राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल ने बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। इस पर राजद विधायक राहुल कुमार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री से सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि सरकार का खजाना खाली है। लेकिन, सरकार 200 रुपये बढ़ाकर खुद को महान समझ रही है। दाखिल खारिज के नाम पर अवैध रूप से वसूली की जा रही है। सरकार मनमाने ढंग से टैक्स वसूल रही है। यह गलत है।
बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 – वाणिज्य-कर मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव पेश किया। वहीं बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए (समपरिवर्तन) (निरसन) विधेयक, 2026 राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल पेश किया। दो विधेयक को सदन में पास कर दिया गया।
उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि हमलोग विपक्ष की चिंता को समझ रहे हैं। सरकार ने पूरी तैयारी के साथ इस विधेयक को लाई। AIMIM के अख्तरूल ईमान ने सजा बढ़ाने की मांग की है तो सदन के माध्यम से मैं उनको बता दूं कि पहली बार पकड़ाने पर छह माह और दूसरी बार पकड़ाने पर दो साल की सजा है। सरकार ने हड़बड़ी में यह विधेयक नहीं लाया है।
बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026 उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने पेश किया। इस पर राजद विधायक राहुल कुमार और AIMIM विधायक ने विरोध किया। इसका कहना है कि सरकार अधूरी तैयारी के साथ इस विधेयक को लाने जा रही है। सरकार इसे हड़बड़ी में लाई है। सरकार को कई प्रावधानों पर विचार किया जाना चाहिए। अख्तरूल ईमान ने कहा कि जुआ और साइबर अपराध करने वालों को छह माह की नहीं बल्कि दो साल की सजा होनी चाहिए। सरकार इस कानून को कुछ संशोधन के साथ पास करे।
बिहार विधान परिषद में मंगलवार को ग्राम पंचायतों में टैक्स लगाए जाने के मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधान परिषद सदस्य सुनील कुमार सिंह ने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि सरकार गरीबों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। इस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं सदन में जवाब देने के लिए खड़े हुए और कहा कि पंचायतों के लिए कुछ वैधानिक प्रावधान किए गए हैं, लेकिन यह कहना पूरी तरह गलत और निराधार है कि राज्य सरकार गरीबों पर नया टैक्स लगा रही है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य गरीबों पर बोझ बढ़ाना नहीं है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सदस्यों की चिंताओं पर शिक्षा मंत्री समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि जहां हाई स्कूलों के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है, वहां छह महीने के भीतर जमीन की पहचान कर भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि जमीन की तलाश का काम शुरू किया जा रहा है। कमरा और जमीन विहीन स्कूलों की सूची एक सप्ताह के भीतर तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं विपक्ष ने कहा कि कई स्थानों पर जमीन उपलब्ध होने के बावजूद सरकार भवन निर्माण नहीं करा रही है।
राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा कि कई स्कूल ऐसे हैं, जहां सिर्फ दो कमरों में विद्यालय संचालित हो रहे हैं और उन्हीं कमरों में 11वीं और 12वीं के करीब एक-एक हजार छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग 40 फीसदी स्कूलों के भवन जर्जर हैं और कई जगह पेड़ के नीचे स्कूल चल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस बात की समीक्षा करनी चाहिए कि जरूरत से ज्यादा शिक्षक होने के बावजूद ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है। राजद विधायक आलोक मेहता ने कहा कि कई स्थानों पर जमीन उपलब्ध है और जहां जरूरत है, वहां सरकार स्कूल के बगल की जमीन का अधिग्रहण कर भवन निर्माण करा सकती है।
प्रश्नोत्तर काल में राजद के विधायक गौतम कृष्ण में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से सवाल पूछा कि क्या मंत्री, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि क्या यह बात सही है कि राज्य सरकार द्वारा जारी शिक्षक नियुक्ति कैलेण्डर के अनुसार प्रत्येक वर्ष अगस्त माह में शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ की जानी थी, किन्तु वर्ष 2025 में भी कैलेण्डर का पालन नहीं किया गया और वर्ष 2026 में भी अबतक TRE-4 की अधिसूचना जारी नहीं की गई है, यदि हां, तो शिक्षक अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार TRE-4 की अधिसूचना कबतक जारी करना चाहती है? इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि इसी महीने TRE 4 के लिए बीपीएससी को अधियाचना भेजने जा रहे हैं। अब तक 63 हजार शिक्षक मानक से अधिक हैं। हमलोगों ने जिला से विषयवार शिक्षकों की सूची मंगा चुके हैं ल। पहली बार जिला कैडर के आधार पर नौकरी देने की तैयारी की जा रही है। इस आधार पर नौकरी के बाद शिक्षकों को अन्य जिला में तबादला नहीं दिया जाएगा। इससे ट्रांसफर पोस्टिंग की सारी समस्या दूर हो जाएगा। बीपीएससी नियुक्ति की दिशा में काम कर रही है।
विधानसभा में दूसरे दिन भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। महागठबंधन के विधायकों ने आज भी विधानसभा में पेपर लीक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे को उठाया। विधायकों ने जंतर मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि सरकार आम लोगों के आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। यह अन्याय है। छात्रों के अधिकार को खत्म किया जा रहा है। सरकार चंदा चोरी और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर मौन क्यों है?
विधानसभा परिसर में जदयू विधायक बाहुबली अनंत सिंह ने कहा कि वह पहले भी चुनाव नहीं लड़ने की बात कह चुके हैं और आज भी अपने फैसले पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि मैं अब चुनाव नहीं लड़ूंगा। यह बात पहले भी कही थी और आज भी दोहरा रहा हूं। जैसे हम नीतीश कुमार के साथ रहे हैं, वैसे ही हमारा बेटा निशांत कुमार के साथ रहेगा।
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार का दिन खास है। सरकार आज कई संशोधन विधेयक पेश करने जा रही है। इधर, एक दिन पहले नीट और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लेकर सदन के अंदर और बाहर महागठबंधन के विधायकों ने जमकर प्रदर्शन किया। आज भी विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी। दिन की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसमें अल्पसूचित और तारांकित प्रश्नों के उत्तर दिए जाएंगे। इसके बाद विभिन्न विभागों से संबंधित ध्यानाकर्षण सूचनाएं, सरकारी वक्तव्य, समिति प्रतिवेदन और अन्य दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाएंगे।