नीति आयोग के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और जी20 के शेरपा अमिताभ कांत ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अमिताभ कांत ने इसे प्रगतिशील, व्यावहारिक और दूरदर्शी बजट करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस बजट ने तीन दशक का रोडमैप तैयार किया है। अमिताभ कांत के अनुसार आने वाले समय में रोजगार के अवसर पैदा करने में यह बजट काफी मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ किसी एक निर्धारित योजना के तहत ही नहीं बल्कि एमएसएमई, स्टार्टअप और पर्यटन के तहत भी रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह बजट समावेशी विकास, सतत विकास और आर्थिक लचीलेपन को लेकर मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा, ‘यह बजट भारत की आकस्मिक जरूरतों के साथ साथ बुनियादी ढांचे के विकास, तकनीकी नवाचार और सामाजिक कल्याण के लिए एक मजबूत ढांचा भी तैयार करता है। यह बजट पूरी तरह से समृद्धि और निष्पक्षता की ओर इशारा करता है। यह सुदृढ़ और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह उल्लेखनीय कदम साबित होगा।’
बजट में बिहार के लिए विशेष पैकेज पर बिहार CM नीतीश कुमार ने कहा कि 'हम बिहार को विशेष दर्जा दिलाने के लिए हम लगातार बोलते रहे। हमने कहा था कि विशेष राज्य का दर्जा दीजिए या विशेष मदद दीजिए जिससे राज्य आगे बढ़ सके। केंद्र से अगर अतिरिक्त मदद मिलेगी तो फायदा मिलेगा'।
पीएम मोदी के अनुसार, 'इस बजट से व्यापारियों, लघु उद्योगों को प्रगति का नया रास्ता मिलेगा। बजट में उत्पादन पर भी बल है, इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी बल है। इससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी और गति को भी निरंतरता मिलेगी। रोजगार और स्वरोजगारों को पैदा करना हमारी सरकार की पहचान रही है। आज का बजट इसे और सुदृढ़ करता है। इस बजट में सरकार ने एमप्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेटिव का एलान किया है।'
प्रधानमंत्री ने बजट 2024 को लेकर कहा कि 'ये शक्ति देने वाला बजट है। ये किसानों-युवाओं को प्रगति की राह पर ले जाना वाला बजट है। पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। ये उनकी आर्थिक प्रगति में निरंतरता का बजट है। ये युवाओं को अनगिनत मौके देने वाला बजट है। इस बजट से मिडिल क्लास को नई ताकत मिलेगी। ये जनजातीय समाज, दलित, पिछड़ों को सशक्त करने की मजबूत योजनाओं के साथ आया है। इस बजट से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।'
केंद्रीय बजट 2024 पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, 'केंद्र को यह बजट कागजों पर तो ठीक लगता होगा, लेकिन जमीनी स्तर पर इससे किसानों को कोई फायदा नहीं होने वाला है। सरकार को फसलों की कीमत देनी चाहिए, मुफ्त बिजली, सस्ती खाद देनी चाहिए, खेती के उपकरणों पर जीएसटी कम करना चाहिए।'
केंद्रीय बजट 2024 पर मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा, 'महिलाओं की सुरक्षा को लेकर होना चाहिए था, (बजट में)कुछ भी नहीं है। किचन का ध्यान नहीं रखा गया है क्योंकि सरकार मंहगाई के बारे में कोई कदम नहीं उठाना चाह रही है।'
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्रीय बजट पर कहा, 'अगर हम उत्तर प्रदेश को देखें तो निवेश की स्थिति क्या है? इनके जो प्रोजेक्ट चल रहे हैं वह कभी समय पर पूरे नहीं हुए, अच्छी बात है कि बिहार और आंध्र प्रदेश को विशेष योजनाओं से जोड़ा गया है लेकिन उत्तर प्रदेश जैसा राज्य जो प्रधानमंत्री देता है क्या वहां के किसानों के लिए बजट में कुछ है?' अखिलेश ने कहा कि 'जब तक किसान और नौजवानों की पक्की नौकरी का इंतजाम नहीं होगा तब तक जनता को कोई बड़ा लाभ नहीं पहुंचेगा।'
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्रीय बजट पर कहा, 'नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू से डरा हुआ बजट है। इनका अपना विज़न कुछ नहीं है, बोलने को तो बहुत कुछ बोला जाता है अब देखना होगा कि ये अमल में कैसे लाएंगे।
TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, 'यह 'कुर्सी बचाओ' बजट है। जो NDA में है, नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू को अपने साथ रखने के लिए यह बजट है, यह बजट देश के लिए नहीं है। बंगाल के लिए तो कुछ भी नहीं है, वे बंगाल को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं, उनका बंगाल से सफाया होगा।'
नई कर व्यवस्था में व्यक्तिगत आयकर दरों पर वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, 'नई कर व्यवस्था के तहत, कर दर संरचना ऐसी होगी, जिसमें 0 से 3 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं लगेगा। 3-7 लाख रुपये की आय पर 5% और 7-10 लाख रुपये की आय पर 10% आयकर लगेगा। वहीं 10-12 लाख की आय पर 15% और 12-15 लाख रुपये की सालाना आय पर 20%, और 15 लाख से अधिक की आय पर 30% आयकर लगेगा।
- सरकार ने स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standerd Deduction) को 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया है।
- पारिवारिक पेंशन पर छूट की सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये की जा रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि इन दोनों बदलावों से चार करोड़ नौकरीपेशा और पेंशनर्स को फायदा मिलेगा।
निवेशकों के सभी वर्गों पर लगने वाले एंजल टैक्स को समाप्त करने का प्रस्ताव दिया गया है। इससे देश के स्टार्टअप को फायदा मिलेगा और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि 'आयकर अधिनियम 1961 की व्यापक समीक्षा की जाएगी। जिससे टैक्स संबंधी विवाद और मुकदमेबाजी कम होगी। इसे 6 महीने में पूरा करने का प्रस्ताव है।' वित्त मंत्री ने कहा कि 'केवल उन मामलों में आयकर आकलन को 3 साल बाद फिर से खोला जाएगा, जहां बची हुई आय 50 लाख रुपये और उससे अधिक है।'
वित्त मंत्री ने कहा कि 'दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर को 10 से बढ़ाकर 12.5% किया गया और दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ छूट 1 लाख से बढ़ाकर 1.25 लाख किया गया। अल्पकालिक पूंजीगत लाभ कर 15 से बढ़ाकर 20% किया गया।'
कर व्यवस्था पर वित्त मंत्री ने कहा कि चैरिटी के मामलों में दो अलग-अलग व्यवस्थाओं की जगह एक कर छूट व्यवस्था होगी। साथ ही विभिन्न भुगतान के लिए पांच फीसदी टीडीएस की जगह दो फीसदी टीडीएस की व्यवस्था होगा।
-म्यूच्युअल फंड्स या यूटीआई के पुनः खरीददारी पर 20 फीसदी टीडीएस को वापस ले लिया गया है।
- ई-कॉमर्स ऑपरेटर्स के लिए टीडीएस को एक फीसदी से घटाकर 0.1 फीसदी कर दिया गया है। साथ ही टीडीएस भरने में देरी को अपराध भी नहीं माना जाएगा।
- 25 महत्वपूर्ण खनिजों को सीमा शुल्क से छूट दी जाएगी और उनमें से दो पर बीसीडी कम किया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'वित्तीय घाटा 2024-25 तक सकल घरेलू उत्पाद का 4.9% रहने का अनुमान है। लक्ष्य घाटे को 4.5% से नीचे पहुंचाना है।'
मोबाइल फोन और उपकरणों के घरेलू उत्पादन में इजाफा हुआ है। मोबाइल फोन, मोबाइल चार्जर पर सीमा शुल्क घटाया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा 'मोबाइल फोन और मोबाइल PCBS तथा मोबाइल चार्जर पर BCD को घटाकर 15% करने का प्रस्ताव करती हूं।'
कैंसर के मरीजों के लिए तीन और दवाओं को पूरी तरह सीमा शुल्क से मुक्त कर दिया जाएगा। एक्सरे ट्यूब, फ्लैट पैनल डिटेक्टर में भी सीमा शुल्क घटाया जाएगा।
