ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि विपक्ष के विधायक अनर्गल आरोप लगाते रहते हैं। नीतीश सरकार के कार्यकाल में इतने काम हुए लेकिन उन्हें दिखाई नहीं देता है। 2005 से पहले बिहार के सड़क में गड्ढे और गड्ढे में सड़क की बात कहकर पूरे देश में राज्य का मजाक बनाया जाता था। आज हर गांव में सड़क है। 2005 से पहले क्या हाल था? यह जनता जानती है। नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि वह जनविश्वास के साथ काम करते हैं। एनडीए सरकार सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास के भावना के साथ काम करती है।
लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के विधायक बाबुलाल शौर्य ने सरकार के समर्थन में अपना वक्तव्य रखा। उन्होंने ग्रामीण कार्य विभाग के तारीफ करते हुए कहा कि हमारी सरकार चुनौतियों से डरती नहीं है। इसलिए जनता बार बार सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए को आशीर्वाद देती है। उन्होंने राजद पर तंज कसते हुए कहा कि आपलोग चुर-चुर और मुड़-मुड़ की राजनीति छोड़िये न। हमारे रामविलास पासवान के बारे में आप इस तरह की टिप्पणी करते हैं। आप अभी तो 25 पर सिमटे हैं। अगर आप ऐसे ही बोलते रहिएगा तो शून्य पर आउट हो जाएगा। आप माफी मांगे लें नहीं तो जनता आपको सबक सिखा देगी।
चिराग पासवान की पार्टी के विधायक राजू तिवारी ने राजद विधायक कुमार सर्वजीत पर हमला बोलते हुए कहा कि यह लोग हमारी पार्टी के संस्थापक को लगातार बेचारा बेचारा कहते रहे। जंगलराज की उपाधि न्यायालय ने दिया था। हमलोग रामविलास पासवान के विचारों पर राजनीति करते हैं। यह लोग जात पात मजहब की राजनीति करते हैं। चिराग पासवान महिला और युवा की बात करते हैं। हमलोग समाज के सबसे अंतिम पायदान के व्यक्ति की बात करते हैं। उन्होंने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष का आईना गायब हैं। यह लोग बेशर्मी की हद पार कर चुके हैं। राजू तिवारी ने कहा कि राजद विधायक कुमार सर्वजीत के पिता की हत्या किसके शासनकाल में हुई? 2001 में उनकी हत्या हुई थी। हमारे नेता रामविलास पासवान वहां गए थे। यह लोग घमंडिया गठबंधन वाले हैं। उन्होंने कहा कि कुमार सर्वजीत सदन में पहली बार रामविलास पासवान के आशीर्वाद से ही आए थे। यह लोग काम तो करते नहीं हैं। यह लोग सदन में माफी मांगे। तेजस्वी यादव को माफी मांगनी चाहिए। इसके बाद राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा कि यह लोग रामविलास पासवान की एक मूर्ति विधानसभा में लगा दें, हम सदन से माफी मांग लेंगे।
वहीं भाजपा विधायक प्रमोद कुमार ने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग की ओर बनाई जा रही है कई गांवों में सड़कें नहीं बनी है। इसका टेंडर निकला। बोर्ड भी लग गया। लेकिन, ग्लोबल टेंडर के ठेकेदारों ने अपना काम समय से पूरा नहीं किया। अधिकारियों को भी इस बात को गंभीरता से लेनी चाहिए। मंत्री अशोक चौधरी से आग्रह है कि वह नियमानुसार काम नहीं करनेव वाले संवेदकों पर कार्रवाई करें।
ग्रामीण कार्य विभाग के बजट के वाद विवाद के दौरान नालंदा के अस्थावां से विधायक जितेंद्र कुमार ने ग्रामीण कार्य विभाग में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्लैकलिस्टेड ठेकेदार को विभाग से टेंडर मिल जाता है। यह लोग फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट लेकर टेंडर ले लेते हैं।
लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान को 'बेचारा' कहे जाने के मुद्दे को विधायक राजू तिवारी ने सदन में एक बार फिर से उठाया। उन्होंने राजद विधायकों से माफी मांगने की बात कही। इसके बाद राजद विधायकों ने इसका विरोध किया। इस दौरान थोड़ी नोकझोंक भी हुई।
बिहार विधान परिषद में एक बार फिर से मंत्री अशोक चौधरी और राजद एमएलसी सुनील सिंह के बीच भिड़ंत हो गई। उन्होंने अशोक चौधरी की डिग्री का मुद्दा उठाया। आरोप लगाया कि मंत्री अशोक चौधरी की डिग्री नकली है। इसके बाद अशोक चौधरी सुनील सिंह पर भड़क गए। उन्होंने गुस्से में कहा कि अगर सुनील सिंह मेरी डिग्री साबित कर देंगे तो मैं इस्तीफा दें दूंगा। इसके बाद विधान परिषद में हंगामा होने लगा।
राजद विधायकों के हंगामा पर मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष के विधायकों का विश्वास ही नहीं है। इसलिए जनता ने इनलोगों को 25 सीट पर पहुंचा दिया। जनता पर इनका विश्वास ही नहीं है। आज यहां जातीय गणना के नाम लड़ाई लड़ रहे कि 50 सीट पर सिमटो। जब इनकी सरकार थी तो अतिपिछड़ों के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर ने जो आरक्षण व्यवस्था लागू की थी, उसे तो इनलोगों ने खत्म ही कर दिया। जब तक जनता पर विश्वास नहीं होगा और संख्या नहीं बढ़ेगी तब तक वेल में आकर हंगामा करने से क्या फायदा है?
