महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, "बिहार में सिर्फ तेजस्वी ही तेजस्वी हैं। बिहार की जनता जानती है कि वे तेजस्वी यादव के वादों और इरादों पर अपना वोट देंगे।"
Bihar Vidhan Sabha Election 2025 Live Updates : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का पहला चरण अब पूरी तरह तैयार है। इस चरण में राज्य के 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर 6 नवंबर को मतदान होगा।
बांका जिले में तीन प्रत्याशियों ने लिया नाम वापस, अब 58 उम्मीदवार मैदान में
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हो गई है। बांका जिले में तीन प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिनमें अमरपुर विधानसभा से दो और बेलहर विधानसभा से एक प्रत्याशी शामिल हैं।नाम वापसी के बाद अब जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर कुल 58 उम्मीदवार मैदान में हैं।
बांका जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी नवदीप शुक्ला ने प्रेस केंद्र कर बताया कि जिले की पांच विधानसभा सीटों अमरपुर, बांका, कटोरिया, बेलहर और धोरैया से कुल 61 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था, जिनमें से तीन ने नाम वापस ले लिया है। जिले में चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। कुल 1855 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 10 आदर्श मतदान केंद्र, 25 महिला मतदान केंद्र, 5 दिव्यांग मतदान केंद्र, और 1 युवा मतदान केंद्र शामिल हैं। चुनाव को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
जहानाबाद जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में नामांकन वापसी के बाद अब कुल 31 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है और हर प्रकार की तैयारियाँ की जा रही हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि जहानाबाद जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र जहानाबाद, घोसी और मखदुमपुर सुरक्षित में कुल 8,81,152 मतदाता हैं, जो 1,009 मतदान केंद्रों पर अपना मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र में 3,12,241 मतदाता हैं, जबकि घोसी में 2,59,337 और मखदुमपुर सुरक्षित में 2,47,574 मतदाता 11 नवंबर को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि पूरे जिले को 15 सेक्टर में बांटा गया है, जिनमें प्रत्येक सेक्टर पर पुलिस अधिकारी और दंडाधिकारी की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा, जिले में प्रवेश करने वाले सभी रास्तों पर वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। मतदान से पहले तीनों विधानसभा क्षेत्रों के लिए कलेक्टर्स सेंटर बनाए गए हैं, जिनसे चुनाव सामग्री का वितरण किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार ने बताया कि चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन काफी सक्रिय है। अब तक लगभग 8,500 लोगों पर बॉन्डडाउन लगाया गया है। जिले में गहन छापामारी अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें लगभग 34 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। 15 जगहों पर सेक्टर पुलिस पदाधिकारी तैनात हैं और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
महागठबंधन 28 अक्टूबर को पटना में बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपना संयुक्त घोषणा पत्र जारी करेगा। पहले चरण के मतदान से पहले और उसके बाद दूसरे चरण की सीटों के लिए राहुल गांधी और तेजस्वी यादव संयुक्त रैलियों को संबोधित करेंगे। सूत्रों के अनुसार, प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खड़गे भी छठ पूजा के बाद 28 अक्टूबर से बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे।
मांझी विधानसभा क्षेत्र के नरपलिया गांव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने छपरा विधानसभा सीट से भाजपा की महिला प्रत्याशी छोटी कुमारी को माला पहनाकर समर्थन और जीत की शुभकामनाएं दी इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने सारण जिले के अन्य विधानसभा सीटों के प्रत्याशियों को भी माला पहनाई – मांझी से जदयू के रणधीर कुमार सिंह, एकमा से जदयू के मनोरंजन सिंह धूमल, और बनियापुर से भाजपा के केदारनाथ सिंह को।
तेजस्वी यादव ने अशोक गहलोत को अपना अभिभावक बताते हुए अपना संबोधन शुरू किया। महागठबंधन के नेताओं का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि हमसे ज्यादा आप सबको इंतजार था कि महागठबंधन का मुख्यमंत्री कौन होगा। उन्होंने कहा, “हम महागठबंधन के लोग सिर्फ मुख्यमंत्री बनाने के लिए नहीं, बल्कि बिहार बनाने के लिए एकजुट हुए हैं।” साथ ही तेजस्वी ने इस अवसर पर महागठबंधन के सभी शीर्ष नेताओं का आभार व्यक्त किया और जनता की उम्मीद पर खरा उतरने का भरोसा दिया।
