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Chandra Grahan 2023: साल का आखिरी चंद्रग्रहण खत्म, देश भर में दिखाई दी खगोलीय घटना

Sun, 29 Oct 2023 02:56 AM IST
आशिकी पटेल ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Chandra Grahan 2023: साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 28-29 अक्तूबर की मध्य रात्रि में लगा। यह साल 2023 का अंतिम ग्रहण था। इस ग्रहण को भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, एशिया, हिंद महासागर, अटलांटिक, दक्षिणी प्रशांत महासागर, आर्कटिक और अंटार्कटिका में देखा गया।
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Lunar Eclipse 2023 - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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 28 अक्तूबर को साल 2023 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इसके पहले साल 2023 का पहला चंद्र ग्रहण 5 मई को वैशाख पूर्णिमा वाले दिन लगा था। यह चंद्र ग्रहण दुनिया भर के कई हिस्सों में देखा गया था, लेकिन भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं दिया था। अब साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा।
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भारत में कितने बजे लगेगा चंद्र ग्रहण?
पंचांग के अनुसार चंद्र ग्रहण 28/29 अक्टूबर को रात्रि 01 बजकर 06 मिनट से शुरू होगा और देर रात्रि 02 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगा। कुल मिलाकर 1 घंटे और 16 मिनट का चंद्र ग्रहण लगेगा। वहीं उपच्छाया से पहला चंद्र स्पर्श रात 11:32 पर है। इसका सूतक शाम 04:06 मिनट से शुरू हो जाएगा।

28 अक्टूबर 2023 चंद्र ग्रहण Live - फोटो : अमर उजाला
क्या भारत में भी दिखाई देगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण?
इस बार साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। इसके पहले साल 2023 का पहला चंद्र ग्रहण 5 मई को वैशाख पूर्णिमा वाले दिन लगा था। यह चंद्र ग्रहण दुनिया भर के कई हिस्सों में देखा गया, लेकिन भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं दिया था। 

कब शुरू होगा साल के आखिरी चंद्र ग्रहण का सूतक काल?
चंद्र ग्रहण लगने के 9 घंटे पहले ही सूतक लग जाता है। इस बार साल के दूसरे चंद्र ग्रहण का सूतक 28 अक्तूबर की शाम 04 बजकर 06 मिनट से शुरू हो जाएगा।

28 अक्टूबर 2023 चंद्र ग्रहण Live - फोटो : iStock
कहां-कहां देखा जा सकेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण?
साल के अंतिम चंद्र ग्रहण को भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, एशिया, हिंद महासागर, अटलांटिक, दक्षिणी प्रशांत महासागर, आर्कटिक और अंटार्कटिका में देखा जा सकेगा।

भारत में कहां-कहां दिखाई देगा आखिरी चंद्र ग्रहण ?
जानकारों के अनुसार साल 2023 का आखिरी चंद्र ग्रहण भारत के सभी राज्यों में दिखाई देगा।

28 अक्टूबर 2023 चंद्र ग्रहण Live - फोटो : pexel
शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का साया
इस बार नौ साल के बाद शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का संयोग बन रहा है और यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण की घटना को शुभ नहीं माना जाता है। ऐसे में शरद पूर्णिमा पर पूजा अर्चना सहित अन्य कार्यक्रम दिन में ही संपन्न कर लिए जाएंगे।

ग्रहण के साथ ही इसके सूतक काल को भी शुभ नहीं माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ निशेध माना जाता है। ऐसे में 28 अक्तूबर को दोपहर के बाद से ही मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे। इस वजह से शरद पूर्णिमा पर बनने वाली खीर भी इस बार मध्य रात्रि में नहीं बनेगी। 

आप चाहें तो दूसरे दिन खीर बनाकर भगवान को भोग लगा सकते हैं। या फिर आज सूतक काल शुरू होने से पहले खीर बना कर उसमें तुलसी की पत्तियां डाल कर रख दें। चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद आप इस खीर को चंद्रमा की रोशनी में रख कर कुछ देर बाद इसका सेवन कर सकते हैं।

