बिहार विधानसभा सचिवालय की ओर से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पांचों उम्मीदवार की जीत की घोषणा कर दी गई है। विधानसभा सचिव ख्याति सिंह की ओर से बताया गया कि एनडीए के उम्मीदवार नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, शिवेश कुमार नौ अप्रैल को खाली हो रही सीटों को भरने के लिए निर्वाचित हो गए हैं।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्यसभा चुनाव में एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवारों की जीत पर खुशी जाहिर की है और उन्हें जीत की बधाई दी है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन और न्याय के साथ विकास के नीति की जीत है। उन्होंने एनडीए के सभी विधायकों का आभार जताते हुए कहा कि सभी ने एकजुट होकर उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया। विधायकों ने अपनी पार्टी, एनडीए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए वोट किया है। यह उनके एनडीए के प्रति समर्पण और बिहार के विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राज्यसभा चुनाव में जीत के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि राज्यसभा सदस्य के रुप में फिर से एक बार निर्वाचित होने पर मैं उन सभी विधायक साथियों को हार्दिक धन्यवाद देते हुए उनके प्रति ह्रदयतल से आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने मुझे और नीतीश कुमार, नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर और शिवेश कुमार अपना बहुमूल्य मत देकर जीत दिलाई है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने राज्यसभा के लिए बिहार से एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवारों की जीत पर उन्हें हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी है। खासकर बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश को पहली बार राज्यसभा सदस्य बनने का स्वागत किया है। उन्होंने आगे कहा है कि जनता द्वारा ठुकराए गए इंडी गठबंधन की हार पहले दिन से ही तय थी। उन्होंने कहा कि महागठबंधन का इरादा शुरू से ही नकारात्मक था। महागठबंधन के घटक दलों के नेताओं को यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि बिहार का पूर्ण समर्थन देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके विकास कार्यों के साथ है। इंडी गठबंधन के फरेब और झांसे की राजनीति में अब बिहार फंसने वाला नहीं है।
हार के बाद तेजस्वी यादव ने कहा था कि हमारे चार विधायक वोट देने नहीं आए, यह बात पूरे बिहार को पता है कि वो लोग क्यों नहीं आए। संख्या कम होने के बावजूद हमलोगों ने अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धनतंत्र और मशीन तंत्र का उपयोग करती है। विधानसभा चुनाव में क्या हुआ था? इसे सबने देखा। आज तो भाजपा का धनतंत्र जीत गया लेकिन एक वक्त आएगा जब भाजपा का यह सब हथकंडा नहीं चल पाएगा। हमलोग हमेशा भाजपा के खिलाफ लड़ते रहेंगे। जब तब जीतेंगे नहीं तब तक छोड़ेंगे नहीं।
महागठबंधन की ओर से राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा कि अब तो पूरा देश जान गया कि कौन धनबल का प्रयोग करता है? भाजपा ने धनबल का प्रयोग किया है। यह छल किया गया है। यह जनता का अपमान है। महागठबंधन के चार विधायकों के नहीं पहुंचने पर कुमार सर्वजीत ने कहा कि मतदान प्रक्रिया में भाग नहीं लेने वालों विधायकों ने जनता के साथ धोखा दिया है। उनके ऊपर जिंदगी भर एक्स एमएलए का टैग लग जाएगा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि पूरी एनडीए की ओर से पांचों उम्मीदवारों की शानदार जीत को बहुत बहुत बधाई। आंकड़े शुरुआत से ही हमारे पक्ष में थे। राजद को अपने विधायकों पर विश्वास नहीं था, इसलिए होटल में उन्हें रखा था। लेकिन, एनडीए को अपने विधायकों पर विश्वास था। हमारे सभी 202 विधायक मतदान करने पहुंचे थे। मतगणना में सबसे ज्यादा वोट का वैल्यू शिवेश राम का रहा। उन्हें भी इस जीत के लिए शुभकामना।