महागठबंधन की संयुक्त प्रेस वार्ता में VIP प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा, "भाजपा ने जिस तरह हमारी पार्टी को तोड़ा, हमारे विधायक को खरीदा उस समय से हमने संकल्प लिया था कि जब तक भाजपा को तोड़ेंगे नहीं तब तक छोड़ेंगे नहीं...वो समय आ चुका है। हम मजबूती के साथ महागठबंधन के साथ रहकर बिहार में सरकार बनाएंगे और भाजपा को बिहार से बाहर करेंगे। महागठबंधन मजबूत और एकजुट है।"
बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव को बिहार विधानसभा चुनावों के लिए महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा, "हम सभी ने तय किया है कि इस चुनाव में अगले मुख्यमंत्री के लिए तेजस्वी यादव के नाम का समर्थन करते हैं।" VIP प्रमुख मुकेश सहनी को महागठबंधन का उपमुख्यमंत्री चेहरा घोषित किया गया।
गहलोत ने कहा कि सभी विपक्षी दलों को देश के हित में एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह लंबे समय तक सत्ता में रहे, लेकिन राज्य के लिए कुछ खास नहीं कर पाए। गहलोत ने कहा, “हमारे नेता तेजस्वी हैं, लेकिन अमित शाह से पूछना चाहता हूं, "आपके नेता कौन हैं?” उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर विपक्ष मिलकर लड़े तो बड़ी जीत संभव है। साथ ही, तेजस्वी यादव के नेतृत्व और मुकेश सहनी के सहयोग की तारीफ की।
महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने कहा, "आज INDIA गठबंधन एकजुट होकर मीडिया के सामने खड़ा है। इस गठबंधन की मजबूती की नींव उस दिन रखी गई थी जब राहुल गांधी ने मतदाता अधिकार यात्रा के दौरान INDIA गठबंधन के सभी सदस्यों के साथ मिलकर लगभग 17 महीने तक समाज और जनहित के मुद्दों पर काम किया और गठबंधन को मजबूत किया।"
महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, "बिहार में सिर्फ तेजस्वी ही तेजस्वी हैं। बिहार की जनता जानती है कि वे तेजस्वी यादव के वादों और इरादों पर अपना वोट देंगे।"
गोपालगंज (बिहार): मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 24 नवंबर 2005 को जब उनकी सरकार बनी, तब से लगातार राज्य में कानून-व्यवस्था और विकास के लिए काम हो रहा है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार बनने से पहले बिहार की हालत बहुत खराब थी। शाम के बाद लोग घर से बाहर निकलने से डरते थे। समाज में झगड़े थे, पढ़ाई और इलाज की व्यवस्था कमजोर थी, सड़कें टूटी थीं और बिजली नहीं थी। लेकिन अब बिहार बदल गया है — विकास हो रहा है और लोगों में किसी तरह का डर या भय नहीं है।”
गया (बिहार): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में गुरुआ सीट से भाजपा उम्मीदवार उपेन्द्र प्रसाद ने कहा कि राज्य सरकार के कामों से लोग खुश हैं। उन्होंने कहा, “जो काम करता है, लोगों की उम्मीदें भी उसी से रहती हैं। जनता ने 2005 से पहले का बिहार भी देखा है और आज का भी। अब लोग जानते हैं कि पहले का बिहार कैसा था और आज कितना बदल गया है, इसलिए जनता उसी से आगे की उम्मीद रखती है।”
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। राज्य के 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर कुल 1314 उम्मीदवार मैदान में हैं। पहले चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया 10 अक्टूबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चली थी। इसके बाद 18 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की गई और प्रत्याशी 20 अक्टूबर तक अपने नाम वापस ले सकते थे।
चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में कुल 1690 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था, जिनमें से 1375 नामांकन पत्र वैध पाए गए। वहीं, नाम वापसी की अंतिम तिथि तक 61 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए, जिससे अब कुल 1314 प्रत्याशी चुनावी मैदान में रह गए हैं। पहले चरण में जिन 18 जिलों में मतदान होना है उनमें मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर शामिल हैं। इन जिलों में कई हाई-प्रोफाइल विधानसभा सीटें भी हैं, जिनमें पटना साहिब, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, आरा, बेगूसराय और वैशाली प्रमुख हैं। इन सीटों पर प्रमुख दलों के बीच मुकाबला बेहद दिलचस्प होने की संभावना है। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा।