Bihar Flood News : जल संसाधन मंत्री ने बताया- 50 घंटे कैसे गुजरे
तेज बहाव के कारण सड़क क्षति हो गया
सहरसा के महिषी प्रखंड क्षेत्र के जलई थाना क्षेत्र में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। लोग जब तक संभल पाते तब तक घर डूब गए। कमर भर पानी दर्जनों गांव के घर में घुस गया है। प्रशासनिक अधिकारियों की टीम राहत बचाव में जुट गई है। वहीं तेज बहाव के कारण गंडौल रही टोल सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। प्रशासन द्वारा लोगों को ऊंचे स्थानों पर शरण लेने की अपील की गई है।
बाढ़ के पानी ने तबाही मचानी शुरू कर दी
मुजफ्फरपुर जिले में तेजी से बाढ़ का पानी घुसने लगा है। जिले के औराई प्रखंड और कटरा प्रखंड के कई इलाके में बाढ़ के पानी ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। प्रखंड क्षेत्र के पहसौल और बसगट्ठा के पास में डेढ़ पानी सड़क पर बह रही। इस दौरान में बकुची पावर हाउस में बाढ़ का पानी घुस चुका है। इस बाद अब इलाके में बिजली व्यवस्था के चरमरा जाने का खतरा बन गया है। जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों से ऊंचे स्थान पर जाने की अपील कर रही है।
अगले 48 घंटे तक स्थिति चिंताजनक
बताया जा रहा है कि कोसी और गंडक नदी में पानी छोड़ने के रफ्तार में कमी आई है। अभी उत्तर बिहार में अगले 48 घंटे तक स्थिति चिंताजनक है। वहीं गंगा भी पटना में खतरे के निशान को फिर पार कर गई। इधर, जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने तीन दिन तक अभियंताओं को अलर्ट रहने को कहा है।
बिहार में कोसी, गंडक, बागमती नदी कहर बरपा रही है। अब तक दो गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। करीब तीन लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। बिहार सरकार ने अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटे में सात तटबंध टूट गया। दरभंगा के किरतपुर प्रखंड के भभौल गांव के पास कोसी नदी का देर रात भूभौल गांव तटबंध टूट गया है। इस तटबंध के टूटने से किरतपुर प्रखंड और घन्यश्यामपुर प्रखंड में बाढ़ से तबाही मच गया है। वहीं सीतामढ़ी और शिवहर में कुल पांच तटबंधन को बागमती नदी की तेज धारा ने ध्वस्त कर दिया है। पश्चिम चंपारण के बगहा में तटबंध टूट गया। इस कारण बगहा के कार्यपालक अभियंता निशिकांत कुमार को निलंबित कर दिया गया।