किसानों ने दिल्ली-फाजिल्का टोल प्लाजा को फ्री किया।
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के नेतृत्व में किसानों ने जिले भर में शांतिपूर्ण तरीके से ट्रैक्टर मार्च निकाला। ट्रैक्टर मार्च जिला प्रधान मलकीत सिंह के नेतृत्व में निकाला गया। यूनियन जिला प्रधान मलकीत सिंह ने बताया कि जिले के सभी खंड में ट्रैक्टर मार्च निकाला गया। यह मार्च शहजादपुर से नारायणगढ़ के खंड में निकाला गया। इसी तरह साहा से शुरू होकर ट्रैक्टर मार्च अंबाला छावनी से होते हुए अंबाला शहर नई अनाज मंडी में खत्म हुआ। मलकीत सिंह ने बताया कि 18 फरवरी को कुरुक्षेत्र में बैठक होगी। बैठक में किसान भाग लेंगे। इसके बाद आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
बरनाला में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की तरफ से पूर्व विधायक भाजपा नेता केवल सिंह ढिल्लों के घर के सामने धरना शुरू किया गया है। जिसमें सैकड़ों किसान महिलाओं ने हिस्सा लिया। यह धरना हरियाणा और केंद्र की सरकार द्वारा की जा रही किसान विरोधी गतिविधियों के विरोध में दिया गया।
शंभू बॉर्डर पर पंजाब के किसानों पर हुई लाठी चार्ज, आसू गैस के गोले दागने, वाटर कैनन का प्रयोग करने व पुलिस द्वारा रास्ता रोकने के विरोध में शनिवार को हांसी के किसानों ने राजली गांव में बैठक की। बैठक में किसानों ने बड़ा निर्णय लिया कि रविवार को जिले के हजारों किसान ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर खेड़ी चौपटा गांव में जुटेंगे। किसानों ने कहा कि खेड़ी चौपटा में जिले के किसानों की 50 सदस्यीय कमेटी की अलग से एक बैठक और होगी। इस बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि किसानों का काफिला शंभू बॉर्डर की ओर रवाना होगा या दिल्ली की ओर रवाना होगा।
आंदोलनकारी किसानों के परिवार के सदस्य पंजाब-हरियाणा शंभू सीमा पर अपनी एकजुटता दिखाने के लिए उनके साथ शामिल हुए।
भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) की महिला प्रदेशध्यक्ष सुमन हुड्डा ने बताया कि किसानों के आंदोलन के तहत संगठन की तरफ से रविवार को कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर पर बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी। इस रणनीति के तहत ही आगे किसानों के आंदोलन को लेकर ठोस निर्णय लिया जाएगा। सरकार को किसानों के हितों का हनन नहीं करने दिया जाएगा।
कुलां में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट से जुड़े किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला। यह ट्रैक्टर मार्च मुख्य चौक से होते हुए कुलां उपतहसील कार्यालय में समाप्त हुआ। ट्रैक्टर मार्च में किसान दर्जनों ट्रैक्टर शामिल हुए। इस प्रदर्शन की अगुवाई भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) की महिला प्रदेशध्यक्ष सुमन हुड्डा ने की। ट्रैक्टर मार्च के दौरान सभी किसान अपने नेताओं के साथ उप तहसील कार्यालय में एकत्रित हुए। इस दौरान इकट्ठे हुए किसानों को किसान प्रवक्ताओं ने संबोधित भी किया। किसान प्रवक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को एमएसपी सहित अन्य मांगों को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन करना चाहते हैं, लेकिन किसानों के रास्ते तक रोक दिए गए हैं। सरकार की तरफ से ऐसा बर्ताव किया जाना निंदनीय है।
किसानों के दिल्ली चलो मार्च के पांचवें दिन भी दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी रही।
पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ के गांव पंजकोसी में भारतीय किसान यूनियन उगराहां ने धरना शुरू कर दिया है। किसानों ने कहा कि वे 2 दिन तक यहां धरना देंगे।इसके बाद जैसा यूनियन का आदेश आएगा, वैसा किया जाएगा। धरनाकारी राशन पानी लेकर पहुंचे हैं और लंगर तैयार कर रहे हैं।
पिहोवा में गुरनाम सिंह चढूनी ने ट्रैक्टर मार्च की अगुवाई की। चढ़ूनी ने खुद ट्रैक्टर चलाकर मार्च निकाला। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे किसानों की मांगें जायज हैं जिन्हें सरकार को तत्काल मान लेनी चाहिए। किसान संयम बनाए हुए हैं, लेकिन सरकार को भी गंभीरता दिखाने की जरूरत है। रविवार को कुरुक्षेत्र में अहम पंचायत होगी, जिसमें आगे का फैसला लिया जाएगा। इस पंचायत की व्याप्क स्तर पर तैयारी की जा रही है।
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बीजेपी किसान मोर्चा के अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने किसानों के विरोध पर कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले 10 साल में किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। संकल्प पत्र में भविष्य में उनकी मांगों को भी शामिल किया जाएगा। मोदी सरकार के मंत्री किसानों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान खोजने के लिए चंडीगढ़ जा रहे हैं।
