Solar Eclipse 2024 Date And Time: आज सोमवती अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का संयोग
वैदिक पंचांग के अनुसार सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि पर और जबकि चंद्र ग्रहण पूर्णिमा तिथि पर लगता है। आज सोमवती अमावस्या तिथि के संयोग में साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है।
Solar Eclipse 2024: चैत्र नवरात्रि के एक दिन पहले सूर्यग्रहण
साल का पहला सूर्य ग्रहण मीन राशि और रेवती नक्षत्र में होगा। ग्रहण के दौरान राहु और दैत्यों के गुरु शुक्र मीन राशि में स्थिति होंगे। यह सूर्य ग्रहण चैत्र नवरात्रि के शुरू होने के एक दिन पहले लग रहा है। शास्त्रों में ग्रहण को दृश्य पर्व माना गया है, जहां यह दिखाई देता है, वहीं पर उसका प्रभाव माना जाता है। यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां कोई भी प्रभाव नहीं रहेगा, न ही इसका सूतक लगेगा।
Sutak Kaal Ka Samay : ग्रहण में सूतक काल का महत्व
शास्त्रों में सूतक काल को शुभ नहीं माना जाता है। जब भी ग्रहण लगता है तो उसके कुछ घंटों पहले सूतक काल आरंभ हो जाता है। सूतक काल के शुरू होने पर मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ करना वर्जित हो जाता है। सूर्य ग्रहण लगने पर सूतक काल ग्रहण के शुरू होने से 12 घंटे पहले लगता है जबकि चंद्र ग्रहण पर सूतक काल 5 घंटे पहले आरंभ होता है।
आज सूर्य ग्रहण का समय
आज साल 2024 के पहले सूर्य ग्रहण का नजारा दुनिया देखी। भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल को रात 9 बजकर 12 मिनट से शुरू होगा जो देर रात 2 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। इस तरह से यह सूर्य ग्रहण काफी देर तक चलेगा।
कहां-कहां दिखेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण
इस सूर्य ग्रहण को पश्चिमी यूरोप, अटलांटिक, आर्कटिक मेक्सिको, उत्तरी अमेरिका , कनाडा, मध्य अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, इंग्लैंड के उत्तर पश्चिम क्षेत्र और आयरलैंड में देखा जा सकेगा। लेकिन भारत में इस सूर्य ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा।
कब लगता है सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण चार तरह के होते हैं। पूर्ण सूर्यग्रहण, आंशिक सूर्य ग्रहण, वलयाकार सूर्य ग्रहण और हाइब्रिड सूर्य ग्रहण। जब सूर्य और पृथ्वी का बीच चंद्रमा आ जाता है तो इस खगोलीय घटना को सूर्य ग्रहण कहते हैं। इसमें चांद के पीछ सूर्य का बिंब कुछ देर के लिए ढक जाता है।
Solar Eclipse 2024: 7 मिनट तक पृथ्वी पर छा जाएगा अंधेरा
आज साल का पहला और 50 वर्षों बाद सबसे लंबा चलने वाला सूर्य ग्रहण होगा। यह सूर्य ग्रहण करीब 5 घंटे और 25 मिनट तक चलेगा। इस दौरान जब सूर्य ग्रहण अपने चरम पर होगा तब 7 मिनट तक पृथ्वी के कई हिस्सों में अंधेरा छा जाएगा।
ग्रहण में क्या करें और क्या न करें ?
आज साल का पहला सूर्य ग्रहण है। यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा जिसमें सूरज पूरी तरह से चांद से ढक जाएगा। ग्रहण काफी देर तक चलेगा। भारत में इस सूर्य ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा, जिस कारण से सूतककाल मान्य नहीं होगा। शास्त्रों में ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए इस बारे में विस्तार से बताया गया है।
क्या न करें
- ग्रहण के दौरान कभी भी कोई शुभ काम या देवी-देवताओं की पूजा नहीं करनी चाहिए।
- ग्रहण के दौरान न ही भोजन पकाना चाहिए और न ही कुछ खाना-पीना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं का ग्रहण नहीं देखना चाहिए और न ही घर से बाहर जाना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान तुलसी समेत अन्य पेड़-पौधों नहीं छूना चाहिए।
क्या करें
- ग्रहण शुरू होने से पहले यानी सूतक काल प्रभावी होने पर पहले से ही खाने-पीने की चीजों में पहले से तोड़े गए तुलसी के पत्ते को डालकर रखना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान अपने इष्ट देवी-देवताओं के नाम का स्मरण करना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान इसके असर को कम करने के लिए मंत्रों का जाप करना चाहिए।
- ग्रहण खत्म होने पर पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।
Surya Grahan 2024: आज दुनिया के 57 देशों में दिखेगा सूर्य ग्रहण
आज भारतीय समयानुसार रात को करीब 9 बजे से साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण अमेरिका, कनाडा और मैक्सिकों जैसे देशों में देखा जा सकेगा, लेकिन इस सूर्य ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकता है। तीन देशों में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा जबकि बाकी के देशों में आंशिक सूर्य ग्रहण रहेगा। आपका बता दें सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि के दिन ही लगता है और हर 18 महीने के दौरान दुनिया के किसी न किसी हिस्सों में ग्रहण जरूर लगता है।
सूर्य ग्रहण को देखते समय बरतें ये सावधानियां
आज सोमवती अमावस्या तिथि साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। लेकिन इस ग्रहण को भारत में नहीं देखा सकेगा। फिर भी जब सूर्य ग्रहण को देखने का मौका मिले तो कुछ खास बातों का विशेष ध्यान देना चाहिए।
- सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से कभी न देखें। सूर्य ग्रहण को सीधे खुली आंखों से देखने पर आंखों को नुकसान पहुंच सकता है।
- ग्रहण देखते समय विशेष रूप से बने चश्मों का ही प्रयोग करें।
- पिनहोल प्रोजेक्टर से सूर्य ग्रहण देखना सुरक्षित होता है।
कब से कब तक रहेगा आज सूर्य ग्रहण
विज्ञान में ग्रहण की घटना को खगीलीय माना जाता है जबकि ज्योतिष में इसे शुभ नहीं माना जाता है। आज जो सूर्य ग्रहण लगेगा वह भारत में नही दिखाई देगा, जिस कारण से इसका सूतक काल प्रभावी नहीं रहेगा। भारतीय समय के अनुसार आज रात 09 बजकर 12 मिनट से सूर्य ग्रहण शुरू हो जाएगा जो देर रात 2 बजकर 22 मिनट तक चलेगा।
What Is Solar Eclipse: क्या होता है सूर्य ग्रहण
जैसे कि हम सभी जानते हैं कि सूर्य के चारों ओर पृथ्वी चक्कर लगाती है और पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा घूमता है। जब सूर्य, पृथ्वी और चांद तीनों ही एक सीध में आ जाते हैं तो इस घटना के कारण सूर्य और चंद्र ग्रहण होता है। जब चांद पृथ्वी के चक्कर काटते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है तो इसे सूर्य ग्रहण कहते हैं। इस दौरान सूर्य से पृथ्वी पर आने वाली प्रकाश की किरणें चांद की वजह से पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाती है। और चांद की छाया पृथ्वी पर पड़ती है। इस घटना को ही सूर्य ग्रहण कहते हैं।
साल के पहले सूर्य ग्रहण पर दुर्लभ संयोग
आज भारतीय समय के अनुसार रात 9 बजकर 12 मिनट पर दुनिया के कई हिस्सों में सूर्य ग्रहण लगने वाला है। यह सूर्य ग्रहण बहुत ही खास रहने वाला होगा क्योंकि इस ग्रहण पर 54 वर्षों बाद कई दुर्लभ संयोग भी बनेगा।
- यह सूर्य ग्रहण 50 वर्षों बाद सबसे लंबा सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण करीब 5 घंटे और 25 मिनट तक चलेगा।
- यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। 54 वर्षों बाद इस तरह का संयोग बन रहा है। इसके पहले ऐसा संयोग 1970 में बना था।
- आज जब सूर्य ग्रहण लगेगा तब इस दौरान कुछ समय के लिए पृथ्वी पर अंधेरा छा जाएगा। यानी ग्रहण में सूर्य पूरी तरह से गायब हो जाएगा। इसके चलते दिन में अंधेरा छा जाएगा।
- इस सूर्य ग्रहण के दौरान धूमकेतु तारा भी साफ नजर आएगा।
- दुनिया के जिन-जिन हिस्सों में यह सूर्य ग्रहण लगेगा वहां सौर मंडल में मौजूद शुक्र और गुरु भी देखा जा सकेगा।
सूर्य ग्रहण पर ग्रहों का संयोग
आज सूर्य ग्रहण पर एक साथ कई ग्रहों का संयोग भी बन रहा है। सूर्य ग्रहण पर सूर्य और चंद्रमा मीन राशि में रहकर गुरु के साथ युति बनाएंगे।
क्या नवरात्रि पर रहेगा सूर्य ग्रहण का साया ?
आज चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि और कल से यानी 09 अप्रैल से चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी। हर वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर चैत्र नवरात्रि शुरू होती है। लेकिन इस बार चैत्र नवरात्रि के शुरू होने से एक दिन पहले सूर्य ग्रहण लग रहा है। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण 08 अप्रैल को रात 09 बजकर 12 मिनट से शुरू होगा जो 9 अप्रैल की सुबह 2 बजकर 22 मिनट तक चलेगा। लेकिन भारत में इस ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा इस कारण सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। ऐसे में मां दुर्गा की आराधना के पर्व नवरात्रि पर इसका कोई प्रभाव नहीं रहेगा।
सूर्य ग्रहण पर गर्भवती महिलाएं किन-किन बातों का रखें ध्यान ?
साल के पहले सूर्य ग्रहण का प्रभाव और सूतक काल भारत पर नहीं पड़ेगा। इस कारण से सभी तरह के शुभ कार्य और धार्मिक अनुष्ठान बिना रोक टोक के किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है और इस ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को न तो ग्रहण देखना चाहिए और न ही ग्रहण के दौरान घर से बाहर जाना चाहिए। ग्रहण के दौरान अगर गर्वभती महिलाएं सूर्य ग्रहण देखती हैं या फिर बाहर निकलती हैं तो गर्भ में पल रहे नवजात शिशु पर नकारात्मक असर पड़ता है। ग्रहण के दौरान सूर्य से निकलने वाली किरणें मां और बच्चे की सेहत पर बुरा प्रभाव डालती हैं।
सूर्य ग्रहण पर गर्भवती महिलाएं बरतें ये सावधानियां
- ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं बाहर जाने से बचें।
- गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण नहीं देखना चाहिए।
- गर्भवती महिलाएं ग्रहण शुरू होने से पहले और खत्म होने के बाद स्नान अवश्य करें।
- ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को कोई भी नुकीली चीज का प्रयोग करने से बचना चाहिए।
- सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सोने से बचना चाहिए।
हिंदू धर्म में ग्रहण को शुभ नहीं माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय सभी देवी-देवता कष्ट में रहते हैं। ऐसे में ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए सूर्यदेव के बीज मंत्र ऊं घृणि सूर्याय नम: के मंत्रों का जाप अवश्य करें।
आज कितने बजे से शुरू होगा सूर्य ग्रहण
आज लगने वाला साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में कहीं पूर्ण तो कहीं आंशिक सूर्य ग्रहण के नजारे को देखा जा सकता है। भारतीय समय के अनुसार आज रात 9 बजकर 12 मिनट से सूर्य ग्रहण शुरू हो जाएगा।
सूर्य ग्रहण का विश्वव्यापी प्रभाव
आज लगने वाला साल के पहले सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य और राहु दोनों ही रेवती नक्षत्र में रहेंगे। इसका नकारात्मक प्रभाव देश-दुनिया को देखने को मिल सकता है।
Surya Grahan Time: सूर्य ग्रहण के बाद दान और स्नान का महत्व
धार्मिक नजरिए से ग्रहण का विशेष महत्व होता है। जब भी ग्रहण लगता है इसका अशुभ प्रभाव लगभग हर एक स्थान पर होता है ऐसे में ग्रहण की समाप्ति के बाद गंगा स्नान और दान करने का विशेष महत्व होता है। स्नान और दान करने से सभी तरह के कष्ट खत्म हो जाते हैं।
Surya Grahan 2024 In India: सूर्य ग्रहण पर कब शुरू होता है सूतक काल
आज रात दुनिया साल 2024 का पूर्ण सूर्य ग्रहण देखेगी। यह सूर्य ग्रहण करीब 5 घंटे 25 मिनट तक लंबा चलेगा। सूर्य ग्रहण लगने पर सूतक काल ग्रहण के शुरू होने से 12 घंटे पहले से लग जाता है वहीं जब चंद्र ग्रहण होता है सूतक काल 5 घंटे पहले शुरू होता है।
Surya Grahan 2024 Date And Time: सूर्य ग्रहण पर करें इन मंत्रों का जाप
ॐ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्नो: सूर्य: प्रचोदयात।
ॐ घृणिं सूर्य्य: आदित्य:।
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।
ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।
ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ।
Surya Grahan Timing: आज साल का पहला और सबसे लंबा सूर्य ग्रहण
अब से कुछ घंटों के बाद साल का पहला और सबसे लंबा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। 50 सालों के बाद यह ऐसा सूर्य ग्रहण होगा जो सबसे लंबा ग्रहण होगा। इस सूर्य ग्रहण की कुल अवधि करीब 5 घंटे 25 मिनट की होगी। ग्रहण के दौरान दुनिया के कई हिस्सों में करीब सात मिनट तक पूर्ण सूर्य ग्रहण की स्थिति होगी जब धरती पर अंधेरा छा जाएगा।
Surya Grahan 2024 8 April: आज इन देशों में दिखाई देगा साल का पहला सूर्य ग्रहण
अब से कुछ घंटों के बाद साल का पहला और सबसे लंबा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन इसको भारत में नहीं देखा जा सकेगा। यह सूर्य कनाडा, पश्चिमी यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, अटलांटिक, आर्कटिक, मेक्सिको, आयरलैंड और इंग्लैंड के उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में देखा जा सकेगा।
Surya Grahan 2024 In India: क्या होता है सूतक काल
हिंदू धर्म में ग्रहण लगने से पहले सूतक काल आरंभ हो जाता है और जब ग्रहण खत्म होता है तो सूतक भी खत्म हो जाता है। हिंदू धर्म में सूतक काल के दौरान शुभ और मांगलिक कार्यों को करने की मनाही होती है। सूर्य ग्रहण पर सूतक ग्रहण के शुरू होने से 12 घंटें पहले शुरू हो जाता है जबकि चंद्र ग्रहण जब होता है तो ग्रहण के शुरू होने से 5 घंटें पहले शुरू हो जाता है। भारत में इस ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा जिसके कारण भारत में सूरत काल प्रभावी नहीं रहेगा।
दुनिया के कुछ हिस्सों में छाएगा अंधेरा, भारत में ऐसे देखें लाइव प्रसारण
अब से कुछ घंटों बाद साल का पहला का पहला सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। इस सूर्य ग्रहण के दौरान धरती के कुछ हिस्सों में थोड़ी देर के लिए अंधेरा छा जाएगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण हो जो वर्षों बाद दिखाई देगा। यह सूर्य ग्रहण कुल मिलाकर 5 घंटे और 25 मिनट तक चलेगा। जब ग्रहण अपने चरम पर होगा धरती पर 7 मिनट के लिए अंधेरा छा जाएगा। दुनिया के कई हिस्सों में इसे देखा जा सकता है लेकिन भारत में इस ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा। लेकिन अगर आपको सूर्य ग्रहण का अनोखा नजारा देखना है आप McDonald Observatory के लाइव स्ट्रीमिंग लिंक पर जाकर देख सकते हैं। इस NASA की वेबसाइट पर भी देखने को मिलेगा।
Total Solar Eclipse 2024: सूर्य ग्रहण को लेकर नासा की बड़ी तैयारी
आज भारतीय समय के अनुसार रात करीब 9 बजकर 22 मिनट से साल का पहला सूर्य ग्रहण शुरू हो जाएगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा जिसके लिए नासा ने लाइव की तैयारी कर रखी है। आप नासा की वेबसाइट पर जाकर लाइव सूर्य ग्रहण का नजारा देख सकते हैं। इस लाइव सूर्य ग्रहण को आप नासा की वेबसाइट पर कहीं से भी देख सकते हैं। भारतीय समय के अनुसार नासा के youtube चैनल पर लाइव स्ट्रीमिंग रात 10 बजकर 30 मिनट से देख सकते हैं।
Solar Eclipse 2024: सूर्य ग्रहण के दौरान कम होगा पृथ्वी का तापमान
नासा के मुताबिक आज सूर्य ग्रहण के दौरान एक ऐसा समय आएगा जब तापमान करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाएगा।
Solar Eclipse Live Streaming 2024: आज रात यहां देख सकते हैं सूर्य ग्रहण का लाइव प्रसारण
साल का पहला सूर्य ग्रहण भारतीय समय के अनुसार रात 09 बजकर 12 मिनट से शुरू हो जाएगा ,जो रात 02 बजकर 25 मिनट तक चलेगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। इस दौरान करीब 7 मिनट तक जहां-जहां पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखेगा वहां पर कुछ देर के लिए अंधेरा छा जाएगा। ऐसे में आपको अगर लाइ सूर्य ग्रहण का नजारा देखना है तो Nasa के YouTube और Timeanddate.com के YouTube चैनल पर लाइव स्ट्रीम पर देख सकते हैं। यहां पर ग्रहण से सभी जानकारी और तस्वीरे देखने को मिलेगी।
ग्रहण खत्म हो जाने के बाद क्या करें
सूर्य ग्रहण के खत्म हो जाने के बाद आप अपनी श्रद्धा के अनुसार गरीब लोगों को चना, गेहूं, गुड़ और दाल समेत आदि चीजों का दान कर सकते हैं। इसके अलावा जूते का दान करने से केतु और राहु का असर कम होता है।
सूर्य ग्रहण में क्या सावधानी रखें ?
सूर्य ग्रहण के दौरान राहु का प्रभाव पृथ्वी पर काफी अधिक रहता है। इसके अलावा नकारात्मक शक्तियां भी सक्रिय रहती है। इसलिए ग्रहण के दौरान सूनसान जगह जाने से बचें।
सूर्य ग्रहण के बाद करें ये 3 उपाय
- अगर आप नौकरी में तरक्की करना चाहते हैं, तो सूर्य ग्रहण के बाद स्नान करें। फिर साफ कपड़े पहन लें। इसके बाद सूर्य देव का ध्यान करके गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र, तांबा आदि का दान कर सकते हैं।
- सूर्य ग्रहण के समाप्त हो जाने के बाद सूर्य देव की पूजा करें। साथ ही उनके मंत्रों का जाप करें। ऐसा करने से करियर में उन्नति होती है।
- सूर्य ग्रहण की समाप्ति के बाद श्री सूर्य अष्टकम का पाठ करें। इस पाठ को करने से रोग और ग्रह दोष से मुक्ति मिलती है।
सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन न करें
मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करना चहिए। इसका असर आपकी पाचन क्षमता पर पड़ता है। साथ ही इस दौरान कोई भी नया और मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए। सूर्य ग्रहण के दौरान सोना भी नहीं चाहिए।
सूर्य ग्रहण के दौरान भगवान की मूर्ति ना छुएं
सूर्यग्रहण के समय मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। इस दौरान भूलकर भी किसी भी भगवान की मूर्ति को नहीं छूना चाहिए। इसके अलावा कोई पूजा भी नहीं करनी चाहिए।
किससे बना है सूर्य?
सूर्य एक तारा है, जिसका निर्माण गर्म गैसों से बना है। इसमें हाइड्रोजन, हीलियम, कैल्शियम, सोडियम, मैग्नीशियम और लौह जैसे तत्व शामिल हैं। तापमान अधिक होने की वजह से सूर्य सफेद चमकता है।
सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि ग्रहण काल का दुष्प्रभाव सबसे अधिक पर इन लोगों पर ही पड़ता है।
हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण को बेहद महत्वपूर्ण घटना माना जाता है। ज्योतिष गणना के मुताबिक, साल का पहला सूर्य ग्रहण मीन राशि और रेवती नक्षत्र में लगेगा।
सूर्य अपने 11 वर्षों के चक्र के चरम पर हैं। इसकी वजह से उसमें अधिक गतिविधि नजर आ रही है, लेकिन सूर्य ग्रहण से ठीक पहले वैज्ञानिकों ने अचानक से सूरज में शांति देखी है। इसके कारण वह हैरान हैं। सूर्य ग्रहण के दौरान एक समय ऐसा आता है, जब चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को ढक लेता है, जिसे समग्रता कहा जाता है। इस दौरान सूर्य का प्रकाश धरती पर नहीं पड़ता है।
साल का सबसे लंबा सूर्यग्रहण शुरू हुआ
साल 2024 का पहला सूर्य ग्रहण शुरू हो चुका है। पश्चिमी यूरोप पेसिफिक, अटलांटिक, आर्कटिक मेक्सिको, उत्तरी अमेरिका, मध्य अमेरिका, दक्षिण अमेरिका के उत्तरी भाग, कनाडा, इंग्लैंड के उत्तर पश्चिम क्षेत्र और आयरलैंड में यह पूर्ण सूर्य ग्रहण नजर आएगा।
अचानक सूर्य को क्या हुआ?
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सोलर मैक्सिमम का चरण पूर्वानुमान से एक साल पहले ही शुरू हो गया है, लेकिन जब तक पूरी तरह खत्म नहीं होता है, तब तक हम कुछ नहीं कहा जा सकता है। बीते दो महीनों से सौर गतिविधियां बहुत अधिक बढ़ी हुई थीं। सूर्य पर विशाल सनस्पॉट थे जिनसे लगातार एक्स श्रेणी की सौर लपटें निकल रही थीं। यह सबसे शक्तिशाली सौर विस्फोट होते हैं।
मैक्सिको में सबसे पहले पूर्ण सूर्य ग्रहण; अमेरिका और कनाडा में भी दिखेगा ऐसा नजारा
साल के पहले सूर्य ग्रहण को लेकर खगोल विज्ञान से जुड़े लोगों में काफी उत्सुकता देखी जा रही है। मैक्सिको में सबसे पहले पूर्ण सूर्य ग्रहण देखे जाने की खबर है। अमेरिका और कनाडा में भी ऐसा नजारा दिखेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह पूर्ण सूर्य ग्रहण दुर्लभ है। मैक्सिको के स्थानीय समय के मुताबिक सुबह 11:07 बजे पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा दिखा, यानी सूर्य पूरी तरह ढक गया। इस कारण मैक्सिको का प्रशांत तट पूरी तरह से अंधेरे के आगोश में समा गया। दिन में रात जैसे मंजर का एहसास होने लगा।
गौरतलब है कि खगोलीय घटना सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य की रोशनी को पूरी तरह अवरुद्ध कर देता है। मैक्सिको के बाद कनाडा के अटलांटिक तट और अमेरिका में भी पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा। यह नजारा लाखों लोग देखेंगे।
अमेरिका के हॉल्टन शहर में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा गया
अमेरिका के हॉल्टन, मेन राज्य के हॉल्टन शहर में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा गया।
टेक्सास राज्य के डलास में भी दुर्लभ खगोलीय घटना देखी गई
अमेरिका के डलास में भी पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा गया। टेक्सास राज्य के डलास में भी दुर्लभ खगोलीय घटना देखी गई।
अमेरिका के इलिनोइस राज्य के कार्बनडेल से पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा गया।