अरविंद केजरीवाल ने अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया दी है। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के अमन चैन और सुरक्षा के लिए हम वचनबद्ध हैं। इसके लिए कठोर निर्णय लेने को भी हम तैयार हैं। सीएम भगवंत मान ने इस मिशन को परिपक्वता और साहस से पूरा किया। बिना किसी रक्तपात और गोली चलाए पंजाब पुलिस ने कामयाबी हासिल की। इस दौरान शांति बनाए रखने और पंजाब सरकार का साथ देने के लिए जनता का बहुत बहुत शुक्रिया।
अमृतपाल की गिरफ्तारी के बाद लुधियाना के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने उन पर जमकर जुबानी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग पंजाबी नहीं हो सकते हैं। बल्कि पंजाबी तो वह हैं जो कि देश की रक्षा करते हुए बार्डरों पर शहीद हो रहे हैं। उनकी शहादत पर फौज सलाम करती है। उनके गांवों व चौराहों में बुत लगते हैं। युवाओं को नई सीख मिलती है। दूसरी तरफ अमृतपाल जैसे लोग देश के दुश्मनों से फंड लेते हैं। साथ ही सभी लग्जरी सुविधाओं का आनंद उठाते हैं।
अमृतपाल सिंह ने अपनी गिरफ्तारी देने से पहले अपने मोबाइल में वीडियो रिकॉर्ड किया था। इसमें वह कह रहा है कि आज 23 अप्रैल का दिन है और उसने खुद ही फैसला किया है कि जिस जगह से उसने सिर पर पगड़ी सजाकर वारिस पंजाब नाम की संस्था की शुरुआत की थी वहां पर ही वह आत्मसमर्पण करेगा। वह देश छोड़कर भी भाग सकता था मगर उसने लोगों के साथ वादा किया था।
सीएम भगवंत मान दोपहर में अमृतपाल मामले में पत्रकारवार्ता करेंगे।
पंजाब पुलिस अमृतपाल को लेकर डिब्रूगढ़ पहुंच गई है।
आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी ने ये साबित कर दिया है कि पंजाब की आप सरकार कानून व्यवस्था के मामले में कोई समझौता नहीं करेगी। हमने दिखा दिया कि ज़रूरत पड़ने पर लोगों के लिए हम सख्त से सख्त कदम उठाने की भी हिम्मत रखते हैं।
अमृतपाल की गिरफ्तारी के बाद मोगा के बाघापुराना और रोडे में भारी मात्रा में पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।
अकाली दल ने अमृतपाल की गिरफ्तारी पर सवाल उठाया है। पार्टी ने कहा कि अमृतपाल ने खुद सरेंडर किया है। ये पुलिस की नाकामी है।
वहीं अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी पर कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भारत विरोधी प्रचारक और आतंकवादियों के समर्थक अमृतपाल सिंह को भागने में किसने मदद की। इसका खुलासा होना चाहिए।
अमृतपाल की गिरफ्तारी को लेकर जो ऑपरेशन चलाया गया, उसकी मॉनिटरिंग सीएम भगवंत मान खुद कर रहे थे। इतना ही नहीं उन्होंने पुलिस को स्पेशल स्पेशल हिदायत दी थी कि किसी भी तरह से माहौल खराब नही होना चाहिए।
अमृतपाल की गिरफ्तारी पर उनके परिवार की प्रतिक्रिया सामने आई है। उनके चाचा ने कहा कि अमृतपाल सिखी स्वरूप में है, इसका हमें संतोष है। हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
आईजी ने बताया कि अमृतपाल की पंजाब पुलिस के पास पुख्ता सूचना थी। इसके बाद पंजाब पुलिस में रोडे गांव को घेर लिया था। उसके बाद अमृतपाल के पास कोई विकल्प नहीं रह गया था। आखिर में वह गुरुद्वारे के बाहर आ गया जहां से पंजाब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पंजाब पुलिस के आईजी ने बताया कि गुरुद्वारे की पवित्रता को देखते हुए पुलिस ने गुरुद्वारे के अंदर जाकर अमृतपाल को गिरफ्तार नहीं किया। हमने पूरे गुरुद्वारे के आसपास फोर्स जुटा दी और उसे घेर लिया। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अमृतपाल सिंह को पंजाब पुलिस ने आज सुबह करीब 6.45 बजे गांव रोडे में गिरफ्तार किया है।
पंजाब पुलिस के आईजी ने बताया कि हमने अमृतपाल को अरेस्ट किया है। अंदर क्या-क्या हुआ इस बारे में टिप्पणी करना ठीक नहीं है। हमने यह कार्रवाई इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर की और गुरुद्वारे को घेरने के बाद अमृतपाल को एनएसए के तहत गिरफ्तार कर लिया।
जरनैल सिंह भिंडरावाले के भतीजे के अनुसार, शनिवार देर रात ही अमृतपाल गांव रोडे पहुंच गया था।
खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह को असम की डिब्रूगढ़ जेल भेजने की तैयारी है। बठिंडा एयरपोर्ट पर मेडिकल के बाद उसे एयरलिफ्ट करके असम भेजा जाएगा।
बीते एक महीने की जद्दोजहद को लेकर पंजाब पुलिस का दावा किया था कि अमृतपाल दो बार चकमा देकर बच निकलने में कामयाब रहा, लेकिन पुलिस की असफलता पर भी सवाल खड़े होने लगे थे और पूरे घटनाक्रम को पंजाब पुलिस और खुफिया तंत्र की नरमी करार दिया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि अमृतपाल पर करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं। अमृतपाल ने गुरुद्वारे में शरण ले रखी थी। एक ग्रंथी ने अमृतपाल के वहां होने की सूचना पुलिस को दी थी।
अमृतपाल को पकड़ने के बाद पंजाब पुलिस उसे बठिंडा एयरपोर्ट ले गई। बताया जा रहा है उसे एयरलिफ्ट करके असम भेजा जाएगा। इससे पहले उसका मेडिकल किया जा रहा है।