केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि हम किसानों और किसान संगठनों के साथ बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं। इसे राजनीतिक दृष्टि से ना देखा जाए तो बेहतर है। यदि कांग्रेस इसे राजनीतिक दृष्टि से देख रही है तो उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जो विषय आज सामने आ रहे हैं उन पर उन्होंने तब निर्णय क्यों नहीं लिए?
हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि किसान आंदोलन की आड़ में उपद्रव फैलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। प्रदर्शनकारी कानून व्यवस्था बाधित न करें और शांतिपूर्वक प्रदर्शन करें। पंजाब की सीमा से लगते शंभू बॉर्डर पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के आश्वासन के बावजूद प्रदर्शनकारियो द्वारा पुलिसकर्मियों को उकसाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हरियाणा पुलिस की अपील है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
किसान आंदोलन में अब तक 400 किसान घायल हो चुके हैं, जिनमें से 70 गंभीर है। फिलहाल यह सभी गंभीर घायल किसान पटियाला, राजपुरा समेत अन्य अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने शंभू बार्डर पर बातचीत में आरोप लगाया कि किसानों की आवाज दबाने के लिए केंद्र की ओर से 70 सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिए गए हैं लेकिन केंद्र की यह साजिश नाकाम होगी। किसान अपनी जायज मांगें मनवा कर ही रहेंगे। पंधेर ने कहा कि उम्मीद है कि रविवार को होने वाली बैठक सफल रहेगी और किसानों की सभी मांगों को हल किया जाएगा।
पंधेर ने आरोप लगाया कि बुधवार बाद दोपहर जब केंद्र की तरफ से बातचीत का न्यौता मिला, तो किसानों की तरफ से आगे बढ़ने की कार्रवाई रोक दी गई थी। बावजूद इसके हरियाणा की तरफ से ढाई घंटे आंसू गैस के गोले दागे जाते रहे। पंधेर ने चेतावनी दी कि केंद्र किसानों को उकसाने की कोशिश न करे। उन्होंने साफ किया कि किसानों के मंच पर किसी भी सियासी पार्टी को समर्थन नहीं दिया जाएगा। क्योंकि बीते 75 सालों में किसी भी सरकार ने किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया। इसलिए केंद्र सरकार गलत आरोप लगा कर किसानों की छवि को धूमिल करने का प्रयास न करे। पंधेर ने हिरासत में लिए किसानों की रिहाई की भी मांग की।
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर दबाव बनाने के लिए पंजाब के पार्टी के दिग्गज नेताओं के घरों के बाहर दो दिन धरने देने की घोषणा की है । यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि 17 और 18 फ़रवरी को पंजाब में भाजपा के तीन नेताओं के घरों के बाहर यूनियन धरना देगी। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह के पटियाला स्थित निवास, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के अबोहर स्थित निवास और केवल सिंह ढिल्लों के बरनाला स्थित निवास के समक्ष धरने दिए जाएंगे। फिलहाल दो दिन धरने होंगे ।
केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के तहत किसानों ने अंबाला-कैथल हाईवे पर सैनी माजरा टोल को तीन घंटे के लिए मुक्त कराया।
हरियाणा में किसानों ने कुरुक्षेत्र राजमार्ग पर विरोध प्रदर्शन किया। कई किसान संगठनों द्वारा चल रहे विरोध प्रदर्शन के प्रति समर्थन दिखाने के लिए प्रदर्शनकारी किसानों ने आज तीन घंटे के लिए एक टोल प्लाजा को मुक्त रखा।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि किसान संगठनों से अगली वार्ता के लिए रविवार का समय तय हुआ है। मुझे विश्वास है कि रविवार को भी अच्छे वातावरण में बातचीत होगी और इन मुद्दों के हल के लिए हम आगे बढ़ेंगे...कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है, उन्हें अपने यहां कानून-व्यवस्था बनानी है। मुझे पूरा विश्वास है कि प्रदर्शनकारी कोई हिंसा या तोड़फोड़ नहीं करेंगे।
फतेहगढ़ साहिब में वकीलों ने भारत बंद का समर्थन किया। जिले के बाजारों में दुकानें बंद रहीं। राष्ट्रीय राजमार्ग ब्राह्मण माजरा पर भारी संख्या में किसान जुटे जिससे रास्ता बंद हो गया।
अंबाला पुलिस ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा-किसान आन्दोलन की आड़ में उपद्रवियों द्वारा शम्भू बैरियर पर उत्पात मचाया जा रहा है। उपद्रवी पुलिस पर बार-बार पत्थरबाजी कर रहे हैं। इसमें पुलिस के 18 व पैरामिलिट्री के सात जवानों सहित कुल 25 जवान घायल हुए हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने रेवाड़ी में एम्स समेत चार परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान मोदी ने कहा कि आजकल देश-दुनिया में मोदी की गारंटी की बहुत चर्चा है और रेवाड़ी तो मोदी की गारंटी का सबसे पहला गवाह है।
पंजाब-हरियाणा शंभू सीमा पर प्रदर्शनकारी किसानों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे।
केंद्र और किसान यूनियनों के बीच गुरुवार को चंडीगढ़ में हुई चौथे दौर की बैठक के बारे में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि यह (केंद्र और किसानों के बीच) आखिरी बैठक है। वे चाहते हैं कि हम कहें कि हमने बातचीत खत्म कर दी। सरकार कहेगी कि वे बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहते हैं लेकिन किसान भाग नहीं ले रहे हैं। हम केवल किसानों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उन्होंने कुछ दिनों का समय मांगा है। इस बीच, हमारा विरोध जारी रहेगा।
अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैरा ने किसानों के चल रहे विरोध पर कहा कि अगर इन मुद्दों को वार्ता से हल किया जाना था तो उन्होंने इसके लिए किसानों को पहले क्यों नहीं बुलाया। तीन साल क्यों बर्बाद किए।
किसान आंदोलन और भारत बंद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेवाड़ी पहुंच गए हैं। वे वहां AIIMS का शिलान्यास करेंगे।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी पानीपत पहुंचे। गुरनाम सिंह ने कहा कि वे किसान आंदोलन का समर्थन करते हैं। प्रदेश के किसान अपनी मांगों को लेकर आज तीन घंटे पूरे प्रदेश में टोल फ्री कर रहे हैं। शनिवार को तहसील सत्र पर ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। वहीं उन्होंने कहा कि वह शंभू बॉर्डर पर नहीं जाएंगे।
पंजाब कांग्रेस ने भारत बंद के दौरान चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया। पीसीसी प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में नेताओं ने हरियाणा भाजपा के कार्यालय के सामने नारे लगाए। इसके बाद पुलिस उन्हें वहां से उठाकर ले गई। इस दौरान बीएसएफ की एक टुकड़ी भी मौके पर तैनात रही।
खन्ना में किसानों द्वारा सड़क जाम किए जाने पर सभी स्कूलों कॉलेजों ने छात्रों को घर जाने के लिए कहा। छात्रों ने अपने माता-पिता को फोन कर ले जाने के लिए कहा, जिससे अफरा तफरी का माहौल पैदा हो गया। स्कूल कॉलेज के प्रबंधको का कहना है कि अगर किसानों ने सड़क के साथ शहर के अंदरूनी चौक भी जाम कर दिए तो बच्चों का घर जाना मुश्किल हो जाएगा इसलिए बच्चों को घर जाने के लिए कहा गया है।
