विधानसभा में सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि सभी दलों की सहमति से जाति आधारित गणना करवाया गया। हमलोग केंद्र सरकार के पास भी गए थे लेकिन केंद्र सरकार ने टाल दिया था। इसके बाद बिहार सरकार ने इसे करवाया। इसके बाद हमने जाति आधारित गणना करवाया। साथ ही सभी वर्ग, जाति के लोगों का आर्थिक सर्वे भी करवाया गया। सभी लोगों की राय से जब यह करवाया गया। इसके आधार पर आरक्षण बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अब तो एकजुट होकर यह आरक्षण विधेयक बिल पेश होना चाहिए। हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार भी आरक्षण का दायरा बढा दे। हमलोग चाहते हैं कि 65 प्रतिशत आरक्षण को तत्काल लागू किया जाएग। सीएम नीतीश कुमार ने सदन में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग भी केंद्र सरकार से की।
इधर, भाजपा के हंगामे के बीच विधानसभा में आरक्षण संशोधन विधेयक 2023 पेश किया गया है। इसे 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत (65 प्रतिशत + 10 प्रतिशत EWS) करने का प्रस्ताव रखा गया है। संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि मूल रूप से आरक्षण को बढ़ाकर 65 प्रतिशत करने का ही प्रस्ताव है। EWS के रूप 10 प्रतिशत आरक्षण केंद्र सरकार ने पहले ही दूसरे अधिनियम से आच्छादित है। भाजपा विधायकों ने सर्व सहमति से इस बिल को पास कराने की मांग की।
NCERT बुक लेकर विधान परिषद् पहुंचे जदयू मंत्री
विधान परिषद् की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा के एमएलसी हंगामा करने लगे। वह सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफा की मांग को लेकर हंगामा कर रहे हैं। इसके बाद जदयू के एमएलसी बॉयोलॉजी की किताब लेकर खड़े हो गए। मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि पहले ही नीतीश कुमार अपने बयानों पर माफी मांग चुके हैं। इसके बावजूद भाजपा साजिश के तरह सदन नहीं चलने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो बयान उसपर जानबूझकर विवाद खड़ा किया जा रहा है। जिस बात के लिए यह लोग कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री शर्म करो। वह बात तो NCERT की 12वीं की बॉयोलॉजी की पाठ्य पुस्तक में लिखी गई है। 12वीं कक्षा के बुक के सिलेबस में NCERT ने जो लिखा उसे भी बाहर निकाला जाना चाहिए। इस पर भाजपा वाले क्यों नहीं कुछ बोलते हैं। उन्हे इसे पढ़ना चाहिए। भाजपा वाले जानबूझ कर यह हंगामा कर रहे हैं। यह लोग चाहते हैं कि आरक्षण पर बात न हो।
विधानसभा परिसर महागठबंधन के सहयोगी दल भाकपा माले अपने ही सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। वह आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के समर्थन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका को सरकारी कर्मी का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। साथ ही बिहार में झोपड़ी में रहने वाले लोगों को जमीन पर मालिकाना हक देने की मांग कर रहे हैं।
सत्र की शुरूआत से पहले भाजपा विधायक परिसर में इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। भाजपा विधायक सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि केवल माफी मांगने से काम नहीं चलेगा मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को मांफी मांगनी चाहिए।