किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने मंच से एलान कर मरजीवड़े जत्थे को वापस बुला लिया है। पंधेर उन्हें खुद लेने पहुंचे। अब मीटिंग के बाद निर्णय लिया जाएगा। सभी किसान वापस मंच पर लौट आए हैं।
पुलिस की तरफ से गोले छोड़े जाने का सिलसिला जारी है। अब तक करीब 26 से ज्यादा गोले छोड़े जा चुके हैं। दूसरी तरफ 101 किसानों का जो जत्था बाॅर्डर पर की गई बैरिकेडिंग तक पहुंचा था, वह अब वापस लौट आया है।
पुलिस की तरफ से किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं। बैरिकेड पर लगी जाली हटाने पर पुलिस ने कार्रवाई की।
एक किसान बैरिकेडिंग पर बने शेड पर चढ़ गया है। पुलिस ने उसे चेतावनी देकर नीचे उतारा गया। इससे पहले कुछ किसान लोहे के जंगले पर चढ़े तो उन पर स्प्रे किया गया जिससे आंखों में जलन हो रही है। किसानों के अनुसार, स्प्रे मिर्ची वाला था।
हरियाणा की तरफ से किसानों को कहा गया कि एक प्रतिनिधिमंडल भेजा जाए, हम बात करेंगे तब तक किसानों को आगे बढ़ने नहीं दिया जाएगा।
किसान दिल्ली कूच को लेकर अड़ गए हैं। उधर हरियाणा पुलिस कह रही है कि किसान पहले दिल्ली पुलिस की अनुमति लेकर आएं।
किसान आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। हरियाणा ने सीमेंट वाली बैरिकेडिंग पर लोहे की जाली लगा दी है। अब आंसू गैस या वॉटर कैनन की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
किसानों को शांत करने के लिए हरियाणा पुलिस की तरफ से लाउडस्पीकर्स पर सतनाम वाहेगुरु का जाप शुरू करवा दिया। साथ ही पुलिस अधिकारी हाथ जोड़कर किसानों से पीछे हटने की अपील कर रहे हैं।
शंभू बाॅर्डर पर किसान हरियाणा पुलिस की तरफ से की गई बैरिकेडिंग के बिल्कुल पास पहुंच गए हैं। पुलिस की तरफ से उन्हें लगातार चेतावनी दी जा रही है।
शंभू बाॅर्डर से किसान दिल्ली की तरफ बढ़ गए हैं। किसानों ने पहला बैरिकेड तोड़ दिया है। हरियाणा की तरफ से उन्हें लगातार रुकने को कहा जा रहा है। वहीं किसानों द्वारा दिल्ली मार्च पर हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कहा कि बिना इजाजत के कैसे जाने दिया जा सकता है? इजाजत ले लें, फिर जाने देंगे। अगर आप वहां जा रहे हैं तो आपको इजाजत लेनी चाहिए।
किसान आंदोलन को देखते हुए अंबाला में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है। अंबाला के डंगदेहरी, लोहगढ़, मानकपुर, डडियाना, बारी घेल, लहारसा, कालू माजरा, देवी नगर, सद्दोपुर, सुल्तानपुर और काकरू में 9 दिसंबर तक मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद रहेगी।
शंभू बाॅर्डर पर किसानों को रोकने के लिए हरियाणा सरकार की तरफ से काफी तैयारियां की जा रही हैं।
हरियाणा पुलिस के पुख्ता इंतजामों के बीच शंभू सीमा पर बैठे किसान संगठन आगे बढ़ने की तैयारी में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी स्थिति पर बराबर नजर बनाए हुए हैं। वह महाराष्ट्र से लाैटने के बाद पल-पल अधिकारियों से फीडबैक ले रहे हैं। वहीं सूत्रों के सूचना मिली है कि सरकार किसान संगठनों से बातचीत पर विचार कर सकती है।
किसान संगठन से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के सोशल मीडिया पर हरियाणा साइबर पुलिस की पैनी नजर है। सूत्रों के अनुसार पुलिस इनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर आगामी आदेश तक पाबंदी लगा सकती है। ताकि किसी तरह का भड़काऊ बयान, वीडियो या फोटो दिल्ली कूच करने को लेकर अपडेट नहीं किया जा सके। सरकार शांतिपूर्ण माहौल के लिए कदम उठा सकती है।
किसानों के दिल्ली कूच को लेकर दिल्ली और हरियाणा पुलिस सतर्क हो गई है। बहादुरगढ़ के थानों में पुलिस कर्मचारियों को स्टैंड बाय रखा गया है। - दिल्ली पुलिस के जवान भी बॉर्डर पर तैनात हैं। टिकरी बॉर्डर पर लोहे के बड़े कंटेनर लाए गए हैं। कंटेनरों को साइड में रिजर्व रखा गया है। वहीं लोहे और सीमेंट के बैरिकेड भी तैयार है। किसानों के आने पर दिल्ली का रास्ता बंद करने की तैयारी हो रही है। फिलहाल यातयात दोनों तरफ से सामान्य है। दिल्ली पुलिस ने कंट्रोल रूम के लिए कैनोपी भी लगाई है।
किसानों ने आगे बढ़ने के लिए रणनीति बनाई है। सूत्रों के अनुसार, जत्थे में सबसे आगे उम्रदराज किसान रहेंगे। यदि ऐसा हुआ तो पुलिस के सामने बड़ी चुनाैती होगी।
गुहला-चीका में पंजाब बॉर्डर पर अभी रास्ता तो नहीं बंद किया गया है, लेकिन सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। किसानों के दिल्ली कूच को लेकर जिला प्रशासन सतर्क है। 2021 में हुए किसान आंदोलन के दौरान गुहला के बॉर्डरों से किसान दिल्ली गए थे। इसी बीच प्रशासन ने जिले में धारा 163 को भी लागू किया है। गुहला-चीका में पटियाला रोड पर स्थित टटियाना बॉर्डर पर पुलिस प्रशासन की ओर से बैरिकेडिंग की गई है। डीएसपी कुलदीप बैनीवाल स्वयं स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बैनीवाल ने बताया कि सरकार के आदेशों के तहत बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। बॉर्डर पर किसी भी स्थिति में किसानों को ट्रैक्टर लाने और प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
शंभू बॉर्डर पर किसानों ने भी अपनी तरफ एक बैरिकेडिंग कर दी है। रस्सी लगाकर स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगा दी गई है। इस रस्सी के आगे सिर्फ 101 किसानों का जत्था जाएगा, जिन्हें मरजीवड़े कहा जा रहा है। किसानों ने दिल्ली कूच करने वाले 101 मेंबरी जत्थे को मरजीवड़ा जत्था नाम दिया है। किसान नेता सुरजीत सिंह फूल का कहना है कि मरजीवड़े का मतलब किसी की जान लेना नहीं है, बल्कि अपनी जान कुर्बान करने के लिए खुद को पेश करना है। अगर इस जत्थे पर हरियाणा की तरफ से आंसू गैस के गोले ड्रोन के जरिये फेंके जाते हैं, तो रेस्कयू टीम के सदस्य तुरंत गीली बोरी इस पर फेंक कर धुएं से किसानों को बचाव करेंगे। मुंह पर बांधने के लिए गीले रूमालों को भी तैयार रखा जाएगा। पीने वाले पानी व एंबुलेंस की व्यवस्था भी रहेगी।
कुरुक्षेत्र में किसानों के दिल्ली कोच को लेकर पंजाब के साथ लगते पिहोवा क्षेत्र के बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए पुलिस में हलचल शुरू हो गई है। हालांकि अभी शांति है और किसान भी नहीं पहुंचे हैं लेकिन पुलिस अलर्ट है। जरूरत पड़ने पर किसानों को रोकने के लिए सीमेंट की दीवार बनाने के लिए सामग्री भी बॉर्डर के समीप डलवा दी गई है तो वहीं करीब 200 पुलिसकर्मियों को तैनात करने के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। खनाैरी बॉर्डर पर फिलहाल शांति है। अभी तक किसानों का कोई जत्था बॉर्डर की तरफ नहीं आया। बॉर्डर पर अर्धसैनिक बल और पुलिस के जवान तैनात हैं।
उधर, शंभू बॉर्डर पर तरनतारन, अमृतसर, फिरोजपुर, बठिंडा, संगरूर, पटियाला, अंबाला और सिरसा से किसान पहुंचने लगे हैं। इसके साथ ही चिकित्सा सहायता, रसोई और यातायात प्रबंधन की देखभाल के लिए वालंटियर भी तैनात किए गए हैं। एक दिन पहले हरियाणा सरकार की ओर से शंभू बॉर्डर पर धारा 163 का नोटिस चस्पा किया गया है। इसके तहत पांच और इससे अधिक लोगों के इकट्ठे होने पर रोक रहेगी।
एमएसपी पर कानून बनाने की मांग को लेकर शंभू बॉर्डर व खनौरी बॉर्डर पर बैठे किसान संगठनों ने छह मार्च को दिल्ली चलो का आह्वान किया हुआ है। इसके तहत शुक्रवार दोपहर को करीब एक बजे संगठन से जुड़े 100 सदस्य शंभू बॉर्डर से चलने की कोशिश करेंगे। उधर, हरियाणा पुलिस ने इन्हें किसी भी कीमत पर आगे नहीं बढ़ने देगी। ऐसी स्थिति में तनाव की स्थिति बन सकती है।
किसान आंदोलन के चलते शुक्रवार 6 दिसंबर को जिले में सभी निजी व राजकीय स्कूल बंद रहेंगे। इसको लेकर जिला प्रशासन ने फैसला लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने सभी स्कूल संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह सभी प्रधानाचार्य, स्टाफ और अभिभावकों को सूचित करें कि स्कूलों को 6 दिसंबर को बंद रखा जाए।
हरियाणा सरकार की ओर से बताया गया कि किसान दिल्ली जाना चाहते हैं, मगर उन्हें दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है। ऐसे में उन्हें आगे नहीं जाने दिया जाएगा। पिछले प्रदर्शनों के अनुभव को देखते हुए वीरवार शाम हरियाणा पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने शंभू बॉर्डर का दौरा भी किया।
दिल्ली जाने की मांग पर अड़े किसानों को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने एहतियात के तौर पर शंभू बॉर्डर पर सात स्तरीय बैरिकेडिंग कर दी है। बैरिकेडिंग के तौर पर दीवार, लोहे की कीलें व कंटीले तार शामिल हैं। किसान संगठनों के प्रदर्शन को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने आगामी आदेशों तक पुलिस की छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं। अर्द्ध सैनिक बलों की 15 कंपनियां तैनात की गई हैं।
पंजाब-हरियाणा के शंभू बाॅर्डर पर बैठे किसान आज दिल्ली कूच करेंगे। किसानों का कहना है कि वे पैदल ही आगे बढ़ेंगे। वहीं हरियाणा सरकार का कहना है कि किसानों को दिल्ली में प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिली है। ऐसे में शंभू बॉर्डर पर हरियाणा की तरफ से बैरिकेडिंग कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।