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने पंजाब-हरियाणा शंभू सीमा पर पत्रकारों से बातचीत की। केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक से एक दिन पहले पंधेर ने कहा कि केंद्र को एमएसपी को कानूनी गारंटी देने पर अध्यादेश लाना चाहिए। सरकार ने 23 फसलों के लिए एमएसपी की घोषणा की, लेकिन केवल 2-3 फसलें खरीदीं। हम पहले कदम के रूप में कॉरपोरेट्स द्वारा फसलों की खरीद में लूट को खत्म करना चाहते हैं। मेरा मानना है कि अगर सरकार गंभीरता से उपभोक्ता और उत्पादक पर ध्यान केंद्रित करे और कॉरपोरेट पर थोड़ा कम ध्यान दे तो इस पूरे मुद्दे को सुलझाया जा सकता है।
शनिवार को बॉर्डर पर शांति बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच सुबह से टकराव नहीं हुआ है। यूनियन के कर्यकर्ताओं ने युवाओं को सीमा पर ही रोक रखा है। किसान नेता मंच से लगातार सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। विभिन्न गांवों से आए किसान नेताओं के मंच पर बोलने का मौका दिया जा रहा है। वहीं सुबह से लगातार लंगर जारी है। कोई जूस तो कोई खीर और रोटी सब्जी वितरित कर रहा है। वहीं चिकित्सा शिविरों में लोगों का उपचार किया जा रहा है।
किसान आंदोलन पर नजर बनाए रखने के लिए पंजाब पुलिस ने भी बड़ा कदम उठाया है। पंजाब पुलिस के स्पेशल डीजीपी लॉ एंड ऑर्डर ने 500 पुलिस जवानों को शंभू, खनौरी, दातासिंह वाला बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के बीच मौजूद रहने के आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के मुताबिक संगरूर जिले में 100, पटियाला जिले के लिए 100, 100 जवानों की रिजर्व टुकड़ी एसएपी जालंधर, 100 जवानों की रिजर्व टुकड़ी सीटीसी बीएचजी पटियाला में और एसएएस नगर में टीएसएस पुलिस लाइंस में 100 पुलिसकर्मियों की रिजर्व पार्टी रखी गई है। इन 500 जवानों को शनिवार सुबह आठ बजे तक इन जगहों पर पहुंचने के लिए कहा गया है।
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने दिल्ली कूच कर रहे पंजाब के किसानों पर हरियाणा पुलिस द्वारा किए जा रहे बल प्रयोग को लेकर शुक्रवार को एक बार फिर से मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा। सिद्धू ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा कि कायरता की सजा राजनीतिक मौत है। सिद्धू ने एक्स पर शंभू बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस द्वारा पंजाब के किसानों पर दागे जा रही आंसूगैस के गोलों का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा- बुजदिली की सजा सियासी मौत है... यह हमारे अधिकार क्षेत्र के इलाके में हो रहा है... रिमोट कंट्रोल सीएम/गृह मंत्री भगवंत मान मूकदर्शक बने हुए हैं - शर्मनाक!
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि हम किसानों और किसान संगठनों के साथ बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं। इसे राजनीतिक दृष्टि से ना देखा जाए तो बेहतर है। यदि कांग्रेस इसे राजनीतिक दृष्टि से देख रही है तो उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जो विषय आज सामने आ रहे हैं उन पर उन्होंने तब निर्णय क्यों नहीं लिए?
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर दबाव बनाने के लिए पंजाब के पार्टी के दिग्गज नेताओं के घरों के बाहर दो दिन धरने देने की घोषणा की है । यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि 17 और 18 फरवरी को पंजाब में भाजपा के तीन नेताओं के घरों के बाहर यूनियन धरना देगी। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह के पटियाला स्थित निवास, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के अबोहर स्थित निवास और केवल सिंह ढिल्लों के बरनाला स्थित निवास के समक्ष धरने दिए जाएंगे। फिलहाल दो दिन धरने होंगे ।
हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि किसान आंदोलन की आड़ में उपद्रव फैलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। प्रदर्शनकारी कानून व्यवस्था बाधित न करें और शांतिपूर्वक प्रदर्शन करें।
एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि उपद्रवियों ने न केवल पत्थरबाजी की बल्कि पुलिस मुलाजिमों पर पेट्रोल बम से भी हमला किया है। इसके अलावा मशीनों से मिर्ची पाउडर भी फेंका है। ऐसे उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही केस को मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी फुटेज और घायल मुलाजिमों की मेडिकल रिपोर्ट को एकत्रित कर लिया है।
वहीं शंभू बॉर्डर पर चल रहा किसानों का आंदोलन उपद्रवियों की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। इसके लिए अंबाला पुलिस की तरफ से शुक्रवार को अंबाला सदर थाने में उपद्रवियों के खिलाफ दो मामले दर्ज किए गए हैं। अभी इनकी पहचान नहीं हुई है, लेकिन इस संबंध में पुलिस की तरफ से उनकी फोटो और वीडियो भी जारी किए हैं।
पंजाब हरियाणा की सीमा पर किसानों का जमावड़ा है। रविवार को चौथे दौर की बातचीत से पहले किसान आगे नहीं बढ़ेंगे। वहीं भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के आह्वान पर यूनियन के नेतृत्व में 12 बजे से ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा।