आज सकट चौथ पर चंद्रमा के निकलने का समय
Today Sakat Chauth 2022 Moonrise Timing: सकट चौथ पर बिना चंद्रमा के दर्शन किए अधूरा माना जाता है सकट चौथ का व्रत। ऐसे में आज रात को जैसे ही भगवान गणेश की पूजा होगी उसके बाद सभी माताओं का चंद्रमा के निकलने का इंतजार होगा। आइए जानते हैं प्रमुख शहरों में आज रात कितने बजे होगा चांद के दर्शन...
| शहर |
चांद निकलने का समय |
| दिल्ली |
21:00 |
| लखनऊ |
20:46 |
| वाराणसी |
20:39 |
| गाजियाबाद |
20:59 |
| बरेली |
20:51 |
| प्रयागराज |
20:44 |
| कानपुर |
20:49 |
| आगरा |
20:58 |
| मेरठ |
20:57 |
| पटना |
20:30 |
| रांची |
20:31 |
| भागलपुर |
20:23 |
| मधुबनी |
20:25 |
| गया |
20:31 |
| गुरुग्राम |
21:01 |
| फरीदाबाद |
21:00 |
| सिरसा |
21:08 |
| जांलधर |
21:04 |
| चंडीगढ़ |
20:59 |
| अमृतसर |
21:06 |
| इंदौर |
21:11 |
| भोपाल |
21:04 |
| ग्वालियर |
20:58 |
सकट चौथ पर कैसे करें पूजा
Sakat Chauth Puja Vidhi 2022 : आज सुबह से माताएं व्रत का संकल्प लेते हुए पूजा का तैयारी शुरू कर दी हैं। ऐसे में शाम के समय लकड़ी के पाटे पर लाल या पीला कपडा बिछाकर ईशान कोण में मिट्टी के गणेश व चौथ माता की तस्वीर स्थापित कर रोली, मोली,अक्षत, फल,फूल, शमीपत्र, दूर्वा आदि से विधिपूर्वक पूजन करें। फिर मोदक तथा गुड़ में बने हुए तिल के लड्डू का नैवेद्य अर्पण करें और आरती कर चौथ माता की कहानी सुनें।
चंद्रदेव को अर्घ्य देते हुए करें इस मंत्र का जाप
भगवान गणेश की पूजा के बाद चंद्रोदय होने पर लोटे में शुद्ध जल भरकर उसमें लाल चन्दन, कुश, पुष्प, अक्षत आदि डालकर चन्द्रमा को यह मंत्र बोलते हुए अर्घ्य दें।
'गगनार्णवमाणिक्य चंद्र दाक्षायणीपते। गृहाणार्घ्यं मया दत्तं गणेशप्रतिरूपक'।
अर्थात
दक्ष कन्या रोहिणी के प्रियतम !गणेश के प्रतिविम्ब !आप मेरा दिया हुआ यह अर्घ्य स्वीकार कीजिए'। चन्द्रमा को यह दिव्य तथा पापनाशक अर्घ्य देकर परिवार की कुशलता की प्रार्थना करें।
आपके शहर में आज कब निकलेगा सकट चौथ का चांद?
सकट चौथ पर आज चंद्रोदय का समय Sakat Chauth 2022 Chand Nikalne Ka Time Sakat Chauth 2022 Moonrise Time 21 January 2022
नोएडा 09 बजकर 02 मिनट पर दिल्ली 09 बजकर 00 मिनट पर लखनऊ 08 बजकर 46 मिनट पर वाराणसी 08 बजकर 39 मिनट पर गाजियाबाद 08 बजकर 59 मिनट पर बरेली 08 बजकर 51 मिनट पर प्रयागराज 08 बजकर 44 मिनट पर कानपुर 08 बजकर 49 मिनट पर आगरा 08 बजकर 58 मिनट पर मेरठ 08 बजकर 57 मिनट पर पटना 08 बजकर 30 मिनट पर रांची 08 बजकर 31 मिनट पर भागलपुर 08 बजकर 23 मिनट पर
मधुबनी 08 बजकर 25 मिनट पर गया 08 बजकर 31 मिनट पर गुरुग्राम 09 बजकर 01 मिनट पर फरीदाबाद 09 बजकर 00 मिनट पर सिरसा 09 बजकर 08 मिनट पर इंदौर 09 बजकर 11 मिनट पर भोपाल 09 बजकर 04 मिनट पर ग्वालियर 08 बजकर 58 मिनट पर
सकट चौथ की पूजा में जरूर होनी चाहिए ये चीजें
Sakat Chauth Puja Samagri 2022: सकट चौथ की पूजा बस थोड़ी ही देर में शुरू होने वाली है। सालभर में सभी चतुर्थी में सकर चौथ का विशेष महत्व होता है क्योंकि मान्यता है इसी तिथि पर भगवान भणेश पर संकट आया था ऐसे में इस दिन सभी माताएं सुबह से निर्जला व्रत रखते हुए भगवान गणपति की पूजा-आराधना करती हैं। सकट चौथ का पूजा इन चीजों का जरूर शामिल करना चाहिए।
- पान का पत्ता
- अक्षत
- हल्दी
- दुर्वा
- तिल का लड्डू
- तिलकुट
- फल
- शकरकंद
यहां देखें आज अपने शहर में चांद निकलने का समय
Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Delhi चंद्रोदय का समय रात्रि 9:00 बजे
Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Lucknow चंद्रोदय का समय रात्रि 08:46
Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Varanasi चंद्रोदय का समय रात्रि 08:39
Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Ghaziabad चंद्रोदय का समय रात्रि 08:59
Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Bareilly चंद्रोदय का समय रात्रि 08:51
Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Prayagraj चंद्रोदय का समय रात्रि 08:44
Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Kanpur चंद्रोदय का समय रात्रि 08:49
Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Agra चंद्रोदय का समय रात्रि 08:58
Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Meerut चंद्रोदय का समय रात्रि 08:57
सकट चौथ पर आज जरूर करें भगवान गणेश की आरती
Sakat Shauth 2022 And Ganesh Aarti: आज सकट चौथ का व्रत रखा जा रहा है अब से कुछ देर बाद माताएं भगवान गणेश की पूजा विधि-विधान के साथ करेंगे। किसी भी शुभ कार्य आरंभ करने से सबसे पहले और पूजा में गणेशजी की पूजा अवश्य ही की जाती है। ऐसे में सकट चौथ पर पूजा के बाद भगवान गणेश की आरती जरूर करनी चाहिए।
श्री गणेश जी की आरती
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा .
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥
एक दंत दयावंत, चार भुजाधारी .
माथे पे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया .
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥
हार चढ़ै, फूल चढ़ै और चढ़ै मेवा .
लड्डुअन को भोग लगे, संत करे सेवा ॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥
दीनन की लाज राखो, शंभु सुतवारी .
कामना को पूर्ण करो, जग बलिहारी ॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा
गणेश वंदना
हे एकदंत विनायकं तुम हो जगत के नायकं।
बुद्धि के दाता हो तुम माँ पार्वती के जायकं।।
है एकदंत विनायकं तुम हो जगत के नायकम....ॐ हरि ॐ
गणपति है वकर्तुंडंम, एकदंतम गणपति है,
कृष्णपिंगाक्षम गणपति, गणपति गजवक्त्रंमम....
है एकदंत विनायकं तुम हो जगत के नायकम।
बुद्धि के दाता हो तुम माँ पार्वती के जायकं।।....ॐ हरि ॐ
गणपति लम्बोदरंम है, विकटमेव भी है गणपति
विघ्नराजेंद्रम गणपति, हो तुम्ही धूम्रवर्णमंम।।
है एकदंत विनायकं तुम हो जगत के नायकम।
बुद्धि के दाता हो तुम माँ पार्वती के जायकं।।....ॐ हरि ॐ
भालचंद्रम गणपति है, विनायक भी गणपति है,
गणपति एकादशं है, द्वादशं तू गजाननंम।।
है एकदंत विनायकं तुम हो जगत के नायकम।
बुद्धि के दाता हो तुम माँ पार्वती के जायकं।।....ॐ हरि ॐ
गणेश स्तुति मंत्र
ॐ श्री गणेशाय नम:।
ॐ गं गणपतये नम:।
ॐ वक्रतुण्डाय नम:।
ॐ हीं श्रीं क्लीं गौं ग: श्रीन्महागणधिपतये नम:।
ॐ विघ्नेश्वराय नम:।
गजाननं भूतगणादि सेवितं, कपित्थ जम्बूफलसार भक्षितम्।
उमासुतं शोक विनाशकारणं, नमामि विघ्नेश्वर पादपंकजम्।
सकट चौथ पर आज रात शुभ संयोग में होंगे चांद के दर्शन
Today Moonrise Time: संतान की लंबी आयु और उनके जीवन में हमेशा सुख समृद्धि रहें इस मनोकामना के साथ माताएं आज संकष्टी चतुर्थी का उपवास रखते हुए भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करती हैं। पूजा के बाद चांद के दर्शन करते हुए उनका आशीर्वाद लेते हुए व्रत का पारण करती हैं। ज्योतिषाचार्य के अनुसार आज रात को चांद के दर्शन बहुत ही शुभ योग में होने जा रहा है। सकट चौथ पर चंद्रमा के दर्शन सौभाग्य योग में हो सकेगा। शास्त्रों में बताया गया है कि सौभाग्य योग में की गई कोई भी पूजा और कार्य जरूर सफल होता है।
सकट चौथ पर माताओं को आज जरूर सुननी चाहिए ये कथा
Sakat Chauth 2022 Vrat Katha: पौराणिक कथा के अनुसार सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र के राज में एक कुम्हार रहा करता था। एक बार उसने बर्तन बनाकर आवा लगाया, पर बहुत देर तक आवा पका नहीं। बार-बार नुकसान होता देखकर कुम्हार एक तांत्रिक के पास गया और उसने तांत्रिक से मदद मांगी। तांत्रिक ने उसे एक बालक की बली देने के लिए कहा। उसके कहने पर कुम्हार ने एक छोटे बच्चे को आवा में डाल दिया, उस दिन संकष्टी चतुर्थी थी। उस बालक की मां ने अपनी संतान के प्राणों की रक्षा के लिए भगवान गणेश से प्रार्थना की। कुम्हार जब अपने बर्तनों को देखने गया तो उसे बर्तन पके हुए मिले और साथ ही बालक भी सुरक्षित मिला। इस घटना के बाद कुम्हार डर गया और उसने राजा के सामने पूरी कहानी सुनाई। इसके बाद राजा ने बच्चे और उसकी मां को बुलवाया तो मां ने संकटों को दूर करने वाली सकट चौथ की महिमा का गुणगान किया। तभी से महिलाएं अपनी संतान और अपने परिवार की कुशलता और सौभाग्य के लिए सकट चौथ का व्रत करने लगीं।
सकट चौथ पर जरूर चढ़ाएं भगवान गणेश जी को ये पूजा सामग्री
Sakat Chauth Puja Vidhi 2022: सनातन धर्म में भगवान गणेश का प्रथम पूज्य देवता माना गया है। कोई शुभ कार्य, पूजा, धार्मिक अनुष्ठान और विवाह में सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार माघ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को सकट चौथ का त्योहार मनाया जाता है। इसमें माताएं संतान की दीर्घायु की कामना के साथ भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हुए उन्हें प्रसन्न करती हैं और आशीर्वाद प्राप्त करती है। सकट चौथ पर पूजा करते समय भगवान गणेश की सबसे प्रिय चीज दूर्वा घास उन्हें जरूर अर्पित करनी चाहिए। मान्यता है कि दूर्वा घास चढ़ाने से भगवान गणेश जल्द प्रसन्न हो जाते हैं।
उत्तर प्रदेश के इन शहरों में आज इस समय दिखेगा चांद
| शहर- UTTAR PRADESH |
चंद्रोदय का समय |
| Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Mirzapur |
08:41 |
| Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Basti |
08:39 |
| Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Chandauli |
08:38 |
| Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Ghazipur |
08:36 |
| Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Azamgarh |
08:38 |
| Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Jaunpur |
08:40 |
| Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Mau |
08:36 |
| Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Ballia |
08:34 |
| Today Sakat Chauth Moonrise Timing in Gorakhpur |
08:36 |
बिहार में इस समय दिखाई देगा सकट चौथ का चांद
| शहर- BIHAR |
आज चांद के निकलने का समय |
| Patna |
08:30 |
| Bhagalpur |
08:23 |
| Madhubani |
08:25 |
| Gaya |
08:31 |
| Ranchi |
08:31 |
दिल्ली, लखनऊ, आगरा और पटना समेत 10 शहरों में चांद निकलने का टाइम
Today Moonrise Timing: हिंदू धर्म में चतुर्थी व्रत का विशेष महत्व होता है। चतुर्थी व्रत में भगवान गणेश की पूजा और चांद के दर्शन करने के बाद जल अर्पित करके व्रत का पारण किया जाता है। आज सकट चौथ व्रत है और भगवान गणेश की पूजा के बाद चांद के दर्शन करने का विधान है। ऐसे में आइए जानते हैं देश के 10 प्रमुख शहरों में आज कितने बजे निकलेगा चतुर्थी का चांद।
| City- Today Moonrise Timing |
आज चांद के निकलने का समय |
| Delhi |
9:00 |
| Lucknow |
08:46 |
| Varanasi |
08:39 |
| Ghaziabad |
08:59 |
| Bareilly |
08:51 |
| Prayagraj |
08:44 |
| Kanpur |
08:49 |
| Agra |
08:58 |
| Meerut |
08:57 |
| Patna |
08:31 |
सकट चौथ के बाद कब-कब पड़ेगी साल 2022 में चतु्र्थी तिथि
| शुक्रवार, 21 जनवरी |
संकष्टी चतुर्थी |
| रविवार, 20 फरवरी |
संकष्टी चतुर्थी |
| सोमवार, 21 मार्च |
संकष्टी चतुर्थी |
| मंगलवार, 19 अप्रैल |
अंगारकी चतुर्थी |
| गुरुवार, 19 मई |
संकष्टी चतुर्थी |
| शुक्रवार, 17 जून |
संकष्टी चतुर्थी |
| शनिवार, 16 जुलाई |