पानीपत में भाकियू ने सांकेतिक रूप से शुक्रवार दोपहर 12 बजे जीटी रोड, पानीपत-नगीना हाईवे पर जलालपुर और पानीपत-रोहतक हाईवे पर डाहर गांव में टोल फ्री करवा दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसानों ने किसी की नहीं सुनी। दिल्ली व चंडीगढ़ के बीच बस सेवा प्रभावित रही। पानीपत और सोनीपत पुलिस हलदाना बॉर्डर पर संयुक्त नाका लगाने को तैयार है। भारत बंद को लेकर रोडवेज का चक्का जाम रहा। संयुक्त किसान सभा व अन्य संगठन निकालेंगे सचिवालय तक जुलूस निकाला। विभागों के कर्मचारी संगठन भी इसमें शामिल रहे। रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने पुराने बस अड्डे पर धरना प्रदर्शन किया। रोडवेज की 10 और किलोमीटर स्कीम की 25 बसें ही चल पाई। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाजार में भी सुबह ही ग्राहक कम दिखे।
पंजाब में संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से अमृतसर-पठानकोट और पठानकोट-जालंधर और जेएंडके नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया है।
किसानों ने अपनों मांगो को लेकर टोल फ्री कर दिया है। किसानों का कहना है कि सरकार उनकी मांगो को पूरा नहीं कर रही है। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
शंभू बार्डर पर तैनात पानीपत के जीआरपी सब इंस्पेक्टर की भी आंसू गैस के प्रभाव से मौत हो गई है। चुलकाना निवासी सब इंस्पेक्टर हीरालाल समालखा जीआरपी चौकी में तैनात थे। उनको किसानों के दिल्ली कूच को रोकने के लिए घग्गर नदी पोस्ट पर तैनात किया गया था।
देर रात शंभू बॉर्डर पर तनाव बढ़ गया था। कुछ निहंग घग्गर के पुल पर बैरिकेड के पास जाकर पुलिसकर्मियों को ललकारने लगे। जब वे समझाने पर नहीं माने तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले और रबड़ बुलेट का प्रयोग कर उन्हें खदेड़ दिया। निहंग सिख की पीठ में रबड़ की गोली लगी है। वह अस्पताल में उपचाराधीन है।
किसानों के दिल्ली चलो मार्च के कारण कुंडली बॉर्डर पर भारी सुरक्षा बल तैनात है।
शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शन करने गए गुरदासपुर के चाचोकी गांव निवासी सरदार ज्ञान सिंह (63) की तबीयत खराब होने से मौत हो गई है। किसानों के अनुसार, दो दिन पहले आंसू गैस के गोले से उन्हें दिक्कत हो गई थी। तब तो वे ठीक हो गए थे लेकिन गुरुवार रात अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और उन्होंने दम तोड़ दिया। किसान ज्ञान सिंह की मौत पर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि इस आंदोलन का कारण केंद्र सरकार है। हमें सही समय पर दवाएं प्राप्त करने में दिक्कत आ रही है।
राई व कुंडली क्षेत्र के उद्योगों में दिल्ली से कच्चा माल आता है। ऐसे में कुंडली-सिंघु बॉर्डर बंद होने से कच्चा माल पहुंचने में दिक्कत आ रही है। अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कच्चा माल खत्म हो सकता है।
केंद्र सरकार और किसान यूनियनों के बीच बैठक खत्म होने के बाद किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा कि विरोध शांतिपूर्वक जारी रहेगा। हम और कुछ नहीं करेंगे। हम किसानों से भी अपील करेंगे कि हम दिल्ली की तरफ बढ़ते जाएं और बैठकें चलती रहें, दोनों काम एक साथ नहीं हो सकते। सरकार ने बैठक बुलाई है, हम तब तक इंतजार करेंगे... रविवार को अगर हमें कोई सकारात्मक नतीजा नहीं मिलता तो हम विरोध जारी रखेंगे। वहीं कुछ किसान नेता उन पर की गई हिंसक कार्रवाई या बल प्रयोग को गलत बता रहे हैं। उनका कहना है कि हम पाकिस्तान से थोड़े ही हैं।
किसान यूनियनों के साथ बैठक खत्म होने के बाद पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि किसान यूनियन और केंद्र सरकार के बीच लंबी बातचीत हुई। हर विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। सकारात्मक चर्चा हुई है। सीमावर्ती इलाकों में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। इससे परीक्षा के दौरान छात्रों को परेशानी हो रही है। अगली बैठक रविवार को होगी। कई विषयों पर सहमति बनी है मगर कानून व्यवस्था और पंजाब के लोगों की समस्याएं चिंता का विषय हैं। हमें ईंधन या दूध या बाहर से आने वाली किसी भी चीज की कमी नहीं होनी चाहिए। इसी के साथ पंजाब ने केंद्र से हरियाणा सरकार को सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने का निर्देश देने का आग्रह किया है।
किसान यूनियनों के साथ बैठक खत्म होने के बाद केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा का कहना है, "आज सरकार और किसान यूनियनों के बीच बहुत सकारात्मक चर्चा हुई. किसान यूनियन द्वारा उठाए गए विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हुए हमने फैसला किया है कि अगली बैठक रविवार शाम 6 बजे होगी। हम सभी शांतिपूर्वक समाधान निकालेंगे।
बैठक में केंद्रीय मंत्रियों ने तत्काल एमएसपी की कानूनी गारंटी लागू करने पर आने वालीं दिक्कतों के बारे में बताया, लेकिन इससे पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। रात डेढ़ बजे के करीब बैठक खत्म हुई। किसानों की केंद्रीय मंत्रियों के साथ तीसरी बैठक बेनतीजा रही। इसमें बल प्रयोग पर किसानों ने विरोध जताया। वहीं किसान एमएसपी पर अड़े हुए हैं। अगली वार्ता रविवार को शाम 6 बजे होगी। किसान अगली बातचीत जल्दी चाह रहे थे।
चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच चल रही तीसरे दौर की बैठक गुरुवार-शुक्रवार रात करीब 1:30 बजे तक चली। तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। इसमें भी कोई समाधान नहीं निकल पाया। इस बैठक के शुरू होते ही किसानों ने हरियाणा सरकार और पुलिस की ओर से किए गए बल प्रयोग पर कड़ी आपत्ति जताई। इस पर केंद्रीय मंत्री उन्हें समझाते नजर आए। इसके बाद एमएसपी की कानूनी गारंटी सहित अन्य मांगों पर चर्चा शुरू हुई। केंद्रीय मंत्री लखीमपुर खीरी कांड समेत अन्य मांगों पर किसानों के साथ सहमत दिखे, लेकिन एमएसपी की कानूनी गारंटी पर कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया।
फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी कानून और कर्जमाफी समेत 12 मांगों को लेकर दिल्ली कूच को आमादा किसान हरियाणा बॉर्डर पर डटे हैं। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों की तैनाती के कारण तनाव की स्थिति बनी है। शंभू और दातासिंह वाला-खनौरी बॉर्डर पर किसानों ने दिल्ली कूच के लिए मोर्चा संभाले रखा, लेकिन आगे बढ़ने का प्रयास नहीं किया। शुक्रवार को भारत बंद की अपील के मद्देनजर पंजाब के पेट्रोल पंप मालिक भी किसानों के हक में उतर आए हैं। पेट्रोल पंप मालिक वीरवार को 12 से 4 बजे तक पेट्रोल पंप बंद रखेंगे। कारोबारी भी समर्थन में हैं, ऐसे में बाजार बंद रह सकते हैं। वहीं, पनबस, रोडवेज और पीआरटीसी ने भी बंद का समर्थन किया है। वीरवार को बसें नहीं चलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। भारत बंद के दौरान केवल स्वास्थ्य सेवाएं जैसे एंबुलेंस या मेडिकल इमरजेंसी, परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थियों, दिल्ली एयरपोर्ट जा रहे लोगों और शादी समागम में शामिल होने वालों को ही छूट दी जाएगी।