जदयू विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने भी अपनी ही पार्टी के मंत्री विजय चौधरी से सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि विजय चौधरी का सैदपुर से एक अलग रिश्ता है। इस पर राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या रिश्ता है स्पष्ट कर दीजिए। तो बुलो मंडल ने कहा कि वह अंदर की बात है। उन्होंने कहा कि मैं वह नाबार्ड से या अन्य योजना से सड़क के पक्कीकरण का काम करवा दें। जवाब देते हुए मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि बुलो मंडल ने सही बात कही है कि रिश्ता तो है। लेकिन, इससे सरकार काम प्रभावित नहीं होता है। बुलो मंडल की बात विभाग भी महसूस करता है। लेकिन, चौड़ीकरण का काम हमलोग का विभाग नहीं कर सकता है। हमलोग बांध को मोटरेबुल बनाकर अपने काम के लिए रखते हैं। इसे ग्रामीण कार्य या पथ निर्माण विभाग काम कर सकता है। अगर चौड़ी औ पक्की सड़क बनती है तो हमलोगों के विभाग को भी फायदा मिलेगा।
मंत्री अशोक चौधरी के जवाब से जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मंत्री के पास जो रिपोर्ट आई है, वह सही नहीं है। विभागीय नियमों के अनुसार, चिह्नित बसावटों में संपर्कता का काम कब तक पूरा कर लिया जाएगा? मंत्री इसका जवाब दें। वहीं अशोक चौधरी ने कहा कि मैं तो अभी ही इसका जवाब दिया। हमारी कोशिश रहेगी कि टारगेट को जल्दी पूरी कर ली जाए। राशि की उपलब्धता रहने के बाद ही यह काम पूरा हो पाएगा।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद जनता दल यूनाईटेड के प्रदेश अध्यक्ष और महनार से विधायक उमेश कुशवाहा ने अपनी ही पार्टी के मंत्री अशोक चौधरी से सवाल पूछ दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री से पूछना चाहता हूं कि क्या बिहार के वैसे टोलों में जहां किसी तरह प्रकार का संपर्क पथ नहीं है, वहां संपर्क पथ देने का विचार सरकार रखती है या नहीं? इस पर अशोक चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना सीएम नीतीश कुमार ने शुरू किया था। पहले चरण में 500 टोलों का चयन किया। इसके बाद ढाई सौ टोलों का चयन किया। इसके बाद सीएम नीतीश कुमार ने निर्णय लिया कि वैसे टोले जहां पर सौ की आबादी है, वहां पर भी संपर्कता प्रदान कर रहे हैं। बहुत लोग चाहते हैं कि 100 की आबादी वालों टोलों में दोहरी संपर्कता हो जाए। विभाग का टारगेट एरिया बढ़ रहा है। अभी हमारे यहां 11 हजार 20 टोलों में संपर्कता नहीं है। इनकी लंबाई 14 हजार किमी है। इसे तीन वित्तीय वर्षों में पूरा करने का निर्णय सरकार ने लिया है। हमलोगों ने पिछले वित्तीय वर्ष में टारगेट से अधिक काम किया।
जदयू विधायक विनय चौधरी पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वह गीदड़भभकी देते हैं। जनता ने उनका इलाज कर दिया है। अगर ज्यादा बोलेेंगे तो पांच सीटों पर पहुंचा देगी। जनता का विश्वासा नीतीश कुमार के प्रति है। तेजस्वी यादव सदन में डोलते डोलते हुए आए थे। उनसे पूछना चाहिए कि वह क्यों ऐसा करते हुए आए थे। हमलोगों ने उनकी मेडिकल जांच की बात कही तो वह भाग गए।
कांग्रेस के विधायक अभिषेक रंजन ने आरोप लगाया कि बिहार पुलिस शराब की ब्रिकी पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। खुलेआम शराब बेची जा रही है। उन्होंने तो इतना तक कह दिया कि अगर पुलिस वालों की जांच हो तो पता चल जाएगा कि किसने शराब पी और किसने नहीं।