रोशनी की कमी से खेल रुका, अब कल ही होने की उम्मीद
रणजी ट्रॉफी मैच के दूसरे दिन पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में मुंबई बनाम बिहार क्रिकेट मैच खराब मौसम के कारण देर से शुरू हुआ और इसी आधार पर अब रुक गया है। सुबह 11 बजे के बाद खेल शुरु हुआ था और शाम चार बजने से पहले मैच को रोकना पड़ गया। बारिश नहीं हुई, लेकिन धुंध के कारण रोशनी की कमी को आधार बनाते हुए बल्लेबाजों ने लाइट अपील की। खराब रोशनी पर मैच रेफरी ने दोनों अंपायर और दोनों कप्तानों से बात की और मैच रुकवा दिया। मौसम की ताजा स्थिति में आज का बाकी खेल पूरा होने की उम्मीद कम ही दिख रही है। बिहार की टीम मुंबई के 251 रनों के जवाब में अपनी पहली पारी में छह विकेट खोकर 89 रन ही बना सकी है। कप्तान आशुतोष अमन मैदान पर आ चुके थे और आकाश राज पहले से टिके हुए थे। अगर आज का खेल यहीं रुक गया तो अब रविवार को मैच के तीसरे दिन दोनों बल्लेबाज बिहार की पारी को संभालने के लिए नए उत्साह के साथ उतरेंगे। बिहार को अब भी पहली पारी में 162 रनों की जरूरत है, ताकि वह मुंबई के सामने खड़े हो सके।
आकाश-अमन अब अंतिम उम्मीद, दूसरे छोर से विकेट गिरना जारी
मुंबई की 251 रनों की पहली पारी के जवाब में बिहार ने 89 रन बनाने में छह विकेट खो दिए हैं। आकाश राज 83 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौकों के सहारे 26 रन बनाकर एक छोर पर टिके हैं, जबकि दूसरे छोर से विकेट पतन जारी है। सकीबुल गनी एक छक्का और दो चौके के सहारे 22 रन बनाकर लौटे तो विपिन सौरभ बगैर खाता खोले। सचिन कुमार सिंह ने साथ देने की कोशिश की, लेकिन 12 गेंदों में पांच रन बनाकर वह भी लौट चुके हैं। अब कप्तान आशुतोष अमन पर अहम जिम्मेदारी है। वह आकाश राज के साथ क्रिज पर हैं। 20 गेंदों में पांच रन बनाकर खेल रहे हैं। फिलहाल रन बनाने से ज्यादा विकेटों की झड़ी को रोकना जरूरी है और देखना है कि आकाश-अमन इसे आज थामे रख पाते हैं या नहीं और 100 रनों से नीचे सिमटने से बिहार को रोक पाते हैं या नहीं।
मोहित अवस्थी ने तीन को भेजा पवेलियन
मुंबई के बल्लेबाजों के सामने बिहार के गेंदबाज शुक्रवार को कई बार हावी नजर आए थे, लेकिन रणजी मैच के दूसरे दिन जब बिहार की टीम मुंबई के 251 के लक्ष्य को पार करने उतरी तो ढेर होती नजर आयी। अबतक 31 ओवर की बैटिंग में बिहार ने महज 76 रन बनाए और पांच विकेट भी खो दिए। दो खिलाड़ी दहाई में भी नहीं पहुंच सके, जबकि एक ने बिना खाता खोले वापसी की। अबतक सर्वाधिक 23 रन बनाकर आकाश राज टिके हैं। अंडर 14 के प्लेयर वैभव सूर्यवंशी 19 रनों के स्कोर पर पहले ही वापसी कर ली थी। सकीबुल गनी 22 रन बनाकर आउट हो चुके हैं। बाबुल कुमार महज आठ रन बना सके। विपीन सौरभ बिना खाता खोले लौट चुके हैं। अभी आकाश राज के साथ सचिन कुमार सिंह क्रिज पर हैं और सात गेंद खेलकर एक रन के स्कोर पर हैं। मुंबई के मोहित अवस्थी ने बेहतरीन गेंदबाजी की। उन्होंने बिहार टीम के तीन खिलाड़ियों को पवेलियन भेज दिया।
गनी और राज पर टिकी सबकी निगाहें
21.2 ओवर में बिहार टीम ने तीन विकेट खोकर 53 रन बना लिया है। भरोसेमंद सकीबुल गनी और आकाश राज एक बड़ी साझीदारी की कोशिश कर रहे हैं। मणिपुर के खिलाफ दोहरा शतक लगाकर मैच जिताने वाले सकीबुल गनी पर सबकी निगाहें टिकी हैं। वह इस वक्त 33 गेंद पर 9 रन बनाकर खेल रहे हैं। वहीं आकाश राज 44 गेंद पर 13 रन बनाकर नाबाद हैं।
आठ रन बनाकर बाबुल आउट
बिहार टीम का तीसरा विकेट भी गिर चुका है। बाबुल कुमार को मोहित अवस्थी एनएन खान के हाथों कैच करवाया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए बाबुल पर सबकी निगाहें टिकी थीं। बाबुल ने 18 गेंदों में आठ रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने दो चौका लगाया। आकाश राज बैटिंग के लिए आए हैं।
चार चौके चमका कर वैभव सूर्यवंशी आउट, 30 रन पर दो विकेट
सीनियर प्लेयर बाबुल कुमार 11 गेंदों में दो चौके की मदद से आठ रन पर हैं, जबकि अंडर 14 प्लेयर वैभव सूर्यवंशी चौके से अपनी पारी चमका रहे थे, लेकिन वह 28 गेंदों में 19 रन बनाकर पवेलियन लौट गए हैं। इसमें चार चौके शामिल हैं। पूरे देश की नजर वैभव पर थी, क्योंकि उन्होंने सचिन तेंदुलकर से भी कम उम्र में बड़े मैच खेलने वाला खिलाड़ी माना जा रहा है।
मुंबई की तरह ही बिहार की बेकार शुरुआत
लंच के बाद नहीं टिकी मुंबई की टीम, अब उतरेंगे बिहारी बल्लेबाज
पटना में शनिवार को सुबह 10 बजे तक सूरज के दर्शन नहीं हुए। खराब रोशनी के कारण अटका मैच 11 बजे के बाद शुरू हो सका। मुंबई के स्कोर बोर्ड को आगे बढ़ाने उतरी अंतिम जोड़ी मोहित अवस्थी और रॉयस्थन एच डायस कुछ खास करामात नहीं दिखा सकी। दो चौके जमाकर मोहित मैच में गरमी लाने का प्रयास तो किया गया, लेकिन फिर लंच हो गया। लंच टाइम के बाद दोबारा दोनों बल्लेबाज उतरे तो जरूर, लेकिन लय नहीं बची। एक बल्लेबाज के चोटिल होने के कारण मैच कुछ देर रुका भी रहा। स्कोर बोर्ड में आज 16 रन ही जुड़े। मुंबई की रणजी टीम के अंतिम विकेट के रूप में मोहित अवस्थी को वीर प्रताप सिंह ने कैच आउट कराया। इस तरह पहली पारी में सर्वाधिक पांच विकेट वीर प्रताप के नाम रहे। मुंबई की पूरी टीम पहली पारी में 251 रनों पर वापस पवेलियन लौट चुकी है। अब कुछ देर में बिहार की टीम बल्लेबाजी करने उतरेगी और 300 से ज्यादा रन बनाकर मुंबई के सामने खुद को खड़ा करने की कोशिश करेगी।
| क्रम | बल्लेबाज का नाम | रन | गेंद | रन गति |
| 1. | जय बिस्टा | 02 | 14 | 14.29 |
| 2. | भूपेन लालवानी | 65 | 101 | 64.36 |
| 3. | सुवेद पारकार | 50 | 111 | 45.05 |
| 4. | एसएन खान | 01 | 02 | 50.00 |
| 5. | पीवाई पवार | 06 | 10 | 60.00 |
| 6. | शिवम दुबे | 41 | 61 | 67.21 |
| 7. | शम्स मुलानी | 00 | 02 | 00.00 |
| 8. | तनुष कोटियन | 50 | 69 | 72.46 |
| 9. | अथर्व विनोद अंकोलकर | 15 | 25 | 60.00 |
| 10. | मोहित अवस्थी | 15 | 42 | 35.71 |
| 11. | रॉयस्थलन एच डायस (नॉट आउट) | 02 | 23 | 08.70 |
लंच ब्रेक तक 247 रन, मोहित ने जड़े दो चौके
पटना में शनिवार को सुबह 10 बजे तक सूरज के दर्शन नहीं हुए। खराब रोशनी के कारण मैच सवा 11 बजे के बाद शुरू हुआ तो मुंबई के मोहित अवस्थी ने दो चौकों के जरिए स्कोर बोर्ड को आगे ले जाने का प्रयास किया। बीच में एक बार रन आउट की स्थिति बनी, लेकिन दोनों बल्लेबाज सुरक्षित रहे। अभी लंच ब्रेक है। अबतक 72 ओवर का खेल हुआ है। मुंबई 247 रनों पर नौ विकेट खोकर आगे का खेल खेलने उतरेगी।
मौसम में सुधार के साथ मुंबई के अंतिम बल्लेबाज उतरे
धूप नहीं निकली, लेकिन रोशनी में सुधार के बाद दोनों टीमों के कप्तानों से राय-मशविरा और अंपायर पी जयपाल और राजीव गोदारा की सहमति के बाद मैच रेफरी अर्जन पाल सिंह ने मैच शुरू कराने का फैसला लिया। मुंबई के अंतिम दोनों बल्लेबाज मोहित अवस्थी और रॉयस्थन एच डायस स्कोर बोर्ड को आगे बढ़ाने के लिए उतर चुके हैं।
खराब रोशनी में प्रैक्टिस का उठा रहे मजा
धुंध के बीच सूरज की रोशनी का इंतजार मोइनुल हक स्टेडियम में मुंबई और बिहार की रणजी टीम अब भी कर रही है। खराब रोशनी के कारण मैच शुरू नहीं हो सका है। दोनों टीमों के प्लेयर तैयार हैं, इसलिए अच्छी रोशनी के इंतजार में खिलाड़ी ग्राउंड पर पहुंचकर टाइमपास के लिए प्रैक्टिस कर रहे हैं। अंपायर पी जयपाल और राजीव गोदारा के साथ मैच रेफरी अर्जन कृपाल सिंह मौसम विभाग की भी जानकारी ले रहे हैं। वह दोनों टीमों के कप्तानों से संपर्क में भी हैं, ताकि खेलने लायक परिस्थिति होने पर बात कर खेल शुरू कराएं।
खराब रोशनी के कारण रुका हुआ है मैच
पटना में शनिवार को सुबह 10 बजे तक सूरज के दर्शन नहीं हुए। खराब रोशनी के कारण मैच सवा 10 बजे तक शुरू नहीं हो सका है। खेल शुरू होता है तो मुंबई के स्कोर बोर्ड को आगे बढ़ाने उतरी अंतिम जोड़ी मोहित अवस्थी और रॉयस्थन एच डायस पर होगी। अंपायर पी जयपाल और राजीव गोदारा के साथ मैच रेफरी अर्जन कृपाल सिंह मौसम के हाल पर नजर रखे हुए हैं और खेलने लायक परिस्थिति होने पर दोनों टीमों के कप्तानों से बात कर खेल शुरू कराएंगे।
बिहार की गेंदबाजी में वीर प्रताप चमके
बिहार के मुकाबले बहुत दमदार बताई जा रही टीम मुंबई को बिहारी कप्तान आशुतोष अमन ने बल्लेबाजी के लिए बुलाया। टॉस जीतकर क्षेत्ररक्षण का फैसला गेंदबाजों ने काफी हद तक सही भी करार दिया। बिहार की ओर से वीर प्रताप सिंह ने 2.91 की औसत से रन देकर 11 ओवर में चार विकेट चटकाए। पिछले सीजन में भी जबरदस्त फॉर्म में रहे सकीबुल गनी ने चार की औसत से रन देकर 15 ओवर में दो विकेट निपटाए। हिमांशु सिंह ने 3.50 की औसत से रन देकर छह ओवर में दो विकेट लिए। कप्तान आशुतोष अमन ने किफायती गेंदबाजी करते हुए 2.6 की औसत से रन देकर 10 ओवर में एक विकेट हासिल किया।
गेंदबाजों पर दो ही बार भारी पड़े मुंबईकर
बिहार की राजधानी पटना के मोइनुल-हक-स्टेडियम का उद्धार सरकार ने नहीं किया, लेकिन रणजी मुकाबले के साथ इसका सूखा जरूर खत्म हो गया। सदी में पहली बार 5 जनवरी को इस स्टेडियम में रणजी मुकाबला खेलने के लिए टीमें उतरीं। बिहार की टीम को अभ्यास के लिए ग्राउंड नहीं मिलता है, लेकिन उसने मुंबई को दिखा दिया कि उसमें दम तो है। मुंबई की टीम दो ही साझीदारी के जरिए अपनी हालत सुधार सकी, वरना स्कोर और खराब हो सकता था। भूपेन लालवानी और सुवेद पारकर की 91 साझेदारी के पहले विकेट गिरा था, लेकिन इसके बाद विकेटों का गिरना तनुष कोटियन और शिवम दुबे (74 रनों की साझेदारी) के समय ही थमा। इसके बाद फिर विकेट गिरने लगे। कुल मिलाकर, तीन बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को नहीं छू सके और एक को डक निपटा दिया गया। भूपेन लालवानी ने 65, सुवेद पारकार ने 50, शिवम दुबे ने 41 और तनुष कोटियन ने 50 रन जोड़कर मुंबई को सम्मानजक स्कोर तक पहुंचाया। मोहित अवस्थी और रॉयस्थलन एच डायस कुछ ही देर में बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे और देखना है कि वह 235 रनों में आगे क्या जोड़ पाते हैं।