बिहार में राज्यसभा की पांचों सीटों पर राज्यसभा के उम्मीदवारों की जीत हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, जदयू के वरिष्ठ नेता रामनाथ ठाकुर, रालोमो अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और भाजपा के महासचिव शिवेश राम राज्ससभा चुनाव जीत चुके हैं। पांचवीं सीट के उम्मीवार शिवेश राम को सबसे ज्यादा विधायकों के वोट मिले।
विधानसभा परिसर में दिग्गजों का पहुंचना शुरू हो गया है। सम्राट चौधरी पहले से विधानसभा में हैं। अब विजय कुमार सिन्हा भी अपने कक्ष में पहुंच गए हैं। राज्यसभा चुनाव के लिए वोटो की गिनती जारी है। दोनों उप मुख्यमंत्रियों के कक्ष में मिठाइयां पहुंच रही हैं।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपने पार्टी कार्यालय में इफ्तार पार्टी दी है। उनके इफ्तार पार्टी में सीएम नीतीश कुमार, मंत्री विजय चौधरी, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा समेत एनडीए से सभी वरिष्ठ नेता शामिल हुए। चिराग ने मुख्यमंत्री को राज्यसभा जीत की बधाई दी।
एनडीए की जीत की औपचारिक घोषणा बाकी है। इससे पहले ही जदयू, भाजपा और रालोमो खेमे के कार्यकर्ता जीत का जश्न मना रहे हैं। कार्यकर्ता कह रहे हैं कि विधानसभा चुनाव 2025 में जैसे महागठबंधन नहीं टिक पाया, वैसे ही राज्यसभा चुनाव में ही हुआ। हमलोगों की पांचों सीटों पर जीत हुई है।
बिहार में राज्यसभा की पांचो सीटों पर मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद औपचारिक तौर पर एनडीए के पांचों उम्मीदवारों की जीत की बात सामने आ रही है। एनडीए के सभी नेता पहले से ही दावा कर रहे थे कि हम लोग पांचो सीट जीत रहे हैं। हालांकि दावा तो महागठबंधन के नेता भी अपनी जीत का कर रहे थे लेकिन उनके चार विधायक मतदान के लिए विधानसभा नहीं पहुंचे इनमें कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक शामिल है। चारों विधायकों के अनुपस्थित होने के कारण महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को जीत के लिए जरूरी 41 वोट नहीं मिल पाए। उन्हें 37 विधायकों ने वोट दिया। हालांकि, कुछ देर बाद यानी शाम पांच बजे से मतगणना होगी। इसीलिए अभी तक आधिकारिक रूप से चुनाव के परिणाम की घोषणा नहीं की गई है।
बिहार में राज्यसभा की पांचों सीटों के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब पांच बजे से मतगणना होगी। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सभी 202 विधायकों ने वोट डाल दिया। वहीं महागठबंधन की ओर से राजद के 24, कांग्रेस ने तीन और वामदल के तीन और आईआईपी के एक विधायक ने वोट दिया। एआईएमआईएम और बसपा के विधायकों ने भी राजद उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को ही वोट दिया। इधर, मतदान के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि अब रिजल्ट का इंतजार है।
राज्यसभा चुनाव में मतदान खत्म होने के लिए एक घंटे से भी कम समय शेष रह गया है। लगभग सभी विधायकों ने मतदान कर दिया है। एनडीए के कई नेताओं ने तो पांचों सीटों पर जीत का दावा भी कर दिया। एनडीए के सभी विधायकों ने मतदान कर दिया है वहीं महागठबंधन से अब तक चार विधायक मतदान करने नहीं पहुंचे हैं। इनमें कांग्रेस के तीन और राजा के एक विधायक शामिल है कल से ही इनसे संपर्क नहीं हो पा रहा हैं।
राष्ट्रीय जनता दल के एक और कांग्रेस के तीन विधायक अब तक मतदान करने नहीं पहुंचे हैं। इससे महागठबंधन खेमे में टेंशन बढ़ गई है। एनडीए वाले अब तंज कस रहे हैं हैं कि तेजस्वी यादव के अपने ही विधायक उनके राज्यसभा उम्मीदवार को वोट देने नहीं पहुंचे हैं। कांग्रेस के मनोज बिश्वास, मनोहर प्रसाद सिंह और सुरेंद्र कुशवाहा और राजद के फैसल रहमान अब तक विधानसभा नहीं पहुंचे हैं। इनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
महागठबंधन की ओर से तीन विधायक अब तक मतदान करने विधानसभा नहीं पहुंचे हैं। इनमें कांग्रेस के मनोज बिश्वास, मनोहर प्रसाद सिंह और सुरेंद्र कुशवाहा और राजद के फैसल रहमान शामिल हैं। यह तीनों अब तक नहीं पहुंचे हैं। महागठबंधन को एक सीट पर जीत के लिए छह विधायकों के वोट की जरूरत थी। तेजस्वी यादव ने AIMIM के छह और बसपा के एक विधायक को अपने पाले में कर लिया। इस बीच कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनका फोन ऑफ बताया जा रहा है। इससे महागठबंधन खेमे में टेंशन काफी बढ़ गई है।
