उपचुनाव में कई गांवों ने किया मतदान का बहिष्कार
कैमूर की रामगढ़ विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के दौरान दुर्गावती प्रखंड के कई गांवों ने बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी के विरोध में मतदान का बहिष्कार कर दिया। दूघरा और खडसरा गांव के लोगों ने बुधवार को अपने बूथों पर मतदान का बहिष्कार किया, जिससे प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच हलचल मच गई है। दूघरा गांव के ग्रामीणों ने बूथ संख्या 108 पर ‘पुल नहीं तो वोट नहीं’ का नारा लगाते हुए मतदान नहीं किया।
आपसी विवाद हुई मारपीट, चुनाव से संबंध नहीं
तरारी उपचुनाव में मारपीट की घटना को एएसपी केके सिंह ने खंडन किया। चुनाव से इसका कोई संबंध नहीं बल्कि आपसी विवाद में हुआ था। तैयारी उपचुनाव के दौरान एक-दूसरे को मतदान देने का दबाव बनाने को लेकर मारपीट हुई है। इसमें एक व्यक्ति का सिर फटा है। पीरो एसडीपीओ कृष्ण कुमार सिंह एवं स्थानीय थाना पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच मामले की छानबीन में जुट गए है।
दोपहर एक बजे तक कुल 34.77 प्रतिशत मतदान
बिहार के चार विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव का मतदान प्रतिशत आ चुका है। तीसरे राउंड में दोपहर एक बजे तक कुल 34.77 प्रतिशत मतदान हुआ है। सबसे ज्यादा इमामगंज में 38.17 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद बेलागंज में 35.51 प्रतिशत, रामगढ़ में 34.43 प्रतिशत और तरारी में 30.9 प्रतिशत मतदान हुआ है।
चार सीटों पर सुबह नौ बजे तक 9.53 फीसदी मतदान
बिहार के चार विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव का मतदान प्रतिशत आ चुका है। सुबह 9 बजे तक कुल 9.53 प्रतिशत मतदान हुआ है। सबसे ज्यादा रामगढ़ में 11.35% मतदान हुआ। वहीं इमामगंज में 8.46 प्रतिशत, तरारी में 9.3 प्रतिशत और बेलागंज में 9.12 प्रतिशत मतदान हुआ है।
खड्सरा गांव के लोगों ने वोट बहिष्कार कर दिया
कैमूर के जिले के रामगढ़ विधानसभा में हो रहे मतदान के दौरानदुर्गावती प्रखंड के खड्सरा गांव के लोगों ने वोट बहिष्कार कर दिया। इस कारण बूथ संख्या 57 और 58 पर मतदाता मतदान करते नहीं देखे गए। खडसरा गांव के रहने वाले दिनेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि अंडर पास या ओवर ब्रिज की मांग को लेकर ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार का नारा दे दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई लोकसभा और विधानसभा में हम लोग वोट देते आए हैं लेकिन हमारे लिए कोई जनप्रतिनिधि नहीं सुन रहा है पांच रेलवे लाइन क्रॉस कर हमें मतदान करने के लिए जाना है। चाहे अपने निजी काम से बाजार जाना हो या बच्चों की पढ़ाई को लेकर कई बार दुर्घटना में छात्र और ग्रामीण अपनी जान गवा चुके हैं। लेकिन इसको लेकर कोई चिंतित नहीं है। इसलिए हम लोग आज वोट का बहिष्कार कर रहे हैं।