मंत्री विजेंद्र यादव जब बिहार विनियोग विधेयक पढ़ रहे थे तो विपक्ष के एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दीकी बार-बार उन्हें बीच में टोक रहे थे। वह उन्हें ठीक से पढ़ने नहीं दे रहे थे। अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि मैं न्याय के साथ हूं। उन्होंने वित्त मंत्री विजेंद्र यादव पर तंज कसा। इसके बाद गुस्से में वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि इसी स्थिति के कारण आप लोगों की संख्या इतनी कम हो गई है। मैं आपको श्राप देता हूं कि आप अगले बार एमएलसी भी नहीं बनेंगे।
वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि विपक्ष के लोग कहते हैं राज्य सरकार का खजाना खाली है। लेकिन, इन्हें बता देता हूं कि होली के पहले ही वेतन चला जाएगा। वह भी फरवरी के अंतिम तारीख तक। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी को भी कोई दिक्कत नहीं होगी।
एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने विधान परिषद में है बिहार में अन्य राज्यों की तुलना में महंगे पेट्रोल डीजल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यूपी और झारखंड की तुलना में अधिक मूल्य पर बिहार पेट्रोल और डीजल के दाम वसूले जाते हैं। बिहार सरकार ऐसा क्यों कर रही है वह पेट्रोल और डीजल के दाम क्यों नहीं घट रही है। साथ-साथ रुपए तक अधिक कीमत बिहार की जनता चुका रही है। उन्होंने कहा कि म्यूजियम बनाना जनता की कंपनी का दुरुपयोग है। एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि अगर आपको पैसा खर्च करना है तो आप जनता और किसानों के आर्थिक उत्थानों पर कीजिए। उन्होंने कहा कि बिहार विनियोग विधेयक का राजद विरोध करता है।
एमएमसी सुनील सिंह ने कहा कि नीति आयोग, वित्त आयोग की रिपोर्ट कहती है कि बिहार की वित्तीय हालात खराब है। उन्होंने कहा कि सरकार के ऊपर काफी कर्ज है। 2005-06 में बिहार सरकार के ऊपर 20 हजार करोड़ का कर्ज था। अब सरकार के ऊपर चार लाख करोड़ का कर्ज है। सुनील सिंह के कहा कि 70 हजार करोड़ का जवाब बिहार सरकार ने नहीं दिया।
मंत्री विजय चौधरी ने सदन के पटल पर बिहार नगर निकाय संशोधन विधेयक 2026 को रखा। उन्होंने कहा कि इसके तहत नगर निकाय के सदस्य ही मिलकर अपनी समिति के सदस्य चुन सकते हैं। मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि विपक्ष के साथी भी यही चाहते हैं इसीलिए सर्वसम्मति से इसे पारित किया जाए। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने इसे सर्वसम्मति से इसे पारित कर दिया।
शराबबंदी की समीक्षा या हटाने की बात पर संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी लागू ही रहेगा। जो लोग घाटे की बात कह रहे हैं उन्हें बता देना चाहता हूं कि सीएम नीतीश कुमार ने जब शराबबंदी लागू किया था, तब उन्होंने राजस्व घाटा का आकलन कर लिया था। सरकार ने सारी बातों को ध्यान में रखते हुए ही इस कानून को लाया था।
भाजपा विधायक मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार के करोड़ों हिन्दू तीर्थयात्रियों के ठहराव के लिए पटना में कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। इस कारण तीर्थ यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए सरकार से मांग है कि वह हज भवन की तर्ज पर बिहार के हिन्दू तीर्थयात्रियों के लिए एक भवन का निर्माण करवाए।
बिहार में पिंक बस के परिचालन में प्राइवेट बसों के मालिक और अन्य लोगों द्वारा बाधा उत्पन्न करने के सवाल पर परिवहन विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सरकार ने यह माना है कि पिंक और अन्य सरकारी बसों के परिचालन में प्राइवेट बस मालिक और अन्य लोग बाधा उत्पन्न करते हेैं। बस स्टैंड के बाहर प्राइवेट बस लगाकर वह सारा पैसेंजर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि सचिव को निर्देश दिया गया है कि वह डीएम और एसपी के साथ समीक्षा करें। जो प्राइवेट बस मालिक ऐसा करते हुए पाएं जाएं उनके ऊपर कड़ी कार्रवाई करे। सरकार इस मुद्दे पर काफी गंभीर है।
संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि सोमवार को दफादार-चौकीदार संघ की ओर से प्रदर्शन किया गया। सरकार ने उन्हें प्रदर्शन करने दिया। अगर सरकार प्रदर्शन के खिलाफ होती तो प्रदर्शन को रोक देती। इसलिए विपक्ष का आरोप गलत है। जहांं तक चौकीदार-दफादार की बात है तो उनकी सेवा शर्तों पर सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में जो निर्णय लिए गए हैं, वह ऐतिहासिक है। किसी संगठन को लोक व्यवस्था को छिन्न भिन्न करने का कोई हक नहीं है। उन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। लोगों को परेशानी हुई। इसलिए कार्रवाई हुई। विजय चौधरी ने कहा कि सरकार किसी पर अन्याय नहीं करती है। चौकीदारों के संबंध जितना बड़ा ऐतिहासिक निर्णय एनडीए सरकार ने लिया है, उतना किसी ने नहीं लिया।
सीएम नीतीश कुमार की बातें सुनकर विपक्ष के विधायकों ने वेल में आकर जमकर नारेबाजी की। सीएम नीतीश कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष से अपील करते हुए कहा कि कहा कि जो सदन में गड़बड़ करे, उसे बाहर कर दीजिए। विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के विधायकों को समझाने की काफी कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। सभी विधायक हंगामा करने लगे। विधायकों ने जमकर प्रदर्शन किया। "नीतीश सरकार होश में आओ और नीतीश सरकार हाय हाय" का नारा लगाने लगे। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री ने दफादार और चौकीदार संघ मामले पर विपक्ष के सवाल का जवाब दिया।
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने सीएम नीतीश कुमार से कहा कि लाठी गोली की सरकार नहीं चलेगी। इस पर सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि फालतू बात मत कीजिए। आपलोगों की सरकार ने कोई काम नहीं किया है। पहले तो लोग शाम को घर से बाहर निकलने से डरते थे। आपलोग गड़बड़ करते थे इसलिए आपलोगों को छोड़ दिए। आपकी सरकार ने कोई काम ही नहीं किया। अब आप जानते हैं कि बिहार कितना आगे बढ़ गया है। इसलिए फालतू बात मत कीजिए। बिना मतलब का प्रदर्शन मत कीजिए। आपलोग जो भी बात कर रहे हैं, उसका कोई मतलब नहीं है। आप अपनी संख्या की बात कीजिए न।
संसदीय कार्य मंत्री ने उन्हें टोकते हुए कहा कि अगर सरकार नहीं चलेगी तो दफादार और चौकीदार संघ की बात कौन सुनेगा? विपक्ष फिर नारेबाजी करने लगा। सीएम नीतीश कुमार अचानक खड़े हो गए। उन्होंने विपक्ष से कहा कि आपलोग क्या बोल रहे हैं कि यह सरकार नहीं चलेगी? सरकार सब दिन रहेगी। आप लोग अब कितना हो गए? कितनी कम संख्या हो गई आपलोगों की? हमलोगों की संख्या भी देख लीजिए।
बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। विपक्ष ने दफादार और चौकीदार संघ के सदस्यों की पिटाई के मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछा। राष्ट्रीय जनता दल के विधायक कुमार सर्वजीत ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि निर्मम तरीके से दफादारों और चौकीदारों को पीटा गया। इसके बाद विपक्ष के विधायक "लाठी गोली की सरकार नहीं चलेगी" का नारा लगाने लगे।
विपक्ष के विधायकों ने गृह मंत्री अमित शाह के बिहार दौरे को लेकर भी प्रदर्शन किया। राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि वह आग लगाने आ रहे हैं। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने आ रहे हैं। उनका काम ही यही है, जहां चुनाव होता है पहुंच जाते हैं। बिहार में कोई घुसपैठियां नहीं है। बिहार की जनता भाजपा वालों की साजिश नाकाम कर देगी। कोई फायदा नहीं होने वाला है।
बिहार विधानसभा में महागठबंधन के विधायकों ने सरकार को दफादार-चौकीदार संघ के सदस्यों की पिटाई के मुद्दे पर सरकार पर हमला बोला। विधानसभा परिसर में राजद और भाकपा माले के विधायकों ने हाथों पोस्टर लेकर नीतीश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इनलोगो ने कहा कि सोमवार को निर्ममता पूर्वक दफदार चौकीदार संघ के सदस्यों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। आखिर कब तक सरकार अन्याय करेगी?