सोने और चांदी पर सीमा शुल्क छह फीसदी और प्लेटिनम पर 6.4 फीसदी सीमा शुल्क घटाया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, '25,000 ग्रामीण बस्तियों को सभी मौसमों के अनुकूल सड़कें प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण 4 का शुभारंभ किया जाएगा। बिहार में अक्सर बाढ़ आती रहती है। नेपाल में बाढ़ नियंत्रण संरचनाओं के निर्माण की योजना अभी तक आगे नहीं बढ़ पाई है। हमारी सरकार 11,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। असम, जो हर साल बाढ़ से जूझता है, उसे बाढ़ प्रबंधन और संबंधित परियोजनाओं के लिए सहायता मिलेगी। बाढ़ के कारण व्यापक नुकसान झेलने वाले हिमाचल प्रदेश को भी बहुपक्षीय सहायता के माध्यम से पुनर्निर्माण के लिए समर्थन मिलेगा। इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड, जिसे भूस्खलन और बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है, उसे आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।'
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'दिवालियापन एवं दिवालियापन संहिता के तहत परिणामों में सुधार के लिए एकीकृत प्रौद्योगिकी मंच स्थापित किया जाएगा। ऋण वसूली न्यायाधिकरणों को मजबूत किया जाएगा और वसूली में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त न्यायाधिकरण स्थापित किए जाएंगे।'
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, 'एनटीपीसी और बीएचईएल के बीच एक संयुक्त उद्यम एयूएससी (उन्नत अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल) प्रौद्योगिकी का उपयोग करके 100 मेगावाट का वाणिज्यिक ताप विद्युत संयंत्र स्थापित किया जाएगा।' देश में छोटे और मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टरों के विकास पर, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, 'भारत छोटे रिएक्टरों की स्थापना, भारत छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के अनुसंधान और विकास और परमाणु ऊर्जा के लिए नई प्रौद्योगिकियों के अनुसंधान और विकास के लिए सरकार निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी करेगी।'
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण निवेश किए गए हैं। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पूंजीगत व्यय के लिए 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए गए हैं। यह हमारे सकल घरेलू उत्पाद का 3.4% होगा। निजी क्षेत्र द्वारा बुनियादी ढांचे में निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा और इसके लिए वित्तपोषण और सक्षम नीतियां बनाई जाएंगी।'
पर्यटन के विकास पर केंद्र सरकार का विशेष ध्यान है। बोधगया के महाबोधि मंदिर के लिए कॉरिडोर निर्माण का एलान किया गया है। गया के विष्णुपद मंदिर के लिए कॉरिडोर बनेगा। यह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के विकास पर आधारित होंगे। राजगीर भी बौद्ध और जैन श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। राजगीर के तीर्थ क्षेत्रों का भी विकास होगा। नालंदा को भी पर्यटन केंद्र के रूप में मजबूत करने के लिए वहां विकास जाएगा।
निशुल्क सौर बिजली योजना पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की शुरुआत की गई है, जिसके तहत छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे 1 करोड़ परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक निशुल्क बिजली मिल सकेगी। यह योजना इसे और बढ़ावा देगी।'
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, '21,400 करोड़ रुपये की लागत से बिहार के पीरपैंती में 2400 मेगावाट का नया बिजली संयंत्र स्थापित करने सहित बिजली परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। बिहार में नए हवाई अड्डे, मेडिकल कॉलेज और खेल बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। बहुपक्षीय विकास बैंकों से बाहरी सहायता के लिए बिहार सरकार के अनुरोधों पर शीघ्रता से काम किया जाएगा... हमारी सरकार ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए प्रयास किए हैं। राज्य की पूंजी की आवश्यकता को समझते हुए, हम बहुपक्षीय एजेंसियों के माध्यम से विशेष वित्तीय सहायता की सुविधा प्रदान करेंगे। चालू वित्त वर्ष में, भविष्य के वर्षों में अतिरिक्त राशि के साथ 15,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की जाएगी। हमारी सरकार पोलावरम सिंचाई परियोजना के शीघ्र पूरा होने और वित्तपोषण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है जो आंध्र प्रदेश और उसके किसानों के लिए जीवन रेखा है।'
