Bihar Budget 2026-27 Live News in Hindi: नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। बिहार की नीतीश सरकार विधानसभा सत्र के दूसरे दिन यानी आज सदन में बजट पेश किया है। बिहार बजट से संबंधित जानकारी के लिए जुड़े रहें हमारे साथ।
बिहार सरकार के वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने 3 लाख 47 हजार करोड़ का बजट पेश किया है। चुनाव के बाद यह नीतीश सरकार का पहला बजट है। वित्त मंत्री ने कहा, ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान से बिहार तेजी से आगे बढ़ेगा।
जदयू के एमएलसी भीष्म साहनी ने विधान परिषद में पश्चिमी चंपारण स्थित अनुमंडलीय अस्पताल के नवीकरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि अस्पताल के नवीकरण का कार्य कब शुरू होगा। इस पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने बताया कि अस्पताल नवीकरण के लिए एक बार निविदा प्रकाशित की गई थी, लेकिन उसमें केवल एक ही कंपनी का आवेदन प्राप्त हुआ। नियमों के अनुसार उस निविदा को निरस्त कर दिया गया। मंत्री ने कहा कि स्थल को पहले ही तैयार कर लिया गया है, ताकि निविदा प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य तत्काल शुरू किया जा सके। उन्होंने बताया कि अब दोबारा निविदा प्रकाशित कर दी गई है और प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
वित्त मंत्री बिजेन्द्र यादव बिहार विधानसभा में दोपहर 2:00 बजे विधानसभा में बजट पेश करेंगे।
पथ निर्माण एवं उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि राज्य सरकार को केंद्र सरकार की जमीन पर नजर नहीं डालनी चाहिए। उन्होंने बताया कि आर ब्लॉक के पास केंद्र सरकार की जमीन पर 500 करोड़ रुपये की लागत से विश्व स्तरीय स्टेशन का निर्माण हो रहा है, इसलिए केंद्र को अपने कार्य निर्बाध रूप से करने देना चाहिए।
मंत्री ने सदन में यह भी दावा किया कि अगली बार जब वे विधानसभा आएंगे तो 1000 से अधिक उद्योगों के नाम गिनवाएंगे, अन्यथा सदन में प्रवेश नहीं करेंगे।
एमएलसी सुनील सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर यहां के मुख्य सचेतक अपनी आंख का ऑपरेशन कराने के लिए दिल्ली जाते हैं, तो इसकी वजह यह है कि उन्हें डर है कि अगर वे यहां इलाज कराएं तो स्थानीय डॉक्टर उनकी आंख खराब कर सकते हैं।
CPIML नेता शशि यादव ने अल्ट्रासाउंड करने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की। उनका आरोप है कि अल्ट्रासाउंड से भ्रूण जांच की जाती है, जिससे बच्चियों की संख्या में कमी हो रही है। इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना चला रही है। उनके पढ़ने के लिए सारी व्यवस्थाएं की गई हैं। सरकार की अलग-अलग योजनाएं उनके लिए की गई हैं। अगर ऐसी जानकारी होती है तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
सदन में विपक्ष ने नीट छात्रा से रेप-मौत का मामला उठाते हुए कार्यस्थगन का प्रस्ताव दिया। वाम दल विधायक अरुण सिंह ने सीबीआई जांच की जगह सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज से जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि एक निश्चित सीमा में इसकी जांच पूरी करने का निर्देश दिया जाए। कार्यस्थगन के प्रस्ताव को स्थगित करते हुए स्पीकर प्रेम कुमार ने कहा, सरकार ने इस मामले में संज्ञान लिया है। मामले की जांच चल रही है। कार्रवाई होगी।
मंगल पांडे ने कहा कि 15 साल तक राजद की सरकार रही, लेकिन उस दौरान मेडिकल कॉलेज क्यों नहीं खुलवाए गए? उन्होंने आरोप लगाया कि राजद कभी नहीं चाहती थी कि मेडिकल कॉलेजों में बच्चे पढ़ें।
नीलगाय से किसानों को हो रही परेशानी पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने एक साथ चिंता जताई है। इस संबंध में सकरा विधायक ने सवाल पूछा था कि नील गाय हर साल हजारों एकड़ फसल बर्बाद कर दे रही है। इस पर वन-पर्यावरण मंत्री ने बताया कि जिलवार शूटर्स की लिस्ट जारी कर दी गई है। इस सबंध में पंचायत के मुखिया को अधिकार दिया गया है।
इस पर अलग-अलग पार्टियों के सदस्यों ने कहा- आम आदमी को पता ही नहीं है कि किसे सूचना देनी है। मुखिया को पता ही नहीं है कि शूटर कौन है। सरकार हेल्पलाइन जारी करे अख़बार में विज्ञापन जारी करें। वहीं डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने नीलगाय शब्द का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी। इन्होंने कहा कि वन विभाग की तरफ़ से इसे घोड़पड़ास का नाम दिया गया है।
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि बिहार के साथ सौतेलापन वला व्यवहार हो रहा है। पीयू को केंद्रीय विवि का दर्जा देने की मांग थी। वो नहीं हुई। न किसानों ,न मजदूरों, न छात्र-छात्राओं के लिए कोई नई बात नहीं हुई। बजट में पुरानी बातें दोहराई गई हैं।'
बिहार विधानसभा बजट आज वित्त मंत्री पेश करेंगे। नीतीश सरकार का फोकस सात निश्चय -3 में की गई घोषणाओं पर आधारित रहेगा। इसमें नौकरी और रोजगार, उद्योग और महिला सशक्तिकरण पर मुख्य रूप से फोकस रहेगा। बजट पेश होने से ठीक पहले विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विधानसभा पहुंचे हैं।
नवंबर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए सरकार में चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा की कोई सहभागिता नहीं थी। उस समय एनडीए में जीतन राम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) शामिल थी और सरकार का हिस्सा बनी हुई थी।
चुनाव बाद मंत्रिपरिषद् और बजट का समीकरण
नवंबर 2025 के चुनाव परिणाम के बाद बनी नई एनडीए मंत्रिपरिषद् में उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को एक विभाग मिला, लेकिन इसके साथ ही पार्टी के पास 11,302 करोड़ रुपये का बजट आ गया। इसके उलट, एक ही विभाग रखने वाली हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के हिस्से में महज 1,839 करोड़ रुपये का बजट है। वहीं, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को दो विभाग मिले हैं, जिनका कुल बजट 2,895 करोड़ रुपये है। हालांकि बजट 2026-27 में आंकड़ों में कुछ फेरबदल संभव है, लेकिन विभागों में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं होने के कारण बजट आवंटन में भी बड़े अंतर की उम्मीद कम है।
बिहार विधानसभा चुनाव के बाद नवंबर 2025 में गठित नई मंत्रिपरिषद् में विभागों के बंटवारे ने सत्ता संतुलन की नई तस्वीर पेश की। सत्तारूढ़ गठबंधन के दोनों प्रमुख घटक भाजपा और जदयू ने बराबरी के आधार पर 20-20 विभाग अपने पास रखे।
जदयू के पास बड़े बजट वाले विभाग
विभागीय बंटवारे में जदयू को वित्त सहित कई बड़े और खर्चीले विभाग मिले। जदयू के अधीन 20 विभागों का कुल बजट 1,38,919 करोड़ रुपये है। वित्त विभाग जदयू के पास रहने से उसे योजनाओं और संसाधनों के वितरण में अहम भूमिका मिलती है।
भाजपा के पास गृह, लेकिन बजट अपेक्षाकृत कम
भाजपा ने गृह विभाग अपने पास रखा, जबकि वित्त विभाग जदयू को सौंप दिया गया। इसी कारण भाजपा के विभागों का कुल बजट तुलनात्मक रूप से कम रहा। भाजपा के पास मौजूद 20 विभागों का कुल बजट लगभग 81,518 करोड़ रुपये है।
भाजपा के साथ सरकार में जब-जब नीतीश कुमार रहे, वित्त विभाग आम तौर पर भारतीय जनता पार्टी ने रखा था। इस बार जदयू ने वित्त विभाग अपने पास रखा है। बिजेंद्र यादव पहली बार वित्त मंत्री बनाए गए हैं। यह बिजेंद्र यादव का पहला बिहार बजट है। वह आम तौर पर ऊर्जा मंत्री के रूप में ही पहचाने जाते हैं।
राज्य के विकास के लिए अच्छी सड़कें चाहिए। अब ध्यान ग्रामीण इलाके में सड़कों के चौड़ीकरण पर है। सिंगल रोड को डबल किया जाएगा। दूर-दराज के इलाके से भी पटना आने में 5 घंटे से कम समय लगना चाहिए, यह सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए हाई-वे, एक्सप्रेस-वे बनाए जा रहे हैं। बिहार में उद्योग लगे इसके लिए भी सड़क, पुल, पुलिया जैसी आधारभूत संरचना विकसित करना जरूरी है।
बजट में सड़क और कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। बिहार में 5 नए एक्सप्रेस-वे बनाने के लिए फंड अलॉट हो सकता है। बिहार सरकार के हिस्से आने वाली राशि का इंतजाम किया जाएगा। गांव में अच्छी सड़कें बनाने के लिए करीब 9000 करोड़ रुपए और हाईवे, पुल-पुलिया आदि पर 5500 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सरकार 5 नए टाउनशिप विकसित करने के लिए फंड देगी। हर शहर में आधुनिक इंटर-स्टेट बस टर्मिनल बनाने की तैयारी है।
चुनाव के दौरान नीतीश सरकार ने '1 करोड़ नौकरी और रोजगार' का जो संकल्प लिया था, उसकी झलक इस बजट में दिखने की उम्मीद है। सरकार युवाओं के लिए कौशल विकास और नए पदों के सृजन हेतु विशेष आवंटन कर सकती है। हालांकि, इस पर काम बहुत पहले से चल रहा है। चूंकि, ये एनडीए सरकार का पहला बजट है, इसलिए सामाजिक कल्याण और रोजगारपरक योजनाओं पर बड़ा दांव लगाया जा सकता है।
बिहार का बजट आज सदन में पेश किया जाएगा। राज्य आर्थिक भविष्य के लिए आज का दिन काफी अहम है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की नई पारी का ये पहला पूर्ण बजट है, जिसे वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव सदन के पटल पर रखेंगे।