बिहारीगंज के जदयू विधायक निरंजन कुमार मेहता, दुर्घटना में घायल होने के बावजूद व्हीलचेयर पर मतदान करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हाल ही में उनका दुर्घटना हो गया था, लेकिन यह चुनाव उनके नेता की इज्जत और प्रतिष्ठा का सवाल है। उन्होंने कहा कि व्हीलचेयर ही नहीं, अगर वे स्ट्रेचर पर भी होते तो भी मतदान करने जरूर आते। उन्होंने विश्वास जताया कि इस चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जीत पक्की है।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विधानसभा पहुंचकर अपना मत डाला। उनके साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी मतदान किया। इसके बाद नितिन नवीन ने विक्ट्री साइन दिखाई। बता दें कि नितिन नवीन भी राज्यसभा उम्मीवार हैं।
जनता दल यूनाईटेड के विधायक अनंत सिंह राज्यसभा के लिए वोटिंग किया। उन्होंने कहा कि अगला विधानसभा चुनाव अब वह नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अब उनके बेटे विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार भले ही राज्यसभा जा रहे हो लेकिन हमारे दल के नेता रहेंगे। अनंत सिंह ने कहा कि निशांत कुमार में काफी संभावनाएं हैं। जेल से निकलने की बात पर उन्होंने कहा कि जल्द ही जेल से बाहर निकलेंगें।
विधानसभा में महागठबंधन को समर्थन देने पहुंचे AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने NDA पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वे दबंग लोग हैं। सत्ता उनके हाथ में है। दल है, छल है, बल है, सबकुछ उनके हाथ में है। वह लोग कुछ भी करा सकते हैं।
जतना दल यूनाईटेड के विधायक अनंत सिंह वोट देने के लिए बेऊर जेल से सीधे विधानसभा पहुंचे। वह आज एंबुलेंस से पहुंचे। उन्होंने मतदान किया। वहीं राज्यसभा उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि हमलोग पांचों सीट पर जबरदस्त तरीके से जीतने जा रहे है। हमलोगों की जीत तय है। मतगणना के बाद सारी बात स्पष्ट हो जाएगी।
राज्यसभा की पांचवीं सीट पर जीत के लिए एनडीए को तीन और महागठबंधन को छह विधायकों के वोटों की जरूरत है। एनडीए की ओर से संजय झा, विजय चौधरी, उपेंद्र कुशवाहा, सम्राट चौधरी, संजय सरावगी ने पांचवीं सीट पर जीत का दावा कर चुके हैं। वहीं महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव, आईपी गुप्ता महागठबंधन के उम्मीदवार की जीत का दावा किया है। आईपी गुप्ता ने 45 विधायकों के समर्थन तक की बात कह दी है।
महागठबंधन और एनडीए के विधायक पांचवीं सीट पर अपनी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। इन सब के बीच कांग्रेस के तीन विधायक ट्रेस लेस हो गए हैं। इनमें से दो सीमांचल से हैं। एनडीए के कुछ नेता पहले से दावा कर रहे थे कि विपक्ष के कुछ विधायक हमारे संपर्क में हैं। ऐसे में अचानक दो विधायकों के ट्रेसलेस होने से राजनीतिक गलियारे में तरह-तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। फारबिसगंज के विधायक मनोज बिश्वास और वाल्मीकिनगर के विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा के मोबाइल स्विच होने पर चर्चाओं का बाजार गर्म होने लगा है।
राज्यसभा के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विधायक विधानसभा पहुंचने लगे है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव वोटिंग करने के लिए कतार में लगे हैं। उन्होंने कहा कि हमलोग चुनाव जीतने जा रहे हैं। पांचवी सीट पर हमलोगों की जीत तय है। हमलोगों के समर्थन में 41 विधायकों का समर्थन है। उन्होंने कहा कि AIMIM और बसपा का समर्थन हमें मिल चुका है।
राज्यसभा चुनाव से विधानसभा की सचिव और रिटर्निंग ऑफिसर ख्याति सिंह का तबादला कर दिया गया। अचानक उनके तबादले के आदेश से हड़कंप मच गया। उन्हें पटना हाईकोर्ट में ओएसडी नियुक्त किया गया है। विपक्ष का कहना है कि एनडीए वाले पांचवीं सीट पर अपनी हार को लेकर अभी से घबरा गए हैं। इसलिए खेला करने की कोशिश कर रहे हैं।