संकष्टी चतुर्थी |
| सोमवार, 15 अगस्त |
संकष्टी चतुर्थी |
| मंगलवार, 13 सितंबर |
अंगारकी चतुर्थी |
| गुरुवार, 13 अक्टूबर |
संकष्टी चतुर्थी |
| शनिवार, 12 नवंबर |
संकष्टी चतुर्थी |
| रविवार, 11 दिसंबर: |
संकष्टी चतुर्थी |
भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए करें इस मंत्र का जाप
माताएं संतान की लंबी आयु और सुख समृद्धि के लिए सकट चौथ की पूजा के दौरान करें इस मंत्र का जाप
गजाननं भूत गणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्।
उमासुतं शोक विनाशकारकम्, नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्।
सकट चौथ पूजा के दौरान पढ़ें श्री गणेश के 12 चमत्कारी नाम
ganesh utsav
- फोटो : ganesh utsav
Sakat Chauth Puja Vidhi 2022: आज सकट चौथ का उपवास रखने वाली महिलाएं भगवान गणपति की विशेष कृपा पाने के लिए उनके 12 नामों का जाप अवश्य करें।
1-नसुमुख
2- एकदंत
3- कपिल
4- गजकर्णक
5- लंबोदर
6- विकट
7- विघ्न-नाश
8- विनायक
9- धूम्रकेतु
10- गणाध्यक्ष
11- भालचंद्र
12- गजानन
सभी देवी-देवताओं में सबसे पहले पूजे जाने वाले भगवान गणेश के बारे में जानिए सब कुछ
ganesh
- फोटो : Istock
| पिता |
भगवान शंकर |
| माता |
भगवती पार्वती |
| भाई |
श्री कार्तिकेय, अय्यप्पा (बड़े भाई) |
| बहन |
अशोकसुन्दरी , मनसा देवी , देवी ज्योति ( बड़ी बहन ) |
| पत्नी- दो |
1. ऋद्धि 2. सिद्धि |
| पुत्र- दो |
1. शुभ 2. लाभ |
| पुत्री |
संतोषी माता |
| प्रिय भोग |
मोदक, लड्डू और दूर्वा |
| प्रिय पुष्प |
लाल रंग के |
| प्रिय वस्तु |
दूर्वा (दूब), शमीपत्र |
| अधिपति |
जल तत्व के |
| मुख्य अस्त्र |
परशु और रस्सी |
| वाहन |
मूषक |
सकट चौथ पर करें गणेश आरती- जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा...
Jai Gneash Aarti in hindi:
जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे,मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े,और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे,संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत,कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत,निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥
गणपति महाराज की जय।।
DELHI NCR में व्रती महिलाएं को चांद के निकलने का इंतजार
दिल्ली NCR में सकट चौथ के चांद के दीदार का इंतजार लंबा हो रहा है। दिल्ली और आस पास के इलाके में रहने वाली व्रती महिलाएं चौथ की पूजा संपन्न करने के बाद अभी भी चांद के दर्शन का इंतजार कर रही हैं। पंचांग गणना के अनुसार आज यानी सकट चौथ पर दिल्ली और आसपास के इलाके में चांद करीब रात के 09 बजे निकलना था, लेकिन आसमान में बादलों का वजह से चांद के निकलने में देरी है।
चांद के दर्शन न होने पर ऐसे करें व्रत पूरा
DELHI NCR में धुंध और बादल के चलते चांद के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में अगर चांद काफी देर से दिखाई देने की संभावना है जिसके चलते सकट चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं बिना चांद के दर्शन ही व्रत का पारण कर सकती हैं। शास्त्रों में इस बारे में बताया गया कि अगर किसी कारण से चांद के दर्शन होने में किसी तरह की परेशानियां आ रही हैं तो कुछ उपाय कर बिना चांद के दीदार किए ही उपवास पूरा कर सकती हैं।
- पंचांग के अनुसार चौथ पर चंद्रोदय के समय को ध्यान में रखते हुए व्रत का पारण किया जा सकता है।
- घर के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त कर व्रत तोड़ें।
- चांद के दर्शन न होने पर थाली में चावल लेकर उसे चांद का आकार देकर अर्घ्य दें।
- बड़े बुजुर्गों के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत तोड़ें और अगले चौथ पर चंद्र दर्शन का संकल्प लें।