चंद्र ग्रहण देखना चाहिए या नहीं ?
वैज्ञानिक दृष्टिकोण की बात करें तो सूर्य ग्रहण की घटना को खुली आंखों से देखना उचित नहीं होता है, क्योंकि ये आपकी आंखों को नुकसान पहुंता सकता है। हालांकि चंद्र ग्रहण को देखा जा सकता है। 

वहीं धार्मिक शास्त्र में ग्रहण काल को शुभ नहीं माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान घर से बाहर भी नहीं निकलना चाहिए, क्योंकि इस दौरान प्रकृति में कुछ समय के लिए विचित्र सी शक्ति उत्पन्न होती है जो कि सभी प्राणियों पर प्रभाव डालती है। इसलिए इस समय घर से बाहर निकलना और ग्रहण को देखना अच्छा नहीं माना जाता है।

ग्रहण के दौरान क्या न करें?
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। ऐसे में इस दौरान न तो भोजन पकाना चाहिए और न ही खाना चाहिए। 

चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। मान्यता है कि इससे गर्भ में पर रहे शिशु पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिला को नुकीली या धारदार चीजों के इस्तेमाल से बचना चाहिए।

शास्त्रों में ग्रहण के दौरान सोने से भी मनाही है। ऐसा करना अशुभ माना गया है। साथ ही इस दौरान पेड़-पौधों को भी स्पर्श नहीं किया जाता है। इसके अलावा ग्रहण के दौरान न तो पूजा करनी चाहिए और न ही मंदिर का पट खुला रखना चाहिए।

28 अक्टूबर 2023 चंद्र ग्रहण Live - फोटो : iStock
चंद्रग्रहण का समय
ग्रहण का स्पर्श रात- 1:05 बजे
ग्रहण का मध्य रात्रि 1:44 बजे
ग्रहण का मोक्ष रात्रि 2:24 बजे
ग्रहण का सूतक दोपहर 4:05 बजे
 

क्यों लगता है चंद्र ग्रहण ?
सूर्य के चारों तरफ पृथ्वी घूमती है और चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाता है। इस प्रक्रिया में एक ऐसा समय आता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य एक ही सीध में आ जाते हैं और सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर पड़ता है, लेकिन चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता है। इस घटना को खगोलीय घटना के रूप में चंद्र ग्रहण कहा जाता है।

इस राशि में लग रहा चंद्र ग्रहण 
28/29 अक्तूबर की मध्य रात्रि को शुरू होने वाला चंद्र ग्रहण मेष राशि में लगेगा। मेष राशि में लगने की वजह से इस राशि के जातकों को ग्रहण के अशुभ परिणाम झेलने पड़ सकते हैं। साल के आखिरी चंद्र ग्रहण का प्रभाव मेष राशि के लोगों के मन और मस्तिष्क पर पड़ेग। 

Chandra Grahan 2022 - फोटो : अमर उजाला
भारत के इन शहरों में दिखाई देगा चंद्र ग्रहण
28/29 अक्तूबर की मध्य रात्रि लगने वाला साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भारत में चंद्र ग्रहण दिल्ली, गुवाहटी, जयपुर, जम्मू, कोल्हापुर, कोलकाता और लखनऊ, मदुरै, मुंबई, नागपुर, पटना, रायपुर, राजकोट, रांची, शिमला, सिल्चर, उदयपुर, उज्जैन, बडौदरा, वाराणसी, प्रयागराज, चेन्नई, हरिद्वार, द्वारका, मथुरा, हिसार, बरेली, कानपुर, आगरा, रेवाड़ी,अजमेर, अहमदाबाद, अमृतसर, बेंगलुरु भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, देहरादून, लुधियाना समेत कई शहरों में नजर आएगा। 

चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं रखें इन बातों का ध्यान
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा को नहीं देखना चाहिए। इस दौरान घर से बाहर भी नहीं निकलना चाहिए। इस समय कैंची, चाकू जैसी किसी भी धारदार चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान नुकीली चीजों से कोई वस्तु नहीं काटनी चाहिए। 

चंद्र ग्रहण के दौरान बरतें ये सावधानियां 
चंद्र ग्रहण के दौरान घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। अगर आप चंद्र ग्रहण के दौरान घर से बाहर भी निकल गए हैं तो चंद्रमा की ओर से न देखें। इसके अलावा चंद्र ग्रहण के दौरान यदि आप घर से बाहर हैं तो किसी चौराहे के आसपास जाने से बचें। दरअसल ग्रहण के दौरान चौक-चौराहों पर जाने की मनाही है। ऐसा इसलिए क्योंकि रात के समय ऐसी जगहों पर नकारात्मक शक्तियां सक्रिया हो जाती हैं। 

ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के लिए जपें ये मंत्र
चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्र देव के मंत्र 'ॐ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नमः' का जाप करने से चंद्र दोष का प्रभाव कम हो जाता है।

28 अक्टूबर 2023 चंद्र ग्रहण Live - फोटो : iStock
सूतक लगने से पहले कर लें ये काम
चंद्र ग्रहण का सूतक काल आज शाम 04 बजे के बाद से शुरू होने वाला है। ऐसे में उससे पहले खाने की चीजों में तुलसी की पत्तियां या कुशा डाल दें और मंदिर के कपाट बंद कर दें।

मेष, वृषभ और मिथुन राशि पर चंद्र ग्रहण का असर

मेष राशि-
आपकी की राशि पर लगने वाला 'चन्द्र ग्रहण' स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छा नहीं कहा जा सकता, सामाजिक पद प्रतिष्ठा आहत होगी। आएंगी। इस अवधि के मध्य चुनाव से संबंधित कोई निर्णय लेना चाह रहे हों तो बहुत सोच समझ कर लें, यात्रा सावधानी पूर्वक करें। वाहन दुर्घटना से बचें, यात्रा में सामान चोरी होने से भी बचाएं।

वृषभ राशि-
राशि से बारहवें व्यय भाव में लगने वाला चन्द्र ग्रहण अत्यधिक भाग दौड़ और खर्च का सामना करवायेगा। विदेशी मित्रों तथा संबंधियों से अप्रिय समाचार प्राप्ति के योग। इस अवधि के मध्य अधिक कर्ज के लेन-देन से बचें। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी छात्रों को परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए और प्रयास करने होंगे।

मिथुन राशि-
राशि से एकादश लाभ भाव में लगने वाला ग्रहण आपके लिए किसी वरदान से काम नहीं है। आय के साधन तो बढ़ेंगे ही दिया गया धन भी वापस मिलने की उम्मीद। कार्यक्षेत्र में सहयोगियों से संबंध मजबूत होंगे। नव दंपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों से मतभेद बढ़ने न दें।
 

जानिए कर्क, सिंह और कन्या राशि वालों पर ग्रहण का असर

कर्क राशि-
राशिसे दशम कर्मभाव में लगने वाला ग्रहण आपके लिए कई अप्रत्याशित परिणाम देगा। स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। माता-पिता के स्वास्थ्य के प्रति भी चिंतनशील रहें। कार्यक्षेत्र में षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। बेहतर रहेगा कार्य संपन्न करें और सीधे घर आएं। इन सबके बावजूद जमीन-जायदाद संबंधी मामलों का निपटारा होगा।

सिंह राशि-
राशि से नवम भाग्यभाव में लगने वाला ग्रहण आपके लिए बहुत अच्छा तो नहीं कहा जा सकता किन्तु आपके द्वारा किए गए कार्यों की इस सराहना होगी। धार्मिक ट्रस्टों तथा अनाथालय आदि में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे और दान पुण्य करेंगे। संतान संबंधी चिंता परेशान कर सकती है। कोर्ट कचहरी के मामले बाहर ही सुलझाएं।

कन्या राशि-
राशि से अष्टम आयुभाव में लगने वाला ग्रहण आपके लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता। इस ग्रहण का प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर सर्वाधिक पड़ेगा। इसके प्रति सावधान रहें। यात्रा भी सावधानी पूर्वक करें। दुर्घटनाओं से बचने का प्रयास करें। कार्यक्षेत्र में भी षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। बेहतर रहेगा कार्य संपन्न करें और सीधे घर आएं।
 

तुला, वृश्चिक और धनु राशि पर चंद्र ग्रहण का होगा मिलाजुला असर

तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए आज का ग्रहण सातवें भाव में हो रहा है। सातवां भाव दांपत्य जीवन और साझेदारी का होता है। विवाह में बाधाएं बनी रहेंगी। व्यापार में तेजी आने की संभावना कम है। साझेदारी से परहेज करें।

वृश्चिक राशि
आपके लिए यह चंद्र ग्रहण बहुत ही फायदे वाला साबित होगा। कार्यक्षेत्र में विस्तार होने की अच्छी संभावना है। छात्रों के लिए यह चंद्र ग्रहण शुभ साबित होगा। 

धनु राशि
आपके लिए यह चंद्र ग्रहण चिंता को बढ़ा सकता है। परेशानियों में अभी कोई भी कमी आने के संकेत नहीं है। आपकी राशि में ग्रहण पांचवें भाव यानी विद्या के भाव में हो रहा है। लापरवाही से आपको नुकसान पहुंच सकता है। 

मकर, कुंभ और मीन राशि पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव

मकर राशि-
मकर राशि के जातकों के लिए यह चंद्र ग्रहण शुभ नहीं है। ग्रहण के कारण पारिवारिक कलह और मानसिक अशांति रह सकती है। कुछ अप्रिय समाचार सुनने को मिल सकता है। 

कुंभ राशि-
कुंभ राशि के जातकों के लिए चंद्रग्रहण तीसरे भाव में हो रहा है। इस कारण से आपके स्वभाव में उग्रता ला सकता है। 

मीन राशि-
मीन राशि वालों के लिए ग्रहण अच्छा नहीं रहेगा। धन हानि होने की संभावना है। आपको बीमारियों से बचना होगा।

 

Chandra Grahan 2023: कितने देर तक चलेगा साल का यह आखिरी चंद्र ग्रहण

आज शरद पूर्णिमा पर साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लग रहा है। इस ग्रहण को भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा सकता है। ग्रहण करीब रात 01 बजकर 05 मिनट से शुरू हो जाएगा जो रात 2 बजकर 24 मिनट पर खत्म हो जाएगा। इस तरह से ग्रहण तकरीबन 01 घंटा 19 मिनट तक रहेगा। 

आप कहां देख सकते हैं Live Chandra Grahan 2023

साल के आखिरी चंद्र ग्रहण का सूतक काल जारी है। चंद्र ग्रहण पर ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। अगर आप इस चंद्र ग्रहण को लाइव देखने चाहते हैं तो आप NASA के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल में देख सकते हैं। 

Chandra Grahan 2023 Do's And Don'ts : चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण की घटना को शुभ नहीं माना जाता है। सूतक काल और ग्रहण के दौरान कई तरह के नियमों का पालन करना होता है। ऐसा माना जाता है कि जब भी चंद्र ग्रहण लगता है तो उसके अगले 15 दिनों तक बुरा प्रभाव देखने को मिलता है। ऐसे में थोड़ा संभलकर रहना होता है। इस दौरान मंत्रों जाप और पूजा-आराधना करनी होती है। चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा, शनि और राहु-केतु  से संबंधित मंत्रों का जाप करें। 
 

चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं रखें खास ध्यान

आज रात साल का आखिरी चंद्र ग्रहण देखने को मिलेगा। ग्रहण का सूतक काल शुरू हो चुका है। इस चंद्र ग्रहण को भारत में देखा जा सकेगा। ऐसे में सूतक काल का प्रभाव रहेगा। चंद्र ग्रहण में गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखना होता है। चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को घर पर रखना चाहिए। साथ ही चाकू जैसी नुकीली चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

ग्रहण पर सूतक लगने पर क्या करें और क्या न करें

ग्रहण लगने से पहले सूतक लग जाता है। सूर्य ग्रहण के दौरान ग्रहण के शुरू होने से 12 घंटे पहले सूतक लग जाता है, वहीं चंद्र ग्रहण पर सूतक 9 घंटे पहले शुरू होता है। सूतक लगने पर सभी तरह के पूजा- पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों पर पाबंदियां लग जाती है। आज चंद्र ग्रहण पर सूतक काल शाम 4 बजे से शुरू हो जाएगा। सूतक लगने पर पूजा-पाठ, मंदिर में भगवान के दर्शन, विवाह, गृह प्रवेश समेत कोई भी शुभ काम नहीं करते हैं। सूतक लगने पर मंदिरों और घरों के पूजा स्थल के दरवाजे और पर्दे बंद कर दिए जाते हैं।  सूतक के दौरान अपने इष्ट देवी-देवताओं के मंत्रों का जाप करना होता है।

शरद पूर्णिमा पर क्यों बनाई जाती है खीर

कई वर्षों बाद आज शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का संयोग बना हुआ है। सभी पूर्णिमा में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है क्योंकि इस दिन चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकट रहता है। इस कारण से चांद की रोशनी और चांद का आकार आम दिनों के मुकाबले बड़ा दिखाई देता है। इस दौरान चांद की शीतलता और आरोग्यता अमृत के समान मानी जाती है। शरद पूर्णिमा पर खीर बनाने की परंपरा होती है और उसे रातभर खुले आसमान के नीचे रखा जाता है। खीर का भोग देवी-देवताओं को बहुत ही प्रिय होता है और मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात्रि को देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर पधारती हैं। और घर-घर जाकर यह देखती हैं कि कौन व्यक्ति जागकर आराधना करता है। तो देवी लक्ष्मी सुख और संपन्नता का आशीर्वाद देती है। देवी लक्ष्मी को खीर बहुत ही प्रिय होती है इसलिए इस रात को खीर बनाई जाती है।  

Lunar Eclipse Date Time in India: इस चंद्र ग्रहण को कहां-कहां देखा जा सकेगा

साल का यह दूसरा चंद्र ग्रहण भारत समेत दुनिया के कई देशों में देखा जा सकेगा। इस चंद्र ग्रहण को एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका में भी दिखाई देगा। इस चंद्र ग्रहण के बाद अगला चंद्र ग्रहण साल 2024 में 24- 25 मार्च और 17- 18 सितंबर की पड़ेगा।
 

चंद्र ग्रहण के साए में शरद पूर्णिमा, ऐसे में खुले आसमान में खीर रखें या न रखें

हिंदू मान्यताओं में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। शरद पूर्णिमा के दिन चांद अपनी 16 कलाओं से युक्त होता है और इस दिन चांद से निकलने वाली किरणें अमृत के समान मानी जाती है। शरद पूर्णिमा की रात को खुले आसमान के नीचे खीर बनाकर रखा जाता है, जिससे खीर में चंद्रमा अमृतदायिनी किरणें पड़ती है। इस रात चांद की रोशनी औषधीय गुणों से भरी हुई होती है। चांद की रोशनी में खीर रखने से उसमें यह औषधीय गुण आ जाते हैं। जिसको खाने से सेहत अच्छी होती है। 

हालांकि इस बार शरद पूर्णिमा की रात को चंद्र ग्रहण लग रहा है। जिसकी वजह से शरद पूर्णिमा पर खीर रखने की परंपरा में परेशानियां आएंगी। इस बार शरद पूर्णिमा पर शाम चार बजे सूतक लग जाएगा। ऐसे में चंद्रग्रहण तक खीर बनाना वर्जित रहेगा। ऐसे में आप खीर बनाने के लिए गाय के दूध में सूतक काल शुरू होने के पहले तुलसी के पत्ते डाल दें। फिर उसे ढक कर रख दें। इससे सूतक काल के दौरान दूध शुद्ध रहेगा। बाद में आप इसकी खीर बनाकर भोग लगा सकेंगे। 

साल का आखिरी ग्रहण आज और राशियों पर प्रभाव

ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है। ग्रहण का सभी 12 राशियों पर शुभ-अशुभ दोनों ही तरह का प्रभाव देखने को मिलता है। आइए जानते हैं आज रात लगने वाले चंद्र ग्रहण का किन-किन राशियों पर कैसा होगा प्रभाव।

इन राशि वालों के लिए शुभ- मिथुन, कर्क, वृश्चिक और कुंभ राशि वालों के लिए यह चंद्र ग्रहण शुभ रहेगा।

इन राशि वालों को रहना होगा सावधान- मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, तुला, धनु, मकर और मीन राशि वालों को ज्यादा सावधान रहना होगा। ग्रहण का इन राशि वालों के ऊपर अनुकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

 

Chandra Grahan 2023 Sutak Kaal: क्या होता है सूतक काल

आज रात कुछ घंटों के बाद साल 2023 का आखिरी ग्रहण लगने वाला है। यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण होगा जो आज रात लगभग 01 बजकर 06 मिनट से शुरू हो जाएगा और रात 2 बजकर 24 मिनट पर खत्म होगा। भारत में इस ग्रहण को देखा जा सकेगा इस कारण से इसका सूतक काल मान्य होगा। चंद्र ग्रहण लगने पर ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले सूतक शुरू हो जाता है। आज शाम 4 बजे से सूतक काल आरंभ हो चुका है। सूतक काल को शुभ नहीं माना जाता है। सूतक के शुरू होने पर मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और इस दौरान किसी भी तरह का कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित होता है। सूतक काल के दौरान मंत्रों का जाप करना बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है।

शरद पूर्णिमा पर ग्रहण का साया और मान्यताएं

ग्रहण के चलते आज शरद पूर्णिमा का उत्सव नहीं मनाया जा सकता है क्योंकि शरद पूर्णिमा पर ग्रहण का साया रहेगा। ग्रहण के चलते रात को खीर नहीं बनाई जा सकती है और न ही खुले आसमान के नीचे रखी जाएगी। ग्रहण के बाद खीर को रखा जा सकता है। ऐसी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं। भगवान श्रीकृष्ण शरद पूर्णिमा की रात को महारास करते हैं और शरद पूर्णिमा की रात को खीर रखने की परंपरा है।
 

चंद्र ग्रहण कैसे लगता है

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी की युति होती है तो इसे ग्रहण कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समय-समय पर पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण और अमावस्या तिथि पर सूर्य ग्रहण लगता है। वहीं विज्ञान में ग्रहण एक खगोलीय घटना होती है। जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा तीनों एक सीध लाइन में आ जाते हैं तब चांद के ऊपर पृथ्वी की छाया पड़ती है। इसी को चंद्र ग्रहण कहा जाता है। 

आज चंद्र ग्रहण का समय

साल के आखिरी चंद्र ग्रहण का सूतक काल जारी है। अब बस कुछ ही घंटों बाद चंद्र ग्रहण शुरू हो जाएगा। इस चंद्र ग्रहण को देश के हर जगहों में देखा जा सकता है। ग्रहण की शुरुआत आज रात 01 बजकर 05 मिनट से आंशिक रूप से शुरू होगा। रात 1 बजकर 44 मिनट पर मध्य काल होगा और रात 2 बजकर 24 मिनट पर ग्रहण खत्म हो जाएगा। इस तरह के ग्रहण करीब 1 घंटा और 19 मिनट तक चलेगा। 

Today Chandra Grahan Timing: चंद्र ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए करें यह उपाय

चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ उपायों को करने से ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर नहीं रहता है। आइए जानते हैं कुछ ज्योतिषीय उपाय
  • चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा के मंत्रों का जाप करने से ग्रहण का अशुभ प्रभाव नहीं रहता है। इसके अलावा ग्रहण के दौरान राहु और केतु के मंत्रों  का जाप भी फलदायी रहता है। 
  • चंद्र ग्रहण के बाद गरीबों को काले तिल, गुड़ आटा, चावल और सफेद चीजों का दान करना शुभ होता है।
  • ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करें और पूजा स्थल पर गंगाजल से छिड़काव करते हुए पूजा करें।

Chandra Grahan Me Khana Kab Khaye: ग्रहण के दौरान भोजन करने और न करने के नियम

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण बस अब से कुछ ही घंटों के बाद शुरू हो जाएगा। चंद्र ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ, शुभ कार्य और भोजन करने के पाबंदी होती है। ऐसी मान्यता है कि ग्रहण काल में अगर कोई व्यक्ति भोजन करते है तो उस भोजन में जितने दाने पेट के अंदर जाते है उसने वर्षों तक व्यक्ति को नरक में जाना पड़ता है। इसलिए ग्रहण काल के दौरान भोजन करने से बचना चाहिए। हालांकि बूढ़े, बीमारी व्यक्ति और बच्चों को इसमें छूट प्राप्त है। ग्रहण के 3 घंटे पहले तक यानी एक प्रहर पहले तक भोजन किया जा सकता है और जब ग्रहण पूरी तरह से खत्म हो जाए तो स्नान-पूजा आदि करके भोजन ग्रहण किया जा सकता है। 

Chandra Grahan Ke Niyam: चंद्र ग्रहण में खाना क्यों नहीं खाना चाहिए

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण काल के दौरान सबसे ज्यादा कीटाणु फैलते हैं। इस कारण से भोजन दूषित और विष युक्ति होता जाता है।ग्रहण काल में भोजन करने से कीटाणु शरीर के अंदर फैल जाते हैं और बीमारियां पैदा करने की सबसे ज्यादा संभावना होती है। 

Chandra Grahan 2023 Time And Impact: चंद्र ग्रहण का देश-दुनिया पर असर

ज्योतिष शास्त्र के जानकारों के अनुसार चंद्र ग्रहण की वजह से प्राकृतिक आपदाओं का ज्यादा प्रकोप देखने को मिलेगा। चीन, ईरान, ईराक, अफगानिस्तान आदि देशों में भय व भूकंप आदि घटनाओं के होने का अंदेशा रहेगा। हालांकि रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे। लोहा, क्रूड आयल और लाल रंग की वस्तुओं में तेजी आ सकती है। बीमारियों में कमी आएगी।  
 

इस चंद्र ग्रहण के बाद अगला चंद्र ग्रहण कब ?

आज रात लगने वाला चंद्र ग्रहण आखिरी ग्रहण होगा। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा जिसे भारत के लगभग हर एक हिस्से से देखा जा सकता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक यह ग्रहण आज रात 1. 05 मिनट से शुरू होगा और रात 2. 24 मिनट तक चलेगा। इस के बाद अगला चंद्र ग्रहण 25 मार्च 2024 को दिखाई देगा। 

चंद्र ग्रहण के समय ये काम करना वर्जित

- चंद्र ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। ऐसे में स्पर्श काल से लेकर मोक्ष काल तक शुभ कार्यो को करना वर्जित माना गया है।
- चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन बनाना और खाना दोनों ही वर्जित होता है। 
- ग्रहण के दौरान तुलसी के पौधे और देवी-देवताओं की मूर्तियों का छूना वर्जित होता है।
- ग्रहण के दौरान मंदिर में पूजा करना वर्जित माना गया है।
- ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।

Chandra Grahan 2023 Mantra Jaap: चंद्रग्रहण के दौरान करें इन मंत्रों का जाप

चंद्र ग्रहण के दौरान गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर सकते हैं।  आप चंद्र देव के मंत्र ॐ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नमः का जाप करें। चंद्र ग्रहण के दौरान शिव चालीसा का पाठ करना चाहिए।
 

Chandra Grahan Time In Your City: जानिए आपके शहर कब लगेगा चंद्र ग्रहण

दिल्ली- रात 01.06 बजे रात 02.24 बजे तक
नोएडा- रात 01.06 बजे रात 02.24 बजे तक
गुरुग्राम- रात 01.06 बजे रात 02.24 बजे तक
मुंबई- रात 01.06 बजे रात 02.24 बजे तक
कानपुर- रात 01.06 बजे रात 02.24 बजे तक
पटना- रात 01.06 बजे रात 02.24 बजे तक
भोपाल- रात 01.06 बजे रात 02.24 बजे तक




 

Chandra Grahan 2023: कैसे लगता है चंद्र ग्रहण

वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा तिथि को और सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि को ही होता है। चंद्र ग्रहण में चंद्रमा केतु से पीड़ित होता है। चंद्र ग्रहण के दौरान किसी भी तरह का पूजा-पाठ और शुभ कार्य करना वर्जित हो जाता है क्योंकि इस दौरान चंद्रमा पीड़ित रहता है। जब सूर्य की परिक्रमा के दौरान पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है तब चंद्र ग्रहण होता है। 

Chandra Grahan 2023: चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं क्या करें और क्या न करें

  •  चंद्र ग्रहण के दौरान चांद की किरणें अशुद्ध हो जाती है इसलिए गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण नहीं देखना चाहिए।
  •  ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं का घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
  •  ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को किसी भी तरह का कोई काम नहीं करना चाहिए।
  •  इस दौरान गर्भवती महिलाओं को खाना पकाने या खाने से बचना चाहिए।
  •  ग्रहण के दौरान महिलाओं को कुछ भी काटना या सिलाई नहीं करना चाहिए।
  •  ग्रहण की समाप्ति होने पर स्नान अवश्य करना चाहिए।
  • ग्रहण के दौरान घर पर ही रहना चाहिए। किसी भी तरह की यात्रा करने से बचना चाहिए।