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि 'सरकार एक करोड़ युवाओं को अगले पांच साल में टॉप-500 कंपनियों में इंटर्नशिप का मौका देगी। यह इंटर्नशिप 12 महीने की होगी। इसमें युवाओं को कारोबार के वास्तविक माहौल को जानने और अलग-अलग पेशे की चुनौतियों से रूबरू होने का मौका मिलेगा। इसके तहत युवाओं को हर महीने पांच हजार रुपये का भत्ता भी दिया जाएगा। यही नहीं, उन्हें एकमुश्त मदद के रूप में छह हजार रुपये दिए जाएंगे। कंपनियों को अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत प्रशिक्षण का खर्च और इंटर्नशिप की 10 फीसदी लागत को वहन करना होगा।'
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आंध्र प्रदेश के लिए बजट में एलान करते हुए कहा कि 'सरकार का आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए समन्वित प्रयास किया। बहुपक्षीय विकास एजेंसियों के माध्यम से आंध्र प्रदेश को वित्तीय सहायता की सुविधा प्रदान करेंगे। चालू वित्त वर्ष में 15 हजार करोड़ और आगामी वर्षों में अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की जाएगी। पोलावरम सिंचाई परियोजना को जल्दी पूरा कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध। इससे हमारे देश को खाद्य सुरक्षा में भी सहायता मिलेगी। विशाखापत्तनम-चेन्नई औद्योगिक गलियारे में कोप्पार्थी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे पर जोर। आर्थिक विकास के लिए पूंजीगत निवेश के लिए एक वर्ष तक अतिरिक्त आवंटन। अधिनियम में रायलसीमा, प्रकाशम और उत्तर तटी आंध्र प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों के लिए अनुदान।'
सरकार की नौ प्राथमिकताओं में से एक है रोजगार और कौशल विकास। इसके तहत पहली बार नौकरी करने वालों को बड़ी मदद मिलने जा रही है। फॉर्मल सेक्टर में पहली बार नौकरी की शुरुआत करने वालों को एक महीने का वेतन दिया जाएगा। यह वेतन डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए तीन किस्तों में जारी होगा। इसकी अधिकतम राशि 15 हजार रुपये होगी। ईपीएफओ में पंजीकृत लोगों को यह मदद मिलेगी। योग्यता सीमा एक लाख रुपये प्रति माह होगी। इससे 2.10 करोड़ युवाओं को फायदा होगा। सरकार रोजगार में प्रवेश करने वाले 30 लाख युवाओं को भी फायदा देने जा रही है। यह फायदा भविष्य निधि यानी पीएफ में एक महीने के योगदान के रूप में होगा।
वित्त मंत्री ने कहा 'हमारी सरकार प्रधानमंत्री पैकेज के हिस्से के रूप में रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं के लिए तीन योजनाएं लागू करेगी। ये ईपीएफओ में नामांकन पर आधारित होंगी और पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों की पहचान और कर्मचारियों और नियोक्ताओं को सहायता पर ध्यान केंद्रित करेंगी।'
वित्त मंत्री ने बजट में बिहार की सड़क-संपर्क परियोजनाओं के लिए 26 हजार करोड़ रुपये देने का एलान। इससे पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे, बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे का विकास होगा। बोधगया, राजगीर, वैशाली और दरभंगा सड़क संपर्क परियोजनाओं का भी विकास होगा। बक्सर में गंगा नदी पर दो लेना वाला एक अतिरिक्त पुल बनाने में भी मदद होगी। बिहार में 21 हजार 400 करोड़ रुपये की लागत से विद्युत परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इसमें पिरपैंती में 2400 मेगावॉट के एक नए संयंत्र की स्थापना भी शामिल है। बिहार में नए एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेजों और खेलकूद की अवसंरचना का भी निर्माण होगा। पूंजीगत निवेशों में सहायता के लिए अतिरिक्त आवंटन उपलब्ध कराया जाएगा। बिहार सरकार के बहुपक्षीय विकास बैंकों से बाह्य सहायता के अनुरोध पर तेजी से कार्यवाही होगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मुझे 2 लाख करोड़ रुपये के केंद्रीय परिव्यय के साथ 5 वर्षों में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और अन्य अवसरों की सुविधा के लिए 5 योजनाओं और पहलों के प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। इस वर्ष हमने शिक्षा, रोजगार और कौशल के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।'
सरकार देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा के लिए आर्थिक मदद देगी। शिक्षा ऋण पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'सरकार घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।'
सरकर की नौ प्राथमिकताओं में से एक है रोजगार और कौशल विकास। इसके तहत पहली बार नौकरी करने वालों को बड़ी मदद मिलने जा रही है। फॉर्मल सेक्टर में पहली बार नौकरी की शुरुआत करने वालों को एक महीने का वेतन दिया जाएगा। यह वेतन डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए तीन किस्तों में जारी होगा। इसकी अधिकतम राशि 15 हजार रुपये होगी। ईपीएफओ में पंजीकृत लोगों को यह मदद मिलेगी। योग्यता सीमा एक लाख रुपये प्रति माह होगी। इससे 2.10 करोड़ युवाओं को फायदा होगा।
बजट में किसानों और कृषि क्षेत्र के 1.52 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस फंड से कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'किसानों द्वारा खेती के लिए 32 खेत और बागवानी फसलों की 109 नई उच्च उपज वाली और जलवायु लचीली किस्में जारी की जाएंगी। अगले 2 वर्षों में, 1 करोड़ किसानों को प्रमाणीकरण और ब्रांडिंग द्वारा समर्थित प्राकृतिक खेती में शामिल किया जाएगा।'
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट में सरकारी की नौ प्राथमिकताएं हैं, जिनमें शामिल हैं-
1. खेती में उत्पादकता
2. रोजगार और क्षमता विकास
3. समग्र मानव संसाधन विकास और सामाजिक न्याय
4. विनिर्माण और सेवाएं
5. शहरी विकास
6. ऊर्जा सुरक्षा
7. अधोसरंचना
8. नवाचार, शोध और विकास
9. अगली पीढ़ी के सुधार
वित्त मंत्री ने कहा 'हमने पीएम गरीब कल्याण योजना को 5 साल के लिए बढ़ाया। इससे 80 करोड़ से अधिक गरीबों को लाभ हो रहा। रोजगार, कौशल प्रशिक्षण के लिए पीएम की पांच योजनाओं के पैकेज की घोषणा। इससे पांच साल में 4 करोड़ 10 लाख युवाओं को लाभ होगा। इन योजनाओं पर दो लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अंतरिम बजट में हमने विकसित भारत को रोडमैप को देने का वादा किया था।'
लोकसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण पढ़ना शुरू कर दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत का आर्थिक विकास दुनिया के लिए उत्कृष्ट उदाहरण है। भारत इसी तरह प्रगति की राह पर आगे बढ़ता रहेगा। मंहगाई को 4 प्रतिशत पर लाने की कोशिश हो रही है।
बजट को पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिल गई है। थोड़ी देर में लोकसभा में बजट पेश करेंगी वित्त मंत्री। बजट पेश किए जाने से पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी संसद पहुंचे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा केंद्रीय बजट पेश किए जाने से पहले संसद पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला संसद भवन पहुंचे। थोड़ी देर में पेश होगा आम बजट।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आम बजट को लेकर कहा, 'जो हम पिछले कई वर्षो से देखते आ रहे हैं, वही होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने बजट के द्वारा अपने करीबी करोड़पतियों की मदद करेंगे। उनको नई जगह में निवेश करने के लिए सुविधाएं मिलेंगी। कंपनियों को बैंकों से , टैक्स से राहत मिले, इसी तरह के निर्देश हमें सुनने को मिलेगा। मध्यम वर्ग, छोटे दुकानदार और ईमानदार टैक्स पेयर को खोखले वादे के अलावा कुछ नहीं मिलेगा।'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संसद पहुंच गए हैं। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी संसद पहुंचे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में केंद्रीय बजट पेश करेंगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करने के लिए अपनी टीम के साथ संसद पहुंचीं।
संसद में सुबह 11 बजे बजट पेश किए जाने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।
मोदी सरकार के केंद्रीय बजट से पहले शिवसेना(यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि निर्मला सीतारमण बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से कुछ राहत देंगी और सरकार 'जन की बात' करेगी, न कि प्रधानमंत्री के 'मन की बात'।
जम्मू कश्मीर बजट की प्रतियां संसद भवन पहुंच गई हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट के साथ ही जम्मू कश्मीर का बजट भी पेश करेंगी।
बजट को लेकर आप सांसद संदीप पाठक ने कहा कि 'दिल्ली को मिलने वाली वित्तीय मदद में इजाफा होना चाहिए। जो फंड पंजाब सरकार को आवंटित होना चाहिए था, उसे रोक दिया गया, उसे जारी किया जाना चाहिए। बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए 10 पॉइंट का एजेंडा बनाने की जरूरत है।'
Budget Live: मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने सोमवार को कहा कि अब भारतीय परिवार वित्तीय संपत्ति में ज्यादा निवेश कर रहे हैं और उनकी मार्केट वैल्यू राष्ट्रीय आय के आंकड़ों में नहीं आ रही है। संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 में बताया गया है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में पंजीकृत निवेशकों की संख्या मार्च 2020 से लेकर मार्च 2024 तक लगभग तीन गुना बढ़कर 9.2 करोड़ हो गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त मंत्रालय के बाहर आकर पत्रकारों को बजट टैबलेट के साथ पहली तस्वीर दी। इस दौरान वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त विभाग के अन्य शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहे। अब वित्त मंत्री राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना हो गई हैं।
ईजमाई ट्रिप के सह-संस्थापक रिकान्त पिट्टी ने केंद्रीय बजट को लेकर कहा कि 'पिछले साल हमारी जीडीपी वृद्धि दर 6.5% के आसपास थी, और इस बार भी आर्थिक सर्वेक्षण में लगभग 7% की वृद्धि दर का सुझाव दिया गया है। आने वाले समय में हमारी जीडीपी वृद्धि दर और भी बेहतर हो जाएगी। भारत में निवेश बढ़ रहा है। हम पर्यटन श्रेणियों में विस्तार कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि सरकार इस क्षेत्र पर थोड़ा और ध्यान देगी क्योंकि इससे रोजगार के बहुत सारे अवसर मिलेंगे।'
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नॉर्थ ब्लॉक स्थित वित्त मंत्रालय पहुंच गई हैं। वह आज संसद में केन्द्रीय बजट 2024-25 पेश करेंगी।
आज पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2024 पर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी का जो मंत्र है-सबका साथ सबका विकास...आपने देखा है कि बजट राष्ट्रहित में आता है और इसी प्रकार से यह बजट आएगा।'
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन वित्त मंत्रालय पहुंच गए हैं। आज मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला आम बजट पेश किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दी बजट की बधाई।
वर्तमान में, नई कर व्यवस्था में मूल छूट सीमा तीन लाख रुपये निर्धारित की गई है। सरकार इस बजट में छूट सीमा को बढ़ाकर पांच लाख कर सकती है। चर्चा है कि सरकार मानक कटौती की मौजूदा सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर सकती है, जिससे कर गणना सरल हो जाएगी और वेतनभोगी कर्मचारियों की आय में वृद्धि होगी।
1973-74 में भारत में आयकर की दर सबसे ज्यादा थी। उस समय आयकर वसूलने की अधिकतम दर 85 फीसदी कर दी गई थी। सरचार्ज मिलाकर यह दर 97.75 फीसदी तक पहुंच जाती थी। 2 लाख रुपये की आमदनी के बाद हर 100 रुपये की कमाई में से सिर्फ 2.25 रुपये ही कमाने वाले की जेब में जाते थे। बाकी 97.75 रुपये सरकार रख लेती थी।
1955 में जनसंख्या बढ़ाने के लिए पहली बार देश में शादीशुदा और कुंवारों के लिए अलग-अलग टैक्स फ्री इनकम रखी गई। इसके तहत शादीशुदा लोगों को 2000 रुपये तक की आमदनी तक कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था। वहीं, कुंवारों के लिए यह लिमिट 1000 रुपये ही थी।
भारत 1958 में बच्चों की संख्या के आधार पर इनकम टैक्स में छूट देने वाला दुनिया का इकलौता देश बना। शादीशुदा होने पर यदि बच्चा नहीं है तो 3000 रुपये तक की आय पर टैक्स नहीं देना पड़ता था। लेकिन, एक बच्चे वाले व्यक्तियों के लिए 3300 रुपये और 2 बच्चों पर 3600 रुपये की आय टैक्स फ्री थी।
बजट में सरकार मध्यम वर्ग के लिए बड़े एलान कर सकती है। इसके तहत जमा पर ब्याज में आयकर में छूट बढ़ सकती है और आयकर के स्लैब में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
सुबह 11 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी।
नेशनल करियर सर्विस पोर्टल पर लिस्टेड पदों की संख्या बढ़कर 1.09 करोड़ हो गई है, जबकि नौकरी के लिए पंजीकरण करवाने वालों की संख्या 87.2 लाख ही है। नौकरी की संख्या बढ़ने के बावजूद युवाओं को काम नहीं मिल पा रहा इसकी वजह जॉब के लिए पैरामीटर्स पर उम्मीदवार का खरा न उतरना है। कुछ मामलों में संविदा या कम वेतन होने पर लोग नौकरी के लिए आवेदन नहीं करते हैं। इस स्थिति में सुधार के लिए भी सरकार से इस बजट में कदम उठाने की अपेक्षा है। बजट पूर्व बैठकों में सीआईआई ने सुझाव दिया है कि नए रोजगार पैदा करने के लिए कौशल विकास को बढ़ावा देना चाहिए। देश में पीएम कौशल विकास योजना चलाई जा रही है, जिसमें आने वाले सालों में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य रखा जा चाहिए।
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट से बेरोजगारी की मार झेल रहे युवा वर्गा को भी कई अपेक्षाएं हैं। वर्तमान में देश में युवा वर्ग के सामने सबसे बड़ी समस्या रोज-रोटी सुनिश्चित करने की है। युवा वर्ग की ओर से लगातार सरकार से इस दिशा में मजबूत कदम उठाने की अपील की जा रही है। मोदी सरकार के पहले दो कार्यकाल में स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया मिशन के जरिए युवाओं को राोजगार से जोड़ने के लिए कई कदम उठाए गए पर वे कदम जमीन पर नाकाफी ही साबित हुए हैं। ऐसे में युवा वर्ग इस बार उम्मीद कर रहा है सरकार उनकी भलाई के लिए कुछ ऐसे कदम उठाए जो गंभीरतापूर्वक जमीन पर उतारे जा सकें, ना कि वे केवल हवा-हवाई बनकर रह जाएं।
महिलाओं को है बजट से उम्मीद
देश में करीब 12 साल पहले तक महिलाओं के लिए अलग टैक्स की सुविधा थी। इसमें महिला करदाताओं के लिए इनकम टैक्स में बेसिक एग्जेंप्शन लिमिट पुरुषों की तुलना में थोड़ी अधिक होती थी। यानी महिलाएं पुरुषों की तुलना में कम टैक्स चुकाती थीं। लेकिन कांग्रेस सरकार ने वित्त वर्ष 2012-13 ने इस प्रणाली को खत्म कर दिया था। तब सरकार ने महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए समान टैक्स स्लैब पेश किया था। तब से महिलाओं के लिए कोई अलग आयकर स्लैब नहीं है। हालांकि इस बार महिलाओं को मोदी सरकार से उम्मीद है कि महिलाओं के लिए अलग से टैक्स स्लैब आएगा।
सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि महिला वोटर को ध्यान में रखते हुए सरकार महिला करदाताओं के लिए अलग से टैक्स स्लैब ला सकती है। यानी उन्हें अलग और ज्यादा छूट बजट में मिल सकती है। अभी नई कर व्यवस्था में 7 लाख तक कोई टैक्स नहीं देना होता है। अब सरकार इसे 8 लाख रुपये तक कर सकती है