की अगुवाई में चार सदस्यीय कमेटी द्वारा बनाई जाएगी। यह ऐलान आज रविवार को ब्रह्मसरोवर तट पर हुई महापंचायत में किया गया।
हिसार में किसान नेताओं के आह्वान पर रविवार को विभिन्न गांव से किसान गांव खेड़ी चौपटा में जुटना शुरू हो गए हैं। बैठक में यह निर्णय लिया जाएगा कि किसानों का काफिला शंभू बॉर्डर की तरफ रवाना होगा या किसान दिल्ली की और कूच करेंगे। भारतीय किसान मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सुरेश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह करीब 50 किसानों के साथ दिल्ली की तरफ कूच कर रहे थे। इससे पहले शनिवार को जिले के किसानों ने राजली गांव में बैठक की थी इस बैठक में फैसला किया गया था कि जिले के हजारों किसान ट्रैक्टर ट्राली लेकर गांव खेड़ी चौपटा में एकत्रित होंगे। इसके अलावा गांव मतलोडा में भी 14 ग्रामी पूनिया खाप ने बैठक कर किसानों से खेड़ी चौपटा में एकजुट होने का आह्वान किया था।
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिद्धू ने पत्रकारवार्ता के दौरान कहा कि किसानों की एमएसपी और आय को डबल कर दिया जाएगा, इससे बड़ा झूठ दुनिया में है क्या?
किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब के सात जिलों में 24 फरवरी तक इंटरनेट पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। जिला पटियाला में शंभू, जुल्कन, पासियान, पातड़ां, शुतराणा, समाना, घनौर, देवीगढ़ और बलभेरा और जिला एसएएस नगर में लालरू में नेट बंद कर दिया गया है।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने आंदोलनकारी किसानों और केंद्र सरकार के बीच वार्ता में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की मध्यस्थता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने किसानों को केंद्र सरकार से सीधे बातचीत करने की सलाह दी है। अब तक किसान आंदोलन पर चुपपी साधे रहे जाखड़ ने मीडिया से बातचीत के दौरान किसानों को दिल्ली मार्च से रोकने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा की गई सुरक्षा व्यवस्था को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि किसानों में कुछ उपद्रवी लोग मिलकर हिंसा कर रहे हैं। उन्हें नहीं लगता कि अगर किसान शांतिपूर्ण हैं तो सरकारें उनके आंदोलन पर इस तरह के प्रतिबंध लगाती। जाखड़ ने भगवंत मान का नाम लिए बिना कहा कि बातचीत में मध्यस्थता करने वालों के निहित स्वार्थ हैं और उन्हें मुद्दों को सुलझाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थों ने खुद सत्ता में आने पर फसलों पर एमएसपी देने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों का बातचीत ही एकमात्र समाधान है।
पंजाब किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि शंभू बॉर्डर पर आज हमारा छठा दिन है। आज हम सरकार से बातचीत भी कर रहे हैं। सरकार ने कुछ समय मांगा है और कहा है कि वह इस मामले पर चर्चा करेगी। सरकार को इस पर अध्यादेश लाना चाहिए। उससे कम हमें मंजूर नहीं।
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिद्धू दोपहर में अपने निवास स्थान पटियाला में किसानों के मुद्दे पर पत्रकारों से बात करेंगे।
किसानों के हक में बॉर्डर के आसपास लगते गांवों के लोग व गुरुद्वारों से भी कमेटियों के नुमाइंदे सामने आ रहे हैं। गुरदासपुर से पहुंचे किसान जरनैल सिंह, अमृतसर के गांव पंधेर कलां के बलविंदर सिंह (70) ने कहा कि किसानों के पास छह महीने का राशन मौजूद है, लेकिन अब तक लंगर बनाने की जरूरत बहुत कम पड़ी है। गुरुद्वारा कमेटियां व आसपास के ग्रामीण दूध से लेकर सब्जी रोटी, लस्सी, मिठाई, फल व पानी का लंगर लेकर रोज पहुंच रहे हैं।
पंजाब और हरियाणा में जहां इंटरनेट बंद है। मोबाइल नेटवर्क भी काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में किसान नेता आपस में बात करते के लिए वॉकीटॉकी का प्रयोग कर एक दूसरे से संपर्क करते दिख रहे हैं।
केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच चौथे दौर की वार्ता पर सबकी नजर है...सरकार की तरफ से वार्ता में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पीयूष गोयल और नित्यानंद राय शामिल होंगे। किसानों की तरफ से उनके संगठन के नेता शामिल होंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी वार्ता में हिस्सा लेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक में कोई समाधान निकल सकता है।
हालांकि, वार्ता से एक दिन पहले किसान नेताओं- जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवण पंधेर ने एमएसपी की कानूनी गारंटी पर अध्यादेश लाने की मांग कर टेंशन बढ़ा दी है। शंभू सीमा पर इन नेताओं ने कर्जमाफी और बिजली अधिनियम रद्द करने की मांग की।
सीमाओं पर किलेबंदी के चलते दिल्ली कूच की रणनीति विफल होते देख किसान संगठनों ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ और पूर्व मंत्री केवल सिंह ढिल्लों के आवास के बाहर तंबू गाड़कर धरना दिया। धरना दो दिन तक चलेगा। प्रदर्शन के बाद पटियाला में कैप्टन के आवास मोती महल के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है।
शनिवार को आंदोलन के पांचवे दिन भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) उगराहां ने पंजाब में भाजपा नेताओं के घरों के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और राज्यभर में टोल प्लाजा मुफ्त कराए। वहीं, हरियाणा में बीकेयू चढ़ूनी गुट ने तहसीलों में ट्रैक्टर मार्च निकाला।
किसानों के दिल्ली कूच का आज छठा दिन है। पंजाब के किसान संगठन हरियाणा के शंभू और दातासिंह वाला सीमा पर डटे हैं। किसान नेताओं और सरकार के बीच रविवार शाम छह बजे चंडीगढ़ में चौथे दौर की वार्ता होनी है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।