कुछ देर बाद शुरू होगा चंद्र ग्रहण

अब से कुछ देर बाद साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने वाला है। यह ग्रहण आज मध्य रात्रि को 1 बजकर 5 मिनट से शुरू होकर 2 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। ग्रहण के दौरान कई बातों का विशेष ध्यान देना होता है। 
 

पूर्ण और आंशिक ग्रहण में अंतर

आज साल का आखिरी ग्रहण है। जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी अपूर्ण रूप से दिखते हैं तो इसे आंशिक ग्रहण के रूप में जाना जाता है। इसका मतलब यह है कि चंद्रमा का केवल एक हिस्सा धरती की उपच्छाया से होकर गुजरेगा। आंशिक ग्रहण के दौरान, चंद्रमा पर एक छाया तब तक बढ़ती रहेगी जब तक कि यह चरम पर न पहुंच जाए। पूर्ण चंद्र ग्रहण की स्थिति में ग्रहण के दौरान सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक बिंदु पर होते हैं। यह आंशिक ग्रहण की तरह शुरू होता है लेकिन अपने चरम पर पृथ्वी की छाया पूरे चंद्रमा को ढक लेती है।

ग्रहण का पौराणिक महत्व

पौराणिक कथा के अनुसार अमृत पाने के लिए देवताओं और दानवों के बीच जब समुद्र मंथन किया गया तब अमृत पाने के लिए देवों और दानवों के बीच विवाद होने लगा। इस विवाद को सुलझाने और देवताओं को अमृत पान करवाने के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया। भगवान विष्णु ने सभी देवों और दानवों को अलग-अलग पंक्ति में बिठा दिया। मोहिनी रूप धारण किए हुए विष्णु जी देवताओं को अमृतपान कराने लगे। लेकिन छल से राहु देवताओं की लाइन में आकर बैठ गया और अमृत पान कर लिया। 

देवों की पंक्ति में बैठे चंद्रमा और सूर्य ने राहु को ऐसा करते हुए देख लिया। उन्होने इस बात की जानकारी भगवान विष्णु को दे दी। इस बात की जानकारी होते ही भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से राहु का सिर धड़ से अलग कर दिया,परंतु राहु के अमृत पान करने के कारण उसकी मृत्यु नहीं हुई। जिसके बाद उसके सिर वाला भाग राहु और धड़ वाला भाग केतु के नाम से जाना गया। इसी कारण राहु और केतु सूर्य और चंद्रमा को अपना शत्रु मानते हैं। पूर्णिमा और अमावस्या के दिन राहु-केतु सूर्य और चंद्रमा को ग्रास लेते हैं। जिसके कारण चंद्र और सूर्य ग्रहण लगता है। 
 

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण शुरू

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण शुरू हो चुका है।  रात 01 बजकर 05 मिनट ग्रहण का प्रभाव सबसे ज्यादा रहेगा।। देश के जगहों में इस चंद्र ग्रहण को देखा जा सकता है। यह चंद्र ग्रहण करीब 01 घंटा 19 मिनट तक चलेगा। रात 2 बजकर 24 मिनट पर ग्रहण खत्म हो जाएगा।  
 

ग्रहण के खत्म होने के बाद क्या करें

शास्त्रों में ग्रहण को अच्छा नहीं माना जाता है। ग्रहण के खत्म होने के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें और स्नान करें। नहाने के बाद पूजा घर का गंगाजल से शुद्ध करते हुए भगवान की पूजा-आराधना करें। ग्रहण के बाद दान भी काफी महत्व होता है।

साल का आखिरी चंद्रग्रहण खत्म

साल 2023 का आखिरी चंद्रग्रहण खत्म हो गया है। भारत में चंद्रग्रहण रात 1:05 बजे शुरू हुआ और रात 2:24 बजे खत्म हो गया। चंद्रग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव 1:44 बजे दिखा। देश में कई जगहों पर यह खगोलीय घटना दिखाई दी।
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भारत के अलावा नेपाल में भी चंद्रग्रहण दिखाई दिया।
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